CBSE Class 4 आस-पास: Chapter 22 पोचमपल्ली NCERT Solutions

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CBSE Class 4 Aas-Pass Chapter 22, 'Pochampally,' introduces students to the vibrant world of Indian textile arts, focusing on the renowned weaving and dyeing traditions of the Pochampally village. The NCERT Solutions accompanying this chapter guide young learners through the intricate processes involved in creating beautiful fabrics, highlighting the lives and livelihoods of the skilled artisans. Students will explore how these traditional crafts are passed down through families, the significance of preserving such cultural heritage, and the economic aspects faced by weavers. The solutions offer clear explanations and engaging questions designed to deepen understanding of the craft, encourage critical thinking about the artisans' experiences, and build an appreciation for the dedication and skill involved in this age-old practice. This chapter aims to connect students with a significant part of India's rich cultural tapestry.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 4
Subjectआस-पास
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 22

Chapter summary

Chapter 22, 'Pochampally,' in the CBSE Class 4 'Aas-Pass' series focuses on the traditional art of weaving and dyeing, particularly the unique Pochampally style. The NCERT Solutions cover discussions on the learning process of these crafts, the tools used like looms, and the dyeing techniques. It also touches upon the socio-economic aspects, such as the challenges faced by artisans and the passing down of skills through generations. The exercises encourage students to observe and inquire about various traditional occupations and their methods.

Learning outcomes

  • Understand the traditional art of weaving and dyeing in Pochampally.
  • Identify the tools and processes involved in textile creation.
  • Appreciate the importance of passing down traditional skills.
  • Recognize the challenges faced by artisans.
  • Explore different traditional occupations and their methods.
  • Learn about the role of family and community in skill transmission.

Topics covered

Paper topics

  • Pochampally weaving
  • Textile dyeing
  • Traditional crafts
  • Artisans' lives
  • Skill transmission
  • Looms and weaving process
  • Pottery making
  • Traditional occupations
  • Family learning
  • Cultural heritage

Important topics

  • Pochampally weaving and dyeing techniques
  • The process of learning traditional skills
  • Socio-economic challenges of artisans
  • Comparison of different traditional occupations
  • The role of family in skill preservation

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Questions and Solutions

चर्चा करो

Q1

आज वाणी और प्रसाद जैसे कई बच्चों ने अपने परिवारों से यह सुंदर कला सीख ली है। क्या बड़े होकर ये भी अपने बच्चों को इस कला के हुनर सिखा पाएँगे?
Solution: यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है जो पारंपरिक कलाओं के भविष्य पर प्रकाश डालता है। वर्तमान समय में, रेशम जैसे कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और बिचौलियों द्वारा बुनकरों को उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक न मिल पाना, इन कलाओं को जीवित रखना मुश्किल बना रहा है। कई बुनकर आर्थिक तंगी के कारण इस पारंपरिक व्यवसाय को छोड़कर दूसरे रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं। यदि भविष्य में बुनकरों की स्थिति सुधरती है, उन्हें उनकी कला का उचित मूल्य मिलता है और बिचौलियों का शोषण कम होता है, तभी वाणी और प्रसाद जैसे बच्चे बड़े होकर अपने बच्चों को यह कला सिखाने में सक्षम हो पाएंगे। अन्यथा, यह सुंदर कला धीरे-धीरे लुप्त हो सकती है।

इनके उत्तर कॉपी में लिखो

Q1

क्या तुमने कभी किसी को करघे पर कुछ बुनते देखा है?
Solution: हाँ, मैंने करघे पर कपड़ा बुनते हुए देखा है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जहाँ धागों को एक विशेष मशीन, जिसे करघा कहते हैं, की मदद से आपस में गूंथकर कपड़ा बनाया जाता है।

Q2

क्या और कहाँ?
Solution: मैंने करघे पर बुनाई को टीवी पर डिस्कवरी चैनल पर एक कार्यक्रम के दौरान देखा था। उस कार्यक्रम में कारीगरों को बहुत कुशलता से विभिन्न प्रकार के कपड़े बनाते हुए दिखाया गया था।

Q3

साड़ी के धागों को रंगा जाता है। क्या तुम किसी और चीज के बारे में जानते हो, जिसको रंगा जाता है?
Solution: हाँ, साड़ी के धागों को रंगने के अलावा कई अन्य चीजों को भी रंगा जाता है। उदाहरण के लिए, ऊन को रंगकर स्वेटर या शॉल बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अतिरिक्त, घरों की दीवारों को सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए पेंट से रंगा जाता है। कागज, प्लास्टिक और चमड़े की वस्तुओं को भी विभिन्न रंगों से रंगा जाता है।

