कक्षा 6 हिंदी NCERT समाधान: अध्याय 37 - टिकट अलबम

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यह पृष्ठ कक्षा 6 हिंदी की पाठ्यपुस्तक के अध्याय 37, 'टिकट अलबम' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय टिकट इकट्ठा करने के शौक और उससे जुड़े जुनून, ईर्ष्या और दोस्ती के जटिलताओं की पड़ताल करता है। समाधान कहानी के पात्रों, विशेष रूप से राजप्पा और नागराजन के बीच के भावनात्मक उतार-चढ़ाव को स्पष्ट करते हैं, जिसमें राजप्पा की ईर्ष्या और उसके बाद के पछतावे पर प्रकाश डाला गया है। इसमें टिकट संग्रह के विभिन्न पहलुओं, जैसे वर्गीकरण और संग्रह के पीछे की मंशा पर भी चर्चा की गई है। ये समाधान छात्रों को कहानी की गहरी समझ विकसित करने, पात्रों के उद्देश्यों का विश्लेषण करने और टिकट संग्रह की दुनिया के बारे में जानने में मदद करेंगे। यह परीक्षा की तैयारी के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन है, जो छात्रों को कहानी के मुख्य विषयों और पात्रों के विकास को समझने में सहायता करता है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 37

Chapter summary

कक्षा 6 हिंदी के अध्याय 37 'टिकट अलबम' के ये NCERT समाधान टिकट संग्रह के शौक पर केंद्रित हैं। यह अध्याय राजप्पा और नागराजन के बीच टिकट एल्बम को लेकर ईर्ष्या और प्रतिस्पर्धा की कहानी बताता है। समाधान कहानी के पात्रों के विचारों, भावनाओं और कार्यों का विश्लेषण करते हैं, जिसमें राजप्पा द्वारा एल्बम चुराने और उसे जलाने का प्रयास शामिल है। इसमें टिकट संग्रह के विभिन्न तरीकों, वर्गीकरण और संग्रह के पीछे की प्रेरणाओं पर भी चर्चा की गई है। यह छात्रों को कहानी के नैतिक और भावनात्मक पहलुओं को समझने में मदद करता है।

Learning outcomes

  • टिकट संग्रह के शौक से जुड़ी भावनाओं को समझना।
  • राजप्पा और नागराजन के चरित्रों का विश्लेषण करना।
  • कहानी के नैतिक संदेशों को पहचानना।
  • टिकट संग्रह के विभिन्न तरीकों और वर्गीकरणों की सूची बनाना।
  • कहानी के पात्रों के कार्यों के पीछे के कारणों का पता लगाना।

Topics covered

Paper topics

  • टिकट संग्रह का शौक
  • ईर्ष्या और प्रतिस्पर्धा
  • दोस्ती और विश्वास
  • पात्रों का विश्लेषण (राजप्पा, नागराजन)
  • कहानी का कथानक
  • टिकटों का वर्गीकरण
  • संग्रह के पीछे की मंशा
  • नैतिक मूल्य

Important topics

  • राजप्पा और नागराजन के बीच ईर्ष्या का विकास
  • एल्बम चुराने और जलाने का प्रयास
  • कहानी का नैतिक संदेश
  • टिकट संग्रह के विभिन्न तरीके

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. नागराजन के एल्बम के मुख्य पृष्ठ पर क्या लिखा था और क्यों? इसका असर कक्षा के दूसरे लड़के-लड़कियों पर क्या हुआ?

नागराजन के एल्बम के मुख्य पृष्ठ पर क्या लिखा था और क्यों? इसका असर कक्षा के दूसरे लड़के-लड़कियों पर क्या हुआ?
Solution: नागराजन ने अपने एल्बम के मुख्य पृष्ठ पर अपना नाम और पता लिखा था। उसने ऐसा इसलिए किया था ताकि उसका एल्बम अनोखा लगे और लोग उसे आसानी से पहचान सकें। जब कक्षा के दूसरे लड़के-लड़कियों ने नागराजन का एल्बम देखा, तो वे बहुत प्रभावित हुए और उसकी प्रशंसा करने लगे। वे राजप्पा के एल्बम को भूल गए और नागराजन के एल्बम को ही सबसे अच्छा मानने लगे। इस कारण राजप्पा के मन में ईर्ष्या की भावना जागृत हुई।

प्रश्न 2. नागराजन के एल्बम के हिट हो जाने पर राजप्पा के मन की क्या दशा हुई?

