Class 6 Hindi NCERT Solutions: Chapter 14 लोकगीत

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This chapter delves into the vibrant world of Indian folk songs (लोकगीत). The NCERT Solutions for Class 6 Hindi, Chapter 14, explore various aspects of folk music, including their historical context, creative essence, widespread popularity, and the significant contribution of women to this art form. It discusses different types of folk songs, their regional languages, and the instruments used. The solutions also touch upon the cultural significance of folk songs in connecting people to their roots and rural life. Furthermore, it examines the impact of urbanization on traditional folk music and explores urban adaptations. The chapter also includes language-based exercises focusing on words derived from 'Lok' and numerical terms. These solutions are designed to help students understand the nuances of folk music and prepare effectively for their exams.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter14. लोकगीत, दो हरियाणवी लोकगीत

Chapter summary

Chapter 14, 'Lokgeet', focuses on the study of folk songs in India. The NCERT Solutions cover the definition, characteristics, and cultural importance of folk songs. It highlights the role of women in creating and preserving these songs, discusses various regional folk songs, and examines the influence of modern life and urbanization on traditional folk music. Language exercises related to the word 'Lok' and numerical terms are also included, providing a holistic understanding of the topic.

Learning outcomes

  • Understand the definition and characteristics of folk songs (लोकगीत).
  • Identify the contributions of women to folk music.
  • Recognize different types of folk songs and their regional variations.
  • Analyze the impact of urbanization on folk music.
  • Learn about the cultural significance of folk songs in connecting with roots.
  • Understand word formation related to 'Lok' and numerical terms.

Topics covered

Paper topics

  • लोकगीत (Folk Songs)
  • लोकगीतों का इतिहास
  • लोकगीतों की रचनात्मकता
  • लोकगीतों की लोकप्रियता
  • स्त्रियों का लोकगीतों में योगदान
  • लोकगीतों के प्रकार
  • लोकगीतों की भाषा
  • लोकगीतों की विशेषताएँ
  • शहरीकरण का लोकगीतों पर प्रभाव
  • 'लोक' शब्द से बने शब्द
  • संख्याओं से जुड़े शब्द
  • विद्यापति और लोकगीत

Important topics

  • लोकगीतों की परिभाषा और विशेषताएँ
  • स्त्रियों का लोकगीतों में योगदान
  • शहरीकरण का लोकगीतों पर प्रभाव
  • लोकगीतों का सांस्कृतिक महत्व
  • 'लोक' शब्द से बने महत्वपूर्ण शब्द

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

निबंध में लोकगीतों के किन पक्षों की चर्चा की गई है? बिंदुओं के रूप में उन्हें लिखो।
Solution: निबंध में लोकगीतों के निम्नलिखित पक्षों पर चर्चा की गई है:
  • लोकगीतों का इतिहास और उनकी उत्पत्ति।
  • लोकगीतों की रचनात्मकता और मौलिकता।
  • जनमानस के बीच लोकगीतों की लोकप्रियता।
  • लोकगीतों के निर्माण में स्त्रियों का महत्वपूर्ण योगदान।
  • लोकगीतों के विभिन्न प्रकार और शैलियाँ।
  • लोकगीतों में प्रयुक्त होने वाली भाषा और बोलियाँ।
  • लोकगीतों के साथ बजाए जाने वाले वाद्य यंत्र।
  • लोकगीतों का सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व।

