कक्षा 7 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 6 - रक्त और हमारा शरीर

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यह पृष्ठ कक्षा 7 हिंदी की पुस्तक 'रिमझिम भाग 2' के छठे अध्याय 'रक्त और हमारा शरीर' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें रक्त के महत्व, उसके विभिन्न घटकों जैसे लाल रक्त कण, सफेद रक्त कण और बिम्बाणु (प्लेटलेट्स) के कार्यों को समझाया गया है। समाधान बताते हैं कि रक्त को 'भानुमती का पिटारा' क्यों कहा जाता है, एनीमिया से बचाव के उपाय, पेट में कीड़े होने के कारण और उनसे बचने के तरीके, तथा सफेद रक्त कणों को 'वीर सिपाही' क्यों कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, रक्तदान के लाभ और भाषा की बात के अभ्यास भी शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को रक्त परिसंचरण तंत्र, स्वास्थ्य संबंधी सामान्य समस्याओं और भाषा के प्रयोग को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगे, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. रक्त और हमारा शरीर

Chapter summary

कक्षा 7 हिंदी के पाठ 'रक्त और हमारा शरीर' के NCERT समाधान रक्त के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित हैं। इसमें रक्त के कार्य, लाल रक्त कणों द्वारा ऑक्सीजन का परिवहन, सफेद रक्त कणों की रोगों से लड़ने की क्षमता, और बिम्बाणु की भूमिका को स्पष्ट किया गया है। समाधान एनीमिया और पेट के कीड़ों जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण और निवारण पर भी प्रकाश डालते हैं। भाषा की बात के अभ्यास छात्रों को पुनरुक्ति शब्दों के प्रयोग और अर्थ समझने में सहायता करते हैं। यह खंड छात्रों को मानव शरीर के एक महत्वपूर्ण अंग, रक्त, के बारे में गहन जानकारी प्रदान करता है।

Learning outcomes

  • रक्त के विभिन्न घटकों और उनके कार्यों को समझना।
  • रक्त को 'भानुमती का पिटारा' क्यों कहा जाता है, इसका कारण जानना।
  • एनीमिया और पेट के कीड़ों जैसी सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारणों और बचाव के उपायों को समझना।
  • सफेद रक्त कणों की शरीर की रक्षा में भूमिका को पहचानना।
  • रक्तदान के महत्व और ब्लड-बैंक के कार्यों को समझना।
  • पुनरुक्ति शब्दों का प्रयोग करके वाक्य बनाना और उनके अर्थ समझना।

Topics covered

Paper topics

  • रक्त के घटक
  • लाल रक्त कण
  • सफेद रक्त कण
  • बिम्बाणु (प्लेटलेट्स)
  • प्लाज्मा
  • रक्त का कार्य
  • भानुमती का पिटारा
  • एनीमिया
  • पेट में कीड़े
  • रक्तदान
  • ब्लड-बैंक
  • पुनरुक्ति शब्द

Important topics

  • रक्त के विभिन्न घटकों और उनके कार्य
  • एनीमिया से बचाव के उपाय
  • पेट के कीड़ों से बचाव के उपाय
  • सफेद रक्त कणों की रोगों से लड़ने की भूमिका
  • रक्तदान का महत्व

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

रक्त के बहाव को रोकने के लिए क्या करना चाहिए?
Solution: यदि कहीं चोट लगने से रक्त का बहाव हो रहा हो, तो सबसे पहले उस स्थान पर एक साफ कपड़ा कसकर बाँधना चाहिए। दबाव पड़ने से रक्त का बहना कम हो जाता है, जो व्यक्ति के लिए फायदेमंद होता है। इसके तुरंत बाद, घायल व्यक्ति को डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए ताकि उचित उपचार मिल सके।

