CBSE Class 11 Hindi Aroh NCERT Solutions Chapter 19 Jawahar Lal Nehru
This chapter provides NCERT Solutions for Class 11 Hindi (Aroh) focusing on Chapter 19, "Jawahar Lal Nehru". It delves into Nehru's interactions with farmers, his efforts to broaden their perspective beyond their villages, and his questioning of the "Bharat Mata ki Jai" slogan. The solutions explain Nehru's concept of "Bharat Mata" as the collective entity of India's land and people, contrasting it with the farmers' simpler understanding of the earth. It also discusses the pre-independence struggles of farmers, including poverty, debt, and exploitation, and examines Nehru's dreams for a developed India. The solutions encourage students to reflect on their own vision for India's future and the current state of farmers. These solutions are designed to help students understand the historical context, socio-economic issues, and Nehru's vision, aiding in their exam preparation by clarifying complex ideas and providing structured answers.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | आरोह |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 18 |
Chapter summary
Chapter 19 of CBSE Class 11 Hindi (Aroh) focuses on Jawaharlal Nehru's perspective, particularly his dialogues with farmers about the concept of 'Bharat Mata'. The NCERT Solutions cover the questions Nehru posed to farmers, his attempts to expand their understanding of India, and their traditional views. It also touches upon the socio-economic challenges faced by farmers before independence and Nehru's aspirations for a modern, self-reliant India. The solutions provide a comprehensive understanding of these themes, aiding students in grasping the nuances of national identity and rural issues.
Learning outcomes
- Understand Jawaharlal Nehru's approach to engaging with farmers.
- Analyze the different interpretations of 'Bharat Mata'.
- Identify the socio-economic problems faced by Indian farmers before independence.
- Discuss Nehru's vision for India's development.
- Reflect on the current status of farmers in India.
- Formulate personal aspirations for India's future development.
Topics covered
Paper topics
- Jawaharlal Nehru's perspective on India
- Understanding 'Bharat Mata'
- Farmers' issues and perspectives
- Socio-economic conditions before independence
- Nehru's vision for India's development
- Nationalism and identity
- Rural India
- Post-independence aspirations
Important topics
- Nehru's concept of 'Bharat Mata'
- Farmers' problems and their understanding of 'Bharat Mata'
- Nehru's dreams for India's development
- Comparison of pre-independence and current farmer status
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
1. भारत की चर्चा नेहरू जी कब और किससे करते थे?
जवाहरलाल नेहरू जी भारत की चर्चा देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित होने वाले जनसभाओं में करते थे। वे विशेष रूप से किसानों की सभाओं में जाकर उनसे भारत के बारे में बात करते थे। उनका उद्देश्य किसानों के सीमित दृष्टिकोण को व्यापक बनाना और उन्हें अपने गाँव से आगे बढ़कर पूरे देश के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करना था। वे उन्हें यह भी बताते थे कि 'भारत' शब्द संस्कृत से उत्पन्न हुआ है और यह एक प्राचीन जाति के संस्थापक के नाम पर आधारित है।
2. नेहरू जी भारत के सभी किसानों से कौन-सा प्रश्न बार-बार करते थे?
नेहरू जी भारत के सभी किसानों से बार-बार निम्नलिखित प्रश्न पूछते थे:
- 'भारतमाता की जय' नारे का वास्तविक अर्थ क्या है?
- यह 'भारत माता' कौन है जिसके नाम का नारा लगाया जाता है?
- वह कौन सी भूमि है जिसे वे 'भारत माता' कहते हैं - क्या यह केवल उनका गाँव है, उनका जिला है, उनका प्रांत है, या संपूर्ण हिंदुस्तान है?
इन प्रश्नों के माध्यम से, नेहरू जी किसानों को 'भारत माता' की अवधारणा पर गहराई से सोचने और अपने राष्ट्र के प्रति एक व्यापक समझ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करते थे।
3. दुनिया के बारे में किसानों को बताना नेहरू जी के लिए क्यों आसान था?