प्रश्न 2

हमारे यहाँ स्त्रियों के खास गीत कौन-कौन से हैं?
Solution: हमारे देश में स्त्रियों द्वारा गाए जाने वाले कुछ खास गीत अवसर और विषय के अनुसार भिन्न होते हैं। इनमें प्रमुख हैं:
  • सावन के गीत: विशेष रूप से सावन के महीने में गाए जाने वाले कजरी गीत।
  • त्योहारों और उत्सवों के गीत: विभिन्न त्योहारों, विवाहों, जन्मोत्सवों और अन्य शुभ अवसरों पर गाए जाने वाले गीत।
  • छेड़छाड़ भरे गीत: प्रेमी-प्रेमिका के बीच या सहेलियों के बीच हल्के-फुल्के मजाक और छेड़छाड़ वाले गीत।
  • दैनिक जीवन के गीत: पनघट पर पानी भरते समय, नदियों के किनारे या खेतों में काम करते हुए गाए जाने वाले गीत।
ये गीत स्त्रियों के जीवन के विभिन्न पहलुओं और भावनाओं को व्यक्त करते हैं।

प्रश्न 3

निबंध के आधार पर और अपने अनुभव के आधार पर (यदि तुम्हें लोकगीत सुनने के मौके मिले हैं तो) तुम लोकगीतों की कौन- सी विशेषताएँ बता सकते हो?
Solution: निबंध में बताई गई विशेषताओं के अतिरिक्त, मेरे अनुभव के आधार पर लोकगीतों की कुछ अन्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
  • मिट्टी से जुड़ाव: लोकगीत सुनने से हमें अपनी धरती और संस्कृति से गहरा जुड़ाव महसूस होता है।
  • ग्रामीण जीवन का चित्रण: ये गीत अक्सर ग्रामीण जीवन की सादगी, खुशियों और कठिनाइयों का सजीव चित्रण करते हैं।
  • सरल वाद्य यंत्र: लोकगीतों के साथ आमतौर पर ढोलक, मंजीरा, हारमोनियम जैसे सरल और स्थानीय वाद्य यंत्रों का प्रयोग होता है।
  • उत्साह और उमंग: इन गीतों में एक ऐसी लय और ऊर्जा होती है जो सुनने वालों के मन में उत्साह और उमंग भर देती है।
  • सहजता और सुगमता: इन्हें गाने के लिए किसी विशेष प्रशिक्षण या शास्त्रीय ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती; कोई भी इन्हें आसानी से गा सकता है।
  • आम बोलचाल की भाषा: ये गीत अक्सर आम लोगों की बोलचाल की भाषा में रचे जाते हैं, जिससे वे आसानी से समझ में आ जाते हैं।
  • रचनाकारों की विविधता: लोकगीतों के रचनाकार कोई भी हो सकते हैं, चाहे वे स्त्री हों या पुरुष, गाँव के हों या शहर के।

प्रश्न 4

'पर सारे देश के.....अपने-अपने विद्यापति हैं' इस वाक्य का क्या अर्थ है? पाठ पढ़कर मालूम करो और लिखो।
Solution: यह वाक्य लोकगीतों की व्यापकता और स्थानीय प्रतिभाओं के महत्व को दर्शाता है। कवि विद्यापति एक अत्यंत प्रसिद्ध और सम्मानित कवि थे, जिन्हें 'मैथिल कोकिल' के नाम से भी जाना जाता है, और आज भी उनके गीत पूर्व भारत में सुने जाते हैं। लेखक का इस वाक्य से यह तात्पर्य है कि जैसे विद्यापति अपने समय और क्षेत्र के लिए एक महान कवि थे, उसी प्रकार हर क्षेत्र या समुदाय में ऐसे लोग होते हैं जो अपने स्थानीय लोकगीतों की रचना करते हैं और उन्हें लोकप्रिय बनाते हैं। ये स्थानीय रचनाकार भी अपने-अपने क्षेत्र के लिए विद्यापति के समान ही महत्वपूर्ण होते हैं, भले ही वे राष्ट्रीय स्तर पर उतने प्रसिद्ध न हों।

