कक्षा 4 पर्यावरण अध्ययन: अध्याय 2 कान - कान में NCERT समाधान
यह खंड कक्षा 4 के पर्यावरण अध्ययन के लिए 'कान - कान में' अध्याय पर विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह छात्रों को विभिन्न जानवरों के कानों की संरचना और कार्यप्रणाली को समझने में मदद करता है, जिसमें यह भी शामिल है कि किन जानवरों के कान दिखाई देते हैं और किनके नहीं। समाधान जानवरों के कानों को उनके सही मालिकों से मिलाने, विभिन्न प्रकार के कानों के आकार (पंखे जैसे, पत्ते जैसे) की पहचान करने और त्वचा के पैटर्न को जानवरों से जोड़ने जैसी गतिविधियों पर केंद्रित हैं। यह अध्याय जानवरों की शारीरिक विशेषताओं और उनके पर्यावरण के साथ उनके संबंध के बारे में छात्रों की समझ को बढ़ाता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए स्पष्ट और संक्षिप्त स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 4 |
| Subject | Environmental Studies |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 2 कान -कान में |
Chapter summary
अध्याय 2, 'कान - कान में', कक्षा 4 के पर्यावरण अध्ययन के लिए जानवरों के कानों की विविधता और उनकी त्वचा के पैटर्न पर केंद्रित है। इसमें छात्रों को विभिन्न जानवरों के कानों को पहचानने, मिलान करने और यह समझने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है कि कुछ जानवरों के कान क्यों दिखाई देते हैं और कुछ के क्यों नहीं। समाधान जानवरों की शारीरिक विशेषताओं के बारे में छात्रों की समझ को गहरा करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जो परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं।
Learning outcomes
- विभिन्न जानवरों के कानों की पहचान करना और उन्हें सही जानवरों से मिलाना।
- यह समझना कि कुछ जानवरों के कान बाहर से दिखाई देते हैं और कुछ के नहीं।
- जानवरों के कानों के विभिन्न आकारों (जैसे पंखे जैसे, पत्ते जैसे) का वर्णन करना।
- जानवरों की खाल के पैटर्न को पहचानना और उन्हें सही जानवरों से मिलाना।
- जानवरों की शारीरिक विशेषताओं और उनके पर्यावरण के बीच संबंध को समझना।
Topics covered
Paper topics
- जानवरों के कान
- कानों की पहचान
- कानों के आकार
- दिखाई देने वाले कान
- छिपे हुए कान
- जानवरों की त्वचा
- खाल के पैटर्न
- जानवरों का मिलान
- पंखे जैसे कान
- पत्ते जैसे कान
- जानवरों के बच्चे देना
- अंडे देना
Important topics
- जानवरों के कान (दिखाई देने वाले और छिपे हुए)
- कानों के विभिन्न आकार
- जानवरों की खाल के पैटर्न
- जानवरों का उनकी खाल से मिलान
- कानों और जन्म देने के तरीके के बीच संबंध
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
जानवर: हाथी, कुत्ता, खरगोश, भैंस, हिरन, जिराफ़
कान: चूहा, खरगोश, जिराफ़, चूहा, भैंस, हाथी
इस प्रश्न में, हमें दिए गए जानवरों के कानों को उनके सही मालिकों से मिलाना है। यह एक मजेदार गतिविधि है जो जानवरों की शारीरिक विशेषताओं को समझने में मदद करती है।
यहाँ सही मिलान दिया गया है:
- हाथी के सिर पर जिराफ़ के कान (यह एक काल्पनिक मिलान है, क्योंकि चित्र में ऐसा दिखाया गया है)
- कुत्ते के सिर पर चूहे के कान (यह एक काल्पनिक मिलान है)
- खरगोश के सिर पर खरगोश के कान
- भैंस के सिर पर भैंस के कान
- हिरन के सिर पर हाथी के कान (यह एक काल्पनिक मिलान है)
- जिराफ़ के सिर पर चूहे के कान (यह एक काल्पनिक मिलान है)
