कक्षा 7 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 5 - मिठाईवाला

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यह पृष्ठ कक्षा 7 की हिंदी पुस्तक के पाठ 5, 'मिठाईवाला' के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें मिठाईवाले के विभिन्न व्यवसायों, उसके बार-बार आने के कारणों, और उसके आकर्षक गुणों पर आधारित प्रश्नों के विस्तृत उत्तर शामिल हैं। समाधान यह भी बताते हैं कि कैसे बच्चे और बड़े दोनों ही उसकी ओर आकर्षित होते थे, और रोहिणी को खिलौनेवाले की याद क्यों आई। पाठ के अंत में, मिठाईवाले के भावुक होने और उसके व्यवसायों को अपनाने के पीछे के गहरे कारणों का भी खुलासा किया गया है। ये समाधान छात्रों को कहानी के पात्रों, उनकी भावनाओं और सामाजिक पहलुओं को समझने में मदद करते हैं, जिससे वे परीक्षा की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter5. मिठाईवाला

Chapter summary

कक्षा 7 हिंदी के पाठ 5 'मिठाईवाला' के ये NCERT समाधान कहानी के मुख्य पात्र, मिठाईवाले के चरित्र, उसके व्यवसाय बदलने के कारणों और उसके बार-बार आने के पीछे की भावनाओं को स्पष्ट करते हैं। समाधान बच्चों की प्रतिक्रियाओं, रोहिणी के विचारों और मिठाईवाले के जीवन के दुखद पहलू पर प्रकाश डालते हैं। यह पाठ छात्रों को विभिन्न पात्रों के दृष्टिकोण को समझने और कहानी के नैतिक संदेशों को आत्मसात करने में सहायता करता है।

Learning outcomes

  • मिठाईवाले के विभिन्न व्यवसायों और उसके आने के कारणों को समझना।
  • मिठाईवाले के उन गुणों की पहचान करना जो बच्चों और बड़ों को आकर्षित करते थे।
  • रोहिणी के विचारों और खिलौनेवाले के स्मरण के पीछे के संबंध को समझना।
  • मिठाईवाले के भावुक होने के कारणों और उसके व्यवसायों को अपनाने के उद्देश्य का विश्लेषण करना।
  • कहानी में सामाजिक प्रथाओं (जैसे पर्दा प्रथा) पर चर्चा करना और अपनी राय व्यक्त करना।
  • भाषा के प्रयोग को समझना, विशेषकर 'वाला' प्रत्यय के साथ संज्ञाओं का प्रयोग।

Topics covered

Paper topics

  • मिठाईवाले का चरित्र चित्रण
  • व्यवसाय परिवर्तन के कारण
  • बच्चों का मनोविज्ञान
  • सामाजिक संबंध और भावनाएं
  • पर्दा प्रथा और सामाजिक रूढ़ियाँ
  • ग्राहक और विक्रेता के तर्क
  • स्मरण और पहचान
  • भावनात्मक जुड़ाव
  • भाषा का प्रयोग ('वाला' प्रत्यय)
  • हाट-मेले और आयोजनों का वर्णन

Important topics

  • मिठाईवाले के व्यवसाय बदलने और बार-बार आने के कारण
  • मिठाईवाले के चरित्र के वे गुण जो सभी को आकर्षित करते थे
  • मिठाईवाले के भावुक होने और व्यवसाय अपनाने का गहरा कारण
  • रोहिणी का खिलौनेवाले को याद करना
  • पर्दा प्रथा पर चर्चा और व्यक्तिगत राय

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

मिठाईवाला अलग-अलग चीजें क्यों बेचता था और वह महीनों बाद क्यों आता था?
Solution:

मिठाईवाला बच्चों को एक ही तरह की चीजों से ऊबने से बचाने के लिए अलग-अलग तरह की चीजें बेचता था। वह चाहता था कि हर बार आने पर बच्चों को कुछ नया और उनकी पसंद का मिले।

वह महीनों बाद इसलिए आता था क्योंकि वह केवल लाभ कमाने के उद्देश्य से व्यवसाय नहीं करता था। वह अपने धन का निवेश करके चीजें जुटाता था, जिसमें समय लगता था। बच्चों की उत्सुकता और उनकी खुशी देखकर उसे संतोष मिलता था, इसलिए वह लाभ की चिंता किए बिना बच्चों की मनपसंद चीजें बेचा करता था।