नागराजन के एल्बम के हिट हो जाने पर राजप्पा के मन की क्या दशा हुई?
Solution: जब नागराजन का एल्बम कक्षा में इतना लोकप्रिय हो गया और सब उसकी प्रशंसा करने लगे, तो राजप्पा के मन की दशा बहुत खराब हो गई। उसे बहुत ईर्ष्या और जलन महसूस होने लगी। वह सोचने लगा कि उसका अपना एल्बम, जिसे उसने बड़ी मेहनत से बनाया था, अब किसी को पसंद नहीं आ रहा है। वह नागराजन के एल्बम से चिढ़ने लगा और उसके मन में कई नकारात्मक विचार आने लगे।

प्रश्न 3. एल्बम चुराते समय राजप्पा किस मानसिक स्थिति से गुजर रहा था?

एल्बम चुराते समय राजप्पा किस मानसिक स्थिति से गुजर रहा था?
Solution: एल्बम चुराते समय राजप्पा बहुत ही बुरी मानसिक स्थिति से गुजर रहा था। उसका मन घबराहट, डर और अपराध बोध से भरा हुआ था। वह जानता था कि वह गलत काम कर रहा है, लेकिन ईर्ष्या और नागराजन के एल्बम को सबसे अच्छा मानने की भावना ने उसे ऐसा करने पर मजबूर कर दिया था। वह लगातार इस डर में जी रहा था कि कहीं कोई उसे देख न ले और उसे पकड़ा न जाए।

प्रश्न 4. राजप्पा ने नागराजन का एल्बम अंगीठी में क्यों डाला?

राजप्पा ने नागराजन का एल्बम अंगीठी में क्यों डाला?
Solution: राजप्पा ने नागराजन का एल्बम अंगीठी में इसलिए डाला क्योंकि वह ईर्ष्या और गुस्से से भरा हुआ था। वह नागराजन के एल्बम को जलाकर हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहता था, ताकि उसका अपना एल्बम फिर से सबसे अच्छा बन जाए। वह इस बात से भी परेशान था कि नागराजन के एल्बम की इतनी तारीफ हो रही है। अंगीठी में एल्बम डालकर वह अपनी भड़ास निकालना चाहता था और नागराजन को सबक सिखाना चाहता था।

प्रश्न 5. लेखक ने राजप्पा के एल्बम की तुलना मधुमक्खी के छत्ते से क्यों की?

लेखक ने राजप्पा के एल्बम की तुलना मधुमक्खी के छत्ते से क्यों की?
Solution: लेखक ने राजप्पा के एल्बम की तुलना मधुमक्खी के छत्ते से इसलिए की क्योंकि राजप्पा का एल्बम बहुत बड़ा और व्यवस्थित था। जैसे मधुमक्खियां अपने छत्ते में बड़ी मेहनत से शहद इकट्ठा करती हैं और उसे करीने से रखती हैं, उसी तरह राजप्पा ने भी बहुत सारे टिकट इकट्ठा किए थे और उन्हें बड़े सलीके से अपने एल्बम में सजाया था। एल्बम में टिकटों की विविधता और उनकी व्यवस्था मधुमक्खी के छत्ते की जटिलता और व्यवस्था को दर्शाती थी।

प्रश्न 1. टिकट की तरह बच्चे और बूढ़े कई चीज़ो को इकठा करते है|सिक्के उनमेसे एक है|तुम कुछ अन्य चीज़ो को सोचो जिन्हे जमा किया जा सकता है और लिखो।