प्रश्न 5

क्या लोकगीत और नृत्य सिर्फ़ गाँवों या कबीलों में ही पाए जाते हैं? शहरों के कौन से लोकगीत हो सकते हैं? इस पर विचार कर लिखो।
Solution: यह सच है कि लोकगीत और लोक नृत्य मुख्य रूप से गाँवों और कबीलों की संस्कृति का अभिन्न अंग हैं, जहाँ जीवन अधिक पारंपरिक और प्रकृति के करीब होता है। शहरी जीवन की भागदौड़ और आधुनिक मनोरंजन के साधनों के कारण इनका प्रचलन गाँवों की अपेक्षा शहरों में कम होता है। हालाँकि, शहर पूरी तरह से लोकगीतों से रहित नहीं होते। शहरी क्षेत्रों में भी कुछ खास अवसरों पर लोकगीतों और नृत्यों का आयोजन किया जाता है, जैसे:
  • विवाह समारोह: शादियों में अक्सर स्थानीय लोक कलाकारों को बुलाया जाता है या परिवार के सदस्य पारंपरिक गीत गाते हैं।
  • त्योहार और मेले: विभिन्न सांस्कृतिक त्योहारों और मेलों के दौरान लोकगीतों और नृत्यों का प्रदर्शन होता है।
  • धार्मिक अनुष्ठान: कुछ धार्मिक आयोजनों में भी पारंपरिक लोक संगीत का प्रयोग किया जाता है।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: शहर में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी लोकगीतों को प्रस्तुत किया जाता है।
इसके अतिरिक्त, शहरों में भी ऐसे लोकगीत विकसित हो सकते हैं जो शहरी जीवन, उसकी समस्याओं और अनुभवों को दर्शाते हों, हालाँकि वे पारंपरिक ग्रामीण लोकगीतों से भिन्न हो सकते हैं।

प्रश्न 6

जैसे-जैसे शहर फैल रहे हैं और गाँव सिकुड़ रहे हैं, लोकगीतों पर उनका क्या असर पड़ रहा है? अपने आसपास के लोगों से बातचीत करके और अपने अनुभवों के आधार पर एक अनुच्छेद लिखो।
Solution: आज के समय में शहरीकरण का प्रभाव गाँवों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। गाँव अब पहले की तरह एकांत और पारंपरिक नहीं रह गए हैं। शहरी जीवन की चकाचौंध और आधुनिक मनोरंजन के साधनों, जैसे सिनेमा, टेलीविजन, और मोबाइल फोन की सर्वव्यापकता ने लोकगीतों के महत्व को कम कर दिया है। लोग अब लोकगीतों की मधुरता और सरलता की जगह फिल्मी गानों के शोर-शराबे और आधुनिक संगीत को अधिक पसंद करते हैं। यहाँ तक कि शादी-विवाह जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक अवसरों पर भी, जहाँ पहले पारंपरिक लोकगीत गूंजते थे, अब अक्सर फिल्मी गानों पर ही नाच-गाना होता है। लोकगीतों में जो सहजता, माधुर्य और जीवन का सच्चा चित्रण होता था, वह अब कई बार फूहड़ता और सतहीपन में खोता जा रहा है। इस प्रकार, गाँवों के सिकुड़ने और शहरों के फैलने की प्रक्रिया में लोकगीत अपनी पुरानी पहचान और लोकप्रियता खोते जा रहे हैं।