प्रश्न 2

मिठाईवाले में वे कौन से गुण थे जिनकी वजह से बच्चे तो बच्चे, बड़े भी उसकी ओर खीचें चले आते थे?
Solution:

मिठाईवाले में कई ऐसे गुण थे जो बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी आकर्षित करते थे:

  • मधुर और आकर्षक आवाज़: वह अपनी चीजों की विशेषताएँ बताने के लिए गा-गाकर बोलता था, जो सुनने में बहुत सुहावना लगता था।
  • बच्चों की पसंद का ध्यान: वह हमेशा बच्चों की मनपसंद चीजें लाता था।
  • निःस्वार्थ भाव: वह लाभ कमाने के चक्कर में नहीं रहता था, जिससे उसका व्यवहार सच्चा लगता था।
  • अपनत्व और प्रेम: बच्चों के प्रति उसका व्यवहार बहुत कोमल और प्रेमपूर्ण होता था, जिससे बच्चे उससे जुड़ाव महसूस करते थे।

इन गुणों के कारण बच्चे तो बच्चे, बड़े भी उसकी ओर सहज ही खींचे चले आते थे।

प्रश्न 3

विजय बाबू एक ग्राहक थे और मुरलीवाला एक विक्रेता। दोनों अपने-अपने पक्ष के समर्थन में क्या तर्क पेश करते हैं?
Solution:

ग्राहक (विजय बाबू) के पक्ष में तर्क:

विजय बाबू एक ग्राहक के तौर पर तर्क देते हैं कि दुकानदार अक्सर झूठ बोलते हैं और दाम बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं। वे सामान सबको एक ही भाव में देते हैं, लेकिन पहले अधिक दाम बताकर और फिर कुछ कम करके ग्राहक पर एहसान का बोझ डाल देते हैं।

विक्रेता (मुरलीवाला) के पक्ष में तर्क:

मुरलीवाला एक विक्रेता के तौर पर तर्क देता है कि ग्राहक को सामान की असली लागत का पता नहीं होता। भले ही दुकानदार हानि उठाकर सामान बेचे, ग्राहक को हमेशा यही लगता है कि दुकानदार उसे लूट रहा है। ग्राहक दुकानदार पर हमेशा संदेह करता है।

प्रश्न 4

खिलौनेवाले के आने पर बच्चों की क्या प्रतिक्रिया होती थी?
Solution:

खिलौनेवाले की मादक और मधुर आवाज़ सुनकर बच्चे बहुत उत्साहित और चंचल हो उठते थे। उसकी स्नेहपूर्ण आवाज़ सुनकर आस-पास के घरों में भी हलचल मच जाती थी। गलियों और छोटे उद्यानों में खेलते हुए बच्चों का समूह अपनी टोपी और जूते वहीं भूलकर खिलौनेवाले को घेर लेता था। वे दौड़कर अपने घरों से पैसे लाते और खिलौनों के मोल-भाव करने लगते थे।

प्रश्न 5

रोहिणी को मुरलीवाले के स्वर से खिलौनेवाले का स्मरण क्यों हो गया?
Solution:

रोहिणी को मुरलीवाले के स्वर से खिलौनेवाले का स्मरण इसलिए हो गया क्योंकि मुरलीवाले की आवाज़ उसे जानी-पहचानी लगी। उसे याद आया कि खिलौनेवाला भी इसी तरह अपनी मधुर आवाज़ में गा-गाकर खिलौने बेचा करता था। मुरलीवाले के गाने और बेचने का अंदाज़ बिल्कुल वैसा ही था, इसलिए उसे खिलौनेवाले की याद आ गई।

प्रश्न 6

किसकी बात सुनकर मिठाईवाला भावुक हो गया था? उसने इन व्यवसायों को अपनाने का क्या कारण बताया?
Solution:

मिठाईवाला रोहिणी की बात सुनकर भावुक हो गया था।

उसने बताया कि किसी समय उसका भी एक सुखी और संपन्न परिवार था, जिसमें उसकी सुंदर पत्नी और प्यारे बच्चे थे। लेकिन किसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना में उसका पूरा परिवार नष्ट हो गया। अब वह अपने मृत बच्चों की झलक दूसरों के बच्चों में देखता है। बच्चों के साथ रहकर उसे संतोष, धैर्य और असीम सुख की प्राप्ति होती है, यही कारण है कि उसने ये व्यवसाय अपनाए हैं।

प्रश्न 7

'अब इस बार ये पैसे न लूँगा' - कहानी के अंत में मिठाईवाले ने ऐसा क्यों कहा?
Solution:

कहानी के अंत में मिठाईवाले ने 'अब इस बार ये पैसे न लूँगा' ऐसा इसलिए कहा क्योंकि रोहिणी ने पहली बार उसके प्रति इतनी आत्मीयता दिखाई और उसके दुख व पीड़ा को समझने का प्रयास किया। रोहिणी के बच्चों, चुन्नू-मुन्नु में उसे अपने बच्चों की छवि नज़र आई, जिससे वह बहुत भावुक हो गया और उसे लगा कि इस बार वह बच्चों से पैसे नहीं लेगा, बल्कि उन्हें अपने बच्चों की तरह प्यार देगा।

प्रश्न 8

इस कहानी में रोहिणी चिक के पीछे से बात करती है। क्या आज भी औरतें चिक के पीछे से बात करती हैं? यदि करती हैं तो क्यों? आपकी राय में क्या यह सही है?
Solution:

हाँ, आज भी कुछ पिछड़े हुए ग्रामीण क्षेत्रों में, रूढ़िवादी परिवारों में और कुछ विशेष जातियों में पर्दा प्रथा का चलन है, जिसके तहत औरतें चिक या घूंघट के पीछे से बात करती हैं।

मेरी राय में, यह प्रथा बिल्कुल भी उचित नहीं है। यह स्त्रियों की स्वतंत्रता का हनन करती है, उनकी प्रगति में बाधा डालती है और उन्हें समाज में खुलकर भाग लेने से रोकती है। इस प्रकार की प्रथाएँ हमारे देश की छवि को भी विश्व पटल पर नकारात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। स्त्रियों को भी पुरुषों के समान सम्मान और स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।

प्रश्न 9

हाट-मेले, शादी आदि आयोजनों में कौन-कौन सी चीज़ें आपको सबसे ज्यादा आकर्षित करती हैं? उनको सजाने-बनाने में किसका हाथ होगा? उन चेहरों के बारे में लिखिए।
Solution:

हाट-मेलों और आयोजनों में खाने-पीने की चटपटी चीजें जैसे चाट, पकौड़ी, दही भल्ले, गोलगप्पे, नमकीन (सेव, पापड़ी) और मिठाइयाँ (जलेबी, मालपुए) सबसे ज्यादा आकर्षित करती हैं। इसके अलावा, रंग-बिरंगे खिलौने, गुब्बारे, झूले और जादुई तमाशे भी मन मोह लेते हैं।

इन सब चीजों को सजाने और बनाने में कारीगरों, मजदूरों और उनके परिवारों का हाथ होता है। इन चेहरों के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, थकान, कार्यकुशलता, व्यस्तता और आर्थिक लाभ कमाने की इच्छा छिपी होती है। वे अपनी कला और श्रम से इन आयोजनों को आकर्षक बनाते हैं, ताकि लोग उनका आनंद ले सकें और उन्हें रोजी-रोटी मिल सके।

भाषा की बात: 1. मिठाईवाला बोलनेवाली गुडिया

ऊपर 'वाला' का प्रयोग है। अब बताइए कि-
  • (क) 'वाला' से पहले आने वाले शब्द संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि में से क्या हैं?
  • (ख) ऊपर लिखे वाक्यांशों में उनका क्या प्रयोग है?
Solution:

(क) 'वाला' से पहले आने वाला शब्द 'मिठाई' एक संज्ञा है।

(ख) ऊपर लिखे वाक्यांश 'मिठाईवाला' में 'वाला' प्रत्यय संज्ञा 'मिठाई' के साथ जुड़कर उस व्यक्ति का बोध करा रहा है जो मिठाई बेचता है। इसी प्रकार, 'बोलनेवाली गुडिया' में 'वाली' प्रत्यय 'गुडिया' (संज्ञा) के साथ जुड़कर उसकी विशेषता बता रहा है कि वह बोलने वाली है।

