कक्षा 3 पर्यावरण अध्ययन: अध्याय 6 खाना अपना-अपना NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 3 के पर्यावरण अध्ययन के अध्याय 6, 'खाना अपना-अपना' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। यह अध्याय विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों, भोजन की आदतों और सांस्कृतिक प्रभावों पर केंद्रित है जो हमारे भोजन विकल्पों को आकार देते हैं। छात्र सीखेंगे कि विभिन्न लोग अलग-अलग चीजें क्यों खाते हैं, भोजन की उपलब्धता और स्थानीय रीति-रिवाजों की भूमिका, और विभिन्न आयु समूहों के लिए भोजन की उपयुक्तता। समाधान बच्चों को भूख लगने पर कैसा महसूस होता है, भोजन की कमी के संभावित कारण, और विभिन्न अनाजों से बनने वाले विभिन्न प्रकार के भोजन जैसे विषयों पर भी प्रकाश डालते हैं। यह अध्याय छात्रों को भोजन की विविधता और इसके पीछे के कारणों को समझने में मदद करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 3 |
| Subject | Paryavaran Adhyayan |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 6 |
Chapter summary
कक्षा 3 के पर्यावरण अध्ययन के अध्याय 6, 'खाना अपना-अपना' के लिए NCERT समाधान, भोजन की विविधता और व्यक्तिगत पसंद पर केंद्रित हैं। यह अध्याय छात्रों को यह समझने में मदद करता है कि लोग अलग-अलग चीजें क्यों खाते हैं, भोजन की उपलब्धता, आर्थिक स्थिति और सांस्कृतिक प्रथाओं जैसे कारकों पर प्रकाश डालता है। इसमें विभिन्न आयु समूहों के लिए उपयुक्त खाद्य पदार्थों, भोजन की कमी के कारणों और विभिन्न अनाजों से बनने वाले व्यंजनों पर चर्चा की गई है। यह समाधान छात्रों को भोजन की आदतों के पीछे के कारणों का पता लगाने और अपनी पसंद-नापसंद पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
Learning outcomes
- विभिन्न खाद्य पदार्थों और उनकी उपलब्धता के बारे में समझना।
- भोजन की आदतों को प्रभावित करने वाले कारकों की पहचान करना।
- विभिन्न आयु समूहों के लिए उपयुक्त भोजन की अवधारणा को समझना।
- भूख और भोजन की आवश्यकता के बारे में जानना।
- विभिन्न अनाजों से बनने वाले विभिन्न प्रकार के भोजन की सूची बनाना।
- भोजन की पसंद और नापसंद के कारणों पर विचार करना।
Topics covered
Paper topics
- भोजन की विविधता
- व्यक्तिगत भोजन की पसंद
- भोजन की उपलब्धता
- सांस्कृतिक प्रभाव
- आयु-विशिष्ट आहार
- भूख का अनुभव
- भोजन की कमी के कारण
- अनाज और उनके उत्पाद
- क्षेत्रीय भोजन की आदतें
- पसंद और नापसंद
- दाँतों का स्वास्थ्य और भोजन
- माँ का दूध
Important topics
- भोजन की विविधता और क्षेत्रीय अंतर
- भोजन की पसंद को प्रभावित करने वाले कारक
- विभिन्न आयु समूहों के लिए आहार
- अनाज और उनसे बनने वाले व्यंजन
- भोजन की उपलब्धता और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
यह प्रश्न व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। छात्र अपनी कल की थाली में खाए गए सभी खाद्य पदार्थों के नाम यहाँ लिख सकते हैं। उदाहरण के लिए, चावल, रोटी, दाल, सब्जी, दही, फल आदि।
प्रश्न 2
नहीं, कक्षा में सभी बच्चों ने एक जैसा खाना नहीं खाया होगा। इसके कई कारण हो सकते हैं:
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: हर बच्चे का परिवार अलग होता है और उनकी खाने की आदतें भी अलग-अलग होती हैं।
- क्षेत्रीय भिन्नता: भारत एक विविध देश है, और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के भोजन में भिन्नता होती है।
- उपलब्धता और पसंद: कुछ चीजें कुछ क्षेत्रों में आसानी से उपलब्ध होती हैं, और हर किसी की अपनी पसंद होती है।
