कक्षा 6 विज्ञान: शरीर में गति NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 6 के विज्ञान के अध्याय 8, 'शरीर में गति' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें कंकाल प्रणाली, विभिन्न प्रकार की संधियाँ जैसे कंदुक-खल्लिका संधि और हिंज संधि, मांसपेशियों की भूमिका, और विभिन्न जीवों जैसे पक्षियों, मछलियों और कीड़ों में गति की व्याख्या की गई है। समाधानों में रिक्त स्थानों की पूर्ति, सत्य/असत्य कथन, कॉलम मिलान और लघु उत्तरीय प्रश्न शामिल हैं, जो छात्रों को मानव शरीर की संरचना और गति के तंत्र को समझने में मदद करते हैं। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 8. शरीर में गति |
Chapter summary
कक्षा 6 विज्ञान के अध्याय 8 'शरीर में गति' के लिए NCERT समाधान छात्रों को मानव शरीर की गति के पीछे के विज्ञान को समझने में मदद करते हैं। इसमें कंकाल, उपास्थि, संधियाँ (जैसे कंदुक-खल्लिका और हिंज संधि), मांसपेशियाँ और विभिन्न जीवों में गति के तरीके जैसे विषयों को शामिल किया गया है। अभ्यास में रिक्त स्थान भरें, सत्य/असत्य, मिलान करें और प्रश्नों के उत्तर दें जैसे प्रश्न शामिल हैं, जो इन अवधारणाओं की गहन समझ सुनिश्चित करते हैं।
Learning outcomes
- मानव शरीर की गति में अस्थियों और उपास्थि की भूमिका को समझना।
- विभिन्न प्रकार की संधियों (जोड़ों) और उनके कार्यों की पहचान करना।
- मांसपेशियों के संकुचन द्वारा होने वाली गति की प्रक्रिया को समझना।
- विभिन्न जीवों (जैसे पक्षी, मछली, कीड़े) में गति के तरीकों का वर्णन करना।
- कंकाल प्रणाली के विभिन्न भागों और उनके महत्व को जानना।
Topics covered
Paper topics
- शरीर में गति
- अस्थियाँ
- उपास्थि
- कंकाल तंत्र
- संधियाँ (जोड़)
- कंदुक-खल्लिका संधि
- हिंज संधि
- अचल संधि
- मांसपेशियाँ
- तिलचट्टे में गति
- पक्षी में गति
- मछली में गति
Important topics
- कंकाल तंत्र और उसके कार्य
- विभिन्न प्रकार की संधियाँ और उनके उदाहरण
- मांसपेशियों द्वारा गति का संकुचन
- विभिन्न जंतुओं में गति के तरीके
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
(क) अस्थियों की संधियाँ शरीर को ___ में सहायता करती हैं।
(ख) अस्थियाँ एवं उपास्थि संयुक्त रूप से शरीर का ____ बनाते हैं।
(ग) कोहनी की अस्थियाँ ____ से जुड़ी होती हैं।
(घ) गति करते समय ____ के संकुचन से अस्थियाँ खिंचती हैं।
यहाँ रिक्त स्थानों की पूर्ति की गई है:
- (क) अस्थियों की संधियाँ शरीर को गति में सहायता करती हैं। ये जोड़ हमें विभिन्न दिशाओं में मुड़ने और हिलने-डुलने की क्षमता प्रदान करते हैं।
- (ख) अस्थियाँ एवं उपास्थि संयुक्त रूप से शरीर का कंकाल बनाते हैं। कंकाल हमारे शरीर को आकार, सहारा और सुरक्षा प्रदान करता है।
