कक्षा 4 पर्यावरण अध्ययन (आस-पास) - अध्याय 21: खाना-खिलाना NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 4 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 4 के पर्यावरण अध्ययन (आस-पास) के अध्याय 21, 'खाना-खिलाना' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय छात्रों को विभिन्न प्रकार के स्कूलों, विशेष रूप से बोर्डिंग स्कूलों, और वहाँ की दैनिक दिनचर्या के बारे में सिखाता है। इसमें हॉस्टल जीवन, भोजन की व्यवस्था, और घर से दूर रहने के अनुभव पर चर्चा की गई है। इसके अतिरिक्त, यह अध्याय गुरुद्वारे में आयोजित होने वाले 'लंगर' की अवधारणा को भी समझाता है, जहाँ समुदाय के लोग मिलकर खाना बनाते और खाते हैं। समाधान छात्रों को इन अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं, जिससे वे विभिन्न सामाजिक और शैक्षिक परिवेशों के बीच अंतर कर सकें। ये समाधान परीक्षा की तैयारी और विषय की गहरी समझ के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 4
SubjectParyavaran Adhyayan (Aas Paas)
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 21

Chapter summary

कक्षा 4 के पर्यावरण अध्ययन के अध्याय 21 'खाना-खिलाना' के ये NCERT समाधान छात्रों को बोर्डिंग स्कूलों और सामान्य स्कूलों के बीच अंतर समझने में मदद करते हैं। इसमें हॉस्टल में रहने वाले बच्चों के भोजन, रहने की व्यवस्था और घर की याद आने जैसे पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही, यह गुरुद्वारे के 'लंगर' की सामाजिक और सामुदायिक भावना को भी दर्शाता है, जहाँ सभी मिलकर खाना बनाते और खाते हैं। ये समाधान छात्रों को विभिन्न सामाजिक परिवेशों में भोजन की व्यवस्था और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को समझने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • बोर्डिंग स्कूल और सामान्य स्कूलों के बीच मुख्य अंतरों को समझना।
  • हॉस्टल में रहने वाले बच्चों के दैनिक जीवन और भोजन व्यवस्था के बारे में जानना।
  • 'लंगर' की अवधारणा और इसके सामुदायिक महत्व को समझना।
  • सामूहिक रूप से भोजन पकाने और परोसने की प्रक्रिया का वर्णन करना।
  • घर से दूर रहने पर महसूस होने वाली भावनाओं को व्यक्त करना।

Topics covered

Paper topics

  • बोर्डिंग स्कूल
  • सामान्य स्कूल
  • हॉस्टल जीवन
  • भोजन व्यवस्था
  • रसोईये
  • कर्मचारी
  • घर की याद
  • लंगर
  • गुरुद्वारा
  • सामुदायिक भोजन
  • सेवा
  • समानता

Important topics

  • बोर्डिंग स्कूल बनाम सामान्य स्कूल
  • हॉस्टल में दैनिक जीवन
  • लंगर की अवधारणा और महत्व
  • सामुदायिक भोजन पकाने और परोसने की प्रक्रिया
  • घर से दूर रहने के अनुभव

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

क्या तुम बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते हो?
Solution: नहीं, मैं बोर्डिंग स्कूल में नहीं पढ़ता हूँ। मैं एक सामान्य स्कूल में पढ़ता हूँ जहाँ मैं दिन में पढ़ाई करता हूँ और शाम को अपने घर वापस आ जाता हूँ।

प्रश्न 2

अगर नहीं, तो किसी हॉस्टल में रहने वाले बच्चे से बातचीत करके पता करो।
Solution: मेरा एक दोस्त हॉस्टल में रहता है। उससे बातचीत करने पर पता चला कि हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को स्कूल के बाद वहीं रुकना पड़ता है। वे वहीं सोते हैं और वहीं खाना खाते हैं। उन्हें केवल त्योहारों या लंबी छुट्टियों में ही घर जाने का मौका मिलता है।

