CBSE Class 4 Paryavaran Adhyayan (Aas Paas) Chapter 13: Pahadon se Samundar Tak NCERT Solutions

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This chapter, "Pahadon se Samundar Tak" (From Mountains to the Sea), for CBSE Class 4 Paryavaran Adhyayan (Aas Paas), explores the journey of a river and the impact of human activities on its water quality. Through engaging questions and detailed solutions, students will learn about the natural beauty of a river, the causes of water pollution from factories and settlements, and the consequences of these pollutants on aquatic life and the environment. The solutions emphasize understanding the changes in water color and clarity, discussing reasons for fish mortality, and reflecting on personal preferences for living environments. This chapter encourages critical thinking about conservation and the importance of keeping our rivers clean for a healthier ecosystem. These NCERT solutions are designed to help students grasp these vital environmental concepts and prepare effectively for their exams by providing clear explanations and thought-provoking answers.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 4
SubjectParyavaran Adhyayan (Aas Paas)
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 13

Chapter summary

Chapter 13, "Pahadon se Samundar Tak," in the Class 4 Paryavaran Adhyayan (Aas Paas) textbook focuses on the life cycle of a river and the environmental challenges it faces. The NCERT solutions cover the transformation of a clean river into a polluted one due to industrial waste, domestic sewage, and other human activities. Students will explore concepts like water pollution, its sources, and its effects on aquatic life. The solutions encourage discussion on water quality, habitat preservation, and personal responsibility towards environmental conservation, aiding in a deeper understanding of ecological balance.

Learning outcomes

  • Understand the journey of a river from its origin to the sea.
  • Identify sources of water pollution in rivers.
  • Explain the impact of pollution on aquatic life and the river ecosystem.
  • Discuss the changes in water quality and appearance due to pollution.
  • Reflect on personal choices regarding environmental cleanliness.
  • Recognize the importance of keeping rivers clean.

Topics covered

Paper topics

  • River journey
  • Water pollution
  • Sources of pollution (factories, settlements)
  • Impact on aquatic life
  • Changes in water quality
  • Environmental conservation
  • Human impact on rivers
  • River ecosystem

Important topics

  • Causes of river pollution
  • Effects of pollution on fish and water
  • Identifying pollution sources in diagrams
  • Importance of clean rivers
  • Personal responsibility for conservation

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Questions and Solutions

पाठ 13: पहाडों से समुंदर तक - प्रश्न 1

नदी के चित्र को ध्यान से देखो और नीचे दिए गए शब्दों को पढो। चित्र और शब्दों की मदद से एक कहानी लिखो। अपनी कहानी के लिए कोई नाम भी सोचो।

शब्द: नाव, बहता पानी, नीला, मछलियाँ, पानी के पौधे, नदी, बड़ा जहाज, तेल, नदी के किनारे, बदबू, फैक्ट्रियाँ, जानवर, कपडे धोना, दूसरे काम, बदलाव, शहर।

Solution:

कहानी का नाम: नदी का बदलता रूप

बहुत समय पहले की बात है, एक सुंदर सी नदी पहाड़ों से निकलती थी। उसका पानी एकदम साफ और नीले रंग का था, जिसमें रंग-बिरंगी मछलियाँ तैरती थीं और पानी के सुंदर पौधे भी थे। नदी के किनारे का जीवन बहुत शांत और हरा-भरा था।

धीरे-धीरे, नदी के किनारे एक फैक्ट्री लगाई गई। फैक्ट्री से निकलने वाले धुएँ और कचरे ने हवा और पानी को दूषित करना शुरू कर दिया। फैक्ट्री में सामान लाने-ले जाने के लिए बड़े-बड़े जहाज आने लगे। कभी-कभी इन जहाजों से तेल रिसता था, जो पानी में फैलकर उसे और गंदा कर देता था।

जैसे-जैसे समय बीता, नदी के किनारे लोग बसने लगे और एक छोटा सा शहर बन गया। शहर के लोगों ने नदी में कपड़े धोना, बर्तन धोना और अपने जानवरों को नहलाना शुरू कर दिया। घरों से निकलने वाला गंदा पानी भी सीधे नदी में जाने लगा। फैक्ट्री का कचरा भी नदी में ही फेंका जाने लगा।