Q4

वाणी और प्रसाद के गाँव में जाओ तो लगता है कि जैसे पूरा गाँव साड़ियाँ ही बना रहा है। क्या तुम कोई ऐसा काम जानते हो, जो एक ही जगह के बहुत सारे लोग करते हैं?
Solution: हाँ, ऐसे कई काम हैं जो एक ही जगह के बहुत सारे लोग मिलकर करते हैं। उदाहरण के लिए, मेरे दादाजी के गाँव में एक विशेष मोहल्ला है जहाँ लगभग सभी लोग मिट्टी के बर्तन बनाने का काम करते हैं। इसी तरह, कुछ गाँवों में लोग विशेष प्रकार की हस्तकला, खेती या छोटे-मोटे उद्योग में विशेषज्ञता रखते हैं और वही काम करते हैं।

Q5

क्या वे कोई चीज तैयार करते हैं?
Solution: हाँ, वे लोग एक विशेष चीज तैयार करते हैं। मेरे दादाजी के गाँव के उस मोहल्ले में रहने वाले लोग मिट्टी का उपयोग करके विभिन्न प्रकार के बर्तन बनाते हैं, जैसे कि सुराही, मटके, दीये और अन्य सजावटी वस्तुएँ।

Q6

उस को तैयार करने का तरीका पता करो।
Solution: मिट्टी के बर्तन तैयार करने की प्रक्रिया काफी विस्तृत होती है। सबसे पहले, अच्छी गुणवत्ता वाली मिट्टी को बारीक पीसकर उसमें पानी मिलाकर अच्छी तरह गूंथा जाता है ताकि वह चिकनी और लचीली हो जाए। इसके बाद, इस गूंथी हुई मिट्टी को कुम्हार के चाक पर रखकर हाथों और औजारों की मदद से इच्छानुसार आकार दिया जाता है। जब बर्तन बन जाते हैं, तो उन्हें कुछ समय के लिए धूप में सुखाया जाता है। पूरी तरह सूख जाने के बाद, इन बर्तनों को भट्टी में उच्च तापमान पर पकाया जाता है ताकि वे मजबूत हो जाएं। अंत में, यदि आवश्यक हो तो उन्हें सुंदर बनाने के लिए विभिन्न रंगों से रंगा जाता है।

Q7

उस चीज को बनाने के लिए क्या आदमी और औरतें अलग-अलग तरह के काम करते हैं?
Solution: हाँ, अक्सर मिट्टी के बर्तन बनाने के काम में आदमी और औरतें अपनी-अपनी भूमिका निभाते हैं। सामान्यतः, आदमी मिट्टी को गूंथने, चाक पर बर्तन बनाने और उन्हें आग में पकाने जैसे मुख्य कार्यों को करते हैं। वहीं, औरतें अक्सर बर्तनों को धूप में सुखाने, उन्हें साफ करने और कभी-कभी उन पर रंगाई या सजावट का काम करती हैं। इस तरह, वे मिलकर एक उत्पाद तैयार करते हैं।

Q8

क्या उस चीज को बनाने में बच्चे भी मदद करते हैं?
Solution: हाँ, कुछ बच्चे भी अपने माता-पिता के साथ बर्तन बनाने के काम में मदद करते हैं। वे अक्सर छोटे-मोटे काम जैसे बर्तनों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना, उन्हें सुखाना या सफाई में सहायता करते हैं। यह उन्हें कम उम्र से ही अपने पारिवारिक व्यवसाय के बारे में सिखाता है।

पता करो और लिखो

Q1

किसी लुहार, बढ़ई या कुम्हार से बातचीत करो और उनके काम के बारे में पता लगाओ-
Solution: मैंने एक कुम्हार से बातचीत की और उनके काम के बारे में जानकारी प्राप्त की। यहाँ उनसे पूछे गए प्रश्न और उनके उत्तर दिए गए हैं:

Q2

उन्होंने अपना काम कहाँ से सीखा?
Solution: कुम्हार ने बताया कि उन्होंने यह कला अपने बुजुर्गों, यानी अपने पिता और दादाजी से सीखी है। यह एक पारंपरिक हुनर है जो पीढ़ी दर पीढ़ी परिवार में हस्तांतरित होता है।

Q3

उनको काम में क्या-क्या चीजें सीखनी पड़ती हैं?
Solution: कुम्हार को बर्तन बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कौशल सीखने पड़ते हैं। इनमें मिट्टी को सही ढंग से पीसना और गूंधना, चाक को कुशलता से चलाना, मिट्टी के बर्तनों को विभिन्न आकार देना, और फिर उन्हें आग में पकाकर मजबूत बनाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, बर्तनों को सुंदर बनाने के लिए उन पर रंगाई या अन्य सजावट का काम भी सीखना पड़ता है।