टिकट की तरह बच्चे और बूढ़े कई चीज़ो को इकठा करते है|सिक्के उनमेसे एक है|तुम कुछ अन्य चीज़ो को सोचो जिन्हे जमा किया जा सकता है और लिखो।
Solution: हाँ, यह सच है कि लोग विभिन्न प्रकार की चीज़ें इकट्ठा करने का शौक रखते हैं। टिकट और सिक्के तो बहुत आम हैं, लेकिन इनके अलावा भी कई ऐसी चीज़ें हैं जिन्हें लोग जमा कर सकते हैं। कुछ अन्य चीज़ें जिन्हें इकट्ठा किया जा सकता है, वे इस प्रकार हैं:
  1. पुरानी डाक टिकटें (विभिन्न देशों और विषयों की)
  2. विभिन्न देशों के सिक्के और नोट
  3. कहानियों की किताबें या कॉमिक्स
  4. रंगीन पत्थर या सीपियाँ
  5. खिलौने (जैसे पुरानी गाड़ियाँ, गुड़िया)
  6. चॉकलेट रैपर या बिस्कुट के डिब्बे
  7. प्रसिद्ध हस्तियों के ऑटोग्राफ
  8. पिन या बैज
  9. मोबाइल फोन के पुराने मॉडल
  10. कलाकृतियाँ या पेंटिंग्स
यह शौक व्यक्ति की रुचि और उपलब्धता पर निर्भर करता है।

प्रश्न 2. टिकट एल्बम का शोख रखने वाले राजप्पा और नागराजन के तरीको में क्या फर्क है? तुम कोनसा तरीका अपनाओगे।

टिकट एल्बम का शोख रखने वाले राजप्पा और नागराजन के तरीको में क्या फर्क है? तुम कोनसा तरीका अपनाओगे।
Solution: राजप्पा और नागराजन के टिकट एल्बम रखने के तरीकों में कुछ मुख्य अंतर थे: राजप्पा का तरीका: राजप्पा ने अपने एल्बम को बहुत मेहनत और लगन से बनाया था। उसने विभिन्न देशों के टिकट इकट्ठा किए थे और उन्हें बड़े करीने से एल्बम में सजाया था। उसका एल्बम बहुत व्यवस्थित और सुंदर था, जिसे वह अपनी सबसे कीमती चीज़ मानता था। वह अपने एल्बम को दूसरों को दिखाने में गर्व महसूस करता था, लेकिन वह उसे किसी से भी बदलने या देने को तैयार नहीं था। नागराजन का तरीका: नागराजन का एल्बम भी बहुत अच्छा था, लेकिन वह उसे राजप्पा की तरह व्यक्तिगत रूप से नहीं बनाता था। उसके पिता विदेश में रहते थे और वे उसे डाक से टिकट भेजते थे। नागराजन बस उन टिकटों को एल्बम में चिपका देता था। उसका एल्बम भी लोकप्रिय हुआ, लेकिन उसमें राजप्पा जैसी व्यक्तिगत मेहनत और लगाव कम दिखाई देता था। मेरा तरीका: अगर मुझे टिकट एल्बम बनाने का शौक होता, तो मैं राजप्पा के तरीके को अपनाता। मैं खुद मेहनत करके, विभिन्न स्रोतों से टिकट इकट्ठा करता और उन्हें अपनी पसंद के अनुसार व्यवस्थित करता। मैं अपने एल्बम को अपनी पहचान और अपनी मेहनत का प्रतीक मानता। मैं दूसरों के साथ अपने संग्रह को साझा करना पसंद करता, लेकिन अपनी मेहनत की कद्र भी करता।

प्रश्न 3. इकठ्ठा किए हुए टिकतो का अलग अलग तरीके से वर्गीकरण किया जा सकता है जैसे देश के आधार पर। ऐसे और आधार सोचकर लिखो।

