CBSE Class 11 Hindi (Core A) Chapter 14: बालमुकुन्द - NCERT Solutions
This chapter, "बालमुकुन्द" (Balmukund), from CBSE Class 11 Hindi (Core A) delves into historical events and societal observations through the writings of Balmukund Gupt. The NCERT Solutions provided here offer detailed explanations for each question, focusing on the nuances of the text. Students will explore themes of separation, the nature of governance, and the impact of historical decisions like the Partition of Bengal. The solutions clarify the author's intent behind using specific characters and historical references, such as the story of Shivshambhu's cows and Lord Curzon's tenure. These solutions are designed to help students grasp the underlying messages and historical context, aiding in their exam preparation by providing clear, concise, and accurate answers.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 14. बालमुकुन्द |
Chapter summary
Chapter 14, "बालमुकुन्द," of the CBSE Class 11 Hindi (Core A) textbook focuses on critical analysis of historical events and administrative policies through the writings of Balmukund Gupt. The NCERT Solutions cover questions related to the significance of separation, the historical context of the Bengal Partition, Lord Curzon's resignation, and the essence of true governance. It also explores the author's use of satirical characters like 'Shivshambhu' to voice dissent. These solutions aim to enhance students' understanding of the chapter's socio-political commentary and historical references.
Learning outcomes
- Understand the author's perspective on separation and its emotional impact.
- Identify and explain the historical context of the Bengal Partition (Bang-Bhang).
- Analyze the reasons behind Lord Curzon's resignation.
- Discuss the concept of governance and the importance of listening to public opinion.
- Interpret the author's use of satirical characters and their purpose.
- Explain the significance of the phrase 'तीसरी शक्ति' (third power) in the context of the chapter.
Topics covered
Paper topics
- शिवशंभु की दो गायों की कहानी
- बिछड़ने का भाव
- बंग-भंग (बंगाल का विभाजन)
- लॉर्ड कर्जन का शासन
- लॉर्ड कर्जन का इस्तीफा
- शासन का अर्थ और प्रकृति
- तीसरी शक्ति (ब्रिटिश सरकार)
- शिवशंभु पात्र का प्रयोग
- बालमुकुंद गुप्त की लेखन शैली
- ऐतिहासिक घटनाओं का विश्लेषण
Important topics
- बंग-भंग की ऐतिहासिक घटना
- लॉर्ड कर्जन की नीतियां और इस्तीफा
- शासन की परिभाषा और प्रजा की भूमिका
- शिवशंभु के पात्र के माध्यम से व्यंग्य
- बिछड़ने के भाव का चित्रण
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Questions and Solutions
1. शिवशंभु की दो गायों की कहानी के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है?
2. आठ करोड प्रजा के गिड़गिड़ाकर विच्छेद न करने की प्रार्थना पर आपने ज़रा भी ध्यान नहीं दिया - यहाँ किस ऐतिहासिक घटना की ओर संकेत किया गया है?
3. कर्जन को इस्तीफ़ा क्यों देना पड़ गया ?
- लॉर्ड कर्जन के बंग-भंग के निर्णय के कारण भारतीय जनता उनके विरुद्ध हो गई थी और उनका भारी विरोध हो रहा था।
- एक महत्वपूर्ण कारण यह था कि लॉर्ड कर्जन एक फ़ौजी अफ़सर को अपनी इच्छानुसार एक महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त करना चाहते थे, लेकिन ब्रिटिश सरकार ने उनकी इस इच्छा को पूरा नहीं किया।
4. बिचारिए तो, क्या शान आपकी इस देश में थी और अब क्या हो गई! कितने ऊँचे होकर आप कितने नीचे गिरे! - आशय स्पष्ट कीजिए।
लेकिन, इस्तीफ़ा देने के बाद उनकी सारी शान और वैभव समाप्त हो गया। उनकी सिफारिश पर किसी व्यक्ति को भी पद पर नियुक्त नहीं किया गया। अपनी ज़िद के कारण उन्होंने अपना सारा वैभव खो दिया और अंततः उन्हें भारत छोड़कर जाने का आदेश मिला। इस प्रकार, वे बहुत ऊँचे पद से बहुत नीचे गिर गए।
5. आपके और यहाँ के निवासियों के बीच में कोई तीसरी शक्ति और भी है- यहाँ तीसरी शक्ति किसे कहा गया है?
6. पाठ का यह अंश शिवशंभु के चिट्ठे से लिया गया है। शिवशंभु नाम की चर्चा पाठ में भी हुई है। बालमुकुंद गुप्त ने इस नाम का उपयोग क्यों किया होगा?
