कक्षा 11 जीव विज्ञान NCERT समाधान: अध्याय 22 रासायनिक समन्वय तथा एकीकरण

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यह पृष्ठ कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 22, 'रासायनिक समन्वय तथा एकीकरण' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें बहिःस्रावी और अंतःस्रावी ग्रंथियों की परिभाषाओं, मानव शरीर में अंतःस्रावी ग्रंथियों की स्थिति का सचित्र निरूपण, विभिन्न ग्रंथियों द्वारा स्रावित हार्मोन और उनके कार्यों पर चर्चा शामिल है। समाधानों में हाइपोथैलेमस, पीयूष ग्रंथि, थायरॉइड, पैराथाइरॉइड, अधिवृक्क ग्रंथि, अग्न्याशय, वृषण, अंडाशय, थाइमस, एट्रियम, वृक्क और जठर-आंत्रीय पथ जैसे विभिन्न स्रोतों से निकलने वाले हार्मोन का उल्लेख है। यह अध्याय परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शरीर के विभिन्न तंत्रों के समन्वय और एकीकरण में हार्मोन की भूमिका को स्पष्ट करता है। ये समाधान छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में मदद करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectजीव विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter22. रासायनिक समन्वय तथा एकीकरण

Chapter summary

अध्याय 22, 'रासायनिक समन्वय तथा एकीकरण' के ये NCERT समाधान छात्रों को मानव शरीर में हार्मोनल नियंत्रण की जटिलताओं को समझने में मदद करते हैं। इसमें बहिःस्रावी और अंतःस्रावी ग्रंथियों के बीच अंतर, प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियों के स्थान और उनके द्वारा स्रावित विभिन्न हार्मोन (जैसे थायरोक्सिन, इंसुलिन, एड्रेनालाईन) और उनके विशिष्ट कार्यों का विस्तृत विवरण शामिल है। यह खंड परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक है, जो शरीर की विभिन्न क्रियाओं के नियमन में हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालता है।

Learning outcomes

  • बहिःस्रावी और अंतःस्रावी ग्रंथियों के बीच अंतर को समझें।
  • मानव शरीर में प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियों की स्थिति की पहचान करें।
  • विभिन्न अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित हार्मोन और उनके कार्यों को सूचीबद्ध करें।
  • हार्मोन द्वारा शरीर के विभिन्न कार्यों के समन्वय और एकीकरण की प्रक्रिया को समझें।

Topics covered

Paper topics

  • बहिःस्रावी ग्रंथियाँ
  • अंतःस्रावी ग्रंथियाँ
  • हार्मोन की परिभाषा
  • मानव शरीर में अंतःस्रावी ग्रंथियों की स्थिति
  • हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित हार्मोन
  • पीयूष ग्रंथि द्वारा स्रावित हार्मोन
  • थायरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित हार्मोन
  • पैराथाइरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित हार्मोन
  • अधिवृक्क ग्रंथि द्वारा स्रावित हार्मोन
  • अग्न्याशय द्वारा स्रावित हार्मोन
  • वृषण और अंडाशय द्वारा स्रावित हार्मोन
  • हार्मोन के कार्य

Important topics

  • अंतःस्रावी ग्रंथियों की परिभाषा और प्रकार
  • प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियों की स्थिति
  • विभिन्न हार्मोन और उनके कार्य
  • हार्मोनल समन्वय का महत्व

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

निम्नलिखित की परिभाषा लिखिए— (अ) बहिःस्रावी ग्रन्थियाँ, (ब) अन्तःस्रावी ग्रन्थियाँ, (स) हॉर्मोन।
Solution:

(अ) **बहिःस्रावी ग्रन्थियाँ (Exocrine Glands):** ये ऐसी ग्रन्थियाँ होती हैं जो संकरी नलिकाओं से जुड़ी होती हैं। इनके द्वारा स्रावित तरल पदार्थ (जैसे एंजाइम, पसीना, तेल) इन नलिकाओं के माध्यम से शरीर की सतह पर या किसी अंग की गुहा में छोड़े जाते हैं। इन्हें वाहिनीयुक्त ग्रंथियाँ भी कहा जाता है। उदाहरणों में लार ग्रंथियाँ, पसीने की ग्रंथियाँ, तेल ग्रंथियाँ, यकृत और अग्न्याशय की पाचक एंजाइम स्रावित करने वाली कोशिकाएँ शामिल हैं।

