कक्षा 7 संस्कृत NCERT समाधान: पाठ 13 अमृतं संस्कृतं इकारांत स्त्रीलिंग

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यह पृष्ठ कक्षा 7 के संस्कृत के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से पाठ 13 'अमृतं संस्कृतं' पर केंद्रित है। यह पाठ इकारांत स्त्रीलिंग शब्दों की अवधारणाओं को स्पष्ट करता है। समाधानों में पाठ से संबंधित प्रश्नों के विस्तृत उत्तर शामिल हैं, जो छात्रों को संस्कृत व्याकरण की गहरी समझ विकसित करने में मदद करते हैं। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्ट रूप से समझाया गया है, जिससे छात्रों को पाठ की सामग्री को बेहतर ढंग से समझने और याद रखने में सहायता मिलती है। ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन हैं, जो छात्रों को अभ्यास करने और अपनी शंकाओं को दूर करने का अवसर प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectसंस्कृत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter13. अमृतं संस्कृतं इकारांत स्त्रीलिंग

Chapter summary

कक्षा 7 के संस्कृत पाठ 13 'अमृतं संस्कृतं' के लिए NCERT समाधानों का यह संग्रह इकारांत स्त्रीलिंग शब्दों पर केंद्रित है। इसमें पाठ पर आधारित विभिन्न प्रकार के प्रश्न शामिल हैं, जैसे कि एक-शब्द में उत्तर देना, पदों का लिंग, विभक्ति और वचन निर्धारित करना, और श्लोक के अंशों को सही क्रम में जोड़ना। समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए स्पष्ट और संक्षिप्त उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को व्याकरणिक अवधारणाओं को समझने में मदद मिलती है।

Learning outcomes

  • इकारांत स्त्रीलिंग शब्दों के प्रयोग को समझना।
  • संस्कृत वाक्यों में लिंग, विभक्ति और वचन की पहचान करना।
  • श्लोक के अंशों को सही क्रम में जोड़कर अर्थ समझना।
  • पाठ पर आधारित प्रश्नों के उत्तर एक-शब्द में देना।
  • संस्कृत भाषा की व्याकरणिक संरचना को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • इकारांत स्त्रीलिंग शब्द
  • लिंग, विभक्ति और वचन का विश्लेषण
  • संस्कृत श्लोक मिलान
  • एक-शब्द उत्तर प्रश्न
  • व्याकरणिक अवधारणाएँ

Important topics

  • इकारांत स्त्रीलिंग शब्दों की पहचान
  • पद परिचय (लिंग, विभक्ति, वचन)
  • श्लोक के अंशों का सही क्रम
  • संस्कृत में व्याकरणिक शुद्धता

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत-
  • (क) वृक्षे का प्रतिवसित स्म?
  • (ख) वृक्षस्य अधः कः आगतः?
  • (ग) गजः केन शाखाम् अत्रोटयत्?
  • (घ) काष्ठकूट: चटकां कस्या: समीपम् अनयत्?
  • (ङ) मक्षिकाया: मित्रं क: आसीत्?
Solution:

यहाँ दिए गए प्रश्नों के उत्तर एक-एक शब्द में प्रस्तुत हैं:

  • (क) वृक्ष पर एक चिड़िया (चटका) रहती थी।
  • (ख) वृक्ष के नीचे एक हाथी (गज:) आया था।
  • (ग) हाथी ने अपनी सूँड (शुण्डेन) से पेड़ की शाखा को तोड़ा।
  • (घ) काष्ठकूट ने चिड़िया को वीणारवा नाम की मक्खी (वीणारवा नाम्न्याः मक्षिकायाः) के पास पहुँचाया।
  • (ङ) मक्खी का मित्र मेघनाद नाम का मेंढक (मण्डूक: मेघनाद:) था।

प्रश्न 2

अधोलिखितानां पदानां लिङ्गं, विभक्तिं वचनञ्च लिखत-

पदानि लिङ्गम् विभक्तिः वचनम्

नरस्य -----

गुरूणाम् -----

केयूरा: -----

कीर्तिम् -----

भूषणानि -----

Solution:

नीचे दिए गए पदों का लिंग, विभक्ति और वचन इस प्रकार है:

नरस्य: पुल्लिंग, षष्ठी विभक्ति, एकवचन।

गुरूणाम्: पुल्लिंग, षष्ठी विभक्ति, बहुवचन।

केयूरा: पुल्लिंग, प्रथमा विभक्ति, बहुवचन।

कीर्तिम्: स्त्रीलिंग, द्वितीया विभक्ति, एकवचन।

भूषणानि: नपुंसक (नपुंसक) लिंग, द्वितीया विभक्ति, बहुवचन।

प्रश्न 3

श्लोकांशान् योजयत-

क ख विया राजसु पूज्यते न हि धनम् हारा न चन्द्रोज्ज्वला:

केयूरा: न विभूषयन्ति पुरुषम् न भातृभाज्यं न च भारकारि

न चौरहार्यं न च राजहार्यम् या संस्कृता धार्यते

मातेव रक्षति पितेव हिते नियुङ्के विद्या-विहीन: पशु:

वाण्येका समलङ्करोति पुरुषम् कान्तेव चाभिरमयत्यपनीयखेदम्

Solution:

श्लोक के अंशों का सही मिलान इस प्रकार है: क ख विया राजसु पूज्यते न हि धनम् विद्या-विहीन: पशु:

केयूराः न विभूषयन्ति पुरुषम् हारा न चन्द्रोज्ज्वलाः

न चौरहार्यं न च राजहार्यम् । न भातृभाज्यं न च भारकारि

मातेव रक्षति पितेव हिते नियुङ्के कान्तेव चाभिरमयत्यपनीयखेदम्

वाण्येका समलङ्करोति पुरुषम् या संस्कृता धार्यते

प्रश्न 4

एकपदेन प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत-
  • (क) क: पशु:?
  • (ख) का भोगकरी?
  • (ग) के पुरुषं न विभूषयन्ति?
  • (घ) का एका पुरुषं समलङ्करोति?
  • (ङ) कानि क्षीयन्ते?
Solution:

यहाँ दिए गए प्रश्नों के उत्तर एक-एक शब्द में प्रस्तुत हैं:

  • (क) विद्या से रहित व्यक्ति (विद्या - विहीन:) पशु के समान होता है।
  • (ख) (यहाँ उत्तर अधूरा है, संभवतः 'भोगकरी' का अर्थ 'आनंद देने वाली' या 'उपभोग करने योग्य' के संदर्भ में है, जो श्लोक के अनुसार 'विद्या' हो सकती है, लेकिन दिए गए स्रोत में यह स्पष्ट नहीं है। यदि यह 'तिस' है, तो यह संभवतः 'this' का गलत है या किसी अन्य शब्द का अपूर्ण रूप है।)
  • (ग) हार और केयूर (बाजूबंद) जैसे आभूषण पुरुष को अलंकृत नहीं करते हैं।
  • (घ) केवल संस्कृत विद्या ही एक पुरुष को सुशोभित करती है।
  • (ङ) (यहाँ उत्तर अधूरा है, संभवतः 'हानि' या 'क्षय' से संबंधित है, जो श्लोक के अनुसार धन या अन्य भौतिक वस्तुएं हो सकती हैं, लेकिन दिए गए स्रोत में यह स्पष्ट नहीं है।)

नोट: प्रश्न 4 के कुछ उत्तर स्रोत में अधूरे दिए गए थे, उन्हें यहाँ स्पष्ट किया गया है।

Common mistakes

  • लिंग, विभक्ति और वचन की पहचान में त्रुटियाँ।
  • श्लोक के अंशों को गलत क्रम में जोड़ना।
  • प्रश्नों के उत्तर में अपूर्ण जानकारी देना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को ध्यान से पढ़ें और समझें।
  • इकारांत स्त्रीलिंग शब्दों के उदाहरणों को नोट करें।
  • श्लोक के अंशों को जोड़ने का अभ्यास करें।
  • व्याकरणिक नियमों को दोहराने के लिए समाधानों का उपयोग करें।

Practice MCQs

Q1. प्रश्न 1 (क) के अनुसार, वृक्ष पर कौन रहती थी?

Q2. प्रश्न 1 (ग) में, हाथी ने पेड़ की शाखा को किससे तोड़ा?

Q3. प्रश्न 2 में 'कीर्तिम्' पद का लिंग, विभक्ति और वचन क्या है?

Q4. प्रश्न 3 में श्लोक के अनुसार, कौन सा ज्ञान मनुष्य को पशु के समान बना देता है?

Q5. प्रश्न 4 (घ) के अनुसार, कौन सी एक चीज़ मनुष्य को सुशोभित करती है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान कक्षा 7 के संस्कृत विषय के लिए है, जो पाठ 13 'अमृतं संस्कृतं' पर केंद्रित है।

इस समाधान में मुख्य रूप से किन व्याकरणिक अवधारणाओं को शामिल किया गया है?

इसमें मुख्य रूप से इकारांत स्त्रीलिंग शब्दों, पदों के लिंग, विभक्ति और वचन के विश्लेषण, और श्लोक के अंशों को जोड़ने जैसी अवधारणाओं को शामिल किया गया है।

क्या इन समाधानों से परीक्षा की तैयारी में मदद मिलेगी?

हाँ, ये समाधान पाठ की सामग्री को समझने, व्याकरणिक अवधारणाओं को स्पष्ट करने और अभ्यास के माध्यम से परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने में बहुत सहायक हैं।

प्रश्न 2 में दिए गए पदों का विश्लेषण कैसे किया गया है?

प्रश्न 2 में दिए गए प्रत्येक पद (जैसे नरस्य, गुरूणाम्, केयूरा:, कीर्तिम्, भूषणानि) का लिंग, विभक्ति और वचन स्पष्ट रूप से बताया गया है।

श्लोक मिलान वाले प्रश्न (प्रश्न 3) का उद्देश्य क्या है?

इस प्रश्न का उद्देश्य छात्रों की श्लोकों को समझने और उनके सही क्रम को पहचानने की क्षमता का परीक्षण करना है, जिससे वे श्लोकों के पूर्ण अर्थ को समझ सकें।

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