- आर्थिक स्थिति: कुछ परिवारों की आर्थिक स्थिति ऐसी हो सकती है कि वे विशेष प्रकार के भोजन का ही सेवन कर पाते हों।
प्रश्न 3
किसी बच्चे के घर खाना न बनने के कई संभावित कारण हो सकते हैं:
- आर्थिक तंगी: परिवार के पास इतना पैसा न हो कि वे रोज़ाना दो वक्त का भोजन खरीद सकें।
- बीमारी: घर में कोई सदस्य, जैसे माँ, बीमार हो सकती है और खाना बनाने में असमर्थ हो।
- सामग्री की अनुपलब्धता: घर में खाना पकाने के लिए आवश्यक सामग्री (जैसे अनाज, सब्जियां) खत्म हो गई हो और उसे खरीदने की व्यवस्था न हो पाई हो।
- कोई अन्य आपात स्थिति: परिवार किसी अन्य अप्रत्याशित समस्या का सामना कर रहा हो जिसके कारण खाना पकाना संभव न हो।
प्रश्न 4
यह प्रश्न व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। यदि किसी छात्र के साथ ऐसा हुआ है, तो वे अपना अनुभव साझा कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक छात्र बता सकता है कि एक दिन पानी न आने के कारण माँ कुछ नहीं बना पाईं, और बाद में उन्होंने बाहर से खाना मंगवाया।
प्रश्न 5
जब हमें भूख लगती है, तो हमारा शरीर कुछ संकेत देता है। हमें आमतौर पर महसूस होता है कि हमारा पेट खाली है, या पेट में गुड़गुड़ाहट की आवाज आती है। कभी-कभी कमजोरी या सिरदर्द भी महसूस हो सकता है।
प्रश्न 6
जब मुझे भूख लगती है, तो मेरा पेट खाली-खाली सा लगता है और मुझे बहुत बेचैनी महसूस होती है। ऐसा लगता है कि बस जल्दी से कुछ खाने को मिल जाए। कभी-कभी पेट में दर्द भी महसूस हो सकता है।
प्रश्न 7
दादी सीढ़ियाँ जल्दी इसलिए नहीं चढ़ पाईं क्योंकि वह काफी बूढ़ी हो गई हैं। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की ताकत कम हो जाती है और शारीरिक गतिविधियाँ धीमी हो जाती हैं।
प्रश्न 8
दादी को दाल में थोड़ी चीनी डालकर खाना पसंद है। यह उनकी व्यक्तिगत पसंद है और उनके नागपुर के होने से भी संबंधित है, जहाँ के लोग दाल में चीनी डालना पसंद करते हैं।
प्रश्न 9
कहानी में विपुल, उसकी माँ और मामी भुट्टा खा पायेंगे। इसका कारण यह है कि उनके दाँत स्वस्थ और मजबूत हैं, जो भुट्टे जैसे सख्त खाद्य पदार्थ को चबाने के लिए आवश्यक हैं। कहानी में अन्य पात्रों के दाँतों की स्थिति के बारे में स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है, लेकिन यह अनुमान लगाया जा सकता है कि यदि उनके दाँत कमजोर हैं तो वे भुट्टा नहीं खा पाएंगे।
प्रश्न 10
यह सच है कि ज्यादातर बूढ़े लोगों के दाँत कमजोर हो जाते हैं या गिर जाते हैं, जिससे उन्हें भुट्टा जैसी सख्त चीजें चबाने में कठिनाई होती है। हालांकि, यह आवश्यक नहीं है कि सभी बूढ़े लोग भुट्टा न खा पाएं। कुछ बूढ़े लोगों के दाँत मजबूत हो सकते हैं, या वे भुट्टे को नरम करके या अन्य तरीकों से खा सकते हैं। लेकिन सामान्य तौर पर, उम्र के साथ दाँतों की कमजोरी के कारण भुट्टा खाना मुश्किल हो जाता है।
प्रश्न 11
छुटकी चार महीने तक केवल माँ का दूध ही पिएगी क्योंकि वह एक नवजात शिशु है। इस उम्र में शिशुओं के दाँत नहीं होते हैं और उनका पाचन तंत्र बहुत नाजुक होता है। माँ का दूध उनके लिए सबसे पौष्टिक और आसानी से पचने वाला आहार होता है, जो उनके विकास के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व प्रदान करता है।
प्रश्न 12
बच्चा जवान बूढ़ा
यह तालिका छात्रों को अपने आस-पास के वयस्कों से बातचीत करके पूरी करनी है। यहाँ एक उदाहरण दिया गया है कि तालिका कैसे भरी जा सकती है:
| आयु वर्ग | क्या-क्या खा पाते हैं | क्या-क्या नहीं खा पाते |
|---|---|---|
| बच्चा | दूध, दलिया, पतली खिचड़ी, फलों का रस | कठोर फल, भुट्टा, मेवे (बिना पीसे) |