इकठ्ठा किए हुए टिकतो का अलग अलग तरीके से वर्गीकरण किया जा सकता है जैसे देश के आधार पर। ऐसे और आधार सोचकर लिखो।
Solution: टिकटों का वर्गीकरण केवल देश के आधार पर ही नहीं, बल्कि कई अन्य आधारों पर भी किया जा सकता है। इससे संग्रह को व्यवस्थित रखने और उसकी विविधता को समझने में मदद मिलती है। कुछ अन्य आधार इस प्रकार हैं:
  1. विषय के आधार पर: जैसे - पशु-पक्षी, फूल-पौधे, ऐतिहासिक इमारतें, खेल, कला, विज्ञान, परिवहन, प्रसिद्ध व्यक्ति आदि।
  2. रंग के आधार पर: टिकटों को उनके मुख्य रंग के अनुसार भी वर्गीकृत किया जा सकता है, जैसे - लाल रंग के टिकट, नीले रंग के टिकट आदि।
  3. वर्ष के आधार पर: टिकटों को उनके जारी होने के वर्ष के अनुसार भी जमा किया जा सकता है, जैसे - 1950 के दशक के टिकट, 20वीं सदी के टिकट आदि।
  4. आकार के आधार पर: छोटे टिकट, बड़े टिकट, चौकोर टिकट, आयताकार टिकट आदि।
  5. महत्व के आधार पर: दुर्लभ टिकट, सामान्य टिकट, विशेष स्मारक टिकट आदि।
  6. मुद्रा के आधार पर: टिकट पर छपी मुद्रा के अनुसार भी वर्गीकरण किया जा सकता है।
यह वर्गीकरण संग्रहकर्ता को अपने एल्बम को अधिक रोचक और जानकारीपूर्ण बनाने में मदद करता है।

प्रश्न 4. कई लोग चीज़े इकठ्ठा करते है और 'गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में अपना नाम दर्ज करवाते है इसके पीछे उनकी क्या मंशा रहती है। सोचो और अपने दोस्तों के साथ चर्चा कीजिये।

कई लोग चीज़े इकठ्ठा करते है और 'गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में अपना नाम दर्ज करवाते है इसके पीछे उनकी क्या मंशा रहती है। सोचो और अपने दोस्तों के साथ चर्चा कीजिये।
Solution: जब लोग चीज़ें इकट्ठा करते हैं और 'गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में अपना नाम दर्ज करवाते हैं, तो इसके पीछे कई तरह की मंशाएँ हो सकती हैं:
  1. विश्वव्यापी पहचान और प्रसिद्धि: गिनीज बुक में नाम दर्ज कराना दुनिया भर में पहचान दिलाता है। लोग चाहते हैं कि उनके अनोखे संग्रह को दुनिया जाने और सराहे।
  2. अद्वितीयता का भाव: वे कुछ ऐसा करना चाहते हैं जो किसी और ने न किया हो। यह अपनी विशिष्टता साबित करने का एक तरीका है।
  3. प्रतिष्ठा और सम्मान: यह उनके शौक या जुनून को एक आधिकारिक मान्यता देता है, जिससे उन्हें समाज में प्रतिष्ठा और सम्मान मिलता है।
  4. चुनौती स्वीकार करना: कुछ लोग इसे एक बड़ी चुनौती के रूप में देखते हैं और उसे पूरा करने का संकल्प लेते हैं। यह उनकी दृढ़ता और समर्पण का प्रमाण होता है।
  5. प्रेरणा देना: वे दूसरों को भी अपने शौक को गंभीरता से लेने और उसमें उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करना चाहते हैं।
  6. रिकॉर्ड बनाने का जुनून: कुछ लोगों को बस रिकॉर्ड बनाने और उसे तोड़ने का ही शौक होता है।
यह चर्चा का विषय है कि क्या यह केवल प्रसिद्धि के लिए है या वास्तव में अपने शौक के प्रति गहरे जुनून का परिणाम है। अक्सर, यह दोनों का मिश्रण होता है।

प्रश्न 1. राजप्पा एल्बम के जलाने वाली बात नागराजन से क्यों नहीं कह पता? अगर कहता तो इससे कहानी के अंत में क्या परिणाम होता। कैसे?

