कक्षा 6 हिंदी NCERT समाधान - पाठ 15 नौकर
यह पृष्ठ कक्षा 6 हिंदी की पुस्तक के पाठ 15 'नौकर' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें महात्मा गांधी के जीवन के उन पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है जहाँ वे स्वयं सेवा और स्वावलंबन के महत्व को दर्शाते हुए सामान्यतः नौकरों द्वारा किए जाने वाले कार्यों को स्वयं करते थे। समाधानों में कॉलेज के छात्रों द्वारा गेहूँ बीनने जैसे कार्यों से लेकर, आश्रम में बर्तन धोना, आटा पीसना और यहाँ तक कि मित्र के बच्चे का दूध छुड़ाने जैसे प्रसंगों का वर्णन है। यह पाठ गांधीजी के सेवा भाव, समानता के सिद्धांत और किसी भी कार्य को छोटा न समझने के दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 15. नौकर |
Chapter summary
कक्षा 6 हिंदी के पाठ 15 'नौकर' के ये NCERT समाधान महात्मा गांधी के सेवा और स्वावलंबन के सिद्धांतों पर केंद्रित हैं। समाधान बताते हैं कि कैसे गांधीजी स्वयं ऐसे कार्य करते थे जो सामान्यतः नौकर करते थे, जैसे कि गेहूँ बीनना, बर्तन धोना और आटा पीसना। यह पाठ इस विचार को बढ़ावा देता है कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता और सभी के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। समाधान छात्रों को गांधीजी के जीवन के इन महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने में मदद करते हैं।
Learning outcomes
- गांधीजी द्वारा आश्रम में किए जाने वाले विभिन्न कार्यों को समझना।
- किसी भी कार्य को छोटा या बड़ा न समझने के गांधीजी के दृष्टिकोण का विश्लेषण करना।
- स्वावलंबन और सेवा भाव के महत्व को पहचानना।
- गांधीजी के जीवन से प्रेरणा लेकर स्वयं कार्य करने की प्रवृत्ति विकसित करना।
- पाठ में वर्णित विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से गांधीजी के चरित्र को समझना।
Topics covered
Paper topics
- गांधीजी का सेवा भाव
- स्वावलंबन का महत्व
- कार्य की महत्ता
- समानता का सिद्धांत
- आश्रम जीवन
- छात्रों के साथ गांधीजी
- बच्चों की देखभाल
- नेतृत्व के गुण
- प्रेरणादायक उदाहरण
- सादा जीवन
Important topics
- गांधीजी का सेवा भाव और स्वावलंबन
- किसी भी कार्य को छोटा न समझना
- दूसरों के लिए आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करना
- समानता और भाईचारे का व्यवहार
- आश्रम में गांधीजी द्वारा किए गए कार्य
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
- एक बार आश्रम में आटा कम पड़ गया था। यह सुनकर गांधीजी तुरंत आटा पीसने के लिए खड़े हो गए और स्वयं आटा पीसा।
- आश्रम में रसोई के बर्तन बारी-बारी से लोग धोते थे। एक दिन गांधीजी ने स्वयं बड़े-बड़े पतीलों को साफ़ करने का जिम्मा उठाया।
- जब गांधीजी के कुछ साथी तालाब भराई का काम खत्म करके लौटे, तो उन्होंने देखा कि गांधीजी ने उनके लिए नाश्ता तैयार करके रखा हुआ था। यह कार्य भी अक्सर घर के नौकर करते हैं।
प्रश्न 3
प्रश्न 4
प्रश्न 5
प्रश्न 6
- यह शारीरिक व्यायाम का सबसे उत्तम रूप है।
- इससे शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
- इसे कोई भी व्यक्ति आसानी से कर सकता है।
- नियमित अभ्यास से शारीरिक फुर्ती बनी रहती है और व्यक्ति तरोताज़ा महसूस करता है।
प्रश्न 7
प्रश्न 8
Common mistakes
- कार्य की महत्ता को आंकने में गलती करना।
- नौकरों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार न करना।
- स्वावलंबन के महत्व को कम समझना।
Revision tips
- गांधीजी द्वारा स्वयं किए गए कार्यों की सूची बनाएँ।
- पाठ के मुख्य संदेश 'कोई भी काम छोटा नहीं होता' पर विचार करें।
- गांधीजी के सेवा भाव से संबंधित प्रसंगों को याद करें।
- स्वावलंबन के महत्व पर चर्चा करें।
Practice MCQs
Q1. गांधीजी ने कॉलेज के छात्रों से कौन सा कार्य करवाया?
