CBSE Class 6 Hindi Chapter 30: बचपन - NCERT Solutions

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CBSE कक्षा 6 हिंदी पाठ 30, 'बचपन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत हैं। यह समाधान लेखिका की बचपन की स्मृतियों में गहराई से उतरता है, जिसमें उनके दैनिक जीवन, उस समय की तकनीक और आज की तकनीक के बीच का अंतर, और उनके व्यक्तिगत अनुभव शामिल हैं। छात्रों को लेखिका की बचपन की गतिविधियों, पसंदीदा भोजन और चश्मा पहनने के कारणों से संबंधित प्रश्नों के विस्तृत उत्तर मिलेंगे। समाधान आधुनिक चमत्कारों पर लेखिका के विचारों को भी खंगालते हैं और छात्रों को अपनी बचपन की यादों और तकनीकी बदलावों पर विचार करने के लिए प्रेरित करते हैं। यह संसाधन छात्रों को पाठ की बारीकियों को समझने और स्पष्ट, चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करके उनकी परीक्षाओं की प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करने के लिए बनाया गया है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 30

Chapter summary

Chapter 30, 'बचपन', is a nostalgic memoir that revisits the author's childhood. The NCERT Solutions for this chapter focus on understanding the author's experiences, including her Sunday routines, the differences between her childhood and modern times, her need for glasses, and her favorite foods. It also prompts reflection on technological changes and personal memories. The solutions aim to enhance comprehension of the text and encourage critical thinking about the past and present.

Learning outcomes

  • Understand the author's childhood experiences and memories.
  • Compare and contrast childhood in the past with the present.
  • Identify and explain the reasons for needing spectacles.
  • Recall and describe favorite childhood foods and activities.
  • Reflect on technological advancements and their impact.
  • Analyze the use of language and derive abstract nouns from verbs.

Topics covered

Paper topics

  • Childhood memories
  • Author's personal experiences
  • Technological changes over time
  • Comparison of past and present
  • Reading comprehension of memoirs
  • Vocabulary building (abstract nouns from verbs)
  • Reflection on personal experiences
  • Historical context of Shimla (1935-40)

Important topics

  • Author's childhood experiences
  • Comparison of past and present
  • Deriving abstract nouns from verbs
  • Understanding memoir elements
  • Personal reflection on memories

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. लेखिका बचपन में इतवार की सुबह क्या - क्या काम करती थीं?

लेखिका बचपन में इतवार की सुबह क्या - क्या काम करती थीं?
Solution: लेखिका अपने बचपन में इतवार की सुबह को भी पढ़ाई और घर के कामों में बिताती थीं। वह इस दिन को भी अन्य दिनों की तरह ही व्यतीत करती थीं, जिसमें पढ़ाई करना और घर के कामों में सहायता करना शामिल था।

प्रश्न 2. 'तुम्हे बताउँगी कि हमारे समय और तुम्हारे समय में कितनी दूरी हो चुकी है |' - इस बात के लिए लेखिका क्या - क्या उदाहरण देती है?

'तुम्हे बताउँगी कि हमारे समय और तुम्हारे समय में कितनी दूरी हो चुकी है |' - इस बात के लिए लेखिका क्या - क्या उदाहरण देती है?
Solution: लेखिका यह बताने के लिए कि उनके समय और आज के समय में कितनी दूरी आ चुकी है, कई उदाहरण देती हैं। वह बताती हैं कि उनके बचपन में हवाई जहाज़ की आवाज़ें ही काफ़ी आश्चर्यजनक होती थीं, जबकि आज हवाई जहाज़ आम बात है। इसी तरह, ग्रामोफोन और शिमला-कालका ट्रेन का मॉडल जैसी चीज़ें उस समय के लिए बहुत आधुनिक थीं। वह घुड़सवारी का भी ज़िक्र करती हैं। इन उदाहरणों से वह स्पष्ट करती हैं कि तकनीक और जीवनशैली में कितना बदलाव आ गया है।

प्रश्न 3. पाठ से पता करके लिखों कि लेखिका को चश्मा क्यों लगाना पड़ा? चश्मा लगाने पर उनके चचेरे भाई क्या कहकर चिढ़ाते थे?

पाठ से पता करके लिखों कि लेखिका को चश्मा क्यों लगाना पड़ा? चश्मा लगाने पर उनके चचेरे भाई क्या कहकर चिढ़ाते थे?
Solution: लेखिका को चश्मा इसलिए लगाना पड़ा क्योंकि उनकी आँखों पर ज़ोर पड़ने लगा था। चश्मा लगाने पर उनके चचेरे भाई उन्हें 'कैसीPhani' कहकर चिढ़ाते थे। यह चिढ़ाना उनके बचपन के अनुभवों का एक हिस्सा था, जो उस समय चश्मा पहनने को लेकर समाज की सोच को भी दर्शाता है।

