CBSE Class 4 Environmental Studies: Chapter 3 नन्दू हाथी NCERT Solutions

NCERT Solutions PDF Class 4 PDF

This chapter, 'नन्दू हाथी' (Nandu the Elephant), from CBSE Class 4 Environmental Studies, introduces young learners to the fascinating world of elephants and herd behavior. The NCERT Solutions provide detailed answers to questions about an elephant's diet, sleep patterns, and social life. Students will explore concepts like weight comparison, family decision-making, and the benefits of living in groups. The solutions also touch upon other animals that live in herds and their interactions with humans and other species, such as the symbiotic relationship between egrets and buffaloes. This chapter encourages observation and creative expression through activities like making a collage and crafting a paper elephant. These solutions are designed to help students understand the chapter's core concepts and prepare effectively for their exams.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 4
SubjectEnvironmental Studies
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 3 नन्दू हाथी

Chapter summary

Chapter 3, 'नन्दू हाथी', focuses on introducing Class 4 students to elephants and their social structures. The NCERT Solutions cover key facts about elephant eating habits, sleep, and the function of their ears. It delves into herd dynamics, decision-making within a herd, and comparative weights. The chapter also explores other herd animals, animal friendships (like egrets and buffaloes), and the advantages and disadvantages of living in groups. Activities encourage creative engagement and observation of the animal kingdom.

Learning outcomes

  • Understand the basic needs and behaviors of elephants, including diet and sleep.
  • Compare weights and understand basic calculations related to Nandu's weight.
  • Identify animals that live in herds and describe their social interactions.
  • Explain the concept of herd leadership and decision-making.
  • Discuss the advantages and disadvantages of living in a group.
  • Recognize symbiotic relationships between different animals.
  • Engage in creative activities like making a collage and crafting a paper elephant.

Topics covered

Paper topics

  • Elephant facts (diet, sleep, ears)
  • Weight comparison
  • Herd behavior
  • Family decision-making
  • Animals living in herds
  • Group living (advantages and disadvantages)
  • Animal friendships
  • Symbiotic relationships (egret and buffalo)
  • Animals used for riding
  • Animals used for carrying loads
  • Creative activities (collage, paper elephant)

Important topics

  • Elephant's daily routine and physical characteristics
  • Social structure of elephant herds
  • Benefits and drawbacks of living in groups
  • Interactions between different animal species
  • Identifying animals based on their uses (riding, carrying loads)

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

पता करो

नन्दू तो सिर्फ तीन महीने का है, लेकिन उसका वजन 200 किलोग्राम है। तुम्हारा वजन कितना है?
Solution:

यह प्रश्न व्यक्तिगत जानकारी पर आधारित है। आपको अपना वर्तमान वजन बताना होगा। उदाहरण के लिए, यदि आपका वजन 25 किलोग्राम है, तो आप इस प्रकार उत्तर दे सकते हैं।

मेरा वजन 25 किलोग्राम है।

पता करो

तुम्हारी उम्र के कितने बच्चों का वजन मिलाकर नन्दू के वजन के बराबर होगा?
Solution:

इस प्रश्न का उत्तर निकालने के लिए, हमें नन्दू के वजन को एक बच्चे के अनुमानित वजन से भाग देना होगा। यदि नन्दू का वजन 200 किलोग्राम है और एक बच्चे का औसत वजन लगभग 12.5 किलोग्राम (200 / 16 = 12.5) माना जाए, तो हमें यह गणना करनी होगी।

मान लीजिए एक बच्चे का वजन 12.5 किलोग्राम है।

तो, नन्दू के वजन के बराबर बच्चों की संख्या = नन्दू का वजन / एक बच्चे का वजन

संख्या = 200 किलोग्राम / 12.5 किलोग्राम = 16 बच्चे।

इसलिए, मेरी उम्र के 16 बच्चों का वजन मिलाकर नन्दू के वजन के बराबर होगा।

खेल-खेल में

अगर तुम नन्दू होते और झुंड में रहते तो क्या-क्या करते?
Solution:

