कक्षा 11 रसायन विज्ञान अध्याय 14: पर्यावरणीय रसायन NCERT समाधान

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यह खंड कक्षा 11 रसायन विज्ञान के अध्याय 14, 'पर्यावरणीय रसायन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें पर्यावरणीय रसायन शास्त्र की परिभाषा, क्षोभमंडलीय प्रदूषण के कारण और घटक (गैसीय और कणिकीय प्रदूषक), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) के बीच विषाक्तता में अंतर, ग्रीनहाउस प्रभाव के लिए जिम्मेदार गैसें, और अम्ल वर्षा का मूर्तियों और स्मारकों पर पड़ने वाला प्रभाव शामिल है। समाधानों में रासायनिक समीकरणों का उपयोग करके अवधारणाओं को स्पष्ट किया गया है, जैसे कि अम्ल वर्षा का संगमरमर पर प्रभाव। यह खंड छात्रों को पर्यावरणीय रसायन विज्ञान के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectरसायन विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter14. पर्यावरणीय रसायन

Chapter summary

कक्षा 11 रसायन विज्ञान के अध्याय 14 के ये NCERT समाधान पर्यावरणीय रसायन विज्ञान की मूल बातें कवर करते हैं। इसमें क्षोभमंडलीय प्रदूषण के विभिन्न रूपों, कार्बन मोनोऑक्साइड की उच्च विषाक्तता के कारणों, ग्रीनहाउस प्रभाव में योगदान देने वाली प्रमुख गैसों की पहचान और अम्ल वर्षा के कारण होने वाले क्षरण की व्याख्या की गई है। समाधान छात्रों को इन पर्यावरणीय मुद्दों से जुड़े रासायनिक सिद्धांतों को समझने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • पर्यावरणीय रसायन शास्त्र को परिभाषित करना सीखें।
  • क्षोभमंडलीय प्रदूषण के कारणों और प्रकारों को समझें।
  • कार्बन मोनोऑक्साइड की उच्च विषाक्तता के पीछे के रासायनिक कारणों का विश्लेषण करें।
  • ग्रीनहाउस प्रभाव में योगदान देने वाली विभिन्न गैसों की पहचान करें।
  • अम्ल वर्षा के कारण होने वाले क्षरण की प्रक्रिया को समझें।

Topics covered

Paper topics

  • पर्यावरणीय रसायन शास्त्र
  • क्षोभमंडलीय प्रदूषण
  • गैसीय वायु प्रदूषक
  • कणिकीय प्रदूषक
  • सल्फर के ऑक्साइड
  • नाइट्रोजन के ऑक्साइड
  • कार्बन के ऑक्साइड
  • कार्बन मोनोऑक्साइड की विषाक्तता
  • ग्रीनहाउस प्रभाव
  • अम्ल वर्षा
  • संगमरमर का क्षरण

Important topics

  • क्षोभमंडलीय प्रदूषण
  • कार्बन मोनोऑक्साइड की विषाक्तता
  • ग्रीनहाउस प्रभाव
  • अम्ल वर्षा और इसके प्रभाव

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Questions and Solutions

प्रश्न 14.1

पर्यावरणीय रसायन शास्त्र को परिभाषित कीजिए।
Solution: पर्यावरणीय रसायन शास्त्र वह वैज्ञानिक अध्ययन है जो पर्यावरण में मौजूद विभिन्न रासायनिक प्रजातियों के परिवहन, रासायनिक अभिक्रियाओं, उनके प्रभावों और उनसे संबंधित तथ्यों से संबंधित है। यह वायु, जल और मृदा में होने वाली रासायनिक प्रक्रियाओं और मानव गतिविधियों के पर्यावरणीय परिणामों को समझने में मदद करता है।

प्रश्न 14.2

क्षोभमंडलीय प्रदूषण को लगभग 100 शब्दों में समझाइए।
Solution: क्षोभमंडलीय प्रदूषण वायुमंडल की सबसे निचली परत, क्षोभमंडल में अवांछनीय पदार्थों की उपस्थिति के कारण होता है। ये पदार्थ गैसीय या कणिकीय रूप में हो सकते हैं।