प्रश्न 4. लेखिका अपने बचपन में कौन - कौन - सी चीज़े मज़ा ले - लेकर खाती थीं? उनमें से प्रमुख फलों के नाम लिखो |

लेखिका अपने बचपन में कौन - कौन - सी चीज़े मज़ा ले - लेकर खाती थीं? उनमें से प्रमुख फलों के नाम लिखो |
Solution: लेखिका अपने बचपन में कई चीज़ें मज़ा लेकर खाती थीं। इनमें से कुछ प्रमुख चीज़ें थीं - भुने हुए चने, मक्के का दलिया, और विभिन्न प्रकार के फल। फलों में उन्हें विशेष रूप से अमरूद, संतरे और केले बहुत पसंद थे, जिन्हें वह बड़े चाव से खाती थीं।

प्रश्न 1. लेखिका के बचपन में हवाई जहाज़ की आवाज़ें, घुड़सवारी, ग्रामोफोन और शोरूम में शिमला - कालका ट्रैन का मॉडल ही आश्चर्यजनक आधुनिक चीज़े थीं। आज क्या - क्या आश्चर्यजनक आधुनिक चीज़ें तुम्हें आकर्षित करती हैं? उनके नाम लिखो |

लेखिका के बचपन में हवाई जहाज़ की आवाज़ें, घुड़सवारी, ग्रामोफोन और शोरूम में शिमला - कालका ट्रैन का मॉडल ही आश्चर्यजनक आधुनिक चीज़े थीं। आज क्या - क्या आश्चर्यजनक आधुनिक चीज़ें तुम्हें आकर्षित करती हैं? उनके नाम लिखो |
Solution: लेखिका के बचपन की आधुनिक चीज़ों की तुलना में आज की दुनिया में कई ऐसी चीज़ें हैं जो हमें आश्चर्यचकित और आकर्षित करती हैं। इनमें प्रमुख हैं: स्मार्टफ़ोन, कंप्यूटर, इंटरनेट, तेज़ रफ़्तार ट्रेनें (जैसे बुलेट ट्रेन), आधुनिक कारें, वीडियो गेम्स, और विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स। ये चीज़ें न केवल मनोरंजन करती हैं बल्कि हमारे जीवन को कई मायनों में आसान और तेज़ भी बनाती हैं।

प्रश्न 2. अपने बचपन की कोई मनमोहक घटना याद करके विस्तार से लिखो ।

अपने बचपन की कोई मनमोहक घटना याद करके विस्तार से लिखो ।
Solution: (यह प्रश्न व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है, इसलिए इसका उत्तर छात्र स्वयं अपनी यादों के आधार पर लिखेंगे। यहाँ एक उदाहरण दिया जा रहा है।) मेरे बचपन की एक मनमोहक घटना तब की है जब मैं लगभग सात साल का था और मेरे पिताजी मुझे पहली बार चिड़ियाघर ले गए थे। वहाँ मैंने पहली बार शेर, हाथी, जिराफ़ और रंग-बिरंगे पक्षियों को इतने करीब से देखा। खासकर जिराफ़ की लंबी गर्दन और हाथी की विशालता देखकर मैं बहुत हैरान और खुश हुआ था। वह दिन मेरे लिए बहुत रोमांचक था और उसकी यादें आज भी मेरे मन में ताज़ा हैं।

प्रश्न 1. सन् 1935 -40 के लगभग लेखिका का बचपन शिमला में अधिक दिन गुज़रा | उन दिनों के शिमला के विषय में जानने का प्रयास करो |

सन् 1935 -40 के लगभग लेखिका का बचपन शिमला में अधिक दिन गुज़रा | उन दिनों के शिमला के विषय में जानने का प्रयास करो |
Solution: सन् 1935-40 के दशक में शिमला एक प्रमुख ग्रीष्मकालीन राजधानी और लोकप्रिय पर्यटन स्थल था। उस समय शिमला में ब्रिटिश वास्तुकला का प्रभाव स्पष्ट दिखता था, जिसमें कई विक्टोरियन शैली की इमारतें, चर्च और बंगले थे। मॉल रोड और रिज पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र थे। यहाँ की जलवायु ठंडी और सुखद रहती थी। परिवहन के साधनों में उस समय कारें और बसें उपलब्ध थीं, लेकिन शिमला-कालका टॉय ट्रेन भी एक महत्वपूर्ण आकर्षण थी। उस समय जीवन आज की तुलना में धीमा और अधिक शांत था, और लोग प्रकृति का आनंद लेने आते थे।

प्रश्न 2. लेखिका ने इस संस्मरण में सरवर के माध्यम से अपनी बात बताने की कोशिश की है, लेकिन सरवर का कोई परिचय नहीं दिया है। अनुमान लगाओ कि सरवर कौन हों सकता है?