इन सब कारणों से नदी का पानी धीरे-धीरे गंदा और बदबूदार हो गया। उसका नीला रंग गायब हो गया और मछलियाँ तथा पानी के पौधे भी कम होने लगे। जो नदी कभी जीवनदायिनी थी, वह अब प्रदूषण का शिकार हो गई थी। यह नदी के रूप में एक दुखद बदलाव था।

पाठ 13: पहाडों से समुंदर तक - पृष्ठ संख्या 107, प्रश्न 1

जहाँ से नदी निकलना शुरू हो रही है, वहाँ पानी का रंग कैसा है?
Solution:

जहाँ से नदी निकलना शुरू हो रही है, वहाँ का पानी बहुत साफ होता है। इस साफ पानी का अपना कोई विशेष रंग नहीं होता, यह रंगहीन होता है। हालांकि, जब हम इसे दूर से देखते हैं, तो यह आसपास के वातावरण और प्रकाश के कारण नीला दिखाई दे सकता है।

पाठ 13: पहाडों से समुंदर तक - पृष्ठ संख्या 107, प्रश्न 2

नदी में मछलियाँ कहीं ज्यादा हैं, कहीं कम। कहीं-कहीं तो मछलियाँ मरी हुई हैं। ऐसा क्यों हुआ होगा? चर्चा करो।
Solution:

यह स्थिति नदी में प्रदूषण के स्तर के कारण होती है। जहाँ नदी का पानी साफ और स्वच्छ होता है, वहाँ मछलियों के लिए भोजन और रहने का अच्छा वातावरण होता है, इसलिए मछलियाँ ज्यादा होती हैं। इसके विपरीत, जहाँ बस्तियों और फैक्ट्रियों से गंदा पानी, कचरा या रसायन नदी में मिलते हैं, वहाँ पानी प्रदूषित हो जाता है। इस गंदे पानी में मछलियों का जीवित रहना मुश्किल हो जाता है, जिससे उनकी संख्या कम हो जाती है या वे मर जाती हैं।

पाठ 13: पहाडों से समुंदर तक - पृष्ठ संख्या 107, प्रश्न 3

गाँव में पहुँचने से पहले, नदी में क्या-क्या दिखाई दे रहा है?
Solution:

चित्र के अनुसार, गाँव में पहुँचने से पहले नदी में बहुत सारी मछलियाँ तैरती हुई दिखाई दे रही हैं। यह दर्शाता है कि इस हिस्से में नदी का पानी अभी भी काफी साफ है और जलीय जीवन के लिए उपयुक्त है।

पाठ 13: पहाडों से समुंदर तक - पृष्ठ संख्या 107, प्रश्न 4

नदी के पानी का रंग कहाँ-कहाँ बदला? यह क्यों बदला? चर्चा करो।
Solution:

नदी के पानी का रंग उन जगहों पर बदल गया है जहाँ बस्तियाँ और फैक्ट्रियाँ हैं। बस्तियों के पास, घरों से निकलने वाला गंदा पानी और कचरा नदी में मिल जाता है। फैक्ट्रियों से निकलने वाला औद्योगिक कचरा और रसायन भी पानी में घुल जाते हैं। इन सभी प्रदूषित तत्वों के कारण नदी का साफ, नीला पानी मटमैला या गंदा दिखने लगता है।

पाठ 13: पहाडों से समुंदर तक - पृष्ठ संख्या 107, प्रश्न 5

चित्र में दिखाई गई जगहों में से तुम किस जगह रहना पसंद करोगे? क्यों?
Solution:

मैं चित्र में दिखाई गई जगहों में से गाँव के पास नदी किनारे रहना पसंद करूँगा। इसका कारण यह है कि गाँव के पास नदी का पानी अभी भी साफ दिखाई दे रहा है, जो रहने के लिए एक स्वस्थ और सुखद वातावरण प्रदान करता है। इसके विपरीत, फैक्ट्री और शहर के पास का क्षेत्र प्रदूषित है, जहाँ रहना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