प्रश्न 3

बोर्डिंग स्कूल और दूसरे स्कूल किन-किन बातों में अलग होते हैं?
Solution: बोर्डिंग स्कूल और सामान्य स्कूलों के बीच मुख्य अंतर यह है कि बोर्डिंग स्कूल में बच्चे 24 घंटे, यानी रहकर पढ़ाई करते हैं, सोते हैं और खाना खाते हैं। वे केवल त्योहारों या छुट्टियों पर ही अपने घर जाते हैं। इसके विपरीत, सामान्य स्कूलों में बच्चे केवल दिन के समय पढ़ाई के लिए जाते हैं और पढ़ाई पूरी होने के बाद शाम को अपने-अपने घर लौट जाते हैं।

प्रश्न 4

वहाँ पर कैसा खाना मिलता है?
Solution: बोर्डिंग स्कूल या हॉस्टल में आमतौर पर पौष्टिक और संतुलित भोजन मिलता है। वहाँ बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार के व्यंजन पकाए जाते हैं, जैसे दाल, चावल, रोटी, सब्जियाँ, सलाद और कभी-कभी फल या दूध भी।

प्रश्न 5

बच्चे कहाँ बैठकर खाना खाते हैं?
Solution: बोर्डिंग स्कूल या हॉस्टल में बच्चे आमतौर पर एक साथ एक विशेष स्थान पर बैठकर खाना खाते हैं, जिसे डाइनिंग हॉल कहा जाता है। यह एक बड़ी सी जगह होती है जहाँ कई मेजें और कुर्सियाँ लगी होती हैं ताकि सभी बच्चे एक साथ भोजन कर सकें।

प्रश्न 6

बोर्डिंग स्कूल में बच्चों के लिए खाना कौन बनाता है? कौन परोसता है?
Solution: बोर्डिंग स्कूल में बच्चों के लिए खाना बनाने का काम पेशेवर रसोइयों (शेफ) का होता है। वे बड़ी मात्रा में और पौष्टिक भोजन तैयार करते हैं। खाना परोसने का काम अक्सर स्कूल के अन्य कर्मचारी या कभी-कभी बड़े छात्र भी करते हैं, ताकि सभी को समय पर भोजन मिल सके।

प्रश्न 7

बर्तन कौन धोता है?
Solution: बोर्डिंग स्कूल में बर्तन धोने के लिए विशेष कर्मचारी नियुक्त होते हैं। ये कर्मचारी खाना खाने के बाद मेजों को साफ करते हैं और सभी बर्तनों को धोकर सुखाते हैं, ताकि वे अगले भोजन के लिए तैयार रहें।

प्रश्न 8

क्या कभी बच्चों को घर के खाने की याद आती है?
Solution: हाँ, यह बहुत स्वाभाविक है कि बोर्डिंग स्कूल या हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को कभी-कभी अपने घर के खाने की बहुत याद आती है। घर का बना खाना अक्सर उन्हें माँ के प्यार और अपनेपन का एहसास कराता है, जो उन्हें वहाँ नहीं मिल पाता।

प्रश्न 9

क्या तुम बोर्डिंग स्कूल में पढ़ना चाहोगे? क्यों?
Solution: नहीं, मैं बोर्डिंग स्कूल में पढ़ना नहीं चाहूँगा। इसका मुख्य कारण यह है कि बोर्डिंग स्कूल में मुझे अपने माता-पिता और परिवार से दूर रहना पड़ेगा। मैं अपने परिवार के साथ रहकर, उनसे बातें करके और उनके साथ समय बिताकर खुश रहता हूँ।

प्रश्न 1

गुरुद्वारे में एक साथ मिलकर खाना पकाने और खाने को 'लंगर' कहते हैं। क्या तुमने कभी लंगर में खाना खाया है?
Solution: हाँ, मैंने लंगर में खाना खाया है। यह एक बहुत ही सुखद अनुभव था जहाँ सभी लोग मिलकर सेवा करते हैं और एक साथ भोजन करते हैं।

प्रश्न 2

कब और कहाँ?
Solution: मैंने अपने दोस्तों के साथ एक बार गुरुनानक जयंती के अवसर पर पास के गुरुद्वारे में लंगर में खाना खाया था। यह एक बहुत ही यादगार अनुभव था।