प्रश्न 2

खून को 'भानुमती का पिटारा' क्यों कहा जाता है?
Solution: 'भानुमती का पिटारा' एक मुहावरा है जिसका अर्थ है ऐसी वस्तु जिसमें बहुत सारी अलग-अलग चीजें हों। खून को 'भानुमती का पिटारा' इसलिए कहा जाता है क्योंकि यदि हम सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) से खून की एक बूँद को देखें, तो उसमें लाखों की संख्या में लाल रक्त कण, कुछ सफेद रक्त कण और रंगहीन कण (जो प्लाज्मा में तैरते रहते हैं) दिखाई देते हैं। ये सभी कण शरीर में ऑक्सीजन पहुँचाने से लेकर रोगों से लड़ने तक के महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इन विविधताओं और कार्यों के कारण ही खून को 'भानुमती का पिटारा' कहा जाता है।

प्रश्न 3

एनीमिया से बचने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए?
Solution: एनीमिया, जो शरीर में रक्त की कमी के कारण होता है, से बचने के लिए पौष्टिक और संतुलित आहार का सेवन करना अत्यंत आवश्यक है। अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियाँ, ताज़े फल, दूध, अंडे और माँस (यदि खाते हों) को शामिल करना चाहिए। इससे शरीर को आवश्यक प्रोटीन, लौह तत्व (आयरन), कार्बोहाइड्रेट और विटामिन मिलते रहते हैं, जो रक्त की कमी को रोकते हैं और शरीर में ऊर्जा बनाए रखते हैं।

प्रश्न 4

पेट में कीड़े क्यों हो जाते हैं? इनसे कैसे बचा जा सकता है?
Solution: पेट में कीड़े मुख्य रूप से दूषित पानी पीने या अशुद्ध भोजन खाने से होते हैं। इनसे बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियाँ बरतनी चाहिए:
  1. हमेशा साफ-सुथरे बने हुए भोजन का ही सेवन करें।
  2. भोजन करने से पहले अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएँ।
  3. केवल साफ और उबला हुआ पानी ही पिएँ।
  4. भोजन और पानी को हमेशा ढक कर रखें ताकि उनमें गंदगी या कीड़े न गिरें।
  5. जमीन की ऊपरी सतह पर कुछ कीड़ों के लार्वा (अंडे) हो सकते हैं, इसलिए नंगे पैर इधर-उधर न घूमें।
  6. शौचालय का उपयोग करने के बाद अपने हाथ-पैर साबुन से अच्छी तरह धोएँ।
  7. खुले में बिकने वाले या गंदी जगह पर बने खाद्य पदार्थों से बचें।
इन सफाई संबंधी उपायों को अपनाकर हम पेट के कीड़ों से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं।

प्रश्न 5

रक्त के सफ़ेद कणों को 'वीर सिपाही' क्यों कहा गया है?
Solution: रक्त के सफेद कणों को 'वीर सिपाही' इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे हमारे शरीर के रक्षक के रूप में कार्य करते हैं। जब कोई कीटाणु या बाहरी तत्व शरीर में प्रवेश करने की कोशिश करता है, तो सफेद कण उससे मुकाबला करते हैं। वे इन कीटाणुओं को शरीर में फैलने से रोकते हैं और उन्हें नष्ट करने का प्रयास करते हैं, ठीक उसी तरह जैसे एक सिपाही देश की रक्षा करता है। इस प्रकार, वे हमें विभिन्न रोगों से बचाते हैं।

प्रश्न 6

ब्लड-बैंक में रक्तदान से क्या लाभ हैं?
Solution: ब्लड-बैंक में दान किए गए रक्त को सुरक्षित रखा जाता है और जरूरत पड़ने पर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जाता है। यदि किसी व्यक्ति को अचानक रक्त की आवश्यकता पड़ती है, तो ब्लड-बैंक से उसके रक्त समूह का रक्त लेकर उसका जीवन बचाया जा सकता है। यह आपातकालीन स्थितियों में बहुत महत्वपूर्ण होता है और समय पर इलाज सुनिश्चित करता है।

प्रश्न 7

साँस लेने पर साफ़ हवा से ऑक्सीजन प्राप्त होती है, उसे शरीर के हर हिस्से में निम्न में से कौन पहुँचाता है?