गैसीय प्रदूषकों में सल्फर के ऑक्साइड (जैसे SO2), नाइट्रोजन के ऑक्साइड (जैसे NO, NO2), कार्बन के ऑक्साइड (CO, CO2), हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S), हाइड्रोकार्बन और ओजोन (O3) शामिल हैं। ये जीवाश्म ईंधन के जलने, औद्योगिक प्रक्रियाओं और वाहनों से उत्सर्जित होते हैं।

कणिकीय प्रदूषकों में धूल, धुआँ, कोहरा, और स्प्रे कण शामिल हैं। ये विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों और दहन प्रक्रियाओं से उत्पन्न होते हैं। ये प्रदूषक मानव स्वास्थ्य, पौधों और जंतुओं के लिए हानिकारक हो सकते हैं, तथा अम्लीय वर्षा और स्मॉग जैसी घटनाओं में योगदान करते हैं।

उदाहरण के लिए, सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) श्वसन संबंधी समस्याओं का कारण बनती है, जबकि नाइट्रोजन के ऑक्साइड ओजोन परत को नुकसान पहुँचा सकते हैं और अम्लीय वर्षा में योगदान करते हैं।

नाइट्रोजन के ऑक्साइड के निर्माण से संबंधित कुछ रासायनिक अभिक्रियाएँ इस प्रकार हैं:

N_2(g) + O_2(g) \xrightarrow{1483K} 2NO(g)

2NO(g) + O_2(g) \longrightarrow 2NO_2(g)

ओजोन के साथ नाइट्रोजन मोनोऑक्साइड की अभिक्रिया:

NO(g) + O_3(g) \longrightarrow NO_2(g) + O_2(g)

प्रश्न 14.3

कार्बन डाइऑक्साइड की अपेक्षा कार्बन मोनोऑक्साइड अधिक खतरनाक क्यों है? समझाइए।
Solution: कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) की तुलना में बहुत अधिक खतरनाक है क्योंकि यह रक्त में हीमोग्लोबिन (Hb) के साथ अत्यधिक प्रबलता से जुड़ जाता है। CO की हीमोग्लोबिन के प्रति आत्मीयता (affinity) CO2 की तुलना में लगभग 300 गुना अधिक होती है। जब CO हीमोग्लोबिन से जुड़ता है, तो यह कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन (HbCO) बनाता है:

CO + Hb \longrightarrow HbCO

यह कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को हीमोग्लोबिन से जुड़ने से रोकता है, जिससे शरीर के ऊतकों तक ऑक्सीजन का परिवहन गंभीर रूप से बाधित होता है। इसके परिणामस्वरूप शरीर में ऑक्सीजन की कमी (हाइपोक्सिया) हो जाती है, जो घातक हो सकती है। लगभग 1300 पी.पी.एम. (parts per million) की सांद्रता में CO का आधा घंटे का संपर्क भी प्राणघातक हो सकता है। CO2 भी हानिकारक है, लेकिन इसकी हीमोग्लोबिन से जुड़ने की क्षमता बहुत कम होती है और यह मुख्य रूप से श्वसन दर को प्रभावित करती है।

प्रश्न 14.4

ग्रीन हाऊस-प्रभाव के लिए कौन-सी गैसें उत्तरदायी हैं? सूचीबद्ध कीजिए।
Solution: ग्रीनहाउस प्रभाव के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित गैसें उत्तरदायी हैं:
  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO2)
  • मीथेन (CH4)
  • ओजोन (O3)
  • क्लोरो-फ्लोरो-कार्बन (CFCs)
  • नाइट्रोजन के ऑक्साइड (जैसे N2O)
  • जल वाष्प (H2O)
ये गैसें पृथ्वी से उत्सर्जित अवरक्त विकिरण (infrared radiation) को अवशोषित करती हैं और पुनः पृथ्वी की ओर विकिरित करती हैं, जिससे पृथ्वी के वायुमंडल का तापमान बढ़ जाता है।

प्रश्न 14.5

अम्ल वर्षा मूर्तियों तथा स्मारकों को कैसे दुष्प्रभावित करती है?
Solution: अम्ल वर्षा में मुख्य रूप से सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) और नाइट्रिक अम्ल (HNO3) होते हैं, और कभी-कभी थोड़ी मात्रा में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) भी हो सकता है। इन अम्लों के कारण अम्ल वर्षा का pH मान सामान्यतः 4 से 5 के बीच होता है।

