कक्षा 6 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 17 साँस-साँस में बाँस
यह पृष्ठ कक्षा 6 हिंदी की पुस्तक 'रिमझिम' के पाठ 17 'साँस-साँस में बाँस' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ बाँस को एक बहुउपयोगी प्राकृतिक संसाधन के रूप में दर्शाता है, जिससे विभिन्न प्रकार की वस्तुएँ बनाई जाती हैं। समाधानों में बाँस की उम्र के आधार पर उसे बूढ़ा या युवा कहना, बाँस से बनने वाली आश्चर्यजनक वस्तुएँ जैसे मछली पकड़ने का जाल (जकाई), और बाँस की बुनाई के ऐतिहासिक उद्भव पर चर्चा की गई है। पाठ में बाँस के विभिन्न उपयोगों, जैसे संगीत वाद्ययंत्र, फर्नीचर, प्रकाशन के लिए कागज निर्माण, और अन्य घरेलू सामानों के बारे में भी जानकारी दी गई है। इसके अतिरिक्त, यह पाठ अन्य प्राकृतिक संसाधनों जैसे चमड़ा, घास, छाल, गोबर और मिट्टी से बनने वाली वस्तुओं का भी उल्लेख करता है। भाषा की बात खंड में 'बुनावट', 'नुकीला', 'दवाब', और 'घिसाई' जैसे शब्दों के प्रत्ययों को समझाया गया है और उनसे नए शब्द बनाने का अभ्यास कराया गया है। ये समाधान छात्रों को बाँस के महत्व और उसके विविध अनुप्रयोगों को गहराई से समझने में मदद करेंगे, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 17. साँस-साँस में बाँस |
Chapter summary
कक्षा 6 हिंदी के पाठ 'साँस-साँस में बाँस' के ये NCERT समाधान बाँस को एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन के रूप में प्रस्तुत करते हैं। इसमें बाँस की उम्र के अनुसार उसकी विशेषताओं, बाँस से बनने वाली कलात्मक और उपयोगी वस्तुओं (जैसे जकाई), और बुनाई की कला के ऐतिहासिक जुड़ाव पर प्रकाश डाला गया है। पाठ बाँस के संगीत, फर्नीचर, प्रकाशन और अन्य घरेलू उपयोगों की भी पड़ताल करता है। साथ ही, यह अन्य प्राकृतिक संसाधनों से बनने वाली वस्तुओं की सूची और प्रत्यय-आधारित शब्द निर्माण का अभ्यास भी प्रदान करता है।
Learning outcomes
- बाँस की उम्र के आधार पर उसकी विशेषताओं को समझना।
- बाँस से निर्मित विभिन्न उपयोगी और कलात्मक वस्तुओं की पहचान करना।
- बाँस की बुनाई के ऐतिहासिक महत्व को समझना।
- बाँस के विविध उपयोगों (संगीत, फर्नीचर, प्रकाशन आदि) को जानना।
- अन्य प्राकृतिक संसाधनों से बनने वाली वस्तुओं की सूची बनाना।
- दिए गए मूल शब्दों में प्रत्यय जोड़कर नए शब्द बनाना और उनका वाक्य में प्रयोग करना।
Topics covered
Paper topics
- बाँस की उम्र और विशेषताएँ
- बाँस से निर्मित वस्तुएँ (जकाई, वाद्य यंत्र, फर्नीचर, कागज)
- बाँस की बुनाई का इतिहास
- बाँस का भौगोलिक वितरण (उत्तर-पूर्वी भारत)
- अन्य प्राकृतिक संसाधन (चमड़ा, घास, छाल, गोबर, मिट्टी) और उनके उपयोग
- प्रत्यय (आवट, ईला, आव) और शब्द निर्माण
- वाक्य प्रयोग
Important topics
- बाँस के विविध उपयोग
- बाँस की बुनाई का ऐतिहासिक महत्व
- प्रत्यय जोड़कर नए शब्द बनाना
- अन्य प्राकृतिक संसाधनों से बनने वाली वस्तुएँ
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
तीन वर्ष से अधिक उम्र वाले बाँस को बूढ़ा बाँस माना जाता है। बूढ़े बाँस की मुख्य विशेषता यह है कि वह बहुत सख्त होता है और आसानी से टूट जाता है। इसके विपरीत, युवा बाँस मुलायम होता है और उसे किसी भी आकार में आसानी से मोड़ा जा सकता है, जो उसे विभिन्न प्रकार की वस्तुओं के निर्माण के लिए अधिक उपयुक्त बनाता है।
प्रश्न 2
बाँस से बनाई जाने वाली चीज़ों में सबसे आश्चर्यजनक चीज़ 'जकाई' नामक मछली पकड़ने वाला जाल है। यह जाल असम में विशेष रूप से मछली पकड़ने के लिए उपयोग किया जाता है और इसे बाँस से बनाया जाता है। इसकी शंकू जैसी विशेष बनावट और मछली पकड़ने की इसकी क्षमता इसे अत्यंत आश्चर्यजनक बनाती है।
प्रश्न 3
ऐसा माना जाता है कि बाँस की बुनाई का कार्य तब से आरंभ हुआ होगा जब मनुष्यों ने हाथ से कलात्मक वस्तुएँ बनाना शुरू किया। यह भी अनुमान लगाया जाता है कि इसका संबंध उस दौर से है जब इंसान भोजन इकट्ठा करता था और शायद उसने भोजन रखने के लिए डलियानुमा चीजें बनाई होंगी। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि बया जैसी चिड़िया के घोंसले की बुनावट से प्रेरित होकर मनुष्य ने टोकरी बनाने की तकनीक सीखी होगी। समय के साथ इसमें आवश्यकतानुसार बदलाव होते रहे हैं।