नेहरू जी के लिए दुनिया के बारे में किसानों को बताना अपेक्षाकृत आसान था क्योंकि उनके पास किसानों के साथ संवाद करने के लिए कई साधन और अनुभव थे:
- ज्ञान का आधार: उन्होंने भारत के प्राचीन ग्रंथों, पुराणों और महाकाव्यों का अध्ययन किया था, जिससे उन्हें भारत के विभिन्न नगरों और स्थानों का ज्ञान था।
- यात्रा का अनुभव: तीर्थयात्राओं के माध्यम से उन्होंने देश के चारों कोनों की यात्रा की थी, जिससे उन्हें भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता की समझ थी।
- सामाजिक संपर्क: उन्हें कुछ ऐसे पुराने सैनिक मिले थे जिन्होंने विदेशी देशों में सेवा की थी या नौकरियाँ की थीं, जिनसे उन्हें बाहरी दुनिया की जानकारी मिलती थी।
- समसामयिक घटनाएँ: 1930 के दशक की आर्थिक मंदी जैसी वैश्विक घटनाओं ने उन्हें अन्य देशों के बारे में जानकारी प्राप्त करने और उसे किसानों तक पहुँचाने का अवसर दिया।
इन अनुभवों और ज्ञान के आधार पर, नेहरू जी किसानों को दुनिया के बारे में समझाने में सक्षम थे।
4. किसान सामान्यतः भारत माता का क्या अर्थ लेते थे?
आम तौर पर, किसान 'भारत माता' का अर्थ केवल उस भूमि या धरती से लेते थे जिस पर वे निवास करते थे। उनके लिए 'भारत माता' का कोई गहरा या राष्ट्रीय अर्थ नहीं था। वे अपनी स्थानीय भूमि को ही अपनी माता मानते थे, और इस प्रकार, 'भारत माता' के प्रति उनकी समझ बहुत ही सीमित और स्थानीयकृत थी।
5. भारत माता के प्रति नेहरू जी की क्या अवधारणा थी?
नेहरू जी की 'भारत माता' के प्रति अवधारणा अत्यंत व्यापक और समावेशी थी। उनके अनुसार, भारत माता केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं थी, बल्कि इसमें भारत की सभी नदियाँ, पहाड़, जंगल, खेत, और इस विशाल भूमि पर निवास करने वाले करोड़ों लोग शामिल थे। उन्होंने माना कि इन सभी तत्वों के सामूहिक योग को ही 'भारत माता' कहा जा सकता है। यह अवधारणा भारत की भूमि और उसके लोगों की एकता और समग्रता पर जोर देती थी।
6. आज़ादी से पूर्व किसानों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता था?
भारत की आज़ादी से पहले, किसानों को अनेक गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता था, जिनमें प्रमुख निम्नलिखित थीं:
- गरीबी और कर्ज़दारी: अधिकांश किसान अत्यधिक गरीबी में जीवन यापन करते थे और अक्सर कर्ज़ के बोझ तले दबे रहते थे।
- शोषण: उन्हें पूँजीपतियों, ज़मींदारों और महाजनों द्वारा अत्यधिक ब्याज दर पर कर्ज़ देकर और उनकी उपज का उचित मूल्य न देकर लूटा जाता था।
- पुलिस का अत्याचार: कई बार उन्हें पुलिस द्वारा भी उत्पीड़न और अत्याचार का सामना करना पड़ता था।
- लगान की समस्या: सरकार द्वारा लगाए गए ऊँचे लगान (कर) का बोझ भी किसानों के लिए एक बड़ी समस्या थी।
ये समस्याएँ किसानों के जीवन को अत्यंत कठिन बना देती थीं।
7. आज़ादी से पहले भारत-निर्माण को लेकर नेहरू के क्या सपने थे? क्या आज़ादी के बाद वे साकार हुए? चर्चा कीजिए।
आज़ादी से पहले, भारत के निर्माण को लेकर जवाहरलाल नेहरू के कई महत्वपूर्ण सपने थे, जिनमें प्रमुख थे:
- गरीबी उन्मूलन: देश से गरीबी को पूरी तरह समाप्त करना।
- किसानों की समस्याओं का समाधान: किसानों को शोषण और कठिनाइयों से मुक्त करना।
- औद्योगिक क्रांति: भारत में तीव्र औद्योगिक विकास लाना ताकि देश आत्मनिर्भर बन सके।
- समग्र उन्नति: भारत की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से चहुँमुखी उन्नति सुनिश्चित करना।
क्या सपने साकार हुए?