Q4

क्या उन्होंने अपना काम अपने परिवार में किसी और को भी सिखाया है?
Solution: हाँ, उन्होंने यह काम अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी सिखाया है। उन्होंने अपने बच्चों को भी इस पारंपरिक कला में प्रशिक्षित किया है ताकि यह हुनर आगे भी जारी रहे।

Q5

नीचे तालिका में कुछ कामों की सूची दी गई है। क्या तुम ऐसे लोगों को जानते हो, जो ये काम जानते हैं? उन लोगों के नाम लिखो। पता करो कि उन्होंने ये काम किस से सीखे।
Solution:

यहाँ तालिका में दिए गए कामों के बारे में जानकारी दी गई है, जिसमें उन लोगों के नाम और उन्होंने यह काम कहाँ से सीखा, इसका उल्लेख है:

काम उनके नाम, जो उन्होंने यह काम सीखा कहाँ से सीखा
कपड़े की बुनाई करना वाणी, प्रसाद के अम्मा-अप्पा अपने परिवार से
खाना पकाना मेरी माँ अपनी माँ से
साइकिल रिपेयर करना मेरे चाचाजी एक मैकेनिक से
हवाई जहाज उड़ाना (यह जानकारी उपलब्ध नहीं है) (यह जानकारी उपलब्ध नहीं है)
सिलाई-कढाई करना मेरी नानी अपनी माँ से
गाना गाना मेरे शिक्षक संगीत अकादमी से
जूते बनाना (यह जानकारी उपलब्ध नहीं है) (यह जानकारी उपलब्ध नहीं है)
पतंग उड़ाना मेरे दोस्त अपने बड़े भाई से
खेती करना मेरे दादाजी अपने पिता से
बाल काटना नाई (हमारे मोहल्ले के) अपने गुरु से

Common mistakes

  • Confusing the specific techniques of Pochampally weaving with general weaving.
  • Not elaborating on the socio-economic challenges faced by artisans.
  • Providing very brief answers to open-ended discussion questions.
  • Failing to connect the learning of crafts to family traditions.

Revision tips

  • Focus on understanding the step-by-step process of weaving and dyeing.
  • Discuss the importance of preserving traditional arts with family or friends.
  • Try to relate the artisans' work to other traditional crafts you know.
  • Pay attention to the challenges mentioned and think about possible solutions.

Practice MCQs

Q1. पोचमपल्ली गाँव किस कला के लिए प्रसिद्ध है?

Q2. करघे पर कपड़ा बुनने के लिए मुख्य रूप से किन चीजों की आवश्यकता होती है?

Q3. पारंपरिक कलाओं को सीखने का एक सामान्य तरीका क्या है?

Q4. कुम्हार अपने बर्तन बनाने के लिए मुख्य रूप से किस सामग्री का उपयोग करता है?

Q5. कपड़ों को रंगने के लिए किस चीज का उपयोग किया जाता है?

Frequently asked questions

यह पाठ किस बारे में है?

यह पाठ 'पोचमपल्ली' नामक गाँव की पारंपरिक बुनाई और रंगाई की कला के बारे में है, जहाँ के लोग पीढ़ियों से यह काम करते आ रहे हैं।

पोचमपल्ली के बुनकर किन समस्याओं का सामना करते हैं?

बुनकर अक्सर यह पाते हैं कि रेशम महंगा हो रहा है और उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है, जिससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होती है।

क्या पारंपरिक कलाएं सीखना केवल स्कूल में ही संभव है?

नहीं, पारंपरिक कलाएं अक्सर परिवार के बड़ों से या समुदाय में रहकर सीखी जाती हैं, जैसा कि इस पाठ में बुनकरों और कुम्हारों के उदाहरणों से पता चलता है।

इस पाठ से बच्चे क्या सीख सकते हैं?

बच्चे पारंपरिक कलाओं के महत्व, उन्हें सीखने की प्रक्रिया, कारीगरों के जीवन और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता के बारे में सीख सकते हैं।

क्या पाठ में केवल बुनाई के बारे में बताया गया है?

नहीं, पाठ में बुनाई के अलावा अन्य पारंपरिक कामों जैसे मिट्टी के बर्तन बनाना (कुम्हार का काम) और सिलाई-कढ़ाई का भी उल्लेख है, और यह पता लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है कि ये काम कैसे सीखे जाते हैं।

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