CBSE Class 6 सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन: विविधता एवं भेदभाव NCERT Solutions

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This chapter, "Diversity and Discrimination" (विविधता एवं भेदभाव) for CBSE Class 6 सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन, delves into the crucial concepts of diversity and how it can sometimes lead to discrimination. The NCERT Solutions provide clear explanations and address common stereotypes associated with people living in rural and urban areas. Students will learn to identify and question preconceived notions and biases. The solutions guide learners to critically analyze statements about different groups of people, encouraging them to differentiate between factual observations and prejudiced beliefs. This resource is designed to help students understand the social dynamics of diversity and discrimination, fostering a more inclusive perspective and preparing them for effective engagement with social issues in their exams and daily lives.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectसामाजिक एवं राजनीतिक जीवन
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter2. विविधता एवं भेदभाव

Chapter summary

Chapter 2, "Diversity and Discrimination" (विविधता एवं भेदभाव), for Class 6 सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन, focuses on understanding the difference between diversity and discrimination. The NCERT Solutions help students identify and challenge stereotypes about rural and urban populations. It encourages critical thinking about preconceived notions and biases, guiding students to analyze statements and distinguish facts from prejudices. The chapter aims to build awareness about how discrimination arises from stereotypes and to promote respectful understanding of diverse groups.

Learning outcomes

  • Understand the difference between diversity and discrimination.
  • Identify and analyze stereotypes about different groups of people.
  • Critically evaluate statements regarding rural and urban populations.
  • Recognize and question personal biases and prejudices.
  • Understand how stereotypes can lead to discrimination.

Topics covered

Paper topics

  • विविधता
  • भेदभाव
  • रूढ़िवादिता (Stereotypes)
  • पूर्वाग्रह (Prejudice)
  • ग्रामीण जीवन
  • शहरी जीवन
  • सामाजिक समानता
  • सामाजिक न्याय

Important topics

  • विविधता और भेदभाव के बीच अंतर
  • रूढ़िवादिता की पहचान और विश्लेषण
  • ग्रामीण और शहरी जीवन के बारे में पूर्वाग्रहों का मूल्यांकन
  • पूर्वाग्रहों के सामाजिक प्रभाव
  • समानता और न्याय की अवधारणाएं

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के बारे में नीचे कुछ कथन दिए गए हैं। जिन कथनों से आप सहमत हैं, उन पर निशान लगाइए:

ग्रामीण लोग

(a) आधे से ज्यादा भारतीय गाँवों में रहते हैं।

(b) ग्रामीण लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क नहीं होते। वे बहुत अंधविश्वासी होते हैं।

(c) गाँव के लोग बहुत पिछड़े हुए और आलसी होते हैं। वे काम करना पसंद नहीं करते।

(d) फसल की बुवाई और कटाई के समय परिवार के लोग खेतों में 12 से 14 घंटों तक काम करते हैं।

(e) गाँव वाले गंदे होते हैं। वे साफ नहीं रहते।

शहरी लोग

(a) शहरी जीवन बड़ा आसान होता है। यहाँ के लोग बिगड़े हुए और आलसी होते हैं।

(b) शहरों में लोग अपने परिवार के सदस्यों के साथ बहुत कम समय बिताते हैं।

(c) शहरी लोग केवल पैसे की चिंता करते हैं, लोगों की नहीं।

(d) शहरी लोगों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, वे चालाक और भ्रष्ट होते हैं।

(e) शहरों में रहना बहुत महँगा पड़ता है। लोगों की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा किराए और आने-जाने में खर्च हो जाता है।

Solution:

नीचे दिए गए कथनों में से वे कथन जिन पर हम सहमत हैं (सही माने जाते हैं) और जिन पर हम सहमत नहीं हैं (पूर्वाग्रह माने जाते हैं) इस प्रकार हैं:

