कक्षा 11 रसायन विज्ञान: हाइड्रोकार्बन NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 11 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 11 रसायन विज्ञान के अध्याय 13, 'हाइड्रोकार्बन' के लिए व्यापक NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें एल्केन, एल्कीन और एल्काइन जैसे विभिन्न हाइड्रोकार्बन के नामकरण, संरचना और प्रतिक्रियाओं को शामिल किया गया है। समाधानों में मेथेन के क्लोरीनीकरण से एथेन के निर्माण की व्याख्या, IUPAC नामकरण, स्थिति समावयवता और ओजोनी-अपघटन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत हल छात्रों को हाइड्रोकार्बन की मूल अवधारणाओं को गहराई से समझने में मदद करता है। ये समाधान परीक्षा की तैयारी और पुनरीक्षण के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन हैं, जो छात्रों को जटिल रासायनिक संरचनाओं और प्रतिक्रियाओं को स्पष्ट रूप से समझने में सहायता करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectरसायन विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter13. हाइड्रोकार्बन

Chapter summary

अध्याय 13 'हाइड्रोकार्बन' के ये NCERT समाधान हाइड्रोकार्बन के वर्गीकरण, नामकरण (IUPAC) और संरचनात्मक समावयवता पर केंद्रित हैं। इसमें एल्केन के मुक्त मूलक प्रतिस्थापन, एल्कीन और एल्काइन की योगात्मक अभिक्रियाएँ, और ओजोनी-अपघटन जैसी प्रमुख अभिक्रियाओं को शामिल किया गया है। समाधान छात्रों को विभिन्न हाइड्रोकार्बन की पहचान करने, उनके IUPAC नाम लिखने और उनकी अभिक्रियाओं के उत्पादों की भविष्यवाणी करने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • मेथेन के क्लोरीनीकरण से एथेन के निर्माण की प्रक्रिया को समझना।
  • दिए गए संरचनात्मक सूत्रों के लिए IUPAC नाम लिखना।
  • हाइड्रोकार्बन के स्थिति समावयवों की पहचान करना और उनके संरचना सूत्र बनाना।
  • ओजोनी-अपघटन अभिक्रिया के उत्पादों की भविष्यवाणी करना।

Topics covered

Paper topics

  • हाइड्रोकार्बन का परिचय
  • एल्केन
  • मेथेन का क्लोरीनीकरण
  • एल्कीन
  • एल्काइन
  • IUPAC नामकरण
  • स्थिति समावयवता
  • ओजोनी-अपघटन
  • मुक्त मूलक अभिक्रियाएँ
  • द्विआबंध
  • त्रिआबंध
  • संरचनात्मक सूत्र

Important topics

  • IUPAC नामकरण
  • संरचनात्मक समावयवता
  • ओजोनी-अपघटन अभिक्रियाएँ
  • मुक्त मूलक शृंखला अभिक्रियाएँ
  • एल्कीन और एल्काइन की अभिक्रियाएँ

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

Chapter-13

हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbon)

189

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 13.1. मेथेन के क्लोरीनीकरण के दौरान ऐथेन कैसे बनती है? आप इसे कैसे समझाएँगे?

उत्तर---मेथेन के क्लोरीनीकरण के दौरान शृंखला समापन पद को मुक्त मूलक CH3 संयोग करके C2H6 बनाते हैं।

<math>CH_3 + CH_3 \longrightarrow H_3C: CH_3</math> या <math>CH_3 \longrightarrow CH_3</math>

प्रश्न 13.2. निम्नलिखित यौगिकों के IUPAC नाम लिखिए-

(<math>\mathfrak{F}</math>) CH<sub>3</sub>CH = C(CH<sub>3</sub>)<sub>2</sub>

(ख)CH<sub>2</sub> = CH—C ≡ C—CH<sub>3</sub>

(घ) ⟨ <math display="block">--- CH2 - CH2 - CH = CH2</math>

(可)CH<sub>3</sub>(CH<sub>2</sub>)<sub>4</sub>CH(CH<sub>2</sub>)<sub>3</sub>CH<sub>3</sub> <math>CH_2 - CH(CH_3)_2</math>

<math>( \mathbf{v}) \mathbf{CH}_3 - \mathbf{CH} = \mathbf{CH} - \mathbf{CH}_2 - \mathbf{CH} = \mathbf{CH} - \mathbf{CH}_2 - \mathbf{CH} = \mathbf{CH}_2</math> <math>C_2H_5</math>

उत्तर—(क) 2-मेथिलब्यूट-2-ईन

  • (ख) पेंट-1-ईन-3-आइन
  • (ग) ब्यूट-1, 3-डाईन
  • (घ) ४-फेनिलब्यूट-ब्यूट-1-ईन
  • (ङ) 2-मेथिल फिनोल
  • (च) 5-(2-मेथिल प्रोपिल) डेकेन
  • (छ) 4-एथिल डेका-1, 5, 8 ट्राईन।