भाषा की बात - प्रश्न 1

'लोक' शब्द में कुछ जोड़कर जितने शब्द तुम्हें सूझें, उनकी सूची बनाओ। इन शब्दों को ध्यान से देखो और समझो कि उनमें अर्थ की दृष्टि से क्या समानता है। इन शब्दों से वाक्य भी बनाओ। जैसे - लोककला।
Solution: 'लोक' शब्द में कुछ जोड़कर बनने वाले शब्द और उनके अर्थ की समानता इस प्रकार है:
  • लोकप्रिय: जो लोगों के बीच बहुत पसंद किया जाता हो। (जैसे - यह गायक बहुत लोकप्रिय है।)
  • लोकमंच: आम लोगों के लिए या आम लोगों द्वारा चलाया जाने वाला मंच। (जैसे - लोकमंच कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देता है।)
  • लोकवाद्य: लोगों द्वारा बजाए जाने वाले पारंपरिक वाद्य यंत्र। (जैसे - लोकवाद्यों की ध्वनि मन को मोह लेती है।)
  • लोकहित: लोगों का कल्याण या भलाई। (जैसे - सरकार को हमेशा लोकहित के कार्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।)
  • लोकतंत्र: जनता का शासन, जहाँ लोग अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं। (जैसे - भारत एक विशाल लोकतंत्र है।)
  • लोककथा: लोगों द्वारा कही-सुनी जाने वाली कहानियाँ। (जैसे - दादी माँ ने हमें कई पुरानी लोककथाएँ सुनाईं।)
  • लोकगीत: लोगों द्वारा गाए जाने वाले गीत। (जैसे - हर क्षेत्र के अपने विशेष लोकगीत होते हैं।)
इन सभी शब्दों में 'लोक' का अर्थ 'जनता' या 'आम लोग' है। अतः इन शब्दों का अर्थ उन चीजों से है जो आम लोगों से संबंधित हैं, उनके द्वारा बनाई गई हैं, या उनके द्वारा पसंद की जाती हैं।

भाषा की बात - प्रश्न 2

'बारहमासा' गीत में साल के बारह महीनों का वर्णन होता है। नीचे विभिन्न अंकों से जुड़े कुछ शब्द दिए गए हैं। इन्हें पढ़ो और अनुमान लगाओं कि इनका क्या अर्थ है और वह अर्थ क्यों है। इस सूची में तुम अपने मन से सोचकर भी कुछ शब्द जोड़ सकते हो - इकतारा, सरपंच, चारपाई, सप्तर्षि, अठन्नी, तिराहा, दोपहर, छमाही, नवरात्र
Solution: दिए गए अंकों से जुड़े शब्दों का अर्थ और उनके पीछे का कारण इस प्रकार है:
  • इकतारा: 'इक' का अर्थ है एक। इकतारा एक ऐसा वाद्य यंत्र है जिसमें केवल एक तार होता है।
  • सरपंच: 'सर' का अर्थ है मुख्य या प्रमुख, और 'पंच' का अर्थ है पाँच। सरपंच गाँव के पंचों या मुखिया को कहते हैं, जो गाँव के मामलों का निर्णय करते हैं। (यह शब्द 'पंच' से जुड़ा है, जिसका अर्थ पाँच या निर्णय करने वाले समूह से हो सकता है)।
  • चारपाई: 'चार' का अर्थ है चार। चारपाई एक खाट होती है जिसके चार पाँव (पैर) होते हैं।
  • सप्तर्षि: 'सप्त' का अर्थ है सात। सप्तर्षि आकाश में सात तारों का एक समूह है, जिन्हें सात ऋषियों के नाम पर जाना जाता है।
  • अठन्नी: 'अठ' का अर्थ है आठ। अठन्नी पुराने समय में पचास पैसे के सिक्के को कहा जाता था, जो एक रुपये का आठवाँ हिस्सा होता था (100 पैसे / 8 = 12.5 पैसे, लेकिन यह शब्द 'आना' प्रणाली से जुड़ा है जहाँ 1 रुपया = 16 आने, तो 2 आने = 1/8 रुपया = 12.5 पैसे, पर अठन्नी का मूल्य 25 पैसे माना जाता था, जो 1 रुपये का चौथाई हिस्सा था। यहाँ 'अठ' का प्रयोग शायद 'आठ आने' के संदर्भ में हुआ हो, जो 50 पैसे के बराबर था)।
  • तिराहा: 'ति' का अर्थ है तीन। तिराहा वह स्थान होता है जहाँ तीन रास्ते आकर मिलते हों।
  • दोपहर: 'दो' का अर्थ है दो। दोपहर वह समय होता है जब दिन के दो पहर बीत चुके होते हैं (अर्थात् दिन का मध्य भाग, जब सूर्य सिर पर होता है)।
  • छमाही: 'छह' का अर्थ है छह। छमाही का अर्थ है जो छह महीने में एक बार हो या छह महीने की अवधि का हो।
  • नवरात्र: 'नव' का अर्थ है नौ। नवरात्र नौ रातों का समूह होता है, जो देवी दुर्गा की उपासना के लिए मनाया जाता है।
अन्य शब्द:
  • चौमासा: 'चौ' का अर्थ है चार। चौमासा वर्षा ऋतु के चार महीनों का समय होता है।
  • दशहरा: 'दश' का अर्थ है दस। दशहरा दस दिनों के उत्सव के बाद मनाया जाने वाला पर्व है।
इन शब्दों में अंक का प्रयोग उस वस्तु या अवधारणा की संख्या को दर्शाने के लिए किया गया है, जो उस शब्द का मुख्य भाग है।