(ब) **अन्तःस्रावी ग्रन्थियाँ (Endocrine Glands):** ये नलिकाविहीन (ductless) ग्रंथियाँ होती हैं, जिसका अर्थ है कि वे अपने स्राव को सीधे रक्तप्रवाह में छोड़ती हैं। इन ग्रंथियों से स्रावित होने वाले रासायनिक पदार्थ हॉर्मोन कहलाते हैं। ये हॉर्मोन रक्त द्वारा पूरे शरीर में फैलते हैं और विशिष्ट लक्ष्य कोशिकाओं या अंगों पर कार्य करते हैं। उदाहरणों में पीयूष ग्रंथि, थायरॉइड ग्रंथि, अधिवृक्क ग्रंथि, पैराथाइरॉइड ग्रंथि, पीनियल ग्रंथि और थाइमस ग्रंथि शामिल हैं।

(स) **हॉर्मोन (Hormone):** हॉर्मोन विशेष रासायनिक संदेशवाहक होते हैं जो अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित होते हैं। ये शरीर के विभिन्न भागों में संचारित होकर लक्ष्य कोशिकाओं या ऊतकों की क्रियाओं को नियंत्रित और विनियमित करते हैं। बैलिस और स्टारलिंग ने 1903-1905 में इन रसायनों को 'हॉर्मोन' नाम दिया था। ये बहुत कम मात्रा में स्रावित होते हैं लेकिन शरीर की कार्यप्रणाली पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं।

प्रश्न 2

हमारे शरीर में पाई जाने वाली अन्तःस्रावी ग्रन्थियों की स्थिति चित्र बनाकर प्रदर्शित कीजिए।
Solution:

मानव शरीर में विभिन्न अंतःस्रावी ग्रंथियाँ विभिन्न स्थानों पर स्थित होती हैं। नीचे एक चित्र के माध्यम से इनकी सामान्य स्थिति को दर्शाया गया है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कुछ ग्रंथियाँ (जैसे अग्न्याशय) बहिःस्रावी और अंतःस्रावी दोनों कार्य करती हैं।

मानव शरीर में अंतःस्रावी ग्रंथियों की स्थिति का योजनाबद्ध चित्र
चित्र-मानव शरीर में विभिन्न अंतःस्रावी ग्रंथियों की स्थित : (A) पुरुष तथा (B) स्त्री में। (नोट: वास्तविक चित्र स्रोत में उपलब्ध है, यहाँ केवल वर्णन दिया गया है।)

ग्रंथियों की सामान्य स्थिति:

  • पीनियल ग्रंथि (Pineal Body): मस्तिष्क में स्थित।
  • पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland): मस्तिष्क के आधार पर हाइपोथैलेमस से जुड़ी हुई।
  • थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid Gland): गर्दन में श्वासनली के सामने स्थित।
  • पैराथाइरॉइड ग्रंथियाँ (Parathyroid Glands): थायरॉइड ग्रंथि के पीछे स्थित छोटी ग्रंथियाँ।
  • थाइमस ग्रंथि (Thymus Gland): छाती में, हृदय के ऊपर और फेफड़ों के बीच स्थित।
  • अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland): प्रत्येक गुर्दे (किडनी) के ऊपर स्थित।
  • अग्न्याशय (Pancreas): पेट के पीछे स्थित, इसमें अंतःस्रावी कोशिकाएँ (आइलेट्स ऑफ लैंगरहैंस) होती हैं।
  • वृषण (Testis): पुरुषों में, अंडकोश की थैली में स्थित।
  • अंडाशय (Ovary): महिलाओं में, श्रोणि क्षेत्र में स्थित।

यह चित्र इन ग्रंथियों के सापेक्ष स्थान को समझने में मदद करता है, जो उनके द्वारा स्रावित हार्मोन के कार्य के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 3

निम्नलिखित द्वारा स्रावित हॉर्मोन का नाम लिखिए— (अ) हाइपोथैलेमस (ब) पीयूष ग्रन्थि (स) थाइरॉइड (द) पैराथाइरॉइड (य) अधिवृक्क ग्रन्थि (र) अग्न्याशय (ल) वृषण (व) अण्डाशय (श) थाइमस (स) एट्रियम (ष) वृक्क (ह) जठर-आंत्रीय पथ।
Solution:

विभिन्न अंतःस्रावी और अन्य ऊतक निम्नलिखित हार्मोन स्रावित करते हैं:

  • (अ) हाइपोथैलेमस: यह कई रिलीजिंग और इनहिबिटिंग हार्मोन स्रावित करता है जो पीयूष ग्रंथि के कार्य को नियंत्रित करते हैं, जैसे गोनेडोट्रोपिन-रिलीजिंग हार्मोन (GnRH), कॉर्टिकोट्रोपिन-रिलीजिंग हार्मोन (CRH), थायरोट्रोपिन-रिलीजिंग हार्मोन (TRH), आदि।
  • (ब) पीयूष ग्रन्थि (Pituitary Gland): यह कई महत्वपूर्ण हार्मोन स्रावित करती है, जिनमें वृद्धि हार्मोन (GH), प्रोलैक्टिन (PRL), थायरॉइड स्टिम्युलेटिंग हार्मोन (TSH), एड्रेनोकॉर्टिकोट्रोफिक हार्मोन (ACTH), ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH), फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हार्मोन (FSH), मिलेनोसाइट-स्टिम्युलेटिंग हार्मोन (MSH), ऑक्सीटोसिन और एंटीडाययूरेटिक हार्मोन (ADH) शामिल हैं। (नोट: ऑक्सीटोसिन और ADH हाइपोथैलेमस में संश्लेषित होते हैं और पीयूष ग्रंथि के पश्च पालीब से स्रावित होते हैं)।
  • (स) थायरॉइड ग्रन्थि: यह थायरोक्सिन (T4), ट्रायोडोथायरोनिन (T3) और कैल्सीटोनिन (TCT) हार्मोन स्रावित करती है।
  • (द) पैराथाइरॉइड ग्रंथि: यह पैराथाइरॉइड हार्मोन (PTH) स्रावित करती है।
  • (य) अधिवृक्क ग्रन्थि (Adrenal Gland): यह कॉर्टेक्स से कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (जैसे कॉर्टिसोल, एल्डोस्टेरोन) और मेडुला से एड्रेनालाईन (एपिनेफ्रिन) और नॉरएड्रेनालाईन (नॉरएपिनेफ्रिन) स्रावित करती है।
  • (र) अग्न्याशय (Pancreas): यह इंसुलिन और ग्लूकागॉन हार्मोन स्रावित करता है।
  • (ल) वृषण (Testis): यह एंड्रोजन, मुख्य रूप से टेस्टोस्टीरॉन, स्रावित करता है।
  • (व) अंडाशय (Ovary): यह एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन जैसे हार्मोन स्रावित करता है।
  • (श) थाइमस ग्रंथि (Thymus Gland): यह थाइमोसिन हार्मोन स्रावित करती है।
  • (स) एट्रियम (Atrium - हृदय का भाग): यह एट्रियल नेट्रीयूरेटिक फैक्टर (ANF) स्रावित करता है।
  • (ष) वृक्क (Kidney): यह एरिथ्रोपोइटिन (EPO) स्रावित करता है।
  • (ह) जठर-आंत्रीय पथ (Gastro-intestinal Tract): यह विभिन्न हार्मोन स्रावित करता है, जैसे गैस्ट्रिन, सीक्रेटिन, कोलेसिस्टोकिनिन (CCK), आदि।

प्रश्न 4

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए— हॉर्मोन लक्ष्य ग्रन्थि (अ) हाइपोथैलेमिक हॉर्मोन (ब) थायरोट्रॉफिन (टी॰एस॰एच॰) (स) कॉर्टिकोट्रॉफिन (ए०सी०टी०एच०) (द) गोनेडोटोपिन (एल०एच०, एफ०एस०एच०) (य) मिलैनोट्रोफिन (एम०एस०एच०)
Solution:

रिक्त स्थानों की पूर्ति इस प्रकार है:

  • (अ) हाइपोथैलेमिक हॉर्मोन पीयूष ग्रंथि को नियंत्रित करते हैं।
  • (ब) थायरोट्रॉफिन (TSH) थायरॉइड ग्रंथि पर कार्य करता है।
  • (स) कॉर्टिकोट्रॉफिन (ACTH) अधिवृक्क वल्कुट (Adrenal Cortex) पर कार्य करता है।
  • (द) गोनेडोटोपिन (LH, FSH) वृषण अथवा अंडाशय पर कार्य करते हैं।
  • (य) मिलैनोट्रोफिन (MSH) त्वचा की रंग कोशिकाओं (मेलानोफोर्स) पर कार्य करता है।

प्रश्न 5

निम्नलिखित हॉर्मोन के कार्यों के बारे में टिप्पणी लिखिए— (अ) पैराथाइरॉइड हॉर्मोन (पी०टी०एच) (ब) थाइरॉइड हॉर्मोन, (स) थाइमोसिन, (द) एन्ड्रोजेन, (य) एस्ट्रोजेन, (र) इन्सुलिन एवं ग्लूकैगॉन।
Solution:

विभिन्न हार्मोन के कार्य निम्नलिखित हैं:

  • (अ) पैराथायरॉइड हॉर्मोन (PTH): यह रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाता है। यह हड्डियों से कैल्शियम को रक्त में छोड़ने, गुर्दों द्वारा कैल्शियम के पुनःअवशोषण को बढ़ाने और फॉस्फेट के उत्सर्जन को कम करने का कार्य करता है। यह विटामिन डी को सक्रिय करने में भी भूमिका निभाता है, जो आंतों से कैल्शियम अवशोषण के लिए आवश्यक है।
  • (ब) थाइरॉइड हॉर्मोन (T3 और T4): ये हार्मोन शरीर की उपापचय दर को नियंत्रित करते हैं। वे कोशिकाओं में ऑक्सीजन और ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाते हैं, हृदय गति और रक्तचाप को नियंत्रित करते हैं, प्रोटीन संश्लेषण को बढ़ावा देते हैं, और सामान्य वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक हैं।
  • (स) थाइमोसिन (Thymosin): यह थाइमस ग्रंथि द्वारा स्रावित होता है और टी-लिम्फोसाइट्स (T-cells) के विभेदन और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • (द) एन्ड्रोजेन (Androgen): मुख्य रूप से वृषण द्वारा स्रावित, टेस्टोस्टीरॉन जैसे एंड्रोजन पुरुष यौन अंगों के विकास और रखरखाव, शुक्राणु उत्पादन और पुरुष माध्यमिक यौन लक्षणों (जैसे दाढ़ी, आवाज का भारी होना) के लिए जिम्मेदार होते हैं।
  • (य) एस्ट्रोजेन (Estrogen): मुख्य रूप से अंडाशय द्वारा स्रावित, एस्ट्रोजन महिला यौन अंगों के विकास और कार्य, मासिक धर्म चक्र के नियमन और महिला माध्यमिक यौन लक्षणों (जैसे स्तनों का विकास) के लिए जिम्मेदार होते हैं।
  • (र) इन्सुलिन एवं ग्लूकैगॉन (Insulin and Glucagon): ये दोनों हार्मोन अग्न्याशय द्वारा स्रावित होते हैं और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करते हैं। इन्सुलिन रक्त शर्करा को कम करता है (ग्लूकोज को कोशिकाओं में प्रवेश करने और ग्लाइकोजन में परिवर्तित करने में मदद करके), जबकि ग्लूकैगॉन रक्त शर्करा को बढ़ाता है (यकृत से ग्लाइकोजन को ग्लूकोज में परिवर्तित करके)।

Common mistakes

  • बहिःस्रावी और अंतःस्रावी ग्रंथियों के बीच भ्रमित होना।
  • विभिन्न हार्मोन के कार्यों को याद रखने में कठिनाई।
  • हार्मोनल संतुलन के महत्व को कम आंकना।

Revision tips

  • सभी अंतःस्रावी ग्रंथियों और उनके द्वारा स्रावित हार्मोन की एक सूची बनाएं।
  • प्रत्येक हार्मोन के मुख्य कार्यों को संक्षेप में लिखें।
  • मानव शरीर में ग्रंथियों की स्थिति को याद करने के लिए चित्र का उपयोग करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सी ग्रंथि वाहिनीयुक्त (ducted gland) कहलाती है?

Q2. हार्मोन क्या हैं?

Q3. थायरॉइड ग्रंथि द्वारा स्रावित हार्मोन कौन से हैं?

Q4. पैराथाइरॉइड हार्मोन (PTH) का मुख्य कार्य क्या है?

Q5. वृषण द्वारा स्रावित मुख्य हॉर्मोन कौन सा है?

Frequently asked questions

बहिःस्रावी और अंतःस्रावी ग्रंथियों में मुख्य अंतर क्या है?

बहिःस्रावी ग्रंथियाँ नलिकाओं के माध्यम से जुड़ी होती हैं और अपने स्राव को सतह पर छोड़ती हैं, जबकि अंतःस्रावी ग्रंथियाँ नलिकाविहीन होती हैं और अपने स्राव (हार्मोन) को सीधे रक्त में छोड़ती हैं।

हार्मोन का क्या कार्य है?

हार्मोन शरीर में संदेशवाहक रसायनों के रूप में कार्य करते हैं, जो विभिन्न शारीरिक प्रक्रियाओं जैसे वृद्धि, उपापचय, प्रजनन और तनाव प्रतिक्रिया को नियंत्रित और समन्वित करते हैं।

कक्षा 11 जीव विज्ञान के अध्याय 22 में कौन सी प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियों का उल्लेख किया गया है?

इस अध्याय में पीयूष ग्रंथि, थायरॉइड ग्रंथि, पैराथाइरॉइड ग्रंथि, अधिवृक्क ग्रंथि, अग्न्याशय, वृषण, अंडाशय, थाइमस ग्रंथि, हाइपोथैलेमस और जठर-आंत्रीय पथ जैसी ग्रंथियों का उल्लेख है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान अध्याय की प्रमुख अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, महत्वपूर्ण हार्मोन और उनके कार्यों को सूचीबद्ध करते हैं, और अभ्यास प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत सहायक हैं।

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