कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान: ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 6 के लिए सामाजिक विज्ञान के अध्याय 8, 'ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय ग्रामीण भारत में विभिन्न प्रकार की आजीविकाओं, जैसे खेती, मछली पकड़ना, और छोटे व्यवसायों की पड़ताल करता है। समाधानों में ग्रामीण श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतियों, जैसे मौसमी रोजगार और कम मजदूरी, पर प्रकाश डाला गया है। यह छात्रों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जटिलताओं और विभिन्न व्यवसायों में लगे लोगों के जीवन को समझने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए एक मूल्यवान संसाधन के रूप में काम करते हैं, जो प्रमुख अवधारणाओं और व्यावहारिक अनुप्रयोगों की स्पष्ट समझ प्रदान करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectसामाजिक एवं राजनीतिक जीवन
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter8. ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका

Chapter summary

कक्षा 6 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 8, 'ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका' के लिए NCERT समाधान, ग्रामीण भारत में विभिन्न प्रकार के व्यवसायों और आजीविका के तरीकों का एक व्यापक अवलोकन प्रदान करते हैं। यह अध्याय खेती, मछली पकड़ने और छोटे व्यवसायों जैसे विभिन्न ग्रामीण व्यवसायों की पड़ताल करता है, और इन व्यवसायों में लगे लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालता है। समाधान छात्रों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जटिलताओं और विभिन्न आजीविकाओं के बीच परस्पर निर्भरता को समझने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की आजीविकाओं की पहचान करना।
  • खेती से जुड़े और खेती से इतर कामों के बीच अंतर करना।
  • ग्रामीण श्रमिकों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझना, जैसे मौसमी रोजगार और कम मजदूरी।
  • विभिन्न व्यवसायों में लगे लोगों के जीवन के बारे में सीखना।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विभिन्न व्यवसायों के महत्व का विश्लेषण करना।

Topics covered

Paper topics

  • ग्रामीण आजीविका
  • खेती
  • खेतिहर मजदूर
  • मौसमी रोजगार
  • मछली पकड़ना
  • छोटे व्यवसाय
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था
  • आय के स्रोत
  • श्रमिकों की चुनौतियाँ
  • ग्रामीण जीवन शैली
  • विभिन्न व्यवसाय

Important topics

  • ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के विभिन्न साधन
  • खेती से जुड़े और खेती से इतर काम
  • खेतिहर मजदूरों के सामने आने वाली समस्याएं (जैसे कम मजदूरी और मौसमी रोजगार)
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विभिन्न व्यवसायों का महत्व

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

ऊपर दी गई तस्वीरों में लोग जो काम करते हुए दिख रहे हैं, उस काम का वर्णन कीजिए। (एन०सी०ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-77)
Solution: ऊपर दी गई तस्वीरों में विभिन्न प्रकार के काम करते हुए लोगों को दर्शाया गया है। इनमें शामिल हैं:
  1. कुछ लोग ईंटों से दीवार का निर्माण कर रहे हैं।
  2. एक व्यक्ति रेहड़ी पर सामान बेच रहा है या ले जा रहा है।
  3. कुछ लोग नदी या तालाब से मछली पकड़ने का काम कर रहे हैं।
  4. कुछ लोग फूलों को तोड़ रहे हैं, संभवतः माला बनाने या बेचने के लिए।
  5. कुछ लोग खेतों में फसल पर काम कर रहे हैं, जैसे जुताई या बुवाई।
  6. एक व्यक्ति दुकान में ग्राहक को सामान दे रहा है, जो एक दुकानदार है।
ये सभी कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की आजीविकाओं को दर्शाते हैं।

प्रश्न 2

खेती से जुड़े कामों को अलग कीजिए और जो काम खेती से जुड़े हुए नहीं हैं, उनकी एक सूची बनाइए। (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-77)
Solution:

दिए गए कामों को खेती से जुड़े और खेती से इतर कामों में इस प्रकार वर्गीकृत किया जा सकता है:

(क) खेती से जुड़े काम:

  1. खेतों में काम करते किसान (जैसे जुताई, बुवाई, निराई, कटाई)।
  2. फल व सब्जियाँ तोड़ते लोग (जो कृषि उपज का हिस्सा हैं)।

(ख) जो काम खेती से जुड़े हुए नहीं हैं:

  1. रेहड़ी चलाना (यह एक व्यावसायिक गतिविधि है)।
  2. दीवार बनाना (यह निर्माण कार्य है)।
  3. मछली पकड़ना (यह प्राथमिक क्षेत्र की गतिविधि है, लेकिन सीधे तौर पर खेती नहीं है)।