प्रश्न 4
इस पाठ में बाँस के विभिन्न उपयोगों से संबंधित जानकारी भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के संदर्भ में दी गई है। इस क्षेत्र में सात राज्य शामिल हैं: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, जहाँ बाँस प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
प्रश्न 5
पाठ में बताए गए बाँस के उपयोगों के अतिरिक्त, इसके व्यापक दायरे को निम्नलिखित शब्दों के माध्यम से समझा जा सकता है:
संगीत: बाँस का उपयोग बाँसुरी और कई अन्य वाद्य यंत्रों को बनाने में किया जाता है। कुछ वाद्य यंत्रों को बजाने में भी बाँस का प्रयोग होता है।
मच्छर: मच्छरों से बचाव के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मच्छरदानी को बाँस के फ्रेम या सहारे से लगाया जाता है।
फर्नीचर: बाँस से घर के लिए सजावटी सामान और बैठने के लिए कुर्सी, मेज जैसे फर्नीचर बनाए जाते हैं।
प्रकाशन: कागज बनाने के लिए आवश्यक लुगदी का एक बड़ा हिस्सा बाँस से प्राप्त होता है, जो प्रकाशन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है।
एक नया संदर्भ: बाँस का उपयोग अचार बनाने के पात्रों, मकानों के निर्माण में, औजारों के हत्थे बनाने में, और हाथ के पंखे, अनाज छाजने वाली डलिया जैसे कई अन्य घरेलू सामान बनाने में भी होता है।
प्रश्न 6
नीचे दिए गए प्राकृतिक संसाधनों से दैनिक उपयोग की जाने वाली वस्तुएँ इस प्रकार हैं:
- चमड़ा: जूते, पर्स, वस्त्र, बैग, थैले, बेल्ट आदि।
- घास के तिनके: जमीन पर बिछाने वाले आसन, टोकरियाँ, चटाइयाँ आदि।
- पेड़ की छाल: अगरबत्ती, कागज आदि।
- गोबर: उपले (कंडे), दवाइयाँ, खाद आदि।
- मिट्टी: बर्तन, मूर्तियाँ, ईंटें आदि।
प्रश्न 7
यहाँ दिए गए शब्दों में मूल शब्द और प्रत्यय की पहचान तथा उनसे बने नए शब्द और उनके वाक्य प्रयोग दिए गए हैं:
1. बुनावट
- मूल शब्द: बुन
- प्रत्यय: आवट
- अन्य शब्द: सजावट, घबराहट, लिखावट
- वाक्य प्रयोग:
- बुनावट: इस स्वेटर की बुनावट बहुत महीन है।
- सजावट: सीता के घर की सजावट बहुत अच्छी है।
- घबराहट: परीक्षा के समय मुझे घबराहट होने लगती है।
- लिखावट: राम की लिखावट बहुत सुंदर है।
2. नुकीला
- मूल शब्द: नोक
- प्रत्यय: ईला
- अन्य शब्द: सजीला, चमकीला, रसीला
- वाक्य प्रयोग:
- नुकीला: पेंसिल का सिरा नुकीला होना चाहिए।
- सजीला: दूल्हा बहुत सजीला लग रहा था।
- चमकीला: इस साड़ी का रंग बहुत चमकीला है।
- रसीला: यह आम बहुत ही रसीला है।
3. दवाब
- मूल शब्द: दब
- प्रत्यय: आव
- अन्य शब्द: जमाव, सुझाव, लगाव
- वाक्य प्रयोग:
- दवाब: भारी वस्तु के नीचे दवाब बढ़ जाता है।
- जमाव: यहाँ पर पानी का जमाव हो रहा है।
- सुझाव: मुझे तुम्हारा सुझाव बहुत पसंद आया।
- लगाव: माता-पिता को अपने बच्चों से गहरा लगाव होता है।
4. घिसाई
- मूल शब्द: घिस
- प्रत्यय: आई
- अन्य शब्द: चढ़ाई, पिटाई, सिलाई
- वाक्य प्रयोग:
- घिसाई: लकड़ी की घिसाई से सतह चिकनी हो जाती है।
- चढ़ाई: पहाड़ की चढ़ाई बहुत कठिन थी।
- पिटाई: शरारत करने पर उसकी पिटाई हुई।
- सिलाई: माँ कपड़े की सिलाई कर रही है।
Common mistakes
- बाँस की विशेषताओं को युवा और बूढ़े बाँस के संदर्भ में स्पष्ट रूप से न बता पाना।
- बाँस से बनने वाली वस्तुओं के उपयोगों को सीमित समझना।
- प्रत्यय और मूल शब्द को पहचानने में भ्रमित होना।
- नए शब्दों का वाक्य में सही प्रयोग न कर पाना।
Revision tips
- बाँस से बनने वाली सभी वस्तुओं की सूची बनाएँ और उनके उपयोगों को याद करें।
- प्रत्यय जोड़कर नए शब्द बनाने का अभ्यास करें और उन्हें वाक्यों में प्रयोग करें।
- पाठ में उल्लिखित बाँस की बुनाई के ऐतिहासिक संदर्भ को समझें।
- अन्य प्राकृतिक संसाधनों से बनने वाली वस्तुओं की तुलना बाँस से करें।
Practice MCQs
Q1. तीन वर्ष से अधिक उम्र वाले बाँस को क्या कहा जाता है?