आज़ादी के बाद, इन सपनों को साकार करने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं और कुछ हद तक सफलता भी मिली है। देश ने औद्योगिक और आर्थिक विकास किया है, और गरीबी कम करने के प्रयास जारी हैं। हालाँकि, यह कहना उचित होगा कि सभी सपने पूरी तरह से साकार नहीं हुए हैं। किसानों की समस्याएँ अभी भी पूरी तरह हल नहीं हुई हैं और आर्थिक असमानताएँ मौजूद हैं। फिर भी, इन सपनों को पूरा करने की दिशा में प्रयास निरंतर जारी हैं, और यह आशा की जाती है कि सामूहिक प्रयासों से ये अवश्य सच होंगे।
8. भारत के विकास को लेकर आप क्या सपने देखते हैं?
भारत के विकास को लेकर मेरे सपने निम्नलिखित हैं:
- सार्वभौमिक शिक्षा: देश का प्रत्येक नागरिक शिक्षित हो और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे।
- रोज़गार के अवसर: सभी नागरिकों को उनकी योग्यता के अनुसार रोज़गार मिले, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनें।
- तकनीकी और कृषि प्रगति: भारत औद्योगिक, तकनीकी और कृषि के क्षेत्र में अग्रणी बने, नवीनतम तकनीकों को अपनाए और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करे।
- आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र: भारत एक पूर्ण विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर अपनी पहचान बनाए, जहाँ नागरिकों का जीवन स्तर उच्च हो।
मेरा सपना एक ऐसे भारत का है जो नवाचार, समानता और समृद्धि का प्रतीक हो।
9. आपकी दृष्टि में भारत माता और हिंदुस्तान की क्या संकल्पना है? बताइए।
मेरी दृष्टि में, 'भारत माता' और 'हिंदुस्तान' केवल भौगोलिक नाम नहीं हैं, बल्कि ये एक जीवंत और बहुआयामी संकल्पनाएँ हैं। इनमें शामिल हैं:
- सभ्यता और संस्कृति: भारत की प्राचीन सभ्यता, समृद्ध संस्कृति, और सदियों पुरानी परंपराएँ।
- प्राकृतिक सौंदर्य: हरी-भरी धरती, कलकल बहती नदियाँ, ऊँचे पर्वत, घने जंगल और विविध प्रकार के पशु-पक्षी।
- जनता: यहाँ रहने वाले करोड़ों लोग, जो विभिन्न धर्मों, जातियों और वर्गों से संबंधित हैं, लेकिन देश-प्रेम की भावना से एक साथ बंधे हुए हैं।
- राष्ट्रीय एकता: विभिन्नता में एकता का भाव, जहाँ सभी लोग मिलकर रहते हैं और देश के प्रति अपने प्रेम को सर्वोपरि मानते हैं।
यह संकल्पना भारत की भूमि, उसके लोगों, उसकी संस्कृति और उसकी एकता का प्रतीक है।
10. वर्तमान समय में किसानों की स्थिति किस सीमा तक बदली है? चर्चा कर लिखिए?
वर्तमान समय में किसानों की स्थिति में कुछ हद तक परिवर्तन अवश्य आया है, परंतु यह परिवर्तन अपेक्षा के अनुरूप बहुत अधिक नहीं है। भारत एक कृषि प्रधान देश होने के बावजूद, आज भी भारतीय कृषि काफी हद तक मानसून पर निर्भर है, जिससे किसानों की आय अनिश्चित बनी रहती है।
किसानों को आज भी 'देश का अन्नदाता' कहा जाता है, लेकिन विडंबना यह है कि वही किसान अक्सर अपनी आजीविका चलाने के लिए जीवन भर संघर्ष करता रहता है। कुछ किसान इतने हताश और मजबूर हो जाते हैं कि उन्हें आत्महत्या जैसा दुखद कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ता है।
हालांकि, वर्तमान परिवेश में किसानों को ऋण (लोन) प्राप्त करने की प्रक्रिया थोड़ी आसान हुई है और सरकारी योजनाओं के माध्यम से कुछ सहायता भी उपलब्ध है। इसके बावजूद, बिचौलियों का शोषण, बाज़ार की अनिश्चितताएँ, और प्राकृतिक आपदाएँ जैसी समस्याएँ आज भी किसानों के जीवन को प्रभावित करती हैं। इसलिए, कहा जा सकता है कि स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन किसानों को पूर्ण रूप से सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
Common mistakes
- Confusing the literal meaning of 'Bharat Mata' with its deeper, collective significance.