| जवान | लगभग सब कुछ खा सकते हैं (जैसे रोटी, चावल, दाल, सब्जियां, फल, मांस, आदि) | बहुत ज्यादा तला-भुना या अस्वास्थ्यकर भोजन (यदि स्वास्थ्य कारणों से बचें) |
| बूढ़ा | नरम रोटी, दाल, खिचड़ी, उबले आलू, दूध, दही | कठोर भुट्टा, मेवे, सख्त फल, ज्यादा मसालेदार भोजन |
नोट: यह एक सामान्य उदाहरण है। वास्तविक उत्तर बच्चों द्वारा अपने बड़ों से पूछकर प्राप्त किए जाने चाहिए।
प्रश्न 13
यह प्रश्न व्यक्तिगत खाने की आदतों पर आधारित है। छात्र उन अनाजों पर निशान लगाएंगे जिन्हें वे सबसे अधिक खाते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई छात्र अक्सर चावल और गेहूँ खाता है, तो वह उन पर निशान लगाएगा।
उदाहरण:
(✓) चावल ( ) रागी ( ) मक्का ( ) बाजरा (✓) गेहूँ ( ) जई ( ) कप्पा (टैपिओका) ( ) जौ
प्रश्न 14
विभिन्न अनाज भारत के विभिन्न हिस्सों में प्रमुखता से खाए जाते हैं। यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं:
- चावल: यह भारत के पूर्वी और दक्षिणी राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में मुख्य भोजन है।
- गेहूँ: यह मुख्य रूप से उत्तर भारत के राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में खाया जाता है। रोटी और अन्य गेहूँ आधारित उत्पाद यहाँ लोकप्रिय हैं।
- मक्का: मक्का उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में भी उगाया और खाया जाता है।
- बाजरा और ज्वार: ये अनाज अक्सर राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में खाए जाते हैं।
प्रश्न 15
यह सच है कि एक ही अनाज से कई तरह के व्यंजन बनाए जा सकते हैं। यहाँ गेहूँ और चावल से बनने वाले कुछ प्रमुख व्यंजन दिए गए हैं:
- गेहूँ से बनने वाली चीजें: रोटी, पराठा, पूरी, कचौरी, नान, कुलचा, हलवा, केक, बिस्किट, दलिया, उपमा (सूजी के साथ), आदि।
- चावल से बनने वाली चीजें: सादा चावल, पुलाव, बिरयानी, खिचड़ी, डोसा, इडली, उत्तपम, खीर, पोंगल, आदि।
प्रश्न 16
पसंद ********** ********** **********
नापसंद ********** ********** **********
यह प्रश्न व्यक्तिगत पसंद पर आधारित है। छात्र अपनी पसंद और नापसंद की तीन-तीन चीजें लिख सकते हैं। यहाँ एक उदाहरण दिया गया है:
पसंद: बिरयानी, जलेबी, समोसा
नापसंद: खिचड़ी, लौकी, दलिया
प्रश्न 17
यह प्रश्न व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। कुछ छात्रों की पसंद-नापसंद उनके परिवार के सदस्यों से मिल सकती है, जबकि कुछ की अलग हो सकती है। उदाहरण के लिए, यदि परिवार में सभी को मीठा पसंद है, तो बच्चे की पसंद भी मीठे से मिल सकती है।
उदाहरण उत्तर: मेरी पसंद-नापसंद मेरे परिवार के लोगों से मिलती है।
प्रश्न 18
यह प्रश्न भी व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है। दोस्तों के साथ अक्सर कुछ पसंद-नापसंद मिल सकती हैं, खासकर अगर वे एक ही तरह की चीजें खाते-पीते हों। लेकिन यह भी संभव है कि सबकी अपनी अलग-अलग पसंद हो।
उदाहरण उत्तर: मेरी पसंद-नापसंद मेरे कुछ दोस्तों की पसंद-नापसंद से मिलती है, लेकिन सबकी बिल्कुल एक जैसी नहीं है।
प्रश्न 19
वहाँ क्या आसानी से मिलता है।
क्या खरीद सकते हैं।
वहाँ के रीति-रिवाज पर।
कहाँ क्या खाया जाता है, यह कई बातों पर निर्भर करता है। दिए गए सभी कारण सही हैं और उन पर निशान (✓) लगाया जाना चाहिए:
- वहाँ क्या आसानी से मिलता है। (✓) - जिस क्षेत्र में जो फसल या खाद्य पदार्थ आसानी से उगता या उपलब्ध होता है, लोग वही ज्यादा खाते हैं।
- क्या खरीद सकते हैं। (✓) - लोगों की आर्थिक स्थिति भी तय करती है कि वे क्या खरीद कर खा सकते हैं। महंगी चीजें हर कोई नहीं खरीद पाता।
- वहाँ के रीति-रिवाज पर। (✓) - हर क्षेत्र के अपने पारंपरिक व्यंजन और खाने के तरीके होते हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलते हैं।