पाठ 13: पहाडों से समुंदर तक - पृष्ठ संख्या 107, प्रश्न 6

चित्र में जो कुछ हो रहा है, उसमें क्या तुम कुछ बदलनी चाहोगे? क्या और कैसे?
Solution:

हाँ, मैं चित्र में जो कुछ हो रहा है, उसमें बहुत कुछ बदलना चाहूँगा। सबसे पहले, मैं नदी में कचरा फेंकना बंद करवाना चाहूँगा। फैक्ट्रियों और घरों से निकलने वाले गंदे पानी को नदी में जाने से पहले साफ करने के लिए उपचार संयंत्र (treatment plants) लगवाना चाहूँगा। मैं यह सुनिश्चित करना चाहूँगा कि नदी के किनारे कोई भी व्यक्ति या फैक्ट्री प्रदूषण न फैलाए, ताकि नदी फिर से साफ और सुंदर बन सके।

पाठ 13: पहाडों से समुंदर तक - पृष्ठ संख्या 108, प्रश्न 1

अगर तुम्हें पानी पीना हो, तो नदी के कौन-से हिस्से का पानी पीना चाहोगे? क्यों?
Solution:

अगर मुझे पानी पीना हो, तो मैं नदी के उस हिस्से का पानी पीना चाहूँगा जहाँ से वह निकलना शुरू होती है, यानी पहाड़ों के पास का पानी। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस हिस्से में नदी का पानी सबसे साफ और शुद्ध होता है, जिसमें किसी भी प्रकार का प्रदूषण या हानिकारक तत्व नहीं मिले होते हैं।

Common mistakes

  • Not clearly distinguishing between the river's origin and downstream sections.
  • Failing to connect specific pollution sources (factories, settlements) to water quality changes.
  • Providing superficial answers regarding why fish might be dead or fewer in number.
  • Not elaborating on personal choices for living near a river based on water quality.

Revision tips

  • Visualize the river's journey from mountains to the sea as described in the chapter.
  • List all the human activities that cause river pollution mentioned in the solutions.
  • Think about how each activity affects the river's water and the life within it.
  • Consider the 'why' behind each answer, especially for questions about water color changes and fish.
  • Imagine yourself in the scenarios presented and think about the choices you would make to protect the river.

Practice MCQs

Q1. नदी का पानी कहाँ से शुरू होता है?

Q2. नदी के पानी में मछलियाँ कम या मरी हुई क्यों पाई जाती हैं?

Q3. चित्र में नदी के किनारे क्या बनाया गया जिससे प्रदूषण बढ़ा?

Q4. नदी के पानी का रंग कहाँ-कहाँ बदल जाता है?

Q5. नदी के साफ पानी का रंग कैसा दिखता है?

Frequently asked questions

यह पाठ "पहाड़ों से समुंदर तक" किस बारे में है?

यह पाठ एक नदी की यात्रा के बारे में है, जो पहाड़ों से निकलकर समुंदर तक पहुँचती है, और इस दौरान मानव गतिविधियों के कारण इसमें होने वाले बदलावों और प्रदूषण पर केंद्रित है।

नदी का पानी गंदा क्यों हो जाता है?

नदी का पानी बस्तियों से निकलने वाले गंदे पानी, घरों के कचरे, फैक्ट्रियों से निकलने वाले रसायन और तेल के रिसाव जैसे कारणों से गंदा हो जाता है।

प्रदूषण का मछलियों पर क्या असर पड़ता है?

गंदे पानी में मछलियों को साँस लेने में दिक्कत होती है और वे बीमार पड़ जाती हैं। इससे मछलियों की संख्या कम हो जाती है या वे मर जाती हैं।

हमें नदी के पानी को साफ रखने के लिए क्या करना चाहिए?

हमें नदी में कचरा नहीं फेंकना चाहिए, गंदे पानी को साफ करके ही नदी में छोड़ना चाहिए और फैक्ट्रियों को भी अपने कचरे का सही निपटान करना चाहिए।

यह समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान पाठ के मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट करते हैं, प्रदूषण के कारणों और प्रभावों को समझने में मदद करते हैं, और छात्रों को परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं।

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