कक्षा 2 हिंदी: मीठी सारंगी NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 2 के हिंदी पाठ 'मीठी सारंगी' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। पाठ में भोला के सारंगी के स्वाद को लेकर भ्रम, गाँव वालों द्वारा 'मीठी सारंगी' कहने का अर्थ, और सारंगी जैसे वाद्य यंत्रों के बारे में जानकारी शामिल है। समाधानों में प्रत्येक प्रश्न का स्पष्टीकरण दिया गया है, जिसमें भोला के विचारों, 'मीठी' और 'कड़वी' बात के अर्थ, वाद्य यंत्रों के वर्गीकरण (तार वाले, थाप वाले, अन्य) और विभिन्न स्थानों पर बजाए जाने वाले वाद्य यंत्रों पर चर्चा की गई है। यह छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 2 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 10. मीठी सारंगी |
Chapter summary
कक्षा 2 के हिंदी पाठ 'मीठी सारंगी' के ये NCERT समाधान छात्रों को कहानी के मुख्य पात्र भोला के अनुभव को समझने में मदद करते हैं। समाधानों में सारंगी के 'मीठे' होने के पीछे के कारण (आवाज़ का मधुर होना, न कि स्वाद), 'कड़वी बात' का अर्थ, और विभिन्न संगीत वाद्ययंत्रों को उनके बजाने की विधि (तार वाले, थाप वाले, अन्य) के आधार पर वर्गीकृत करना सिखाया गया है। यह छात्रों को पाठ्यपुस्तक के प्रश्नों के उत्तर विस्तार से प्रदान करता है।
Learning outcomes
- कहानी के पात्र भोला के भ्रम को समझना।
- 'मीठी सारंगी' कहने के पीछे के वास्तविक अर्थ को पहचानना।
- 'कड़वी बात' का अर्थ समझना और उसे अपने शब्दों में व्यक्त करना।
- दिए गए संगीत वाद्ययंत्रों को तार वाले, थाप वाले और अन्य श्रेणियों में वर्गीकृत करना।
- विभिन्न अवसरों और स्थानों पर बजाए जाने वाले वाद्ययंत्रों के बारे में सोचना।
Topics covered
Paper topics
- मीठी सारंगी की कहानी
- भोला का भ्रम
- सारंगी का स्वाद
- संगीत वाद्ययंत्रों की आवाज़
- मीठी और कड़वी बात का अर्थ
- वाद्ययंत्रों का वर्गीकरण (तार वाले, थाप वाले, अन्य)
- विभिन्न स्थानों पर वाद्ययंत्रों का प्रयोग
Important topics
- मीठी सारंगी का वास्तविक अर्थ
- कड़वी बात का अर्थ
- संगीत वाद्ययंत्रों का वर्गीकरण
- कहानी के पात्रों के विचार
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
(क) भोला ने सारंगी को चखकर देखा तो उसे कोई मिठास महसूस नहीं हुई। जब बाकी सब लोग कह रहे थे कि सारंगी मीठी है, तो भोला को लगा कि वे सब झूठ बोल रहे हैं क्योंकि उसे तो कोई मिठास मिली ही नहीं।
(ख) भोला को सारंगी का स्वाद इसलिए नहीं आया क्योंकि सारंगी लकड़ी से बनी होती है। लकड़ी का अपना कोई स्वाद नहीं होता, वह बेस्वाद होती है। सारंगी की मिठास उसके स्वाद में नहीं, बल्कि उसकी मधुर आवाज़ में थी।
(ग) भोला ने यह जानने की कोशिश की कि सारंगी मीठी है या नहीं, इसके लिए उसने पहले सारंगी को अपने मुँह में लेकर चाटा। जब उसे मिठास नहीं मिली, तो उसने सारंगी के छेदों पर अपना मुँह लगाकर इंतज़ार किया कि शायद वहाँ से कोई मीठा रस गिरे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
प्रश्न 2
सारंगी चखने पर मीठी थी।
सारंगी से निकलने वाली आवाज़ सुनने में अच्छी लगती थी।
सारंगी के आसपास मधुमक्खियाँ भिनभिना रही थीं।
(ख) अब तुम समझ गए होगे कि गाँव वाले सांरगी को मीठी क्यों कहते थे। अब बताओ कड्वी बात का क्या मतलब होगा?(क) गाँव वाले सारंगी को 'मीठी' इसलिए कहते थे क्योंकि उसकी आवाज़ बहुत मधुर और सुनने में आनंददायक थी। इसलिए, सही कथन है:
🗹 सारंगी से निकलने वाली आवाज़ सुनने में अच्छी लगती थी।
(ख) 'कड़वी बात' का मतलब ऐसी बात कहना है जो सुनने वाले को अच्छी न लगे, जिससे उसका मन दुखे या उसे ठेस पहुँचे। यह स्वाद वाली कड़वाहट नहीं होती, बल्कि भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली बात होती है।
प्रश्न 3
(क) सारंगी वाले ने अपनी सारंगी पर खोल इसलिए चढ़ाया होगा ताकि वह सारंगी को धूल, मिट्टी, नमी और किसी भी तरह की टूट-फूट या खरोंच से बचा सके। खोल चढ़ाने से वाद्य यंत्र सुरक्षित रहता है और उसकी उम्र बढ़ जाती है।