Common mistakes

  • मिठाईवाले के बार-बार आने के कारणों को केवल व्यावसायिक दृष्टिकोण से देखना।
  • रोहिणी के खिलौनेवाले को याद करने के भावनात्मक पहलू को अनदेखा करना।
  • पर्दा प्रथा जैसे सामाजिक मुद्दों पर केवल सतही राय देना।
  • 'वाला' प्रत्यय के प्रयोग को संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण से जोड़ने में भ्रमित होना।

Revision tips

  • मिठाईवाले के चरित्र के विभिन्न पहलुओं (व्यवसायी, पिता, व्यक्ति) पर ध्यान केंद्रित करें।
  • कहानी में आए संवादों और पात्रों की भावनाओं को समझने का प्रयास करें।
  • पर्दा प्रथा जैसे सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय को तार्किक आधार दें।
  • भाषा के अभ्यास में 'वाला' प्रत्यय के प्रयोग को अन्य उदाहरणों से जोड़कर देखें।

Practice MCQs

Q1. मिठाईवाला अलग-अलग चीजें क्यों बेचता था?

Q2. मिठाईवाले में कौन से गुण थे जो बड़ों को भी आकर्षित करते थे?

Q3. विजय बाबू ग्राहक के तौर पर दुकानदार पर क्या आरोप लगाते हैं?

Q4. रोहिणी को मुरलीवाले के स्वर से किसका स्मरण हुआ?

Q5. मिठाईवाला रोहिणी की बात सुनकर भावुक क्यों हो गया?

Q6. कहानी के अंत में मिठाईवाले ने 'अब इस बार ये पैसे न लूँगा' क्यों कहा?

Frequently asked questions

कक्षा 7 हिंदी के पाठ 5 'मिठाईवाला' में मुख्य पात्र कौन है?

इस पाठ का मुख्य पात्र 'मिठाईवाला' है, जो अलग-अलग समय पर अलग-अलग चीजें बेचता है।

मिठाईवाला महीनों बाद क्यों आता था?

मिठाईवाला महीनों बाद इसलिए आता था ताकि बच्चे किसी एक चीज से ऊब न जाएँ और वह अपने फायदे की चिंता न करके बच्चों की खुशी के लिए चीजें लाता था, जिसके इंतजाम में समय लगता था।

मिठाईवाले के कौन से गुण बच्चों को सबसे ज्यादा पसंद आते थे?

मिठाईवाले की मधुर आवाज़, बच्चों के लिए उनकी मनपसंद चीजें लाना, और उनका अपनत्व भरा व्यवहार बच्चों को सबसे ज्यादा पसंद आता था।

रोहिणी को मुरलीवाले की आवाज़ सुनकर खिलौनेवाले की याद क्यों आई?

रोहिणी को मुरलीवाले की आवाज़ जानी-पहचानी लगी क्योंकि खिलौनेवाला भी उसी तरह मधुर कंठ से गाकर खिलौने बेचा करता था, और मुरलीवाले का बेचने का अंदाज़ भी वैसा ही था।

मिठाईवाले ने अपने व्यवसाय को अपनाने का क्या कारण बताया?

मिठाईवाले ने बताया कि उसका अपना परिवार नष्ट हो गया था और वह अपने मृत बच्चों की झलक दूसरों के बच्चों में देखकर संतोष पाता है।

क्या आज भी औरतें चिक के पीछे से बात करती हैं?

हाँ, आज भी कुछ पिछड़े ग्रामीण और रूढ़िवादी परिवारों में पर्दा प्रथा का चलन है, जिसके तहत औरतें चिक के पीछे से बात करती हैं।

भाषा के अभ्यास में 'वाला' प्रत्यय का क्या प्रयोग है?

पाठ में 'मिठाईवाला' जैसे वाक्यांशों में 'वाला' प्रत्यय संज्ञा के साथ जुड़कर उस व्यक्ति का बोध कराता है जो वह वस्तु बेचता है या उससे संबंधित है।

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