- (ग) कोहनी की अस्थियाँ हिंज संधि से जुड़ी होती हैं। यह संधि केवल एक ही दिशा में मुड़ने की अनुमति देती है।
- (घ) गति करते समय मांसपेशी के संकुचन से अस्थियाँ खिंचती हैं। मांसपेशियाँ सिकुड़कर और फैलकर हड्डियों को गति प्रदान करती हैं।
प्रश्न 2
(क) सभी जंतुओं की गति एवं चलन बिलकुल एक समान होता है।
(ख) उपास्थि अस्थि की अपेक्षा कठोर होती हैं।
(ग) अंगुलियों की अस्थियों में संधि नहीं होतीं।
(घ) अग्रभुजा में दो अस्थियाँ होती हैं।
(ड़) तिलचट्टों में बाह्य-कंकाल पाया जाता है।
यहाँ दिए गए कथनों के लिए सत्य (T) या असत्य (F) का निर्धारण किया गया है:
- (क) सभी जंतुओं की गति एवं चलन बिलकुल एक समान होता है। (असत्य) - विभिन्न जंतुओं की शारीरिक संरचना और पर्यावरण के अनुसार उनकी गति और चलन के तरीके अलग-अलग होते हैं।
- (ख) उपास्थि अस्थि की अपेक्षा कठोर होती हैं। (असत्य) - उपास्थि, जिसे कार्टिलेज भी कहते हैं, अस्थि की तुलना में नरम और अधिक लचीली होती है।
- (ग) अंगुलियों की अस्थियों में संधि नहीं होतीं। (असत्य) - हमारी अंगुलियों में कई छोटी-छोटी संधियाँ होती हैं जो हमें उन्हें मोड़ने और विभिन्न कार्य करने में सक्षम बनाती हैं।
- (घ) अग्रभुजा में दो अस्थियाँ होती हैं। (सत्य) - हमारी अग्रभुजा (कलाई से कोहनी तक का हिस्सा) में दो मुख्य अस्थियाँ होती हैं: ह्यूमरस (ऊपरी बांह) और रेडियस व अलना (निचली बांह)। (नोट: यहाँ अग्रभुजा को कोहनी से कलाई तक का हिस्सा माना गया है, जिसमें रेडियस और अलना होती हैं।)
- (ड़) तिलचट्टों में बाह्य-कंकाल पाया जाता है। (सत्य) - तिलचट्टे जैसे कीड़ों के शरीर के बाहर एक कठोर आवरण होता है जिसे बाह्य-कंकाल कहते हैं, जो उन्हें सुरक्षा प्रदान करता है।
प्रश्न 3
कॉलम I
उपरी जबड़ा
मछली
पसलियाँ
घोंघा
तिलचट्टा
कॉलम II
शरीर पर पंख होते हैं।
बाह्य-कंकाल होता है।
हवा में उड़ सकता है।
एक अचल संधि है।
ह्रदय की सुरक्षा करती है।
बहुत धीमी गति से चलता है।
का शरीर धारा रेखीय होता है।
कॉलम I के शब्दों का कॉलम II के कथनों से सही मिलान इस प्रकार है:
- उपरी जबड़ा - एक अचल संधि है। (यह कपाल से जुड़ा होता है और हिल नहीं सकता।)
- मछली - का शरीर धारा रेखीय होता है। (यह उसे पानी में आसानी से तैरने में मदद करता है।)
- पसलियाँ - ह्रदय की सुरक्षा करती है। (पसलियों का पिंजरा फेफड़ों और हृदय जैसे महत्वपूर्ण अंगों को चोट से बचाता है।)
- घोंघा - बहुत धीमी गति से चलता है। (घोंघे अपने पेशीय पैर की मदद से धीरे-धीरे रेंगते हैं।)
- तिलचट्टा - बाह्य-कंकाल होता है, हवा में उड़ सकता है। (तिलचट्टे के शरीर पर बाह्य-कंकाल होता है और वे उड़ भी सकते हैं।)
प्रश्न 4
(क) कंदुक-खल्लिका संधि क्या है?
(ख) कपाल की कौन-सी अस्थि गति करती है?
(ग) हमारी कोहनी पीछे की ओर क्यों नहीं मुड़ सकती?