लेखिका ने इस संस्मरण में सरवर के माध्यम से अपनी बात बताने की कोशिश की है, लेकिन सरवर का कोई परिचय नहीं दिया है। अनुमान लगाओ कि सरवर कौन हों सकता है?
Solution: लेखिका द्वारा 'सरवर' का परिचय न देना यह दर्शाता है कि वह शायद कोई ऐसा व्यक्ति है जिससे लेखिका का गहरा भावनात्मक जुड़ाव रहा होगा, या शायद यह किसी ऐसे व्यक्ति का प्रतीक है जो उनकी बातों को सुनता और समझता है। यह संभव है कि 'सरवर' लेखिका का कोई पालतू जानवर हो, जैसे कुत्ता या बिल्ली, जिसके साथ वह अपने विचार साझा करती थीं। यह भी हो सकता है कि 'सरवर' किसी ऐसे प्रियजन का नाम हो जो अब उनके साथ नहीं है, और लेखिका उनसे बात करके अपने बचपन की यादों को ताज़ा कर रही हों। यह एक काव्यात्मक या लाक्षणिक प्रयोग भी हो सकता है।

प्रश्न 1. क्रियाओं से भी भाववाचक संज्ञाएँ बनती हैं | जैसे मरना से मार, काटना से काट, हारना से हार, सीखना से सीख, पलटना से पलट और हड़पना से हड़प आदि भाववाचक संज्ञाएँ बनी हैं। तुम भी इस संस्मरण से कुछ क्रियाओं को छाँटकर लिखो और उनसे भाववाचक संज्ञा बनाओ |

क्रियाओं से भी भाववाचक संज्ञाएँ बनती हैं | जैसे मरना से मार, काटना से काट, हारना से हार, सीखना से सीख, पलटना से पलट और हड़पना से हड़प आदि भाववाचक संज्ञाएँ बनी हैं। तुम भी इस संस्मरण से कुछ क्रियाओं को छाँटकर लिखो और उनसे भाववाचक संज्ञा बनाओ |
Solution: इस संस्मरण में कई क्रियाएँ हैं जिनसे भाववाचक संज्ञाएँ बनाई जा सकती हैं। यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं:
  • क्रिया: जीना भाववाचक संज्ञा: जीवन
  • क्रिया: पढ़ना भाववाचक संज्ञा: पढ़ाई
  • क्रिया: देखना भाववाचक संज्ञा: देख (जैसे 'देख-भाल')
  • क्रिया: सोचना भाववाचक संज्ञा: सोच
  • क्रिया: चलना भाववाचक संज्ञा: चाल
  • क्रिया: भूलना भाववाचक संज्ञा: भूल
  • क्रिया: हँसना भाववाचक संज्ञा: हँसी
ये भाववाचक संज्ञाएँ उन क्रियाओं के भाव या अवस्था को दर्शाती हैं।

Common mistakes

  • Misinterpreting the author's nostalgic tone.
  • Difficulty in comparing past and present technological advancements.
  • Struggling to derive abstract nouns from given verbs.
  • Incomplete recall of specific details from the memoir.

Revision tips

  • Read the chapter thoroughly to grasp the author's emotions and experiences.
  • Focus on the comparison between past and present to understand societal changes.
  • Practice deriving abstract nouns from verbs as shown in the 'भाषा की बात' section.
  • Relate the author's childhood memories to your own experiences for better understanding.

Practice MCQs

Q1. लेखिका बचपन में इतवार की सुबह क्या काम करती थीं?

Q2. लेखिका को चश्मा क्यों लगाना पड़ा?

Q3. लेखिका अपने बचपन में कौन सा फल मज़ा लेकर खाती थीं?

Q4. लेखिका के बचपन में कौन सी आधुनिक चीज़ें आश्चर्यजनक थीं?

Q5. 'मरना' क्रिया से बनी भाववाचक संज्ञा क्या है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 6 हिंदी के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 30 'बचपन' पर केंद्रित हैं।

अध्याय 30 'बचपन' में मुख्य रूप से क्या बताया गया है?

अध्याय 30 'बचपन' लेखिका के बचपन की यादों, उस समय की आधुनिक चीज़ों और आज के समय के बीच के अंतर, और व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित एक संस्मरण है।

इन समाधानों से छात्रों को क्या मदद मिलेगी?

ये समाधान छात्रों को अध्याय की गहरी समझ विकसित करने, प्रश्नों के विस्तृत उत्तर प्राप्त करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे।

क्या इन समाधानों में भाषा अभ्यास भी शामिल है?

हाँ, इन समाधानों में 'भाषा की बात' खंड के तहत क्रियाओं से भाववाचक संज्ञा बनाने जैसे भाषा अभ्यास भी शामिल हैं।

लेखिका को चश्मा क्यों लगाना पड़ा?

लेखिका को अपनी आँखों पर ज़ोर पड़ने के कारण चश्मा लगाना पड़ा, जैसा कि संस्मरण में बताया गया है।

क्या ये समाधान परीक्षा के दृष्टिकोण से उपयोगी हैं?

हाँ, ये समाधान अध्याय के महत्वपूर्ण पहलुओं को कवर करते हैं और विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

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