जब अम्ल वर्षा संगमरमर (मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट, CaCO3) से बनी मूर्तियों और स्मारकों पर पड़ती है, तो यह रासायनिक अभिक्रिया करती है और उन्हें धीरे-धीरे नष्ट कर देती है। उदाहरण के लिए, सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ संगमरमर की अभिक्रिया इस प्रकार होती है:

CaCO_3(s) + H_2SO_4(aq) \longrightarrow CaSO_4(aq) + CO_2(g) + H_2O(l)

इस अभिक्रिया में, कैल्शियम कार्बोनेट कैल्शियम सल्फेट में परिवर्तित हो जाता है, जो पानी में घुलनशील होता है या सतह पर एक परत बना लेता है जो क्षरण का कारण बनती है। इसी प्रकार, नाइट्रिक अम्ल भी संगमरमर को प्रभावित करता है। इस प्रक्रिया के कारण मूर्तियाँ और ऐतिहासिक स्मारक अपनी चमक और संरचना खो देते हैं, जिससे उनका क्षरण होता है। ताजमहल जैसे संगमरमर से बने स्मारक अम्ल वर्षा से विशेष रूप से प्रभावित होते हैं।

Common mistakes

  • CO और CO2 की विषाक्तता के बीच अंतर को समझने में भ्रमित होना।
  • अम्ल वर्षा के रासायनिक समीकरणों को ठीक से लागू न कर पाना।
  • ग्रीनहाउस गैसों की सूची को याद रखने में कठिनाई।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रदूषक के स्रोत और प्रभाव को संक्षेप में लिखें।
  • CO और CO2 की विषाक्तता की तुलना करने वाले समीकरणों को समझें।
  • अम्ल वर्षा के रासायनिक प्रतिक्रियाओं का अभ्यास करें।
  • ग्रीनहाउस गैसों और उनके प्रभावों की एक सूची बनाएं।

Practice MCQs

Q1. पर्यावरणीय रसायन शास्त्र मुख्य रूप से किससे संबंधित है?

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा गैसीय वायु प्रदूषक नहीं है?

Q3. रक्त में हीमोग्लोबिन के साथ CO की संयोजकता CO2 की तुलना में कितनी अधिक होती है?

Q4. ग्रीनहाउस प्रभाव के लिए मुख्य रूप से कौन सी गैस जिम्मेदार है?

Q5. अम्ल वर्षा में मुख्य रूप से कौन से अम्ल होते हैं?

Frequently asked questions

पर्यावरणीय रसायन शास्त्र क्या है?

पर्यावरणीय रसायन शास्त्र वह विज्ञान है जो पर्यावरण में रासायनिक प्रजातियों के परिवहन, अभिक्रियाओं, प्रभावों और तथ्यों का अध्ययन करता है।

क्षोभमंडलीय प्रदूषण के मुख्य घटक क्या हैं?

क्षोभमंडलीय प्रदूषण के मुख्य घटकों में गैसीय वायु प्रदूषक (जैसे सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड, CO, हाइड्रोकार्बन, ओजोन) और कणिकीय प्रदूषक (जैसे धूल, धूम्र, कोहरा) शामिल हैं।

कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) से अधिक खतरनाक क्यों है?

CO रक्त में हीमोग्लोबिन के साथ CO2 की तुलना में लगभग 300 गुना अधिक मजबूती से जुड़ता है, जिससे ऑक्सीजन परिवहन बाधित होता है और शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।

ग्रीनहाउस प्रभाव में कौन सी गैसें योगदान करती हैं?

कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) मुख्य गैस है, साथ ही मीथेन (CH4), ओजोन (O3), क्लोरो-फ्लोरो-कार्बन (CFCs), नाइट्रोजन के ऑक्साइड और जल वाष्प भी योगदान करते हैं।

अम्ल वर्षा स्मारकों को कैसे नुकसान पहुँचाती है?

अम्ल वर्षा में मौजूद सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल संगमरमर (कैल्शियम कार्बोनेट) जैसी सामग्रियों के साथ प्रतिक्रिया करके उन्हें खराब कर देते हैं, जैसा कि ताजमहल के मामले में देखा गया है।

यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी है?

यह समाधान छात्रों को पर्यावरणीय रसायन विज्ञान के प्रमुख अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझने, महत्वपूर्ण रासायनिक प्रतिक्रियाओं का अभ्यास करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करता है।

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