यदि मैं नन्दू होता और एक हाथी के झुंड का हिस्सा होता, तो मैं अपने झुंड के सदस्यों के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लेता। इसमें खेलना, सीखना और अपने परिवार के साथ समय बिताना शामिल होता।

मैं अपने झुंड के अन्य युवा हाथियों के साथ दौड़ता, खेलता और पानी में मस्ती करता। मैं अपनी माँ और झुंड के अन्य बड़ों से सीखता कि कौन से पौधे खाने योग्य हैं और कहाँ पानी मिलेगा। रात में, मैं अपनी माँ के पास सुरक्षित महसूस करते हुए सोता।

संक्षेप में, यदि मैं नन्दू होता तो मैं नाचता, गाता, दिनभर खेलता तथा बहुत मजे करता। रात में मैं अपनी माँ के पास ही सोता।

खेल-खेल में

हाथियों के झुंड में सभी फैसले सबसे बुजुर्ग हथिनी लेती है। तुम्हारे पिरवार में घर के फैसले कौन लेता है?
Solution:

यह प्रश्न व्यक्तिगत पारिवारिक संरचना पर आधारित है। प्रत्येक परिवार में निर्णय लेने की प्रक्रिया भिन्न हो सकती है। कुछ परिवारों में माता-पिता मिलकर निर्णय लेते हैं, जबकि कुछ में कोई एक सदस्य प्रमुख भूमिका निभाता है।

मेरे परिवार में, घर से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय आमतौर पर मेरे माता-पिता द्वारा मिलकर लिए जाते हैं। वे एक-दूसरे की राय सुनते हैं और फिर मिलकर सबसे अच्छा निर्णय लेते हैं जो पूरे परिवार के लिए फायदेमंद हो।

मेरे परिवार में अधिकांश फैसले मेरे माता-पिता लेते हैं।

खेल-खेल में

हाथियों के झुंड का एक कोलाज बनाओ। इसके लिए तुम हाथियों के जितने चित्र इकट्ठा कर सकते हो, करो। अब उन्हें काटकर अपनी कॉपी में चिपकाओ।
Solution:

यह एक रचनात्मक गतिविधि है जिसे छात्रों को स्वयं करना है। इसमें विभिन्न स्रोतों से हाथियों के चित्र एकत्र करना, उन्हें काटना और अपनी कॉपी में चिपकाकर एक कोलाज बनाना शामिल है। यह गतिविधि छात्रों को हाथियों के बारे में अधिक जानने और उनकी कल्पनाशीलता को बढ़ावा देने में मदद करती है।

यह कार्य स्वयं करने के लिए है।

नन्दू वह सब करता था, जो उसे पसंद था। यदि तुम्हें अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए एक पूरा दिन मिले, तो तुम उस दिन क्या-क्या करोगे?
Solution:

यह प्रश्न छात्रों की व्यक्तिगत पसंद और कल्पना पर आधारित है। यदि किसी छात्र को अपने दोस्तों के साथ पूरा दिन बिताने का अवसर मिले, तो वे विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों की योजना बना सकते हैं।

यदि मुझे दोस्तों के साथ घूमने के लिए पूरा एक दिन मिले तो मैं विभिन्न खेल खेलूंगा, जैसे क्रिकेट या फुटबॉल। हम साथ में पिकनिक मना सकते हैं, स्वादिष्ट भोजन का आनंद ले सकते हैं, और खूब बातें कर सकते हैं। हम किसी पार्क या मनोरंजन स्थल पर भी जा सकते हैं।

यदि मुझे दोस्तों के साथ घूमने के लिए पूरा एक दिन मिले तो मैं-नाचूँगा, खेलूँगा, गाऊँगा, खूब सारे गोलगप्पे तथा आइसक्रीम खाऊँगा तथा बहुत मजे करूँगा।

पता करो और लिखो, कौन-कौन से जानवर झुंड में रहते हैं?
Solution:

कई जानवर अपनी सुरक्षा, भोजन की तलाश या सामाजिक कारणों से झुंडों में रहना पसंद करते हैं। झुंड में रहने से उन्हें शिकारियों से बचने और एक-दूसरे की मदद करने में आसानी होती है।

कुछ जानवर जो झुंड में रहते हैं उनमें शामिल हैं: भेड़ें, हिरण, ज़ेबरा, जंगली भैंस, जंगली कुत्ते, चिड़ियों के समूह, पेंगुइन, बंदर और चींटियाँ। ये सभी जानवर एक साथ रहकर अपने समूह के सदस्यों के साथ संवाद करते हैं और एक-दूसरे का सहयोग करते हैं।

भेंड़, हिरन, जेब्रा, जंगली भैंसे, जंगली कुत्ते, चिड़िया, पेंग्विन आदि झुंड में रहते हैं।

क्या तुम भी समूह में रहते हो? तुम्हें समूह में रहना कैसा लगता है? तुम्हारे हिसाब से समूह में रहने के फायदे और नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं?
Solution:

हाँ, हम सभी किसी न किसी समूह का हिस्सा होते हैं, जैसे कि परिवार, स्कूल या पड़ोस। समूह में रहने से हमें सुरक्षा, सहयोग और अपनेपन का एहसास होता है। हालाँकि, कभी-कभी समूह में रहने से असहमति या व्यक्तिगत स्वतंत्रता में कमी जैसी चुनौतियाँ भी आ सकती हैं।

समूह में रहने के फायदे:

  • सुरक्षा: समूह में रहने से सदस्य एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं और खतरों का सामना मिलकर कर सकते हैं।
  • सहयोग: सदस्य एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं, जिससे काम आसान हो जाता है और मुश्किलों का सामना करने में मदद मिलती है।
  • सामाजिक जुड़ाव: समूह में रहने से अकेलापन महसूस नहीं होता और अपनेपन का भाव बढ़ता है।
  • सीखना: समूह के सदस्यों से नए विचार और कौशल सीखने को मिलते हैं।

समूह में रहने के नुकसान:

  • असहमति और झगड़े: विभिन्न विचारों के कारण समूह के सदस्यों के बीच मतभेद या झगड़े हो सकते हैं।
  • व्यक्तिगत स्वतंत्रता में कमी: समूह के नियमों और अपेक्षाओं का पालन करने के कारण व्यक्तिगत स्वतंत्रता सीमित हो सकती है।
  • समय की बर्बादी: कभी-कभी अनावश्यक चर्चाओं या विवादों में समूह का समय बर्बाद हो सकता है।

समूह में रहने के निम्नांकित फ़ायदे तथा नुकसान हैं-

फ़ायदे नुकसान

  • साथ रहने से सुरक्षा मिलती है। • साथ रहने से आपस में झगड़ा होने की संभावना ज्यादा रहती है।
  • साथ रहने से बल मिलता है। साथ रहने से व्यर्थ की बातें करने में समय
  • साथ रहकर हम ज्यादा मजे कर सकते हैं। नष्ट होता है।

साथ रहकर हम एक दूसरे की मदद कर सकते हैं।

क्या तुमने कभी हाथी पर सवारी की है? कैसा लगा?
Solution:

यह प्रश्न व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। यदि आपने कभी हाथी की सवारी की है, तो आप अपने अनुभव का वर्णन कर सकते हैं। हाथी की सवारी एक अनूठा अनुभव हो सकता है, जिसमें ऊँचाई से दुनिया को देखना और हाथी की चाल को महसूस करना शामिल है।

एक बार मैंने हाथी की सवारी की है। मुझे हाथी की सवारी में बहुत मजा आया। यह एक रोमांचक अनुभव था और मुझे हाथी की विशालता और शक्ति का एहसास हुआ।

एक बार मैंने हाथी की सवारी की है। मुझे हाथी की सवारी में बहुत मजा आया।

तुम कौन-कौन से जानवरों पर बैठे हो? उनके नाम लिखो।
Solution:

यह प्रश्न छात्रों के व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित है। छात्रों को उन जानवरों के नाम लिखने हैं जिन पर वे बैठे हैं। सामान्यतः लोग घोड़े, हाथी, ऊँट या गधों जैसी सवारी करते हैं।

मैं हाथी तथा घोड़े पर बैठा हूँ।

तुमने अपने आस-पास फिल्मों या किताबों में कई जानवरों को देखा होगा। अकेले और झुंड में देखे गये जानवरों में से, किसी एक के बारे में पता करके कुछ बातें लिखो।
Solution:

यह प्रश्न छात्रों को अपने अवलोकन और ज्ञान का उपयोग करके किसी एक जानवर के बारे में लिखने के लिए प्रोत्साहित करता है, चाहे वह अकेले देखा गया हो या झुंड में। यहाँ कुत्ते का उदाहरण दिया गया है, जो अक्सर अकेले (पालतू) या झुंड में (आवारा) देखे जाते हैं।

मैंने अपने आस-पास कुत्तों को देखा है। कुत्ता एक वफादार और बुद्धिमान जानवर होता है। पालतू कुत्ते अपने मालिकों के प्रति बहुत स्नेही होते हैं और उनकी रक्षा करते हैं। वे अक्सर अकेले रहते हैं और अपने मालिकों के साथ गहरा रिश्ता बनाते हैं। दूसरी ओर, आवारा कुत्ते झुंडों में घूमते हैं और कभी-कभी आक्रामक हो सकते हैं। कुत्ते के कान नुकीले या लटके हुए हो सकते हैं, और उनके शरीर पर बाल होते हैं। वे मांसाहारी होते हैं और बच्चों को जन्म देते हैं।

मैंने अपने आस-पास कुत्तों को देखा है। एक कुत्ता मेरा पालतू भी है। कुत्ता बहुत ही आज्ञाकारी तथा बफादार जानवर होता है। कुत्ते को माँस सबसे ज्यादा पसंद है। कुत्ते के कान दिखाई देते हैं तथा शरीर पर बाल होते हैं। कुत्ते बच्चे देते हैं। कुत्ता हमारी घरों की रक्षा करता है।

आवारा कुत्ते झुंड में रहते हैं। झुंड में रहने के साथ ये काफी आक्रामक भी हो जाते हैं। आवारा कुत्तों से बचकर रहना चाहिए।

सोचो और लिखो

बगुला भैंस पर क्यों बैठा होगा?
Solution:

बगुला और भैंस के बीच एक सहजीवी संबंध होता है। बगुला भैंस के शरीर पर बैठकर उसके कीड़ों और परजीवियों को खाता है। इस क्रिया से बगुले को भोजन मिलता है और भैंस को खुजली और संक्रमण से राहत मिलती है। यह एक प्राकृतिक व्यवस्था है जहाँ दोनों जीवों को लाभ होता है।

बगुला भैंस का दोस्त होता है। यह भैंस के शरीर पर के कीड़ों को खाकर भैंस की मदद करता है।

सोचो और लिखो

क्या तुमने किसी जानवर को दूसरे जानवर की सवारी करते देखा है? उसका नाम लिखो ।

(क) सवार जानवर

(ख) सवारी देता जानवर

Solution:

इस प्रश्न का उत्तर बगुले और भैंस के बीच के संबंध पर आधारित है, जैसा कि पिछले प्रश्न में चर्चा की गई थी। बगुला भैंस की पीठ पर बैठता है, जो एक प्रकार की 'सवारी' जैसा दिखता है, हालाँकि यह सवारी के उद्देश्य से नहीं होता।

(क) सवार जानवर: बगुला

(ख) सवारी देता जानवर: भैंस

उत्तर बगुला

उत्तर भैंस

सोचो और लिखो

ऐसे जानवरों के नाम लिखो, जिन्हें हम सवारी के काम में लाते हैं।
Solution:

मनुष्य विभिन्न जानवरों का उपयोग सवारी के लिए करते हैं, जो उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में मदद करते हैं। ये जानवर अपनी शारीरिक क्षमता और स्वभाव के कारण सवारी के लिए उपयुक्त होते हैं।