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि चित्र में कानों को जानबूझकर गलत जानवरों से जोड़ा गया है ताकि छात्र पहचान सकें कि कौन से कान किस जानवर के हैं। वास्तविक दुनिया में, प्रत्येक जानवर के अपने विशिष्ट कान होते हैं।
प्रश्न 2
जानवर सूची: हिरन, मेंढ़क, मछली, चींटी, कौआ, चीता, चिड़िया, भैंस, साँप, छिपकली, सूअर, बत्तख, हाथी, जिराफ़, बिल्ली।
इस प्रश्न में, हमें दिए गए जानवरों की सूची में से उन जानवरों को पहचानना है जिनके कान बाहर से दिखाई देते हैं और उन जानवरों को जिनके कान बाहर से दिखाई नहीं देते।
यहाँ तालिका दी गई है:
| जानवर जिनके कान बाहर दिखाई देते हैं | जानवर जिनके कान बाहर दिखाई नहीं देते हैं |
|---|---|
| हिरन | मेंढ़क |
| चीता | मछली |
| भैंस | चींटी |
| सूअर | साँप |
| हाथी | छिपकली |
| जिराफ़ | कौआ |
| बिल्ली | चिड़िया |
| (अन्य संभावित उत्तर: चीता, सूअर, बत्तख, चिड़िया, कौआ, छिपकली, बिल्ली) | (अन्य संभावित उत्तर: मेंढ़क, मछली, चींटी, साँप) |
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि जिन जानवरों के कान बाहर से दिखाई नहीं देते, उनके कान त्वचा के नीचे छिपे होते हैं और वे ध्वनि को महसूस कर सकते हैं।
प्रश्न 3
यह सच है कि जिन जानवरों के कान बाहर से दिखाई नहीं देते, उनके कान होते हैं। ये कान त्वचा के नीचे छिपे होते हैं और वे ध्वनि को सुनने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए, मछली, साँप और पक्षियों के कान बाहर से दिखाई नहीं देते, लेकिन वे सुन सकते हैं।
प्रश्न 4
ऊपर दिए गए चित्रों में निम्नलिखित जानवर हैं:
- मुर्गी
- गोरैया (या कोई अन्य छोटा पक्षी)
- तोता
- बत्तख
- कौआ
ये सभी पक्षी हैं और इनके कान बाहर से दिखाई नहीं देते हैं।
प्रश्न 5
नहीं, इन जानवरों (मुर्गी, गोरैया, तोता, बत्तख, कौआ) के कान बाहर से दिखाई नहीं दे रहे हैं। पक्षियों के कान छोटे छिद्रों के रूप में होते हैं जो पंखों से ढके हो सकते हैं, इसलिए वे आसानी से दिखाई नहीं देते।
प्रश्न 6
ऐसे कई जानवर हैं जिनके कान बाहर से दिखाई नहीं देते हैं। कुछ उदाहरण हैं:
- मछली
- साँप
- मेंढ़क
- चींटी
- मधुमक्खी
- मच्छर
- अन्य कीड़े-मकोड़े
- कुछ पक्षी (जैसे कौआ, बत्तख)
इन जानवरों के कान त्वचा के नीचे छिपे होते हैं।
प्रश्न 7
यहाँ विभिन्न प्रकार के कानों वाले जानवरों के नाम दिए गए हैं:
- (क) पंखे जैसे कान: हाथी (हाथी के कान बड़े और पंखे जैसे होते हैं जो शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं।)
- (ख) पत्ते जैसे कान: खरगोश (खरगोश के कान लंबे और पत्ते जैसे होते हैं।)
- (ग) सिर के ऊपर कान: जिराफ़ (जिराफ़ के कान सिर के ऊपरी हिस्से पर होते हैं।)
- (घ) सिर के दोनों तरफ कान: भैंस, कुत्ता, बिल्ली, हिरन (इन जानवरों के कान सिर के दोनों तरफ स्थित होते हैं।)
प्रश्न 8
इस प्रश्न में, हमें दिए गए जानवरों को उनकी खाल के पैटर्न से मिलाना है। जानवरों की खाल पर बने डिज़ाइन (जैसे धब्बे या धारियाँ) उन्हें उनके परिवेश में छिपने में मदद करते हैं।
यहाँ संभावित मिलान दिए गए हैं (चित्रों के आधार पर):
- ज़ेबरा - धारियों वाली खाल से मिलेगा।
- तेंदुआ/चीता - धब्बों वाली खाल से मिलेगा।
- हाथी - खुरदरी, बिना किसी विशेष पैटर्न वाली खाल से मिलेगा।
- हिरन - धब्बों या चितकबरी खाल से मिलेगा।
छात्रों को जानवरों के चित्रों में उनकी खाल के पैटर्न को ध्यान से देखकर सही मिलान करना चाहिए और फिर जानवरों के शरीर पर उन पैटर्न को बनाना चाहिए।
प्रश्न 9
जानवरों की सूची: लोमड़ी, हाथी, चिड़िया, कबूतर, मेंढ़क, कौआ, मोर, सूअर, चूहा, बिल्ली, भैंस, बत्तख, मुर्गी, ऊँट, छिपकली, गाय।