- Underestimating the impact of pre-independence economic hardships on farmers.
- Failing to connect Nehru's historical vision with contemporary development goals.
- Providing superficial answers regarding the current state of farmers without acknowledging complexities.
Revision tips
- Focus on understanding Nehru's dialogue with farmers and the purpose behind his questions.
- Compare and contrast the farmers' understanding of 'Bharat Mata' with Nehru's broader concept.
- List the specific problems faced by farmers before independence and Nehru's proposed solutions.
- Think critically about whether Nehru's dreams for India have been fully realized.
- Use the questions about personal aspirations for India to practice expressing your own views clearly.
Practice MCQs
Q1. किस संदर्भ में नेहरू जी भारत की चर्चा करते थे?
Explanation: नेहरू जी देश के कोने-कोने में जाकर, विशेषकर किसानों की सभाओं में, भारत की चर्चा करते थे ताकि उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया जा सके।
Q2. नेहरू जी किसानों से 'भारतमाता की जय' नारे का क्या अर्थ पूछते थे?
Explanation: नेहरू जी यह प्रश्न करते थे ताकि किसान यह स्पष्ट कर सकें कि वे किस धरती या किस 'भारत माता' को संबोधित कर रहे हैं, जिससे उनके सीमित दृष्टिकोण को व्यापक बनाया जा सके।
Q3. किसानों के लिए 'भारत माता' का सामान्य अर्थ क्या था?
Explanation: किसान सामान्यतः 'भारत माता' का अर्थ केवल उस धरती से लेते थे जिस पर वे रहते थे, उनके पास इसका व्यापक या राष्ट्रीय अर्थ समझने की समझ सीमित थी।
Q4. आज़ादी से पूर्व किसानों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता था?
Explanation: किसान आज़ादी से पूर्व गरीबी, भारी कर्ज़, ज़मींदारों और महाजनों के शोषण तथा पुलिस के अत्याचार जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे थे।
Q5. नेहरू जी के भारत-निर्माण के सपनों में क्या शामिल था?
Explanation: नेहरू जी का सपना एक ऐसे भारत का निर्माण करना था जहाँ गरीबी न हो, किसानों की समस्याएँ हल हों, और देश में औद्योगिक क्रांति के साथ-साथ चहुँमुखी आर्थिक उन्नति हो।
Frequently asked questions
यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?
ये समाधान CBSE कक्षा 11 हिंदी (आरोह भाग) के लिए हैं, विशेष रूप से अध्याय 19 'जवाहर लाल नेहरू' पर केंद्रित हैं।
अध्याय 19 में 'भारत माता' की अवधारणा को कैसे समझाया गया है?
समाधान बताते हैं कि नेहरू जी 'भारत माता' को केवल धरती नहीं, बल्कि भारत की नदियों, पहाड़ों, जंगलों, खेतों और करोड़ों लोगों के सामूहिक रूप में देखते थे। किसानों का दृष्टिकोण अधिक सीमित था, वे इसे केवल धरती मानते थे।
नेहरू जी किसानों से क्या प्रश्न पूछते थे?
नेहरू जी किसानों से बार-बार पूछते थे कि 'भारतमाता की जय' नारे का क्या अर्थ है, यह भारत माता कौन है, और वह कौन सी धरती है जिसे वे भारत माता कहते हैं - गाँव की, जिले की, सूबे की या पूरे हिंदुस्तान की।
आज़ादी से पहले किसानों की मुख्य समस्याएँ क्या थीं?
किसानों को गरीबी, भारी कर्ज़, ज़मींदारों और महाजनों द्वारा शोषण, तथा पुलिस के अत्याचार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
क्या नेहरू जी के भारत-निर्माण के सपने आज़ादी के बाद साकार हुए?
समाधान बताते हैं कि नेहरू जी के सभी सपने पूरी तरह साकार नहीं हुए हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने के प्रयास जारी हैं और भविष्य में उनके सच होने की आशा है।
वर्तमान में किसानों की स्थिति कैसी है?
वर्तमान में किसानों की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन वे अभी भी मानसून पर निर्भर हैं और अपनी आजीविका के लिए संघर्ष करते हैं। कुछ किसान आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.