7. नादिर से भी बढ़कर आपकी ज़िद है - कर्ज़न के संदर्भ में क्या आपको यह बात सही लगती है? पक्ष या विपक्ष में तर्क दीजिए।
इसके विपरीत, लॉर्ड कर्जन ने बंगाल का विभाजन करते समय जनता की लाखों प्रार्थनाओं और विरोधों को अनसुना कर दिया। उन्होंने अपनी ज़िद नहीं छोड़ी और विभाजन को लागू कर दिया। इस प्रकार, जनता की पुकार को अनसुना करने और अपनी ज़िद पर अड़े रहने के मामले में, कर्जन की ज़िद नादिरशाह से भी अधिक प्रतीत होती है, क्योंकि नादिरशाह को प्रार्थना के बाद रोका जा सका था, जबकि कर्जन ने जनता की प्रार्थनाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया।
8. क्या आँख बंद करके मनमाने हुक्म चलाना और किसी की कुछ न सुनने का नाम ही शासन है? - इन पंक्तियों को ध्यान में रखते हुए शासन क्या है? इस पर चर्चा कीजिए।
पाठ में लॉर्ड कर्जन का उदाहरण दिया गया है, जो जनता की विनती को अनसुनी करके मनमाने हुक्म चलाता था। यह एक अच्छे शासन की निशानी नहीं है, बल्कि यह अन्याय और अत्याचार का प्रतीक है। एक सच्चा शासन वह है जो प्रजा की आवाज़ को महत्व दे, उनके अधिकारों का सम्मान करे और सबके कल्याण के लिए कार्य करे।
भाषा की बात: वे दिन-रात यही मनाते थे कि जल्द श्रीमान् यहाँ से पधारें। सामान्य तौर पर आने के लिए पधारें शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। यहाँ पधारें शब्द का क्या अर्थ है?
Common mistakes
- Confusing the historical events mentioned with general concepts.
- Not fully grasping the satirical intent behind the character of Shivshambhu.
- Misinterpreting the author's critique of Lord Curzon's policies.
- Failing to connect the story of the cows to the broader theme of separation.
Revision tips
- Read the chapter thoroughly to understand the author's tone and message.
- Focus on the historical events like the Bengal Partition and their consequences.
- Pay attention to the author's critique of Lord Curzon's administration.
- Analyze the symbolism and purpose of the character Shivshambhu.
- Practice answering the questions by referring to the detailed solutions provided.
Practice MCQs
Q1. शिवशंभु की दो गायों की कहानी से लेखक क्या दर्शाना चाहता है?
Explanation: लेखक शिवशंभु की गायों की कहानी के माध्यम से यह बताना चाहता है कि बिछड़ने का समय अत्यंत पवित्र और कोमल होता है, जहाँ वैर-भाव भुला दिया जाता है।
Q2. बंग-भंग की घटना के समय भारत के वायसराय कौन थे?
Explanation: बंगाल के विभाजन (बंग-भंग) की घटना के समय लॉर्ड कर्जन भारत के वायसराय थे, जिन्होंने जनता के विरोध के बावजूद विभाजन का निर्णय लिया।
Q3. लॉर्ड कर्जन को इस्तीफ़ा क्यों देना पड़ा?
Explanation: लॉर्ड कर्जन ने एक फ़ौजी अफ़सर को अपनी इच्छा के पद पर रखने का प्रयास किया, लेकिन ब्रिटिश सरकार ने उनकी बात नहीं मानी, जिससे उन्होंने गुस्से में इस्तीफ़ा दे दिया।
Q4. पाठ में 'तीसरी शक्ति' किसे कहा गया है?
Explanation: लॉर्ड कर्जन और भारत के निवासियों के बीच 'तीसरी शक्ति' ब्रिटिश सरकार को कहा गया है, जो दोनों को नियंत्रित करती थी।
Q5. बालमुकुंद गुप्त ने 'शिवशंभु' पात्र का उपयोग क्यों किया?
Explanation: बालमुकुंद गुप्त ने 'शिवशंभु' नामक काल्पनिक पात्र का सहारा लिया ताकि वे सीधे कार्रवाई से बचते हुए ब्रिटिश शासन की आलोचना कर सकें।
Frequently asked questions
यह पाठ किस ऐतिहासिक घटना से संबंधित है?
यह पाठ मुख्य रूप से लॉर्ड कर्जन के कार्यकाल और उनके द्वारा किए गए बंगाल के विभाजन (बंग-भंग) की ऐतिहासिक घटना से संबंधित है।
शिवशंभु की दो गायों की कहानी से क्या सीख मिलती है?
इस कहानी से यह सीख मिलती है कि बिछड़ने का समय बहुत पवित्र और कोमल होता है, जिसमें लोग अपने शत्रु को भी भूल जाते हैं और उनके बिछड़ने पर दुःख ही महसूस करते हैं।
लॉर्ड कर्जन को इस्तीफा क्यों देना पड़ा?
लॉर्ड कर्जन को इस्तीफा इसलिए देना पड़ा क्योंकि ब्रिटिश सरकार ने उनकी एक बात नहीं मानी, जिससे वे अपमानित महसूस कर रहे थे और उन्होंने गुस्से में इस्तीफा दे दिया।
पाठ में 'तीसरी शक्ति' का क्या अर्थ है?
पाठ में 'तीसरी शक्ति' से तात्पर्य ब्रिटिश सरकार से है, जो लॉर्ड कर्जन और भारत के निवासियों के बीच एक नियंत्रक के रूप में कार्य कर रही थी।
बालमुकुंद गुप्त ने 'शिवशंभु' नाम का प्रयोग क्यों किया?
बालमुकुंद गुप्त ने 'शिवशंभु' नाम का प्रयोग एक काल्पनिक पात्र के रूप में किया ताकि वे सीधे तौर पर ब्रिटिश शासन की आलोचना कर सकें और स्वयं को सरकारी कार्रवाई से बचा सकें।
शासन का क्या अर्थ है और यह पाठ इस बारे में क्या कहता है?
शासन का अर्थ सुव्यवस्था या प्रबंध है। पाठ के अनुसार, एक अच्छे शासन में शासक को मनमानी करने के बजाय प्रजा की बात भी सुननी चाहिए, जैसा कि लॉर्ड कर्जन ने नहीं किया।
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