कक्षा 7 संस्कृत पाठ 14: अनारिकाया जिज्ञासा - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 7 के संस्कृत विषय के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से पाठ 14 'अनारिकाया जिज्ञासा' पर केंद्रित है। इसमें पाठ के प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं, जो अनारिका की जिज्ञासा और उसके आसपास की घटनाओं पर आधारित हैं। समाधानों में व्याकरणिक अभ्यास भी शामिल हैं, जैसे कि रेखांकित शब्दों के आधार पर प्रश्न निर्माण करना और विभिन्न संज्ञाओं के रूपों को उदाहरणों के अनुसार लिखना। यह खंड छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और संस्कृत व्याकरण के महत्वपूर्ण पहलुओं में महारत हासिल करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये समाधान परीक्षा की तैयारी और गृहकार्य सहायता के लिए एक मूल्यवान संसाधन के रूप में काम करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | संस्कृत |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 14. अनारिकाया जिज्ञासा |
Chapter summary
कक्षा 7 के संस्कृत पाठ 14 'अनारिकाया जिज्ञासा' के लिए NCERT समाधान छात्रों को पाठ की सामग्री को समझने में मदद करते हैं। इसमें पाठ के प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं, जो अनारिका की जिज्ञासा और संबंधित विषयों पर आधारित हैं। साथ ही, छात्रों को रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न बनाने और विभिन्न संज्ञाओं के विभक्ति-आधारित रूपों को लिखने का अभ्यास कराया गया है। यह समाधान छात्रों को पाठ की भाषा और व्याकरणिक संरचनाओं को बेहतर ढंग से समझने में सहायता करता है।
Learning outcomes
- पाठ 'अनारिकाया जिज्ञासा' के प्रश्नों के उत्तर देने में सक्षम होना।
- रेखांकित पदों के आधार पर संस्कृत में प्रश्न निर्माण का अभ्यास करना।
- दिए गए उदाहरणों के अनुसार संज्ञाओं के विभिन्न विभक्ति रूपों को पहचानना और लिखना।
- संस्कृत में वाक्य संरचना और व्याकरणिक नियमों को समझना।
Topics covered
Paper topics
- अनारिकाया जिज्ञासा पाठ के प्रश्नोत्तर
- संस्कृत में प्रश्न निर्माण
- संज्ञा रूपों का अभ्यास (पितृ, भातृ, दातृ, धातृ, कर्तृ, नेत्रृ, विधातृ, हर्तृ, सवितृ, अभिनेतृ, जामातृ, नप्तृ)
- विभक्ति परिचय (प्रथमा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, संबोधन)
- वचन परिचय (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन)
- क्रिया का कर्ता के अनुसार प्रयोग
Important topics
- संज्ञाओं के विभिन्न विभक्ति और वचन रूप
- रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न निर्माण
- पाठ के मुख्य पात्रों और घटनाओं को समझना
- व्याकरणिक अभ्यास का महत्व
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Questions and Solutions
प्रश्न 2: अधोलिखितानां प्रश्नानां उत्तराणि लिखत।
- (क) किसकी बहुत जिज्ञासा थी?
- (ख) मंत्री किसलिए आते हैं?
- (ग) सेतु का निर्माण किसने किया?
- (घ) सेतु के निर्माण के लिए कर्मकार पत्थर कहाँ से लाते हैं?
- (ङ) किसके लिए प्रजा सरकार को धन देती है?
- (क) अनारिका की बहुत जिज्ञासा थी।
- (ख) मंत्री सेतु के उद्घाटन के लिए आते हैं।
- (ग) सेतु का निर्माण कर्मकारों ने किया।
- (घ) सेतु के निर्माण के लिए कर्मकार पत्थरों को पर्वतों से लाते हैं।
- (ङ) प्रजा सरकार के लिए धन देती है।
प्रश्न 3: रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न निर्माण कीजिए।
- (क) अनारिका के प्रश्नों से सबकी बुद्धि चक्की की तरह घूम गई।
- (ख) मंत्री सेतु के <u>उद्घाटनार्थम्</u> (उद्घाटन के लिए) आते हैं।
- (ग) कर्मकार सेतु का निर्माण करते हैं।
- (घ) <u>पर्वतेभ्यः</u> (पर्वतों से) पत्थर लाकर सेतु का निर्माण होता है।
- (ङ) लोग <u>सर्वकाराय</u> (सरकार के लिए) देश के विकास के लिए धन देते हैं।
- (क) किसकी प्रश्नों से सबकी बुद्धि चक्की की तरह घूमती है? (कस्या: प्रश्नै: सर्वेषां बुद्धि: चक्रवत भ्रमति?)
