कक्षा 10 हिंदी NCERT समाधान: नेताजी का चश्मा
यह पृष्ठ कक्षा 10 की हिंदी पुस्तक के पाठ 'नेताजी का चश्मा' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें कैप्टन चश्मेवाले के चरित्र, हालदार साहब की देशभक्ति, पानवाले के विचार और मूर्ति के प्रति लोगों के दृष्टिकोण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं। समाधान प्रत्येक प्रश्न के पीछे के आशय को स्पष्ट करते हैं, पात्रों की विशेषताओं का विश्लेषण करते हैं और देशभक्ति तथा राष्ट्रीय गौरव के महत्व पर प्रकाश डालते हैं। यह सामग्री छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने में सहायता करती है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 10 नेताजी का चश्मा |
Chapter summary
कक्षा 10 के लिए 'नेताजी का चश्मा' पाठ के NCERT समाधान यहाँ दिए गए हैं। यह समाधान पाठ के मुख्य पात्रों जैसे कैप्टन, हालदार साहब और पानवाले के चरित्र चित्रण पर केंद्रित हैं। इसमें देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और आम नागरिकों द्वारा देश के प्रति व्यक्त किए जाने वाले प्रेम के विभिन्न रूपों का विश्लेषण किया गया है। समाधान यह भी बताते हैं कि कैसे एक साधारण चश्मेवाला भी देशभक्ति का प्रतीक बन सकता है और कैसे सरकंडे का चश्मा नई पीढ़ी में देशभक्ति की उम्मीद जगाता है।
Learning outcomes
- कैप्टन चश्मेवाले के चरित्र और उसके देशभक्ति के भाव को समझना।
- हालदार साहब के अवलोकन और उनकी देशभक्ति की भावना का विश्लेषण करना।
- पानवाले के चरित्र और उसकी बदलती सोच को समझना।
- मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा लगाए जाने के प्रतीकात्मक अर्थ को स्पष्ट करना।
- देशभक्ति को व्यक्त करने के विभिन्न रूपों को पहचानना।
- स्थानीय बोली के प्रभाव और मानक हिंदी के प्रयोग को समझना।
Topics covered
Paper topics
- कैप्टन चश्मेवाले का चरित्र
- हालदार साहब का अवलोकन
- पानवाले का चरित्र
- देशभक्ति की भावना
- मूर्ति का प्रतीकात्मक अर्थ
- सरकंडे का चश्मा
- कस्बे का जीवन
- स्थानीय बोली का प्रभाव
- मानक हिंदी
- आशय स्पष्टीकरण
- पात्रों की विशेषताएँ
- रचना और अभिव्यक्ति
Important topics
- कैप्टन चश्मेवाले का चरित्र चित्रण
- देशभक्ति का भाव और उसका प्रदर्शन
- मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा
- हालदार साहब का दृष्टिकोण
- पानवाले का चरित्र विकास
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
- (क) हालदार साहब पहले मायूस क्यों हो गए थे?
- (ख) मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?
- (ग) हालदार साहब इतनी-सी बात पर भावुक क्यों हो उठे?