(ख) खोल या कवर कई चीज़ों पर चढ़ाया जाता है ताकि वे सुरक्षित रहें। जैसे: रजाई, गद्दे, सोफ़े, तबला, गिटार, वीणा, ड्रम (ढोलक), और अन्य कीमती या नाजुक सामानों पर भी खोल चढ़ाया जाता है।
प्रश्न 4
तार वाले | थाप वाले | अन्य
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(ख) ऊपर लिखे बाजों को जगह-जगह पर बजाया जाता है। सोच कर लिखो इन जगहों पर क्या-क्या बजाया जाता है।रेलगाड़ी या बस में | घर पर | किसी अवसर पर | भजन-कीर्तन में | स्कूल में
(क) दिए गए संगीत वाद्ययंत्रों को उनके बजाने के तरीके के अनुसार वर्गीकृत किया गया है:
तार वाले: सारंगी, इकतारा, सितार, गिटार
थाप वाले: ढोलक, तबला, डफली
अन्य: बाँसुरी, शहनाई, हारमोनियम
(ख) विभिन्न जगहों पर बजाए जाने वाले वाद्ययंत्र इस प्रकार हो सकते हैं:
रेलगाड़ी या बस में: हारमोनियम, गिटार (कभी-कभी यात्री मनोरंजन के लिए बजाते हैं)।
घर पर: सारंगी, तबला, सितार, हारमोनियम, बाँसुरी (परिवार के सदस्य या मेहमान बजा सकते हैं)।
किसी अवसर पर (जैसे शादी, पार्टी): ढोलक, तबला, शहनाई, हारमोनियम (खुशी के माहौल में बजाए जाते हैं)।
भजन-कीर्तन में: हारमोनियम, तबला, ढोलक, इकतारा (भक्ति संगीत के साथ)।
स्कूल में: तबला, हारमोनियम, बाँसुरी, सितार (सांस्कृतिक कार्यक्रमों या संगीत कक्षा में)।
Common mistakes
- सारंगी के 'मीठे' होने का अर्थ केवल स्वाद से जोड़ना।
- संगीत वाद्ययंत्रों को वर्गीकृत करते समय भ्रमित होना।
- प्रश्न के संदर्भ को ठीक से न समझना।
Revision tips
- कहानी को फिर से पढ़ें और भोला के दृष्टिकोण से सोचने का प्रयास करें।
- संगीत वाद्ययंत्रों की सूची बनाएं और उन्हें बजाने के तरीके के आधार पर वर्गीकृत करें।
- 'मीठी' और 'कड़वी' बात के अर्थ पर चर्चा करें।
- पाठ में आए नए शब्दों और उनके अर्थों को याद करें।
Practice MCQs
Q1. भोला ने सारंगी को चाटकर क्यों देखा?
Explanation: भोला ने सारंगी को चाटकर इसलिए देखा क्योंकि गाँव वाले उसे 'मीठी सारंगी' कह रहे थे और वह उसके मीठे स्वाद को जानना चाहता था।
Q2. गाँव वाले सारंगी को 'मीठी' क्यों कहते थे?
Explanation: गाँव वाले सारंगी को 'मीठी' इसलिए कहते थे क्योंकि उसकी आवाज़ सुनने में बहुत मधुर और आनंददायक लगती थी, न कि उसके स्वाद के कारण।
Q3. भोला को सारंगी का स्वाद क्यों नहीं आया?
Explanation: भोला को सारंगी का स्वाद इसलिए नहीं आया क्योंकि सारंगी लकड़ी की बनी होती है और लकड़ी का अपना कोई विशेष स्वाद नहीं होता है।
Q4. 'कड़वी बात' का क्या मतलब है?
Explanation: 'कड़वी बात' का मतलब ऐसी बात कहना है जिससे सुनने वाले को बुरा लगे या उसका दिल दुख जाए।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा वाद्य यंत्र 'थाप देकर' बजाया जाता है?
Explanation: तबला एक ताल वाद्य यंत्र है जिसे हाथ से थाप देकर बजाया जाता है।
Frequently asked questions
कक्षा 2 के हिंदी पाठ 'मीठी सारंगी' में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?
इस पाठ में छात्रों को कहानी के माध्यम से यह सिखाया गया है कि हर 'मीठी' चीज़ का स्वाद मीठा नहीं होता, बल्कि कभी-कभी आवाज़ भी बहुत मधुर हो सकती है। साथ ही, 'कड़वी बात' का अर्थ और विभिन्न संगीत वाद्ययंत्रों के बारे में भी जानकारी दी गई है।
भोला को सारंगी मीठी क्यों नहीं लगी?
भोला को सारंगी मीठी इसलिए नहीं लगी क्योंकि उसने सारंगी को चाटकर उसके स्वाद का पता लगाने की कोशिश की थी। सारंगी लकड़ी की बनी होती है और उसका कोई स्वाद नहीं होता। गाँव वाले 'मीठी सारंगी' इसलिए कहते थे क्योंकि उसकी आवाज़ बहुत मधुर थी।
'कड़वी बात' का क्या अर्थ है?
'कड़वी बात' का अर्थ है ऐसी बात कहना जिससे किसी का मन दुखे या उसे बुरा लगे।
संगीत वाद्ययंत्रों को किन-किन श्रेणियों में बाँटा गया है?
पाठ में संगीत वाद्ययंत्रों को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बाँटा गया है: तार वाले (जैसे सितार), थाप वाले (जैसे तबला), और अन्य (जैसे बाँसुरी)।
ये NCERT समाधान कक्षा 2 के छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?
ये समाधान छात्रों को पाठ के प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद मिलती है।
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