Explanation: गांधीजी ने कॉलेज के छात्रों को गेहूँ बीनने का काम करवाया ताकि वे समझ सकें कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता।
Q2. पाठ के अनुसार, गांधीजी आश्रम में कौन से कार्य स्वयं करते थे जो आमतौर पर नौकर करते हैं?
Explanation: पाठ में उल्लेख है कि गांधीजी आटा पीसने और बड़े पतीलों को साफ़ करने जैसे कार्य स्वयं करते थे।
Q3. लंदन में गांधीजी ने भारतीय छात्रों की किस प्रकार सहायता की?
Explanation: गांधीजी ने लंदन में भारतीय छात्रों द्वारा आयोजित भोज में तश्तरियाँ धोने और सब्जी साफ़ करने जैसे छुट-पुट काम करके मदद की।
Q4. श्रीमती पोलक के बच्चे का दूध छुड़ाने में गांधीजी ने क्या भूमिका निभाई?
Explanation: गांधीजी ने बच्चे को एक पखवाड़े तक माँ से अलग सुलाया और उसकी देखभाल की, जिससे बच्चे ने माँ का दूध छोड़ दिया।
Q5. गांधीजी अपना कार्य स्वयं क्यों करते थे?
Explanation: गांधीजी स्वावलंबी होने के कारण, दूसरों के सामने आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करने और अन्य को भी स्वावलंबी बनाने के लिए अपना कार्य स्वयं करते थे।
Frequently asked questions
कक्षा 6 हिंदी के पाठ 15 'नौकर' में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?
इस पाठ में महात्मा गांधी के जीवन के उन पहलुओं को दर्शाया गया है जहाँ वे स्वयं सेवा और स्वावलंबन के महत्व को दर्शाते हुए सामान्यतः नौकरों द्वारा किए जाने वाले कार्यों को स्वयं करते थे। यह सिखाता है कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता और सभी के साथ समान व्यवहार करना चाहिए।
गांधीजी ने कॉलेज के छात्रों से गेहूँ बीनने का काम क्यों करवाया?
गांधीजी ने छात्रों को गेहूँ बीनने का काम इसलिए करवाया ताकि वे यह समझ सकें कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता और उन्हें श्रम के महत्व का एहसास हो।
पाठ 'नौकर' के अनुसार, गांधीजी आश्रम में कौन से कार्य स्वयं करते थे?
पाठ के अनुसार, गांधीजी आश्रम में आटा पीसना, बड़े पतीलों को साफ़ करना, और कुछ अन्य ऐसे कार्य भी करते थे जो आमतौर पर नौकर-चाकर करते हैं।
गांधीजी अपने साथियों की ज़रूरत के मुताबिक काम करते थे, लेकिन अपना काम दूसरों से करवाना पसंद नहीं करते थे, क्यों?
गांधीजी स्वावलंबी थे और दूसरों के सामने एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करना चाहते थे। वे चाहते थे कि अन्य लोग भी स्वावलंबी बनें, इसलिए वे अपना कार्य स्वयं करते थे।
यह पाठ छात्रों को परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेगा?
यह पाठ छात्रों को गांधीजी के जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों जैसे सेवा, स्वावलंबन और समानता को समझने में मदद करता है, जो अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। समाधानों में दिए गए स्पष्टीकरण विषय की गहरी समझ विकसित करते हैं।
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