यहाँ प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं:
- (क) कंदुक-खल्लिका संधि एक ऐसी संधि होती है जो जुड़े हुए अंग को सभी दिशाओं में घुमाने की अनुमति देती है। इसमें एक हड्डी का गोल सिरा (कंदुक) दूसरी हड्डी के प्याले जैसे गड्ढे (खल्लिका) में फिट होता है। उदाहरण के लिए, हमारे कंधे और कूल्हे के जोड़ कंदुक-खल्लिका संधि के उदाहरण हैं।
- (ख) हमारे कपाल में केवल निचला जबड़ा ही गति कर सकता है। ऊपरी जबड़ा कपाल की अन्य अस्थियों से जुड़ा होता है और स्थिर रहता है, जबकि निचला जबड़ा हमें चबाने और बोलने जैसी क्रियाएं करने की सुविधा देता है।
- (ग) हमारी कोहनी पीछे की ओर इसलिए नहीं मुड़ सकती क्योंकि इसमें हिंज संधि (Hinge Joint) होती है। यह संधि केवल एक ही दिशा में गति की अनुमति देती है, ठीक वैसे ही जैसे दरवाजे का कब्जा काम करता है। यह संधि हमें बांह को आगे की ओर मोड़ने में मदद करती है, लेकिन पीछे की ओर मोड़ने से रोकती है।
Common mistakes
- उपास्थि और अस्थि के बीच अंतर को समझने में भ्रमित होना।
- विभिन्न प्रकार की संधियों के कार्यों को गलत समझना।
- मांसपेशियों के संकुचन और शिथिलन की प्रक्रिया को गलत समझना।
- जंतुओं की गति के तरीकों को सामान्यीकृत करना।
Revision tips
- मानव कंकाल के मुख्य भागों और संधियों को दर्शाने वाला एक चार्ट बनाएं।
- विभिन्न जंतुओं की गति के तरीकों पर ध्यान केंद्रित करें और उनकी तुलना करें।
- मांसपेशियों के संकुचन से होने वाली गति के चरणों को याद करें।
- अभ्यास के प्रश्नों को हल करते समय प्रत्येक उत्तर के पीछे के तर्क को समझें।
Practice MCQs
Q1. अस्थियों की संधियाँ शरीर को किसमें सहायता करती हैं?
Explanation: अस्थियों की संधियाँ शरीर को विभिन्न प्रकार की गतियाँ करने में सहायता करती हैं, जिससे हम चल-फिर पाते हैं।
Q2. अस्थियाँ एवं उपास्थि मिलकर शरीर का क्या बनाते हैं?
Explanation: अस्थियाँ और उपास्थि मिलकर शरीर को ढाँचा प्रदान करते हैं, जिसे कंकाल तंत्र कहा जाता है।
Q3. कोहनी में किस प्रकार की संधि पाई जाती है?
Explanation: कोहनी में हिंज संधि होती है, जो केवल एक ही दिशा में मुड़ने की अनुमति देती है, जैसे दरवाजे का कब्जा।
Q4. कपाल की कौन सी अस्थि गति कर सकती है?
Explanation: हमारे कपाल में केवल निचला जबड़ा ही गति कर सकता है, जिससे हम चबाने और बोलने जैसी क्रियाएं कर पाते हैं।
Q5. मछली का शरीर किस प्रकार का होता है जो उसे पानी में तैरने में मदद करता है?
Explanation: मछली का धारा रेखीय शरीर उसे पानी में आसानी से आगे बढ़ने में मदद करता है, जिससे पानी का प्रतिरोध कम होता है।
Frequently asked questions
कक्षा 6 विज्ञान के अध्याय 8 'शरीर में गति' में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में मानव शरीर की गति के लिए जिम्मेदार कंकाल, उपास्थि, विभिन्न प्रकार की संधियाँ (जैसे कंदुक-खल्लिका और हिंज संधि), और मांसपेशियों की भूमिका पर चर्चा की गई है। साथ ही, विभिन्न जंतुओं जैसे पक्षियों, मछलियों और कीड़ों में गति के तरीकों का भी वर्णन है।
NCERT समाधान छात्रों की मदद कैसे करते हैं?
ये समाधान छात्रों को प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को विस्तार से समझने में मदद करते हैं। इनमें स्पष्टीकरण, उदाहरण और चरण-दर-चरण प्रक्रियाएं शामिल हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
कंदुक-खल्लिका संधि का एक उदाहरण क्या है?
कंदुक-खल्लिका संधि का एक प्रमुख उदाहरण हमारे कंधे का जोड़ है, जो हाथ को सभी दिशाओं में घुमाने की अनुमति देता है।
हमारी कोहनी केवल एक ही दिशा में क्यों मुड़ती है?
हमारी कोहनी में हिंज संधि होती है, जो केवल एक ही दिशा में गति की अनुमति देती है, ठीक वैसे ही जैसे दरवाजे का कब्जा काम करता है। इसलिए, यह पीछे की ओर नहीं मुड़ सकती।
क्या उपास्थि अस्थि से अधिक कठोर होती है?
नहीं, उपास्थि अस्थि की तुलना में कम कठोर और अधिक लचीली होती है। यह जोड़ों में घर्षण को कम करने और लचीलापन प्रदान करने का काम करती है।
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