इस प्रश्न में, हमें दी गई सूची में से जानवरों को वर्गीकृत करना है कि उनके कान बाहर से दिखाई देते हैं या नहीं।
जानवर जिनके कान बाहर दिखाई देते हैं:
- लोमड़ी
- हाथी
- सूअर
- चूहा
- बिल्ली
- भैंस
- ऊँट
- गाय
जानवर जिनके कान बाहर दिखाई नहीं देते हैं:
- चिड़िया
- कबूतर
- मेंढ़क
- कौआ
- मोर
- बत्तख
- मुर्गी
- छिपकली
यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि जिन जानवरों के कान बाहर से दिखाई नहीं देते, उनके कान त्वचा के नीचे छिपे होते हैं।
Common mistakes
- जानवरों के कानों को गलत जानवर से मिलाना।
- यह भ्रमित होना कि जिन जानवरों के कान दिखाई नहीं देते, उनके कान नहीं होते।
- जानवरों की खाल के पैटर्न को पहचानने में गलती करना।
Revision tips
- प्रत्येक जानवर के कान के आकार और स्थान पर ध्यान दें।
- उन जानवरों की सूची बनाएं जिनके कान दिखाई देते हैं और जिनके नहीं।
- जानवरों की खाल के पैटर्न को याद करने के लिए चित्र बनाएं।
- अभ्यास के लिए पाठ्यपुस्तक के प्रश्नों को हल करें।
Practice MCQs
Q1. किन जानवरों के कान पंखे जैसे होते हैं?
Explanation: हाथी के कान बड़े और पंखे जैसे होते हैं, जो गर्मी को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
Q2. निम्नलिखित में से किस जानवर के कान बाहर से दिखाई नहीं देते हैं?
Explanation: मछली जैसे कई जानवरों के कान बाहर से दिखाई नहीं देते हैं, वे त्वचा के नीचे छिपे होते हैं।
Q3. पत्ते जैसे कान किस जानवर के होते हैं?
Explanation: खरगोश के कान लंबे और पत्ते जैसे होते हैं।
Q4. जिन जानवरों के कान बाहर दिखाई देते हैं, वे आम तौर पर क्या देते हैं?
Explanation: जिन जानवरों के कान बाहर दिखाई देते हैं, वे आमतौर पर बच्चे देते हैं।
Q5. जानवरों की खाल पर बने डिज़ाइन को क्या कहते हैं?
Explanation: जानवरों की खाल पर बने अलग-अलग डिज़ाइन को पैटर्न कहा जाता है।
Frequently asked questions
कक्षा 4 के पर्यावरण अध्ययन के अध्याय 2 का मुख्य विषय क्या है?
अध्याय 2, 'कान - कान में', मुख्य रूप से विभिन्न जानवरों के कानों की संरचना, उनके आकार और यह कि किन जानवरों के कान बाहर से दिखाई देते हैं और किनके नहीं, पर केंद्रित है। यह जानवरों की खाल के पैटर्न को पहचानने और मिलान करने के बारे में भी है।
क्या यह समाधान कक्षा 4 के छात्रों के लिए उपयोगी है?
हाँ, ये समाधान विशेष रूप से कक्षा 4 के छात्रों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं ताकि वे पर्यावरण अध्ययन के अध्याय 2 की अवधारणाओं को आसानी से समझ सकें और परीक्षा की तैयारी कर सकें।
जानवरों के कानों के बारे में क्या खास है?
कुछ जानवरों के कान बाहर से बड़े और स्पष्ट दिखाई देते हैं (जैसे हाथी, खरगोश), जबकि अन्य जानवरों के कान छोटे होते हैं या त्वचा के नीचे छिपे होते हैं और बाहर से दिखाई नहीं देते (जैसे मछली, साँप)।
क्या कान दिखाई देने और बच्चे देने के बीच कोई संबंध है?
हाँ, सामान्य नियम के अनुसार, जिन जानवरों के कान बाहर दिखाई देते हैं, वे बच्चे देते हैं, और जिनके कान बाहर दिखाई नहीं देते, वे अंडे देते हैं।
जानवरों की खाल के पैटर्न का क्या महत्व है?
जानवरों की खाल पर बने पैटर्न (जैसे धब्बे या धारियाँ) उन्हें उनके परिवेश में छिपने में मदद करते हैं और उनकी पहचान में भी सहायक होते हैं। इन समाधानों में छात्रों को इन पैटर्न को जानवरों से मिलाने का अभ्यास कराया जाता है।
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