CBSE Class 4 Hindi Rimjhim: Chapter 5 'Dost Ki Poshak' NCERT Solutions

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This chapter, 'Dost Ki Poshak' (A Friend's Attire), from CBSE Class 4 Hindi Rimjhim, delves into a humorous story about friendship, misunderstandings, and social appearances. The NCERT Solutions provide detailed answers to questions based on the narrative, exploring the characters of Naseeruddin and his friend Jamal. Students will learn about the importance of context in communication, the nuances of social etiquette, and how appearances can sometimes lead to awkward situations. The solutions break down the story's events, character motivations, and the underlying humor, helping young learners grasp the story's message. These solutions are designed to aid students in understanding the text thoroughly and preparing effectively for their exams by clarifying complex plot points and character interactions.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 4
SubjectRimjhim
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 5

Chapter summary

Chapter 5, 'Dost Ki Poshak', of the CBSE Class 4 Hindi Rimjhim textbook focuses on a story that highlights the humorous consequences of miscommunication and social pretension. The NCERT Solutions cover comprehension questions about the characters' interactions, their feelings, and the reasons behind their actions. It also includes exercises that encourage students to think critically about social situations and personal expression, such as how one dresses up and where they go. The solutions aim to enhance reading comprehension and analytical skills related to the story's themes.

Learning outcomes

  • Understand the story 'Dost Ki Poshak' and its characters.
  • Answer comprehension questions based on the narrative.
  • Analyze character motivations and their impact on the story.
  • Explain the social nuances related to clothing and appearance.
  • Develop critical thinking about communication and social interactions.

Topics covered

Paper topics

  • Friendship
  • Misunderstandings
  • Social Appearances
  • Clothing and Identity
  • Communication
  • Humor in Literature
  • Comprehension Skills
  • Character Analysis

Important topics

  • Understanding the story's plot and characters
  • Analyzing the reasons behind characters' actions
  • The role of clothing in social perception
  • The humor arising from miscommunication

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. नसीरुद्दीन किससे मिलकर बहुत खुश हुए?

प्रश्न 1. नसीरुद्दीन किससे मिलकर बहुत खुश हुए?
Solution: नसीरुद्दीन अपने एक बहुत पुराने और प्रिय मित्र, जमाल साहब से मिलकर अत्यंत प्रसन्न हुए। यह मुलाकात उनके लिए बहुत खुशी का अवसर थी।

प्रश्न 2. जमाल साहब ने नसीरूद्दीन के साथ उनके मोहल्ले में घूमने से क्यों मना कर दिया?

प्रश्न 2. जमाल साहब ने नसीरूद्दीन के साथ उनके मोहल्ले में घूमने से क्यों मना कर दिया?
Solution:जमाल साहब ने नसीरुद्दीन के साथ उनके मोहल्ले में घूमने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि उन्होंने उस समय एक साधारण और मामूली सी पोशाक पहन रखी थी। वे अपनी इस साधारण वेशभूषा में बाहर जाकर नसीरुद्दीन के साथ घूमना पसंद नहीं कर रहे थे।

प्रश्न 3. "यह सुनकर जमाल साहब पर तो मानो घड़ों पानी पड़ गया।" क्या सुनकर जमाल साहब पर घड़ों पानी पड़ गया?

प्रश्न 3. "यह सुनकर जमाल साहब पर तो मानो घड़ों पानी पड़ गया।" क्या सुनकर जमाल साहब पर घड़ों पानी पड़ गया?
Solution:जब नसीरुद्दीन अपने दोस्त जमाल साहब को अपने पड़ोसी से मिलवाने ले गए, तो उन्होंने पड़ोसी से जमाल साहब का परिचय कराते हुए कहा, "इन्होंने जो अचकन पहन रखी है, वह मेरी है।" यह बात सुनकर जमाल साहब को बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई और ऐसा लगा मानो उन पर घड़ों पानी पड़ गया हो।

प्रश्न 4. नसीरुद्दीन ने किससे माफी माँगी?

प्रश्न 4. नसीरुद्दीन ने किससे माफी माँगी?
Solution:नसीरुद्दीन ने अपनी गलती का एहसास होने पर अपने दोस्त जमाल साहब से माफी माँगी। उन्होंने जमाल साहब को हुई शर्मिंदगी के लिए खेद व्यक्त किया।

प्रश्न 5. क्या नसीरुद्दीन ने जान बूझकर गलती की?

प्रश्न 5. क्या नसीरुद्दीन ने जान बूझकर गलती की?
Solution:नहीं, नसीरुद्दीन ने जानबूझकर गलती नहीं की थी। वह एक कम बुद्धि वाला व्यक्ति था जिसे यह समझ नहीं थी कि किस परिस्थिति में क्या कहना उचित होता है। उनकी बात अनजाने में कही गई थी, जिससे जमाल साहब को असहजता हुई।

(क) तुम बनठन कर कहाँ-कहाँ जाते हो?

