CBSE Class 6 Hindi Chapter 10: गुब्बारा - NCERT Solutions
This section provides NCERT Solutions for Class 6 Hindi, Chapter 10, titled 'गुब्बारा'. It focuses on enhancing students' understanding and pronunciation of Hindi words, particularly those containing specific conjunct consonants and sounds. The exercises include identifying words, listening and speaking practice with a list of words, and repeating words to improve fluency and articulation. These solutions are designed to help students build a strong foundation in Hindi vocabulary and pronunciation, crucial for their academic progress and exam preparation.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 10 |
Chapter summary
Chapter 10 of the Class 6 Hindi NCERT textbook, 'गुब्बारा', offers exercises aimed at improving students' grasp of Hindi phonetics and vocabulary. The solutions cover word identification, listening comprehension, and articulation practice with words featuring conjunct consonants like 'त्य', 'द्ग', 'द्म', 'द्ब', 'द्घ', 'द्ज', 'द्म', 'द्न', 'द्प', 'द्ब', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 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'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 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'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 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'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 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'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 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'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 'द्म', 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Questions and Solutions
१० : गुब्बारा
प्रश्नावली
प्रश्न 2. पहचानो और बोलो लड्डू क्यारी पुस्तक बिल्ली गुब्बारा
डडी क्या स्त ल्ल <u>000</u>
प्रश्न 3. सुनो और बोलो बिल्ली लट्टू त्याग खद्दर अच्छा कबड्डी
उल्लू लड्डू न्याय चद्दर मच्छर गुब्बारा
गत्ता मिट्टी वस्तु पत्थर बच्चा चम्मच
बत्ती छुट्टी सस्ता सप्ताह सच्चा हिम्मत
ढक्कन मुट्ठी व्यास रक्त लज्जा अनन्नास
चिट्ठी न्यास प्यास मुफ्त सज्जा मक्खन
प्रश्न 4. बार बार बोलो
सच्चा-अच्छा लट्टू-लड्डू अक्षर-मच्छर
गत्ता-गद्दा छुट्टी-चिट्ठी मिट्टी-मुट्टी
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