ग्रामीण लोग

  • (a) आधे से ज्यादा भारतीय गाँवों में रहते हैं। (सहमत - यह एक तथ्य है)
  • (b) ग्रामीण लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क नहीं होते। वे बहुत अंधविश्वासी होते हैं। (असहमत - यह एक पूर्वाग्रह है)
  • (c) गाँव के लोग बहुत पिछड़े हुए और आलसी होते हैं। वे काम करना पसंद नहीं करते। (असहमत - यह एक पूर्वाग्रह है)
  • (d) फसल की बुवाई और कटाई के समय परिवार के लोग खेतों में 12 से 14 घंटों तक काम करते हैं। (सहमत - यह एक तथ्य है)
  • (e) गाँव वाले गंदे होते हैं। वे साफ नहीं रहते। (असहमत - यह एक पूर्वाग्रह है)

शहरी लोग

  • (a) शहरी जीवन बड़ा आसान होता है। यहाँ के लोग बिगड़े हुए और आलसी होते हैं। (असहमत - यह एक पूर्वाग्रह है)
  • (b) शहरों में लोग अपने परिवार के सदस्यों के साथ बहुत कम समय बिताते हैं। (सहमत - यह एक तथ्य हो सकता है, जीवनशैली के कारण)
  • (c) शहरी लोग केवल पैसे की चिंता करते हैं, लोगों की नहीं। (असहमत - यह एक पूर्वाग्रह है)
  • (d) शहरी लोगों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, वे चालाक और भ्रष्ट होते हैं। (असहमत - यह एक पूर्वाग्रह है)
  • (e) शहरों में रहना बहुत महँगा पड़ता है। लोगों की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा किराए और आने-जाने में खर्च हो जाता है। (सहमत - यह एक तथ्य है)

स्पष्टीकरण:

कथन (a), (d) ग्रामीण लोगों के लिए और कथन (b), (e) शहरी लोगों के लिए तथ्यों पर आधारित हैं। अन्य कथन सामान्यीकृत रूढ़ियाँ (stereotypes) और पूर्वाग्रह (prejudices) हैं जो लोगों के बारे में बिना सोचे-समझे बनाई गई धारणाओं पर आधारित हैं।

प्रश्न 2

उन कथनों को फिर से देखिए जो आपको ग्रामीण एवं शहरी लोगों के बारे में सही लगे। क्या आपके दिमाग में ग्रामीण या शहरी लोगों को लेकर किसी भी प्रकार के पूर्वाग्रह हैं? क्या दूसरे लोगों के दिमाग में भी ये पूर्वाग्रह हैं? लोगों के दिमाग में ये पूर्वाग्रह क्यों होते हैं? जिन पूर्वाग्रहों को आपने अपने आस-पास महसूस किया है उनकी एक सूची बनाइए। ये पूर्वाग्रह लोगों के व्यवहार को कैसे प्रभावित करते हैं?
Solution:

प्रश्न 1 में हमने ग्रामीण और शहरी लोगों के बारे में कुछ कथन देखे। जो कथन सही लगे, वे इस प्रकार हैं:

ग्रामीण लोगों के बारे में सही कथन:

  • आधे से ज्यादा भारतीय गाँवों में रहते हैं।
  • फसल की बुवाई और कटाई के समय परिवार के लोग खेतों में 12 से 14 घंटों तक काम करते हैं।

शहरी लोगों के बारे में सही कथन:

  • शहरों में लोग अपने परिवार के सदस्यों के साथ बहुत कम समय बिताते हैं।
  • शहरों में रहना बहुत महँगा पड़ता है। लोगों की कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा किराए और आने-जाने में खर्च हो जाता है।

मेरे दिमाग में पूर्वाग्रह:

हाँ, कभी-कभी अनजाने में ही सही, मेरे मन में भी ग्रामीण या शहरी लोगों के बारे में कुछ पूर्वाग्रह आ सकते हैं। उदाहरण के लिए, यह सोचना कि शहरी लोग अधिक आधुनिक और समझदार होते हैं, या ग्रामीण लोग कम पढ़े-लिखे और पिछड़े होते हैं। ये पूर्वाग्रह अक्सर समाज में फैली हुई बातों या मीडिया के प्रभाव से बनते हैं।

दूसरे लोगों के दिमाग में पूर्वाग्रह:

हाँ, यह बहुत संभव है कि दूसरे लोगों के दिमाग में भी ऐसे पूर्वाग्रह हों। समाज में विभिन्न समूहों के बारे में बनी-बनाई धारणाएँ (stereotypes) बहुत आम हैं।