(क) हालदार साहब तब मायूस हो गए जब उन्होंने कैप्टन चश्मेवाले की मृत्यु के बारे में सुना। उन्हें यह सोचकर दुख हुआ कि अब उस कस्बे में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं बचा है जो नेताजी की मूर्ति पर चश्मा लगा सके। उन्हें लगा कि अब नेताजी की मूर्ति हमेशा बिना चश्मे के ही खड़ी रहेगी, जो उनकी देशभक्ति के प्रति एक प्रकार की उपेक्षा होगी।
(ख) मूर्ति पर लगा सरकंडे का चश्मा यह उम्मीद जगाता है कि देश में देशभक्ति की भावना अभी भी जीवित है। भले ही कैप्टन जैसा देशभक्त व्यक्ति अब नहीं रहा, लेकिन अन्य लोग, विशेषकर नई पीढ़ी, उस जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकंडे का चश्मा किसी बच्चे द्वारा बनाया गया था, जो यह दर्शाता है कि बच्चे भी अपनी क्षमतानुसार देश के प्रति प्रेम व्यक्त कर सकते हैं और गरीबी के बावजूद देश को गौरवान्वित करने का प्रयास करेंगे।
(ग) हालदार साहब के लिए नेताजी की मूर्ति पर चश्मा लगना केवल एक छोटी सी बात नहीं थी, बल्कि यह उनके लिए बहुत बड़ी बात थी। यह देखकर उन्हें बहुत खुशी और आशा हुई कि कैप्टन के न रहने पर भी, कस्बे के बच्चों ने मिलकर सरकंडे का चश्मा बनाकर मूर्ति को पूरा कर दिया। यह उनके मन में यह विश्वास जगाता था कि देश की नई पीढ़ी में भी देशभक्ति की भावना जीवित है। इस खुशी और आशा से वे भावुक हो उठे।
प्रश्न 3
प्रश्न 4
प्रश्न 5
प्रश्न 6
- (क) हालदार साहब हमेशा चौराहे पर रुकते और नेताजी को निहारते।
- (ख) पानवाला उदास हो गया। उसने पीछे मुड़कर मुँह का पान नीचे थूका और सिर झुकाकर अपनी धोती के सिरे से आँखें पोंछता हुआ बोला-साहब! कैप्टन मर गया।
- (ग) कैप्टन बार-बार मूर्ति पर चश्मा लगा देता था।
(क) हालदार साहब का हमेशा चौराहे पर रुककर नेताजी की मूर्ति को निहारना उनकी देशभक्ति और नेताजी के प्रति गहरे सम्मान को दर्शाता है। उन्हें मूर्ति में गहरी रुचि थी और वे उसके हर पहलू पर ध्यान देते थे, जैसे कि चश्मा लगा है या नहीं। यह उनकी संवेदनशीलता और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है।
(ख) पानवाले का उदास हो जाना, पान थूकना और आँखें पोंछना यह दर्शाता है कि वह एक संवेदनशील व्यक्ति था। यद्यपि वह जीते जी कैप्टन का मज़ाक उड़ाता था, लेकिन कैप्टन की मृत्यु पर उसे गहरा दुख हुआ। उसे कैप्टन के अकेलेपन और देशभक्ति का एहसास हुआ और उसने महसूस किया कि कस्बे में उसके जैसा कोई और नहीं है। यह उसकी अंदरूनी भावनाओं और कैप्टन के प्रति सम्मान को प्रकट करता है।
(ग) कैप्टन का बार-बार मूर्ति पर चश्मा लगाना उसकी अटूट देशभक्ति और नेताजी के प्रति निष्ठा को दर्शाता है। वह किसी भी कीमत पर नेताजी की मूर्ति को अधूरा नहीं देखना चाहता था। यह कार्य उसकी देशभक्ति की भावना का एक निरंतर प्रदर्शन था, जो उसे दूसरों से अलग बनाता था।
प्रश्न 7
प्रश्न 8
- (क) इस तरह की मूर्ति लगाने के क्या उद्देश्य हो सकते हैं?
- (ख) आप अपने इलाके के चौराहे पर किस व्यक्ति की मूर्ति स्थापित करवाना चाहेंगे और क्यों?
- (ग) उस मूर्ति के प्रति आपके एवं दूसरे लोगों के क्या उत्तरदायित्व होने चाहिए?