- (ख) मंत्री सेतु के किसलिए आते हैं? (मन्त्री सेतो: किमर्थम् आगच्छति?)
- (ग) कौन सेतु का निर्माण करते हैं? (के सेतो: निर्माणम् कुर्वन्ति?)
- (घ) कहाँ से पत्थर लाकर सेतु का निर्माण होता है? (कुतः प्रस्तराणि आनीय सेतोः निर्माणं भवति?)
- (ङ) लोग किसके लिए देश के विकास के लिए धन देते हैं? (जना: कस्मै देशस्य विकासार्थं धनं ददति?)
प्रश्न 4: उदाहरण के अनुसार रूप लिखिए।
विभक्ति: एकवचनम् द्विचनम् बहुवचनम्
प्रथमा पिता पितरौ पितर: (पितृ)
..... भातरौ ..... (भातृ)
द्वितीया दातारम् दातारौ दातृन् (दातृ)
..... धातारौ ...... (धातृ)
तृतीया धात्रा _____ धातृभि (धातृ)
..... कर्तृभ्याम् ..... (कर्तृ)
चतुर्थी नेत्रे नेत्राभ्याम् नेतृभ्यः (नेतृ)
विधात्रे ..... विधातृभ्यः (विधातृ)
पञ्चमी कर्तु: कतृभ्याम् कर्तृभ्यः (कर्तृ)
..... हर्तृभ्यः (हर्तृ)
षष्ठी पितुः पित्रोः पितृणाम् (पितृ)
..... भात्रो: ..... (भातृ)
सप्तमी सवितरि सवित्रो: सवितृषु (सवितृ)
अभिनेतरि ..... (अभिनेतृ)
सम्बोधनम् हे जामातः! हे जामातरौ! हे जामातरः (जामातृ)
हे नप्त:! ..... (नप्)
यहाँ 'पितृ' आदि उकारान्त पुल्लिङ्ग् शब्दों के रूपों को उदाहरण के अनुसार पूरा किया गया है:
विभक्ति: एकवचनम् द्विचनम् बहुवचनम्
प्रथमा पिता पितरौ पितर: (पितृ)
भाता भातरौ <u>भातरः</u> (भातृ)
द्वितीया दातारम् दातारौ दातृन् (दातृ)
धातारम् धातारौ <u>धातृन</u> (धातृ)
तृतीया धात्रा धातृभ्याम् धातृभि (धातृ)
<u>कर्त्रा</u> कर्तृभ्याम् <u>कर्तृभिः</u> (कर्तृ)
चतुर्थी नेत्रे नेत्राभ्याम् नेतृभ्यः (नेतृ)
विधात्रे <u>विधातृभ्याम्</u> विधातृभ्यः (विधातृ)
पञ्चमी कर्तु: कतृभ्याम् कर्तृभ्यः (कर्तृ)
<u>हर्तुः</u> हर्तृभ्याम् हर्तृभ्यः (हर्तृ)
षष्ठी पितुः पित्रोः पितृणाम् (पितृ)
<u>भ्रातुः</u> भात्रो: <u>भातृणाम्</u> (भातृ)
सप्तमी सवितरि सवित्रो: सवितृषु (सवितृ)
अभिनेतरि <u>अभिनेत्रोः</u> (अभिनेतृ)
सम्बोधनम् हे जामातः! हे जामातरौ! हे जामातरः (जामातृ)
हे नप्त:! <u>हे नप्तारौ!</u> (नप्)
Common mistakes
- प्रश्न निर्माण करते समय सही सर्वनाम और विभक्ति का प्रयोग न करना।
- संज्ञाओं के रूपों को लिखते समय विभक्ति, वचन और लिंग की त्रुटियाँ करना।
- पाठ के अर्थ को पूरी तरह समझे बिना उत्तर देना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को पाठ के संदर्भ में समझने का प्रयास करें।
- प्रश्न निर्माण अभ्यास को ध्यान से करें, विशेषकर रेखांकित शब्दों पर ध्यान केंद्रित करें।
- संज्ञा रूपों के अभ्यास को बार-बार दोहराएं ताकि वे कंठस्थ हो जाएं।
- पाठ में प्रयुक्त नई शब्दावली को नोट करें और उनका अर्थ समझें।
Practice MCQs
Q1. प्रश्न 2 (क) के अनुसार, किसकी महती जिज्ञासा थी?