सफ़ेद कण, लाल कण, साँस नली, फेफडे

Solution: साँस लेने पर फेफड़ों द्वारा प्राप्त शुद्ध हवा से ऑक्सीजन को शरीर के हर हिस्से तक पहुँचाने का कार्य **लाल रक्त कण** करते हैं। लाल रक्त कणों में मौजूद हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को अपने साथ बाँधकर पूरे शरीर में वितरित करता है।

प्रश्न 8

रक्त में हीमोग्लोबिन के लिए किस खनिज की आवश्यकता पड़ती है - जस्ता, शीशा, लोहा, प्लैटिनम?
Solution: रक्त में हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए **लोहा** खनिज की आवश्यकता पड़ती है। लोहा हीमोग्लोबिन का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो ऑक्सीजन के परिवहन में सहायक होता है।

प्रश्न 9

बिम्बाणु (प्लेटलैट कण) की कमी किस बीमारी में पाई जाती है - टाइफायड, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया?
Solution: बिम्बाणु (प्लेटलैट कण) की कमी मुख्य रूप से **डेंगू** बीमारी में पाई जाती है। डेंगू बुखार होने पर शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम हो जाती है, जो गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।

भाषा की बात - 1.1

चार महीने के होते-होते ये नष्ट हो जाते हैं -

इस वाक्य को ध्यान से पढ़िए। इस वाक्य में 'होते-होते' के प्रयोग से यह बताया गया है कि चार महीने से पूर्व ही ये नष्ट हो जाते हैं। इस तरह के पाँच वाक्य बनाइए जिनमें इन शब्दों का प्रयोग हो - बनते-बनते, पहुँचते-पहुँचते, लेते-लेते, करते-करते

Solution: यहाँ 'होते-होते' की तरह प्रयोग होने वाले शब्दों से बने पाँच वाक्य दिए गए हैं:
  1. सीता के विवाह की बात **बनते-बनते** बिगड़ गई। (अर्थ: पूरी तरह बनने से ठीक पहले)
  2. मैं ताजमहल **पहुँचते-पहुँचते** रह गया। (अर्थ: पहुँचने से ठीक पहले रुक जाना या चूक जाना)
  3. वह लाल साड़ी **लेते-लेते** रह गई। (अर्थ: खरीदने या प्राप्त करने से ठीक पहले वंचित रह जाना)
  4. सुबह से घर की सफाई **करते-करते** मैं थक गई। (अर्थ: लगातार करते रहने की क्रिया)
  5. परीक्षा का परिणाम आने वाला था, पर **आते-आते** स्थगित हो गया। (अर्थ: होने से ठीक पहले रुक जाना)

भाषा की बात - 1.2

इन प्रयोगों को पढ़िए -

सड़क के किनारे-किनारे पेड़ लगे हैं।

आज दूर-दूर तक वर्षा होगी।

इन वाक्यों में 'होते-होते' की तरह 'किनारे-किनारे' और 'दूर-दूर' शब्द दोहराए गए हैं। पर हर वाक्य में अर्थ भिन्न है। किनारे-किनारे का अर्थ है - किनारे से लगा हुआ और दूर-दूर का-बहुत दूर तक।

आप भी निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए और उनके अर्थ लिखिए -

Solution: यहाँ दिए गए शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य और उनके अर्थ प्रस्तुत हैं:
  1. **धीरे-धीरे** (अर्थ: अत्यंत मंद गति से)

    वाक्य: बूढ़ा आदमी **धीरे-धीरे** चल रहा था।

  2. **पास-पास** (अर्थ: एक-दूसरे के बहुत निकट)

    वाक्य: गाँव के घर **पास-पास** बने हुए थे।

  3. **साफ-साफ** (अर्थ: स्पष्ट रूप से)

    वाक्य: उसने अपनी बात **साफ-साफ** कह दी।

  4. **बार-बार** (अर्थ: अनेक बार, पुनः पुनः)