(क) चौराहों पर प्रसिद्ध व्यक्तियों की मूर्तियाँ लगाने के कई उद्देश्य हो सकते हैं। मुख्य उद्देश्य यह होता है कि लोग उस महान व्यक्ति के जीवन, कार्यों और योगदानों को याद रखें। इन मूर्तियों के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है कि वे भी उस व्यक्ति के आदर्शों का अनुकरण करें और समाज व देश के लिए कुछ अच्छा करें। यह उन व्यक्तियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी एक तरीका है जिन्होंने अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।
(ख) मैं अपने इलाके के चौराहे पर किसी ऐसे राष्ट्रीय महापुरुष, महान संत, प्रसिद्ध साहित्यकार या वैज्ञानिक की मूर्ति स्थापित करवाना चाहूँगा जिन्होंने समाज और देश के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो। उदाहरण के लिए, महात्मा गांधी, भगत सिंह, या किसी ऐसे साहित्यकार जिसने अपनी रचनाओं से लोगों को प्रेरित किया हो। ऐसा इसलिए, ताकि हम उनके बलिदानों, विचारों और कार्यों को याद रख सकें, उनसे प्रेरणा ले सकें और आने वाली पीढ़ियों को भी उनके बारे में बता सकें।
(ग) उस मूर्ति के प्रति हमारा और समाज के सभी लोगों का यह उत्तरदायित्व बनता है कि हम उसकी देखभाल करें और उसे स्वच्छ रखें। मूर्ति को समय-समय पर साफ-सफाई और रखरखाव की आवश्यकता होती है ताकि वह जीर्ण-शीर्ण न हो। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मूर्ति के आसपास गंदगी न फैले और लोग उसका सम्मान करें। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम उन महान व्यक्तियों के प्रति अपना आदर बनाए रखें जिनकी मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं।
प्रश्न 9
- पानी को व्यर्थ न बहाना और बिजली का सदुपयोग करना।
- अपने आसपास सफाई बनाए रखना और सार्वजनिक स्थानों को गंदा न करना।
- प्लास्टिक का प्रयोग कम करना और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना।
- देश के कानूनों का पालन करना और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करना।
- अपने देश के साहित्य, संस्कृति और महापुरुषों का सम्मान करना और उनका अपमान करने वालों का विरोध करना।
- दूसरों की मदद करना और समाज में सद्भाव बनाए रखना।
- अपने काम को ईमानदारी और लगन से करना, चाहे वह छोटा हो या बड़ा।
प्रश्न 10
"मानो कोई ग्राहक आ गया। उसे चौड़े फ्रेम वाला चश्मा चाहिए। तो कैप्टन कहाँ से लाएगा? तो उसे मूर्ति पर लगा चश्मा दे दिया। और उसकी जगह (मूर्ति पर) कोई दूसरा चश्मा लगा दिया।"
इस रूपांतरण में, 'गिराक' को 'ग्राहक', 'किदर' को 'कहाँ से', 'मूर्तिवाला' को 'मूर्ति पर लगा' और 'उदर' को 'उसकी जगह' जैसे मानक हिंदी शब्दों से बदला गया है।प्रश्न 11
- 'खूब' शब्द में 'बहुत अच्छा' या 'अद्भुत' से भी अधिक गहरी प्रशंसा का भाव निहित है, जो केवल हिंदी के शब्दों में मिलना कठिन है।
- इसी प्रकार, 'आइडिया' शब्द में 'विचार', 'युक्ति' या 'सूझ' की तुलना में एक विशेष प्रकार की नवीनता और मौलिकता का भाव है, जो किसी नई सोच या योजना के लिए प्रयुक्त होता है।
Common mistakes
- कैप्टन के चरित्र को केवल एक साधारण चश्मेवाला समझ लेना, उसकी देशभक्ति की भावना को अनदेखा करना।
- पानवाले की प्रारंभिक टिप्पणियों को उसके स्थायी स्वभाव के रूप में देखना, उसके संवेदनशील पक्ष को न समझना।
- मूर्ति पर चश्मा लगाने के कार्य को केवल एक औपचारिकता मानना, उसके पीछे के गहरे राष्ट्रीय भाव को न समझना।
- स्थानीय बोली के प्रयोग को केवल अशुद्धि मानना, उसके सांस्कृतिक महत्व को न समझना।
Revision tips
- कैप्टन के चरित्र की विभिन्न परतों को समझें, विशेषकर उसकी देशभक्ति और स्वाभिमान पर ध्यान दें।
- हालदार साहब के दृष्टिकोण से कहानी को देखें और समझें कि वे कस्बे और उसके लोगों के बारे में क्या सोचते हैं।
- पानवाले के संवादों और उसके हाव-भाव पर ध्यान दें, यह समझने की कोशिश करें कि उसका चरित्र कैसे बदलता है।
- मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा लगने के प्रसंग के प्रतीकात्मक अर्थ पर विचार करें।
- पाठ में प्रयुक्त स्थानीय बोली के वाक्यों को मानक हिंदी में बदलने का अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. कैप्टन को लोग 'कैप्टन' क्यों कहते थे, जबकि वह सेनानी नहीं था?