राजप्पा एल्बम के जलाने वाली बात नागराजन से क्यों नहीं कह पता? अगर कहता तो इससे कहानी के अंत में क्या परिणाम होता। कैसे?
Solution: राजप्पा एल्बम जलाने वाली बात नागराजन से इसलिए नहीं कह पाता क्योंकि वह शर्मिंदा था और उसे डर था कि नागराजन उससे नाराज़ हो जाएगा। वह जानता था कि उसने बहुत गलत काम किया है और अगर वह यह बात बताता तो नागराजन का विश्वास टूट जाता और शायद वह उससे दोस्ती भी तोड़ देता। अगर राजप्पा यह बात नागराजन से कह देता, तो कहानी का अंत शायद कुछ अलग होता:
  1. ईमानदारी और पश्चाताप: राजप्पा की ईमानदारी और अपने किए पर पछतावा देखकर नागराजन शायद नाराज़ होने की बजाय उसे माफ़ कर देता। वह राजप्पा की गलती को समझने की कोशिश करता।
  2. सुधार का मौका: नागराजन शायद राजप्पा को एक और एल्बम बनाने या टिकट इकट्ठा करने में मदद करने का मौका देता। इससे राजप्पा को अपनी गलती सुधारने का अवसर मिलता।
  3. मजबूत दोस्ती: इस घटना के बाद, अगर वे ईमानदारी से बात करते, तो उनकी दोस्ती शायद और भी मजबूत हो जाती। वे एक-दूसरे की भावनाओं को बेहतर ढंग से समझते।
  4. कहानी का संदेश: कहानी का संदेश बदल जाता। यह केवल ईर्ष्या के बुरे परिणामों के बारे में न होकर, ईमानदारी, क्षमा और दोस्ती के महत्व के बारे में भी होता।
संक्षेप में, अगर राजप्पा सच कह देता, तो शायद उसे नागराजन की नाराज़गी का सामना करना पड़ता, लेकिन ईमानदारी और पश्चाताप के कारण दोस्ती बनी रह सकती थी और कहानी का अंत अधिक सकारात्मक हो सकता था।

प्रश्न 2. कक्षा के बाकि विद्यार्थी राजप्पा और नागराजन की तरह एल्बम क्यों नहीं बनाते थे? वह सिर्फ दर्शक मात्र क्यों बनकर रह जाते थे?

कक्षा के बाकि विद्यार्थी राजप्पा और नागराजन की तरह एल्बम क्यों नहीं बनाते थे? वह सिर्फ दर्शक मात्र क्यों बनकर रह जाते थे?
Solution: कक्षा के बाकी विद्यार्थी राजप्पा और नागराजन की तरह एल्बम इसलिए नहीं बनाते थे क्योंकि हर किसी का शौक और रुचि अलग-अलग होती है। हो सकता है कि उन विद्यार्थियों की रुचि खेलकूद, पढ़ाई, कला या किसी अन्य गतिविधि में हो। टिकट इकट्ठा करना और एल्बम बनाना एक विशेष प्रकार का शौक है जिसके लिए धैर्य, लगन और विशेष रुचि की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, कुछ कारण ये भी हो सकते हैं कि वे दर्शक बनकर रह जाते थे:
  • संसाधनों की कमी: टिकट इकट्ठा करने और एल्बम बनाने में पैसे और समय लगता है। हो सकता है कि बाकी विद्यार्थियों के पास ये संसाधन उपलब्ध न हों।
  • जानकारी का अभाव: उन्हें शायद टिकट इकट्ठा करने के तरीके या उसके महत्व के बारे में उतनी जानकारी न हो।
  • प्रेरणा की कमी: राजप्पा और नागराजन जैसे उत्साही संग्रहकर्ता न होने के कारण, उन्हें प्रेरणा नहीं मिलती होगी।
  • शौक का अंतर: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर किसी का अपना अलग शौक होता है। वे शायद टिकट एल्बम को केवल एक दर्शक के रूप में देखने का आनंद लेते थे, न कि खुद बनाने का।
इस प्रकार, वे केवल दर्शक बनकर रह जाते थे क्योंकि यह उनका मुख्य शौक नहीं था या उनके पास इसे पूरा करने के लिए आवश्यक चीजें नहीं थीं।