    वाक्य: वह **बार-बार** मुझसे मिलने आया।

  5. **आम-आम** (अर्थ: सामान्य, साधारण)

    वाक्य: यह समस्या **आम-आम** लोगों के लिए चिंता का विषय है।

Common mistakes

  • रक्त के विभिन्न कणों के कार्यों को आपस में मिला देना।
  • एनीमिया या पेट के कीड़ों के बचाव के उपायों को ठीक से न समझना।
  • पुनरुक्ति शब्दों के प्रयोग में अर्थ की भिन्नता को न पहचान पाना।
  • रक्तदान के महत्व को कम आंकना।

Revision tips

  • रक्त के प्रत्येक घटक (लाल कण, सफेद कण, बिम्बाणु, प्लाज्मा) के मुख्य कार्य को सूचीबद्ध करें।
  • एनीमिया और पेट के कीड़ों से बचाव के लिए मुख्य सावधानियों को याद करें।
  • भाषा की बात के अभ्यासों को दोहराएं, विशेषकर पुनरुक्ति शब्दों के प्रयोग पर ध्यान दें।
  • रक्तदान के लाभों को संक्षेप में लिखें।

Practice MCQs

Q1. सूक्ष्मदर्शी से देखने पर रक्त की एक बूँद में मुख्य रूप से क्या दिखाई देते हैं?

Q2. एनीमिया से बचने के लिए किस पोषक तत्व की कमी को पूरा करना महत्वपूर्ण है?

Q3. पेट में कीड़े होने का मुख्य कारण क्या है?

Q4. रक्त के सफेद कणों को 'वीर सिपाही' क्यों कहा जाता है?

Q5. ब्लड-बैंक में रक्त दान करने का मुख्य लाभ क्या है?

Frequently asked questions

कक्षा 7 के लिए 'रक्त और हमारा शरीर' पाठ के NCERT समाधान क्या कवर करते हैं?

यह समाधान रक्त के विभिन्न घटकों (लाल रक्त कण, सफेद रक्त कण, बिम्बाणु), उनके कार्यों, एनीमिया और पेट के कीड़ों जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण व बचाव, और रक्तदान के महत्व को विस्तार से समझाते हैं। इसमें भाषा के प्रयोग से संबंधित अभ्यास भी शामिल हैं।

रक्त को 'भानुमती का पिटारा' क्यों कहा जाता है?

रक्त को 'भानुमती का पिटारा' इसलिए कहा जाता है क्योंकि सूक्ष्मदर्शी से देखने पर इसमें लाखों की संख्या में लाल रक्त कण, सफेद रक्त कण और प्लाज्मा जैसे विभिन्न घटक पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

एनीमिया से बचने के लिए क्या करना चाहिए?

एनीमिया से बचने के लिए पौष्टिक आहार लेना चाहिए जिसमें हरी सब्जियाँ, फल, दूध, अंडे और गोश्त शामिल हों। यह सुनिश्चित करता है कि शरीर को पर्याप्त लौह तत्व, प्रोटीन और विटामिन मिलें।

पेट के कीड़ों से बचाव के लिए क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?

पेट के कीड़ों से बचने के लिए साफ पानी पीना चाहिए, भोजन करने से पहले हाथ धोना चाहिए, भोजन और पानी को ढक कर रखना चाहिए, और नंगे पैर घूमने से बचना चाहिए। शौचालय का उपयोग करने के बाद हाथ-पैर अच्छी तरह धोने चाहिए।

सफेद रक्त कणों का शरीर में क्या महत्व है?

सफेद रक्त कण शरीर के 'वीर सिपाही' होते हैं। वे शरीर में प्रवेश करने वाले कीटाणुओं और रोगों से लड़ते हैं, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है।

रक्तदान के क्या लाभ हैं?

ब्लड-बैंक में दान किया गया रक्त आपातकालीन स्थितियों में जरूरतमंदों के लिए जीवन रक्षक साबित होता है। यह किसी भी रक्त समूह की तत्काल आवश्यकता को पूरा करने में मदद करता है।

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