Explanation: कैप्टन सेनानी न होते हुए भी सुभाषचंद्र बोस के प्रति अपनी देशभक्ति और सम्मान के कारण उनकी मूर्ति पर चश्मा लगाता था। इसी भावना के कारण लोग उसे कैप्टन कहते थे।
Q2. हालदार साहब पहली बार मूर्ति पर चश्मा न देखकर क्यों मायूस हो गए थे?
Explanation: हालदार साहब को कैप्टन की मृत्यु का समाचार सुनकर यह चिंता हुई कि अब सुभाषचंद्र बोस की मूर्ति पर चश्मा लगाने वाला कोई नहीं रहेगा, जिससे उनकी देशभक्ति की भावना अधूरी रह जाएगी।
Q3. मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?
Explanation: सरकंडे का चश्मा यह दर्शाता है कि देशभक्ति की भावना केवल बड़े या सेनानी ही नहीं, बल्कि बच्चे भी रखते हैं। यह उम्मीद जगाता है कि देश की नई पीढ़ी भी देशप्रेम से ओत-प्रोत है।
Q4. पानवाला स्वभाव से कैसा था?
Explanation: पाठ के अनुसार, पानवाला स्वभाव से रिसया (खुशमिजाज), हँसौड (हँसमुख) और मज़ाकिया था, जो अपनी तोंद हिलाकर हँसता था।
Q5. हालदार साहब ने कैप्टन के बारे में क्या सोचा था जब तक उन्होंने उसे देखा नहीं था?
Explanation: हालदार साहब ने कैप्टन के नाम और उसके काम के आधार पर कल्पना की थी कि वह एक फौजी टोपी पहने हुए, हट्टा-कट्टा, रौबदार और अनुशासित व्यक्ति होगा।
Frequently asked questions
कक्षा 10 के लिए 'नेताजी का चश्मा' पाठ के NCERT समाधान क्यों महत्वपूर्ण हैं?
ये समाधान छात्रों को पाठ के पात्रों, उनकी विशेषताओं, देशभक्ति के भाव और कहानी के मुख्य संदेश को गहराई से समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक है।
कैप्टन चश्मेवाले को लोग 'कैप्टन' क्यों कहते थे?
कैप्टन सेना में नहीं था, लेकिन वह सुभाषचंद्र बोस का बहुत बड़ा प्रशंसक था और उनकी मूर्ति पर हमेशा चश्मा लगाए रखता था। उसकी इसी देशभक्ति की भावना के कारण लोग उसे कैप्टन कहते थे।
मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या दर्शाता है?
सरकंडे का चश्मा यह दर्शाता है कि देशभक्ति की भावना केवल बड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में भी है। यह उम्मीद जगाता है कि देश की नई पीढ़ी भी देशप्रेम से ओत-प्रोत है।
हालदार साहब ने कैप्टन को पहली बार देखने से पहले उसके बारे में क्या सोचा था?
हालदार साहब ने सोचा था कि कैप्टन एक फौजी टोपी पहने हुए, हट्टा-कट्टा, रौबदार और अनुशासित व्यक्ति होगा।
पानवाले का चरित्र कैसे बदलता है?
शुरुआत में पानवाला कैप्टन का मज़ाक उड़ाता है, लेकिन कैप्टन की मृत्यु का समाचार सुनकर वह उदास हो जाता है और उसकी आँखों में आँसू आ जाते हैं, जो उसके संवेदनशील पक्ष को दर्शाता है।
क्या 'नेताजी का चश्मा' पाठ केवल देशभक्ति के बारे में है?
यह पाठ मुख्य रूप से देशभक्ति के बारे में है, लेकिन यह आम नागरिकों के छोटे-छोटे कार्यों से व्यक्त होने वाले देशप्रेम, मानवीय संवेदनाओं और चरित्रों के विकास जैसे विषयों को भी छूता है।
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