Common mistakes

  • Confusing folk songs with classical or film music.
  • Underestimating the role of women in folk song creation.
  • Not recognizing the impact of modernization on traditional arts.
  • Difficulty in understanding the etymology of words related to 'Lok'.

Revision tips

  • Listen to various folk songs from different regions of India.
  • Discuss the cultural significance of folk songs with family and friends.
  • Pay attention to the language and instruments used in folk music.
  • Review the exercises on 'Lok' and numerical terms to reinforce vocabulary.

Practice MCQs

Q1. निबंध में लोकगीतों के किन पक्षों की चर्चा की गई है?

Q2. सावन के महीने में गाए जाने वाले खास लोकगीत कौन से हैं?

Q3. लोकगीतों की एक प्रमुख विशेषता क्या है?

Q4. 'अपने-अपने विद्यापति हैं' इस वाक्य का क्या अर्थ है?

Q5. शहरी जीवन में लोकगीतों पर क्या असर पड़ रहा है?

Frequently asked questions

कक्षा 6 हिंदी के पाठ 14 में किन मुख्य विषयों पर चर्चा की गई है?

कक्षा 6 हिंदी के पाठ 14 'लोकगीत' में लोकगीतों के विभिन्न पहलुओं जैसे उनका इतिहास, रचनात्मकता, लोकप्रियता, स्त्रियों का योगदान, प्रकार, भाषा, विशेषताएँ और शहरीकरण के प्रभाव पर चर्चा की गई है।

लोकगीतों की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?

लोकगीतों की मुख्य विशेषताएँ हैं - मिट्टी से जुड़ाव का अनुभव कराना, गाँव के जीवन से परिचित कराना, सरल वाद्य यंत्रों का प्रयोग, मन में उत्साह भरना, गाने के लिए विशेष ज्ञान की आवश्यकता न होना, सरल और सहज होना, स्त्री-पुरुष दोनों द्वारा रचित होना और क्षेत्रीय भाषा में गाया जाना।

क्या शहरीकरण लोकगीतों को प्रभावित कर रहा है?

हाँ, शहरीकरण और आधुनिक मनोरंजन के साधनों जैसे सिनेमा और टेलीविजन के कारण लोकगीतों का प्रचलन कम होता जा रहा है, क्योंकि लोग अब फिल्मी गीतों को अधिक पसंद करते हैं।

पाठ में 'अपने-अपने विद्यापति हैं' वाक्य का क्या अर्थ समझाया गया है?

इस वाक्य का अर्थ है कि जिस प्रकार विद्यापति अपने क्षेत्र में प्रसिद्ध कवि थे, उसी प्रकार अपने-अपने इलाकों में लोकगीतों की रचना करने वाले लोग भी उस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

भाषा की बात खंड में किन शब्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया है?

भाषा की बात खंड में 'लोक' शब्द में अन्य शब्द जोड़कर बनने वाले शब्दों (जैसे लोककला, लोकप्रिय) और विभिन्न अंकों से जुड़े शब्दों (जैसे इकतारा, सरपंच, नवरात्र) के अर्थों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

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