Explanation: पाठ के अनुसार, तीन वर्ष से अधिक उम्र वाले बाँस को बूढ़ा बाँस कहा जाता है, जो सख्त होता है।
Q2. असम में बाँस से बनी किस विशेष वस्तु से मछली पकड़ी जाती है?
Explanation: असम में 'जकाई' नामक विशेष जाल से मछली पकड़ी जाती है, जिसे बाँस से बनाया जाता है।
Q3. बाँस की बुनाई का रिश्ता संभवतः किस प्राचीन मानव गतिविधि से जोड़ा जाता है?
Explanation: पाठ में अनुमान लगाया गया है कि बाँस की बुनाई का रिश्ता उस दौर से है जब इंसान भोजन इकट्ठा करता था और शायद डलियानुमा चीजें बनाता था।
Q4. निम्नलिखित में से कौन सा बाँस का उपयोग नहीं है?
Explanation: बाँस का उपयोग संगीत वाद्ययंत्र, फर्नीचर और कागज बनाने में होता है, लेकिन सीधे तौर पर कपड़े सिलने में नहीं।
Q5. 'बुनावट' शब्द में मूल शब्द और प्रत्यय क्या हैं?
Explanation: 'बुनावट' शब्द 'बुन' (मूल शब्द) में 'आवट' (प्रत्यय) जोड़ने से बनता है।
Frequently asked questions
कक्षा 6 हिंदी के पाठ 17 'साँस-साँस में बाँस' में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?
इस पाठ में बाँस को एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसके विभिन्न उपयोगों, जैसे कि वस्तु निर्माण, संगीत वाद्ययंत्र, फर्नीचर और कागज बनाने में इसके महत्व को समझाया गया है। साथ ही, बाँस की बुनाई के इतिहास और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से बनने वाली वस्तुओं पर भी प्रकाश डाला गया है।
बाँस को बूढ़ा कब कहा जाता है और उसकी क्या विशेषता होती है?
तीन वर्ष से अधिक उम्र वाले बाँस को बूढ़ा बाँस कहा जाता है। बूढ़ा बाँस बहुत सख्त होता है और जल्दी टूट जाता है, जबकि युवा बाँस मुलायम होता है और उसे आसानी से मोड़ा जा सकता है।
पाठ में बाँस से बनी कौन सी वस्तु को सबसे आश्चर्यजनक बताया गया है?
पाठ में असम में मछली पकड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले बाँस के विशेष जाल 'जकाई' को सबसे आश्चर्यजनक वस्तु बताया गया है, जिसकी शंकू जैसी बनावट इसे खास बनाती है।
बाँस की बुनाई का संबंध किस प्राचीन काल से जोड़ा गया है?
पाठ में अनुमान लगाया गया है कि बाँस की बुनाई का संबंध उस प्राचीन काल से हो सकता है जब मनुष्य भोजन इकट्ठा करने के लिए डलियानुमा चीजें बनाता था।
भाषा की बात खंड में किस प्रकार के अभ्यास शामिल हैं?
भाषा की बात खंड में 'बुनावट', 'नुकीला', 'दवाब', और 'घिसाई' जैसे शब्दों में प्रत्ययों को पहचानने और उनसे तीन-तीन नए शब्द बनाने का अभ्यास शामिल है, साथ ही इन शब्दों का वाक्य में प्रयोग भी सिखाया गया है।
यह NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान पाठ की मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, बाँस के विभिन्न उपयोगों और उसके ऐतिहासिक महत्व को समझने में मदद करते हैं, और भाषा अभ्यास के माध्यम से व्याकरणिक कौशल को मजबूत करते हैं, जो परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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