(क) तुम बनठन कर कहाँ-कहाँ जाते हो?
Solution:जब मैं अच्छी तरह से तैयार होता हूँ (बन-ठन कर), तो मैं अक्सर विशेष अवसरों पर जाता हूँ जैसे कि पारिवारिक विवाह समारोहों में, दोस्तों के जन्मदिन की पार्टियों में, या कभी-कभी किसी बड़े शॉपिंग मॉल में जहाँ लोग अच्छे कपड़े पहनते हैं।

(ख) तुम किस-किस तरह से बनते-ठनते हो?

(ख) तुम किस-किस तरह से बनते-ठनते हो?
Solution:मैं बनने-सँवरने के लिए सबसे पहले साफ-सुथरे और नए कपड़े पहनता हूँ। इसके साथ ही, मैं नए या चमकीले जूते पहनता हूँ और अपने बालों को सँवारता हूँ ताकि मैं अच्छा दिख सकूँ।

(क) तीसरे मकान से बाहर निकलकर जमाल साहब ने नसीरुद्दीन से क्या कहा होगा?

(क) तीसरे मकान से बाहर निकलकर जमाल साहब ने नसीरुद्दीन से क्या कहा होगा?
Solution:तीसरे मकान से बाहर निकलने के बाद, जमाल साहब ने शायद नसीरुद्दीन से कहा होगा, "नसीरुद्दीन, अब मुझे तुम्हारे साथ कहीं और नहीं जाना है। मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही है। कृपया मुझे घर वापस ले चलो।"

(ख) जमाल साहब अपने मामूली से कपड़ों में घूमने क्यों नहीं जाना चाहते होंगे?

(ख) जमाल साहब अपने मामूली से कपड़ों में घूमने क्यों नहीं जाना चाहते होंगे?
Solution:जमाल साहब शायद इसलिए अपने मामूली कपड़ों में घूमने नहीं जाना चाहते थे क्योंकि उनका मानना था कि लोगों की पहचान अक्सर उनके पहनावे से होती है। उन्हें डर था कि अगर वे साधारण कपड़े पहनेंगे तो लोग उन्हें कमतर या साधारण समझेंगे, जो उन्हें स्वीकार्य नहीं था।

(ग) नसीरुद्दीन अपनी अचकन के बारे में हमेशा क्यों बताते होंगे?

(ग) नसीरुद्दीन अपनी अचकन के बारे में हमेशा क्यों बताते होंगे?
Solution:नसीरुद्दीन शायद अपनी अचकन के बारे में हमेशा हँसी-मजाक करने या लोगों को हँसाने के उद्देश्य से बताते होंगे। यह उनकी आदत हो सकती है कि वे ऐसी बातें कहकर माहौल को हल्का-फुल्का बना देते हैं, भले ही वे सच न हों।

गपशप: जब जमाल साहब और नसीरुद्दीन हुसैन साहब के घर से बाहर निकले तो उन्होंने अपनी वेगम को नसीरुद्दीन और जमाल साहब से मुलाकात का किस्सा सुनाया। उन दोनों के बीच में क्या बातचीत हुई होगी? लिखकर बताओ।

गपशप: जब जमाल साहब और नसीरुद्दीन हुसैन साहब के घर से बाहर निकले तो उन्होंने अपनी वेगम को नसीरुद्दीन और जमाल साहब से मुलाकात का किस्सा सुनाया। उन दोनों के बीच में क्या बातचीत हुई होगी? लिखकर बताओ।

बेगम – कौन आया था?

हुसैन साहब – नसीरुद्दीन अपने दोस्त के साथ आया था।

बैगम – दोस्त का नाम क्या था?

हुसैन – जमाल । वह उसका बहुत पुराना दोस्त था।

बेगम – तब, क्या-क्या बातें हुई?

हुसैन – तुम तो जानती ही हो नसीरुद्दीन को। क्या खूब इंसान है।

बेगम – इसका मतलब है उसने फिर कुछ मजेदार बात कही होगी।

हुसैन – हाँ, हाँ तुमने ठीक अनुमान लगाया। नसीरुद्दीन अपने दोस्त जमाल का परिचय कराते समय कह रहा था कि इन्होंने (जमाल ने अपनी ही अचकन पहन रखी है।

बेगम – तब तो जमाल साहब जरूर नसीरुद्दीन का ही अचकन पहनकर घूमने निकले होंगे।

हुसैन – मुझे भी ऐसा ही लगता है।

बैगम - तब तो जमाल साहब जरूर नाराज हुए होंगे।

हुसैन – उनके चेहरे से तो ऐसा ही लग रहा था।

Solution:

बेगम: आज कौन-कौन आया था घर पर?