प्रश्न 1. कहानी में ढूंढ़ कर इन शब्दों का मतलब समझाओ और वाक्य बनाओ

कहानी में ढूंढ़ कर इन शब्दों का मतलब समझाओ और वाक्य बनाओ
  1. खोसना :-
Solution:
  1. खोसना:
    • मतलब: किसी चीज़ को किसी दूसरी चीज़ के अंदर या किसी जगह पर छिपाकर रखना, अक्सर जल्दी में या सावधानी से।
    • वाक्य: राजप्पा ने डर के मारे जल्दी से वह टिकट अपनी पैंट की जेब में खोस लिया।

Common mistakes

  • राजप्पा की ईर्ष्या को केवल एक साधारण शौक के रूप में देखना, न कि एक गहरी भावना के रूप में।
  • कहानी के अंत में राजप्पा के पछतावे के महत्व को कम आंकना।
  • टिकट संग्रह के विभिन्न तरीकों के बीच अंतर को स्पष्ट रूप से न समझना।

Revision tips

  • कहानी के मुख्य पात्रों, राजप्पा और नागराजन के चरित्रों का विस्तार से अध्ययन करें।
  • राजप्पा द्वारा एल्बम चुराने और जलाने के प्रयास के पीछे के कारणों पर ध्यान केंद्रित करें।
  • टिकट संग्रह से संबंधित विभिन्न तरीकों और वर्गीकरणों की सूची बनाएं।
  • कहानी के अंत में राजप्पा के पश्चाताप और उसके परिणामों पर विचार करें।

Practice MCQs

Q1. नागराजन ने अपने एल्बम के मुख्य पृष्ठ पर क्या लिखा था?

Q2. राजप्पा को नागराजन का एल्बम देखकर कैसा महसूस हुआ?

Q3. एल्बम चुराते समय राजप्पा की मानसिक स्थिति कैसी थी?

Q4. राजप्पा ने नागराजन का एल्बम अंगीठी में क्यों डाला?

Q5. लेखक ने राजप्पा के एल्बम की तुलना मधुमक्खी के छत्ते से क्यों की?

Frequently asked questions

कक्षा 6 हिंदी के अध्याय 37 'टिकट अलबम' में मुख्य विषय क्या हैं?

इस अध्याय के मुख्य विषय टिकट संग्रह का शौक, ईर्ष्या, प्रतिस्पर्धा, दोस्ती और विश्वास हैं। यह पात्रों के भावनात्मक उतार-चढ़ाव और उनके कार्यों के परिणामों को दर्शाता है।

राजप्पा ने नागराजन का एल्बम क्यों चुराया?

राजप्पा ने नागराजन के एल्बम की प्रसिद्धि और प्रशंसा देखकर ईर्ष्या के कारण उसका एल्बम चुराया था। वह अपने एल्बम को सर्वश्रेष्ठ साबित करना चाहता था।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान परीक्षा की तैयारी में बहुत मदद करेंगे क्योंकि ये कहानी के हर पहलू को विस्तार से समझाते हैं, पात्रों के उद्देश्यों का विश्लेषण करते हैं और मुख्य विषयों पर प्रकाश डालते हैं।

टिकट संग्रह के किन तरीकों का उल्लेख कहानी में किया गया है?

कहानी में टिकट संग्रह के विभिन्न तरीकों का उल्लेख है, जैसे कि उन्हें देश के आधार पर वर्गीकृत करना, और यह भी बताया गया है कि लोग किस तरह से अपने संग्रह को व्यवस्थित रखते हैं।

कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?

कहानी हमें सिखाती है कि ईर्ष्या और द्वेष से हमें बचना चाहिए, क्योंकि ये हमारे रिश्तों और मानसिक शांति को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह ईमानदारी और पश्चाताप के महत्व पर भी जोर देती है।

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