जिन जानवरों को हम सवारी के काम में लाते हैं उनमें मुख्य रूप से घोड़ा, हाथी और ऊँट शामिल हैं। गधा और खच्चर भी कभी-कभी सवारी के लिए उपयोग किए जाते हैं, खासकर पहाड़ी इलाकों में।

घोड़ा, हाथी, ऊँट।

सोचो और लिखो

ऐसे जानवरों के नाम लिखो, जिन्हें हम सामान ढोने के काम में लाते हैं।
Solution:

कई जानवर अपनी शारीरिक शक्ति के कारण सामान ढोने के लिए मनुष्यों के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। इनका उपयोग विशेष रूप से उन क्षेत्रों में किया जाता है जहाँ आधुनिक परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं होते या मुश्किल होते हैं।

जिन जानवरों का उपयोग हम सामान ढोने के लिए करते हैं उनमें गधा, बैल, घोड़ा और हाथी प्रमुख हैं। बैल का उपयोग खेतों में जुताई और गाड़ी खींचने के लिए किया जाता है, जबकि हाथी का उपयोग भारी सामान उठाने और दुर्गम इलाकों में परिवहन के लिए होता है।

गधा, बैल, घोड़ा, हाथी।

तुम्हारा अपना हाथी बनाओ

नीचे दिये गये हाथी के चित्र को बड़ा करके एक मोटे कागज़ पर बनाओ। उसे अब बाहरी रेखा पर से काटो।
Solution:

यह एक रचनात्मक गतिविधि है जिसमें छात्रों को दिए गए चित्र को बड़ा करके, मोटे कागज पर बनाना और फिर बाहरी रेखा के अनुसार काटना है। यह गतिविधि छात्रों को कला और शिल्प के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान करती है।

यह कार्य स्वयं करने के लिए है।

तुम्हारा अपना हाथी बनाओ

अब चित्र में जहाँ "काटो" लिखा है, वहाँ थोड़ा सा काटो। ध्यान रहे-काट कर अलग मत करना।
Solution:

इस चरण में, छात्रों को चित्र में 'काटो' के निशान वाली जगहों पर सावधानी से थोड़ा सा काटना है। यह महत्वपूर्ण है कि वे चित्र को अलग न करें, बल्कि केवल निर्दिष्ट स्थानों पर ही काटें ताकि हाथी का आकार बना रहे। यह गतिविधि कागज मोड़ने और आकार देने की तैयारी है।

यह कार्य स्वयं करने के लिए है।

तुम्हारा अपना हाथी बनाओ

जहाँ ''मोड़ो'' लिखा है, वहाँ से बिन्दु वाली रेखा (... .....) पर से मोड़ लो।
Solution:

इस चरण में, छात्रों को चित्र में 'मोड़ो' के निशान वाली बिन्दुदार रेखाओं का अनुसरण करते हुए कागज को मोड़ना है। यह मोड़ने की प्रक्रिया हाथी को त्रि-आयामी (3D) आकार देने में मदद करेगी। छात्रों को मोड़ने के लिए सही रेखाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

यह कार्य स्वयं करने के लिए है।

तुम्हारा अपना हाथी बनाओ

धारी वाले हिस्से को (///////) अंदर की ओर मोड़ दो।
Solution:

इस चरण में, छात्रों को चित्र में धारीदार (///////) चिह्नित हिस्सों को अंदर की ओर मोड़ना है। यह क्रिया हाथी के शरीर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने या आकार देने में सहायक होगी, जिससे वह एक पूर्ण रूप ले सकेगा।

यह कार्य स्वयं करने के लिए है।

तुम्हारा अपना हाथी बनाओ

अब पूँछ बनाकर चिपका दो। बन गया न हाथी!
Solution:

अंतिम चरण में, छात्रों को हाथी की पूँछ बनानी है और उसे चित्र पर चिपकाना है। पूँछ को बनाने के लिए कागज के एक छोटे टुकड़े का उपयोग किया जा सकता है और उसे सही जगह पर चिपकाने से हाथी का मॉडल पूरा हो जाएगा। यह एक संतोषजनक अंतिम चरण है।

यह कार्य स्वयं करने के लिए है।

तुम्हारा अपना हाथी बनाओ

इसे अपनी-पसंद के रंगों से और अलग-अलग तरह से सजाओ।
Solution:

यह चरण छात्रों को अपनी रचनात्मकता का उपयोग करने का अवसर देता है। वे अपने बनाए हुए हाथी को विभिन्न रंगों और डिजाइनों से सजा सकते हैं। यह उन्हें कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए प्रोत्साहित करता है और उनके बनाए हुए मॉडल को अद्वितीय बनाता है।

यह कार्य स्वयं करने के लिए है।

तुम्हारा अपना हाथी बनाओ

इस हाथी को अपनी कक्षा में लटकाओ । अपने साथियों के बनाए हुए हाथी भी देखो।
Solution:

यह गतिविधि छात्रों को अपने काम को प्रदर्शित करने और सहपाठियों के काम की सराहना करने के लिए प्रोत्साहित करती है। कक्षा में हाथी के मॉडल को लटकाने से एक रंगीन और रचनात्मक वातावरण बनता है। साथ ही, दूसरों के काम को देखने से नए विचार और प्रेरणा मिलती है।

यह कार्य स्वयं करने के लिए है।

Common mistakes

  • Difficulty in performing simple weight comparisons or calculations.
  • Confusing the roles of different animals in symbiotic relationships.
  • Not fully articulating the pros and cons of group living.
  • Copying answers without understanding the underlying concepts.

Revision tips

  • Focus on the key facts about elephants: diet, sleep, and ear function.
  • Practice the weight comparison questions to reinforce basic math skills.
  • List other animals that live in herds and their characteristics.
  • Think about the 'why' behind animal behaviors, like the egret on the buffalo.
  • Use the creative activities to remember the chapter's themes.

Practice MCQs

Q1. एक हाथी एक दिन में लगभग कितना किलोग्राम पत्ते और झाड़ियाँ खा सकता है?

Q2. नन्दू हाथी, जो सिर्फ तीन महीने का है, उसका वजन कितना है?

Q3. हाथी दिन में औसतन कितने घंटे सोता है?

Q4. हाथियों के झुंड में निर्णय लेने का कार्य कौन करता है?

Q5. बगुला भैंस पर क्यों बैठता है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह समाधान सीबीएसई कक्षा 4 के पर्यावरण अध्ययन (Environmental Studies) विषय के लिए है, विशेष रूप से अध्याय 3 'नन्दू हाथी' पर केंद्रित है।

इस अध्याय में नन्दू हाथी के बारे में क्या मुख्य बातें बताई गई हैं?

अध्याय में नन्दू हाथी के वजन, उसकी उम्र, खाने की आदतें, सोने का समय और झुंड में उसके व्यवहार के बारे में बताया गया है।

क्या इस अध्याय में केवल हाथियों के बारे में जानकारी है?

नहीं, इस अध्याय में हाथियों के अलावा अन्य जानवरों के बारे में भी जानकारी है जो झुंड में रहते हैं, और विभिन्न जानवरों के बीच के संबंधों के बारे में भी बताया गया है।

समूह में रहने के क्या फायदे और नुकसान हो सकते हैं?

समूह में रहने से सुरक्षा मिलती है, बल मिलता है और हम ज्यादा मजे कर सकते हैं। नुकसान में आपस में झगड़ा होने की संभावना और समय नष्ट होना शामिल है।

यह समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेगा?

यह समाधान अध्याय के सभी प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करता है, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से अध्ययन करने में मदद मिलती है।

क्या इस अध्याय में कोई रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल हैं?

हाँ, इस अध्याय में हाथियों का कोलाज बनाने और कागज से हाथी बनाने जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल हैं, जो सीखने को और अधिक रोचक बनाती हैं।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.