प्रश्न 13.3. निम्नलिखित यौगिकों, जिनमें द्विआबंध तथा त्रिआबंध की संख्या दर्शायी गई है, के सभी संभावित स्थिति समावयवों के संरचना सूत्र एवं IUPAC नाम दीजिए-

(क)C<sub>4</sub>H<sub>8</sub> (एक द्विआबंध)

(ख)C<sub>5</sub>H<sub>8</sub> (एक त्रिआबंध)

उत्तर—(क) (i) <math>CH_2 = CH - CH_2 - CH_3</math> ब्यूट-1-ईन

  1. <math>CH_3 - CH_2 = CH - CH_3</math>

ब्यूट-2-ईन

2-मेथिलप्रोपीन

  1. <math>CH_2 = C - CH_3</math> CH<sub>3</sub>

() (i) CH = C—CH<sub>2</sub> —CH<sub>2</sub> —CH<sub>3</sub>

पेन्ट-1-आईन

पेंट-2-आईन

  1. CH<sub>3</sub> -CH-C≡CH 3-मेथिल-ब्यूट-1-आईन
  1. <math>CH_3 - C \equiv C - CH_2 - CH_3</math>

CH<sub>3</sub>

प्रश्न 13.4. निम्नलिखित यौगिकों के ओजोनी-अपघटन के पश्चात् बनने वाले उत्पादों के नाम लिखिए-

  1. पेंट-2-ईन
  2. 3, 4 डाईमेथिल-हेप्ट-3-ईन
  3. 2-एथिल-1-ईन
  4. 1-फेनिलब्यूट-1-ईन

उत्तर—(i) पेंट-2-ईन: CH3 —CH=CH—CH2 —CH3 190

Common mistakes

  • IUPAC नामकरण नियमों को लागू करने में त्रुटियाँ।
  • संरचनात्मक समावयवों की सभी संभावनाओं को सूचीबद्ध करने में चूक।
  • ओजोनी-अपघटन के उत्पादों को सही ढंग से निर्धारित न कर पाना।

Revision tips

  • प्रत्येक हाइड्रोकार्बन के लिए IUPAC नामकरण नियमों का अभ्यास करें।
  • संरचनात्मक समावयवता को समझने के लिए विभिन्न आणविक सूत्रों के लिए संरचनाएँ बनाएँ।
  • ओजोनी-अपघटन अभिक्रियाओं के माध्यम से द्विबंध और त्रिबंध की स्थिति का पता लगाने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. मेथेन के क्लोरीनीकरण के दौरान शृंखला समापन पद में कौन से मुक्त मूलक संयोग करके एथेन बनाते हैं?

Q2. CH3CH=C(CH3)2 का IUPAC नाम क्या है?

Q3. C4H8 (एक द्विआबंध) के लिए निम्नलिखित में से कौन सा एक संभावित स्थिति समावयव है?

Q4. पेंट-2-ईन के ओजोनी-अपघटन से मुख्य उत्पाद क्या बनते हैं?

Q5. 3, 4-डाईमेथिलहेप्ट-3-ईन के ओजोनी-अपघटन से कौन से उत्पाद बनेंगे?

Frequently asked questions

हाइड्रोकार्बन क्या होते हैं?

हाइड्रोकार्बन वे कार्बनिक यौगिक होते हैं जो केवल हाइड्रोजन और कार्बन परमाणुओं से बने होते हैं। ये कार्बनिक रसायन विज्ञान की आधारशिला हैं।

IUPAC नामकरण क्यों महत्वपूर्ण है?

IUPAC नामकरण एक मानकीकृत प्रणाली है जो दुनिया भर के रसायनज्ञों को यौगिकों की सटीक पहचान करने और उनके बारे में संवाद करने में मदद करती है, भले ही उनकी संरचना जटिल हो।

स्थिति समावयवता क्या है?

स्थिति समावयवता ऐसे समावयव होते हैं जिनमें एक ही आणविक सूत्र होता है लेकिन क्रियात्मक समूह या बहुबंध की स्थिति भिन्न होती है।

ओजोनी-अपघटन अभिक्रिया का उपयोग किस लिए किया जाता है?

ओजोनी-अपघटन अभिक्रिया का उपयोग एल्कीन या एल्काइन में द्विबंध या त्रिबंध की स्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है, क्योंकि यह बहुबंध को तोड़कर कार्बोनिल यौगिक (एल्डिहाइड या कीटोन) बनाता है।

ये NCERT समाधान कक्षा 11 के छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान हाइड्रोकार्बन से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणाओं और अभिक्रियाओं की स्पष्ट व्याख्या प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अभ्यास करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों को समझने में मदद मिलती है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.