प्रश्न 3

आपने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई तरह के काम करते हुए देखा है। उनमें से कुछ का चित्र बनाकर उनके बारे में लिखिए। (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-77)
Solution:

यह प्रश्न छात्रों के लिए है कि वे अपने अवलोकन के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में देखे गए विभिन्न कामों के चित्र बनाएं और उनके बारे में लिखें। उदाहरण के लिए, छात्र किसी किसान का चित्र बना सकते हैं जो खेत में हल चला रहा है, या किसी बढ़ई का चित्र जो लकड़ी का काम कर रहा है, या किसी दर्जी का चित्र जो कपड़े सिल रहा है। प्रत्येक चित्र के साथ, छात्र उस काम के बारे में कुछ वाक्य लिख सकते हैं, जैसे कि वह काम क्या है, उसे करने के लिए किन औजारों की आवश्यकता होती है, और उससे व्यक्ति की आजीविका कैसे चलती है।

प्रश्न 4

क्या तुलसी को साल भर कमाई के मौके मिलते हैं? ऊपर दिए गए चित्र के आधार पर बताइए। (एन॰सी॰ई०आर०टी० पाठ्यपुस्तक, पेज-79)
Solution:

ऊपर दिए गए चित्र और पाठ के आधार पर, ऐसा प्रतीत होता है कि तुलसी को साल भर कमाई के मौके नहीं मिलते हैं। उसे वर्ष के कुछ निश्चित महीनों में ही काम मिलता है, जैसे धान की रोपाई, निराई और कटाई के समय। साल के बाकी समय में, जब ये कृषि कार्य नहीं होते हैं, तो उसे काम नहीं मिल पाता है, जिससे उसकी आय अनियमित हो जाती है।

प्रश्न 5

तुलसी के काम का विवरण दीजिए। यह रमन के काम से कैसे अलग है? (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-80 )
Solution:

तुलसी का काम: तुलसी मुख्य रूप से धान की खेती से जुड़े कामों में लगी हुई है। वह धान की रोपाई, निराई (खरपतवार निकालना) और कटाई जैसे कार्यों में सहायता करती है। इसके अतिरिक्त, वह जंगल से लकड़ी लाना और पानी लाना जैसे घरेलू काम भी करती है। तुलसी को नियमित रूप से पूरे साल काम नहीं मिलता है; उसे केवल फसल के मौसम के दौरान ही रोजगार मिलता है।

रमन का काम: रमन एक मजदूर है जो खेतों में कीटनाशक या दवाई छिड़कने का काम करता है। जब खेतों में काम उपलब्ध नहीं होता है, तो वह आय के लिए अन्य शारीरिक श्रम वाले काम करता है, जैसे कि पास की खान से पत्थर ढोना या नदी से बालू ढोना। रमन का काम भी अनियमित हो सकता है, लेकिन वह विभिन्न प्रकार के शारीरिक श्रम वाले कामों से अपनी आजीविका चलाने की कोशिश करता है।

अंतर: तुलसी का काम सीधे तौर पर धान की फसल के चक्र से जुड़ा है और वह मुख्य रूप से कृषि श्रमिक है। वहीं, रमन खेतों में छिड़काव जैसे विशिष्ट कार्य करता है और काम न होने पर अन्य शारीरिक श्रम वाले काम करता है, जो उसे थोड़ा अधिक विविध अवसर प्रदान कर सकते हैं, हालांकि दोनों ही अनियमित आय का सामना करते हैं।

प्रश्न 6

तुलसी को अपने काम के लिए बहुत कम पैसा मिलता है। आपकी समझ में खेतों में काम करने वाले मजदूरों को कम पैसे पर काम क्यों करना पड़ता है? (एन॰सी॰ई॰आर॰टी॰ पाठ्यपुस्तक, पेज-80)
Solution:

खेतों में काम करने वाले मजदूरों को अक्सर कम पैसे पर काम करना पड़ता है, इसके कई कारण हैं:

  1. काम की कमी और अधिक मजदूर: ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर काम के अवसर सीमित होते हैं, जबकि काम करने के इच्छुक मजदूरों की संख्या अधिक होती है। जब किसी काम के लिए कई लोग उपलब्ध होते हैं, तो नियोक्ता (मालिक) कम मजदूरी की पेशकश कर सकते हैं और उन्हें स्वीकार करने वाला मिल जाता है।
  2. मौसमी रोजगार: तुलसी की तरह, कई खेतिहर मजदूरों को साल भर नियमित काम नहीं मिलता है। उन्हें केवल फसल के मौसम के दौरान ही रोजगार मिलता है। जब उनके पास काम नहीं होता है, तो उन्हें आय की सख्त जरूरत होती है, इसलिए वे कम मजदूरी पर भी काम करने को तैयार हो जाते हैं ताकि कुछ कमा सकें।
  3. बातचीत की शक्ति की कमी: खेतिहर मजदूरों के पास अक्सर अपनी मजदूरी पर बातचीत करने की शक्ति कम होती है। वे अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए काम पर निर्भर होते हैं, इसलिए वे नियोक्ता की शर्तों को स्वीकार करने के लिए मजबूर महसूस कर सकते हैं।
  4. कौशल की कमी: कुछ खेतिहर मजदूरों के पास ऐसे विशेष कौशल नहीं होते हैं जिनकी बाजार में अधिक मांग हो, जिससे उनकी कमाई की क्षमता सीमित हो जाती है।

इन कारणों से, खेतिहर मजदूरों को अक्सर अपनी मेहनत के लिए कम पारिश्रमिक मिलता है।

Common mistakes

  • खेती से जुड़े और खेती से इतर कामों को गलत वर्गीकृत करना।
  • ग्रामीण श्रमिकों के सामने आने वाली आय की अस्थिरता को कम आंकना।
  • विभिन्न ग्रामीण व्यवसायों की जटिलताओं को पूरी तरह से न समझना।

Revision tips

  • प्रत्येक व्यवसाय से जुड़ी मुख्य गतिविधियों और चुनौतियों को सूचीबद्ध करें।
  • तुलसी और रमन जैसे उदाहरणों का उपयोग करके विभिन्न आजीविकाओं की तुलना करें।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में आय की असमानता के कारणों पर विचार करें।
  • अध्याय में उल्लिखित विभिन्न प्रकार के ग्रामीण कार्यों के चित्र बनाने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सा काम खेती से जुड़ा हुआ है?

Q2. तुलसी को साल भर कमाई के मौके क्यों नहीं मिलते हैं?

Q3. रमन, जो खेतों में दवाई छिड़कने का काम करता है, जब उसे खेतों पर काम नहीं मिलता तो वह क्या करता है?

Q4. खेती में काम करने वाले मजदूरों को कम पैसे पर काम क्यों करना पड़ता है?

Frequently asked questions

कक्षा 6 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 8 का मुख्य विषय क्या है?

कक्षा 6 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 8, 'ग्रामीण क्षेत्र में आजीविका' का मुख्य विषय ग्रामीण भारत में लोगों द्वारा अपनाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के व्यवसायों और आजीविका के तरीकों की पड़ताल करना है।

यह समाधान छात्रों को ग्रामीण आजीविका को समझने में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान विभिन्न ग्रामीण व्यवसायों, जैसे खेती, मछली पकड़ने और छोटे व्यवसायों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं। वे खेतिहर मजदूरों के सामने आने वाली चुनौतियों, जैसे मौसमी रोजगार और कम मजदूरी पर भी प्रकाश डालते हैं, जिससे छात्रों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की गहरी समझ मिलती है।

क्या इन समाधानों में खेती से जुड़े और खेती से इतर कामों का उल्लेख है?

हाँ, इन समाधानों में स्पष्ट रूप से खेती से जुड़े काम (जैसे खेतों में काम करना, फल तोड़ना) और खेती से इतर काम (जैसे रेहड़ी चलाना, दीवार बनाना, मछली पकड़ना) के बीच अंतर बताया गया है।

तुलसी और रमन के उदाहरणों से क्या सीखने को मिलता है?

तुलसी और रमन के उदाहरण ग्रामीण श्रमिकों के सामने आने वाली अनिश्चितताओं और चुनौतियों को दर्शाते हैं। तुलसी का मौसमी रोजगार और रमन का विभिन्न प्रकार के शारीरिक श्रम वाले काम करना, ग्रामीण आजीविका की अस्थिर प्रकृति को उजागर करता है।

ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे उपयोगी हैं?

ये समाधान प्रमुख अवधारणाओं की स्पष्ट व्याख्या, चरण-दर-चरण समाधान और महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डालकर परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं। वे छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों को समझने में भी सहायता करते हैं।

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