अन्य संभावित कारण:
- मौसम: मौसम के अनुसार भी खाने की चीजें बदल जाती हैं (जैसे सर्दियों में गर्म चीजें, गर्मियों में ठंडी चीजें)।
- स्वास्थ्य: डॉक्टर की सलाह या व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी कारणों से भी खान-पान में बदलाव आता है।
- पसंद-नापसंद: व्यक्तिगत पसंद भी एक महत्वपूर्ण कारक है।
- ताजगी: लोग अक्सर ताजा खाना पसंद करते हैं, इसलिए उपलब्धता और खरीद क्षमता इस पर भी निर्भर करती है।
Common mistakes
- भोजन की उपलब्धता और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के बीच संबंध को समझने में कठिनाई।
- विभिन्न आयु समूहों के लिए भोजन की उपयुक्तता को गलत समझना।
- भोजन की कमी के कारणों को केवल एक कारक तक सीमित करना।
- अपनी पसंद-नापसंद के कारणों का विश्लेषण करने में असमर्थता।
Revision tips
- अध्याय में उल्लिखित विभिन्न खाद्य पदार्थों की सूची बनाएं और उनकी तुलना करें।
- उन कारकों पर विचार करें जो किसी क्षेत्र में भोजन की उपलब्धता को प्रभावित करते हैं।
- विभिन्न आयु समूहों (बच्चे, जवान, बूढ़े) के लिए उपयुक्त भोजन के उदाहरणों को याद करें।
- अपनी व्यक्तिगत भोजन की पसंद और नापसंद के कारणों पर सोचें।
Practice MCQs
Q1. दादी को दाल किस तरह से खाना पसंद है?
Explanation: दादी को दाल में थोड़ी चीनी डालकर खाना पसंद है, क्योंकि वह नागपुर की हैं और वहाँ के लोग दाल में चीनी डालते हैं।
Q2. कहानी में विपुल, उसकी माँ और मामी भुट्टा क्यों खा पायेंगे?
Explanation: विपुल, उसकी माँ और मामी भुट्टा खा पायेंगे क्योंकि उनके दाँत स्वस्थ और मजबूत हैं, जो भुट्टा चबाने के लिए आवश्यक है।
Q3. नवजात शिशु (छुटकी) चार महीने तक केवल माँ का दूध ही क्यों पीती है?
Explanation: नवजात शिशुओं के दाँत नहीं होते हैं, इसलिए वे केवल माँ का दूध ही पी सकते हैं, जो उनके लिए सर्वोत्तम आहार है।
Q4. यह किस पर निर्भर करता है कि कहाँ क्या खाया जाता है?
Explanation: कहाँ क्या खाया जाता है यह कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें वहाँ की उपलब्धता, खरीदने की क्षमता और स्थानीय रीति-रिवाज शामिल हैं।
Q5. गेहूँ से बनने वाली एक चीज कौन सी है?
Explanation: रोटी गेहूँ से बनने वाली एक सामान्य चीज़ है, जबकि पुलाव, डोसा और खीर चावल से बनते हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 3 के पर्यावरण अध्ययन के अध्याय 6 का मुख्य विषय क्या है?
अध्याय 6, 'खाना अपना-अपना', मुख्य रूप से भोजन की विविधता, व्यक्तिगत पसंद, और विभिन्न कारकों जैसे उपलब्धता, संस्कृति और आयु के आधार पर भोजन की आदतों पर केंद्रित है।
यह समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान अध्याय के सभी प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने और याद रखने में मदद मिलती है, जो परीक्षा के लिए आवश्यक हैं।
क्या इस अध्याय में भोजन की कमी के कारणों पर चर्चा की गई है?
हाँ, अध्याय में उन कारणों पर चर्चा की गई है जिनकी वजह से किसी बच्चे के घर खाना नहीं बन पाता, जैसे गरीबी या बीमारी।
विभिन्न आयु वर्ग के लोग क्या खा सकते हैं और क्या नहीं, इस बारे में क्या बताया गया है?
अध्याय बताता है कि बच्चे, जवान और बूढ़े लोग अपनी शारीरिक क्षमताओं और दाँतों की स्थिति के आधार पर अलग-अलग चीजें खा पाते हैं। उदाहरण के लिए, बूढ़े लोग अक्सर भुट्टा या सख्त फल नहीं खा पाते।
यह समाधान किन भाषाओं में उपलब्ध हैं?
यह समाधान हिंदी भाषा में उपलब्ध हैं, जैसा कि स्रोत में दर्शाया गया है।
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