प्रश्न 3

कितने लोग खाना बना रहे थे और कितने लोग खाना परोस रहे थे?
Solution: लंगर में बहुत से लोग मिलकर सेवा कर रहे थे। अनुमानतः लगभग 15 लोग खाना पकाने में व्यस्त थे और लगभग 25 से 30 लोग बारी-बारी से आकर सभी श्रद्धालुओं को खाना परोस रहे थे।

प्रश्न 4

क्या किसी दूसरे अवसर पर भी तुमने बहुत से लोगों के साथ मिलकर खाना खाया है?
Solution: हाँ, मैंने दूसरे अवसरों पर भी बहुत से लोगों के साथ मिलकर खाना खाया है। ये अवसर अक्सर स्कूल के कार्यक्रमों या सामुदायिक समारोहों में होते हैं।

प्रश्न 5

कब और कहाँ?
Solution: पिछले वर्ष, मेरे स्कूल में सरस्वती पूजा और स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर सभी छात्रों और शिक्षकों ने मिलकर खाना खाया था। यह एक बहुत ही आनंददायक अनुभव था जहाँ सबने मिलकर भोजन का आनंद लिया।

प्रश्न 6

वहाँ किस-किस ने खाना बनाया और परोसा था?
Solution: उन अवसरों पर, खाना मुख्य रूप से हलवाई (पेशेवर रसोइयों) द्वारा बनाया गया था। खाना परोसने का काम हम सभी दोस्तों ने मिलकर बारी-बारी से किया था। यह एक सामूहिक प्रयास था जिसमें सभी ने सहयोग दिया।

Common mistakes

  • बोर्डिंग स्कूल और हॉस्टल के बीच के अंतर को समझने में भ्रमित होना।
  • लंगर में भोजन पकाने और परोसने में शामिल लोगों की संख्या का अनुमान लगाने में गलती करना।
  • सामूहिक भोजन के अवसरों को व्यक्तिगत भोजन अनुभवों से अलग करने में कठिनाई।
  • घर से दूर रहने की भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त न कर पाना।

Revision tips

  • बोर्डिंग स्कूल की दिनचर्या और सामान्य स्कूल की दिनचर्या की तुलना करते हुए एक तालिका बनाएँ।
  • लंगर के बारे में सीखी गई बातों को अपने शब्दों में लिखें, जिसमें खाना पकाने और परोसने वाले लोग शामिल हों।
  • उन अवसरों के बारे में सोचें जब आपने बहुत से लोगों के साथ मिलकर खाना खाया हो और उसका वर्णन करें।
  • घर से दूर रहने पर आपको कैसा महसूस होगा, इस पर विचार करें और लिखें।

Practice MCQs

Q1. बोर्डिंग स्कूल में बच्चे कहाँ रहकर पढ़ाई करते हैं, सोते हैं और खाना खाते हैं?

Q2. गुरुद्वारे में एक साथ मिलकर खाना पकाने और खाने की प्रथा को क्या कहते हैं?

Q3. सामान्य स्कूलों में बच्चे पढ़ाई के बाद क्या करते हैं?

Q4. बोर्डिंग स्कूल में बच्चों के लिए खाना कौन बनाता है?

Q5. लंगर में खाना कौन परोसता है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान कक्षा 4 के पर्यावरण अध्ययन (आस-पास) विषय के लिए है।

इस समाधान में कौन से अध्याय को कवर किया गया है?

इस समाधान में अध्याय 21, जिसका शीर्षक 'खाना-खिलाना' है, को कवर किया गया है।

बोर्डिंग स्कूल और सामान्य स्कूल में मुख्य अंतर क्या है?

बोर्डिंग स्कूल में छात्र वहीं रहकर पढ़ते, सोते और खाना खाते हैं, जबकि सामान्य स्कूल के छात्र पढ़ाई के बाद शाम को घर चले जाते हैं।

'लंगर' क्या होता है?

लंगर गुरुद्वारे में आयोजित एक सामूहिक भोजन की व्यवस्था है जहाँ सभी लोग मिलकर खाना बनाते और खाते हैं। यह सेवा और समानता का प्रतीक है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान अध्याय की मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए सहायक हैं।

हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को किन बातों की याद आ सकती है?

हॉस्टल में रहने वाले बच्चों को अक्सर अपने घर, परिवार और घर के खाने की याद आती है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.