लोगों के दिमाग में पूर्वाग्रह क्यों होते हैं:

लोगों के दिमाग में पूर्वाग्रह कई कारणों से होते हैं:

  • सीमित अनुभव: जब हम किसी समूह के बारे में बहुत कम जानते हैं या हमारा अनुभव सीमित होता है, तो हम बनी-बनाई धारणाओं पर विश्वास कर लेते हैं।
  • सामाजिक सीख: हम अपने परिवार, दोस्तों और समाज से सीखते हैं कि विभिन्न समूहों के बारे में क्या सोचना है।
  • मीडिया का प्रभाव: फिल्में, टीवी शो और विज्ञापन अक्सर किसी समूह के बारे में रूढ़िवादी चित्र प्रस्तुत करते हैं।
  • सुरक्षा की भावना: कभी-कभी लोग अपने समूह को श्रेष्ठ दिखाने या दूसरों को 'अलग' या 'खतरनाक' मानने के लिए पूर्वाग्रह पालते हैं।

आस-पास महसूस किए गए पूर्वाग्रहों की सूची और उनका प्रभाव:

  • पूर्वाग्रह: 'लड़कियाँ चुपचाप रहती हैं और लड़कों की तरह शरारती नहीं होतीं।'
  • प्रभाव: इससे लड़कियों को अपनी बात कहने या खेलने-कूदने से रोका जा सकता है, और उनकी ऊर्जा को दबाया जा सकता है।
  • पूर्वाग्रह: 'जो लोग अलग भाषा बोलते हैं, वे हमारी संस्कृति को नहीं समझते।'
  • प्रभाव: इससे उन लोगों से बातचीत करने या उन्हें समझने में कठिनाई हो सकती है, जिससे अलगाव पैदा होता है।
  • पूर्वाग्रह: 'गरीब लोग आलसी होते हैं और मेहनत नहीं करना चाहते।'
  • प्रभाव: इससे जरूरतमंद लोगों की मदद करने से इनकार किया जा सकता है या उन्हें अवसरों से वंचित किया जा सकता है।

ये पूर्वाग्रह लोगों के व्यवहार को प्रभावित करते हैं क्योंकि वे हमें दूसरों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करने से रोकते हैं। हम किसी व्यक्ति को उसकी व्यक्तिगत खूबियों के आधार पर नहीं, बल्कि उस समूह की बनी-बनाई धारणा के आधार पर आंकते हैं, जिससे वह संबंधित है।

प्रश्न 3

नीचे दिए गए कथनों की सूची में से तालिका को भरिए। अपने उत्तर के कारणों पर चर्चा कीजिए।

वे बहुत ही सुशील हैं। लड़का लडक

उनका बात करने का तरीका बड़ा सौम्य और मधुर है। वे शारीरिक रूप से बलिष्ठ हैं। 2 2

वे शरारती हैं। वे नृत्य करने और चित्रकारी में निपुण हैं। वे रोते नहीं। 5 5

वे ऊधमी हैं। वे खेल में निपुण हैं। वे खाना पकाने में निपुण हैं। वे भावुक हैं।

Solution:

इस प्रश्न में, हमें दिए गए कथनों को 'लड़का' और 'लड़की' के लिए उपयुक्त तालिका में भरना है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये कथन अक्सर रूढ़िवादी धारणाओं (stereotypes) पर आधारित होते हैं, न कि तथ्यों पर।

कथन लड़का (रूढ़िवादी धारणा) लड़की (रूढ़िवादी धारणा)
वे बहुत ही सुशील हैं। 🗸
उनका बात करने का तरीका बड़ा सौम्य और मधुर है। 🗸
वे शारीरिक रूप से बलिष्ठ हैं। 🗸
वे शरारती हैं। 🗸
वे नृत्य करने और चित्रकारी में निपुण हैं। 🗸
वे रोते नहीं। 🗸
वे ऊधमी हैं। 🗸
वे खेल में निपुण हैं। 🗸
वे खाना पकाने में निपुण हैं। 🗸
वे भावुक हैं। 🗸

कारणों पर चर्चा:

यह तालिका रूढ़िवादी धारणाओं को दर्शाती है जो समाज में लड़के और लड़कियों के बारे में प्रचलित हैं। उदाहरण के लिए:

  • यह माना जाता है कि लड़के शारीरिक रूप से बलिष्ठ, शरारती और ऊधमी होते हैं, और वे रोते नहीं हैं। यह धारणा लड़कों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने से रोक सकती है।
  • यह माना जाता है कि लड़कियाँ सुशील, सौम्य, नृत्य और चित्रकारी में निपुण, खाना पकाने में निपुण और भावुक होती हैं। यह धारणा लड़कियों की अन्य क्षमताओं और रुचियों को अनदेखा कर सकती है।

यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये केवल रूढ़िवादी धारणाएँ हैं। वास्तविकता में, लड़के और लड़कियाँ दोनों ही विभिन्न प्रकार के गुणों और कौशलों वाले हो सकते हैं। कोई भी व्यक्ति सुशील या भावुक हो सकता है, और कोई भी व्यक्ति बलिष्ठ या शरारती हो सकता है। इसी तरह, लड़के और लड़कियाँ दोनों ही खेल, कला, खाना पकाने या किसी भी अन्य क्षेत्र में निपुण हो सकते हैं। इन रूढ़ियों को चुनौती देना महत्वपूर्ण है ताकि सभी को अपनी पूरी क्षमता तक विकसित होने का अवसर मिले।

Common mistakes

  • Confusing stereotypes with facts.
  • Accepting generalizations about groups without critical evaluation.
  • Failing to recognize personal biases.
  • Not understanding the link between stereotypes and discrimination.

Revision tips

  • Carefully read and understand the definitions of diversity and discrimination.
  • Analyze each statement in the exercises to identify whether it's a fact or a stereotype.
  • Reflect on your own beliefs and identify any potential biases.
  • Discuss the concepts with classmates to gain different perspectives.
  • Practice identifying stereotypes in everyday conversations and media.

Practice MCQs

Q1. नीचे दिए गए कथनों में से कौन सा कथन ग्रामीण लोगों के बारे में एक पूर्वाग्रह नहीं है?

Q2. शहरी जीवन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन एक पूर्वाग्रह नहीं है?

Q3. निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'लड़कों' के बारे में एक रूढ़िवादी धारणा (stereotype) है?

Q4. निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'लड़कियों' के बारे में एक रूढ़िवादी धारणा (stereotype) है?

Q5. पूर्वाग्रह (prejudice) का क्या अर्थ है?

Frequently asked questions

कक्षा 6 के सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन के अध्याय 2 का मुख्य विषय क्या है?

अध्याय 2, 'विविधता एवं भेदभाव', का मुख्य विषय यह समझाना है कि विविधता क्या है और कैसे यह कभी-कभी भेदभाव का कारण बन सकती है, साथ ही रूढ़ियों और पूर्वाग्रहों की पहचान करना सिखाता है।

क्या ये NCERT समाधान कक्षा 6 के छात्रों के लिए उपयोगी हैं?

हाँ, ये समाधान कक्षा 6 के सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन के छात्रों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए हैं ताकि वे अध्याय की अवधारणाओं को आसानी से समझ सकें और परीक्षा की तैयारी कर सकें।

ग्रामीण और शहरी लोगों के बारे में कथनों का विश्लेषण कैसे करें?

कथनों का विश्लेषण करते समय, यह पहचानें कि क्या वे तथ्यात्मक अवलोकन हैं या सामान्यीकृत रूढ़ियाँ। समाधान यह समझने में मदद करते हैं कि कौन से कथन पूर्वाग्रह हैं और कौन से नहीं।

रूढ़िवादिता (stereotype) और पूर्वाग्रह (prejudice) में क्या अंतर है?

रूढ़िवादिता किसी समूह के बारे में एक अति-सरलीकृत और अक्सर गलत धारणा होती है, जबकि पूर्वाग्रह उस समूह के प्रति नकारात्मक पूर्व-निर्मित राय या भावना होती है।

ये समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने, महत्वपूर्ण बिंदुओं को याद रखने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों का अभ्यास करने में मदद मिलती है।

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