हुसैन साहब: अरे, नसीरुद्दीन आया था अपने एक पुराने दोस्त के साथ।

बेगम: अच्छा, दोस्त का नाम क्या था? और क्या बात हुई?

हुसैन साहब: दोस्त का नाम जमाल था। तुम तो जानती हो नसीरुद्दीन को, वह हमेशा कुछ न कुछ मज़ेदार करता रहता है।

बेगम: हाँ, मुझे पता है। तो आज क्या मज़ेदार हुआ?

हुसैन साहब: आज तो उसने हद ही कर दी! जब मैं उनसे मिला, तो नसीरुद्दीन अपने दोस्त जमाल का परिचय कराते हुए कह रहा था कि जमाल ने जो अचकन पहनी है, वह उसी की है।

बेगम: अरे बाप रे! इसका मतलब है कि जमाल साहब ने नसीरुद्दीन की ही अचकन पहन ली थी?

हुसैन साहब: हाँ, मुझे तो ऐसा ही लगा।

बेगम: फिर तो जमाल साहब को बहुत बुरा लगा होगा और वे ज़रूर नाराज़ हुए होंगे।

हुसैन साहब: हाँ, उनके चेहरे के हाव-भाव देखकर तो ऐसा ही लग रहा था कि वे बहुत असहज और नाराज़ थे।

घूमना-फिरना: जब तुम अपने दोस्तों से मिलते हो, तब क्या-क्या करते हो?

घूमना-फिरना: जब तुम अपने दोस्तों से मिलते हो, तब क्या-क्या करते हो?
Solution:जब मैं अपने दोस्तों से मिलता हूँ, तो हम अक्सर साथ में आस-पड़ोस में घूमने जाते हैं। कभी-कभी हम बाज़ार जाकर कुछ ज़रूरी या पसंद की चीजें खरीदते हैं। हम साथ बैठकर अपनी पसंद का खाना खाते हैं और खूब सारी बातें करते हैं, हँसी-मजाक करते हैं। कभी-कभी हम दोस्तों के साथ मिलकर कोई खेल भी खेलते हैं।

Common mistakes

  • Misinterpreting the characters' intentions.
  • Confusing the sequence of events in the story.
  • Not fully understanding the humor derived from the situation.
  • Providing superficial answers to deeper comprehension questions.

Revision tips

  • Read the story 'Dost Ki Poshak' carefully to understand the plot.
  • Review the provided solutions to grasp the reasoning behind each answer.
  • Pay attention to the characters' dialogue and actions.
  • Discuss the story's themes with friends or teachers to deepen understanding.

Practice MCQs

Q1. नसीरुद्दीन अपने किस दोस्त से मिलकर बहुत खुश हुए?

Q2. जमाल साहब ने नसीरुद्दीन के साथ उनके मोहल्ले में घूमने से क्यों मना कर दिया?

Q3. नसीरुद्दीन ने जमाल साहब का परिचय कराते हुए क्या कहा?

Q4. नसीरुद्दीन की बात सुनकर जमाल साहब पर मानो घड़ों पानी पड़ गया। इसका क्या अर्थ है?

Q5. नसीरुद्दीन ने अंत में किससे माफी माँगी?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 4 के हिंदी विषय के लिए हैं, विशेष रूप से 'रिमझिम' पुस्तक के अध्याय 5 'दोस्त की पोशाक' के लिए।

अध्याय 5 'दोस्त की पोशाक' में मुख्य कहानी क्या है?

यह कहानी नसीरुद्दीन और उसके दोस्त जमाल साहब के बारे में है, जहाँ नसीरुद्दीन अनजाने में अपने दोस्त को शर्मिंदा कर देते हैं, जिससे हास्य और गलतफहमी पैदा होती है।

इन समाधानों से छात्रों को क्या सीखने को मिलेगा?

छात्र कहानी को बेहतर ढंग से समझने, पात्रों के इरादों का विश्लेषण करने, सामाजिक व्यवहार और संचार के महत्व को सीखने में मदद प्राप्त करेंगे।

क्या इन समाधानों में कहानी के सभी प्रश्न शामिल हैं?

हाँ, इन समाधानों में पाठ्यपुस्तक के अध्याय 5 से संबंधित सभी प्रश्न और उनके विस्तृत उत्तर शामिल हैं।

समाधानों में प्रश्नों के उत्तर कैसे दिए गए हैं?

प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्ट और विस्तृत तरीके से दिया गया है, जिससे छात्रों को कहानी के संदर्भ को समझने में मदद मिलती है।

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