Explanation: प्रश्न 2 (क) के उत्तर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि 'अनारिकाया: महती जिज्ञासा वर्तते।' अतः अनारिका की जिज्ञासा थी।
Q2. प्रश्न 2 (ख) के अनुसार, मन्त्री किस लिए आता है?
Explanation: प्रश्न 2 (ख) का उत्तर है 'मन्त्री सेतो: उदाटनार्थम् आगच्छति।' इसका अर्थ है कि मन्त्री सेतु के उद्घाटन के लिए आता है।
Q3. प्रश्न 3 (ग) में, रेखांकित पद के आधार पर प्रश्न निर्माण करना है। यदि मूल वाक्य 'कर्मकरा: सेतो: निर्माणम् कुर्वन्ति।' है, तो प्रश्न क्या होगा?
Explanation: मूल वाक्य में 'कर्मकरा:' (कर्ता) रेखांकित है। कर्ता के स्थान पर प्रश्नवाचक सर्वनाम 'के' (कौन) का प्रयोग होगा, इसलिए प्रश्न 'के सेतो: निर्माणम् कुर्वन्ति?' होगा।
Q4. प्रश्न 4 में, 'भातृ' शब्द के प्रथम विभक्ति बहुवचन का रूप क्या है?
Explanation: दिए गए उदाहरण और उत्तर के अनुसार, 'भातृ' शब्द का प्रथम विभक्ति बहुवचन 'भातरः' है।
Q5. प्रश्न 2 (घ) के अनुसार, कर्मकार पत्थर कहाँ से लाते हैं?
Explanation: प्रश्न 2 (घ) का उत्तर है 'सेतो: निर्माणाय कर्मकरा: प्रस्तराणि पर्वतेभ्य: आनयन्ति।' इसका अर्थ है कि कर्मकार पत्थरों को पर्वतों से लाते हैं।
Frequently asked questions
यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह NCERT समाधान कक्षा 7 के संस्कृत विषय के लिए है, जो विशेष रूप से पाठ 14 'अनारिकाया जिज्ञासा' पर केंद्रित है।
इन समाधानों में क्या शामिल है?
इन समाधानों में पाठ 14 'अनारिकाया जिज्ञासा' के सभी प्रश्नों के विस्तृत उत्तर और व्याकरणिक अभ्यास, जैसे प्रश्न निर्माण और संज्ञा रूपों का अभ्यास शामिल है।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान पाठ की गहरी समझ प्रदान करके और व्याकरण के महत्वपूर्ण पहलुओं का अभ्यास कराकर परीक्षा की तैयारी में बहुत सहायक होंगे।
प्रश्न निर्माण अभ्यास कैसे करें?
प्रश्न निर्माण अभ्यास में, रेखांकित शब्द को हटाकर उसके स्थान पर उचित प्रश्नवाचक शब्द (जैसे क:, किम्, कुतः, कुत्र) का प्रयोग किया जाता है, और वाक्य के अंत में प्रश्नवाचक चिह्न लगाया जाता है।
संज्ञा रूपों का अभ्यास क्यों महत्वपूर्ण है?
संज्ञा रूपों का अभ्यास संस्कृत व्याकरण का एक अनिवार्य हिस्सा है। यह वाक्यों में संज्ञाओं के सही प्रयोग को समझने और लिखने में मदद करता है।
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