कक्षा 10 कृतिका NCERT समाधान: अध्याय 5 - मैं क्यों लिखता हूँ

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यह पृष्ठ कक्षा 10 की कृतिका पुस्तक के अध्याय 5, 'मैं क्यों लिखता हूँ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय लेखक सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' के व्यक्तिगत अनुभवों और लेखन की प्रेरणाओं पर केंद्रित है। समाधानों में लेखक के प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति के बीच के अंतर, हिरोशिमा की त्रासदी के प्रति उनकी संवेदनशीलता और लेखन के लिए आंतरिक व बाह्य दबावों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया है। इसमें विज्ञान के दुरुपयोग जैसे गंभीर विषयों पर भी चर्चा की गई है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectकृतिका
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter5. मैं क्यों लिखता हूँ

Chapter summary

कक्षा 10 कृतिका के अध्याय 5, 'मैं क्यों लिखता हूँ' के ये NCERT समाधान लेखक अज्ञेय की लेखन प्रक्रिया और प्रेरणाओं की पड़ताल करते हैं। इसमें प्रत्यक्ष अनुभव बनाम अनुभूति, हिरोशिमा के अनुभव से उत्पन्न लेखन, और आर्थिक व संपादकीय दबावों जैसे बाहरी कारकों की भूमिका पर चर्चा की गई है। समाधान छात्रों को लेखक के विचारों को समझने और पाठ के मुख्य संदेशों को आत्मसात करने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • लेखक के लिए प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति के महत्व को समझना।
  • हिरोशिमा के अनुभव के लेखक पर पड़े प्रभाव का विश्लेषण करना।
  • लेखन के लिए आंतरिक और बाह्य प्रेरणाओं की पहचान करना।
  • विज्ञान के दुरुपयोग के विभिन्न रूपों को समझना।
  • रचनात्मक प्रक्रिया में दबावों की भूमिका का मूल्यांकन करना।

Topics covered

Paper topics

  • लेखन की प्रेरणा
  • प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति
  • आंतरिक विवशता
  • बाह्य दबाव (आर्थिक, सामाजिक, संपादकीय)
  • हिरोशिमा का अनुभव
  • विज्ञान का दुरुपयोग
  • रचनात्मक प्रक्रिया
  • लेखक की संवेदनशीलता
  • अज्ञेय की लेखन शैली
  • जापान यात्रा का प्रभाव

Important topics

  • प्रत्यक्ष अनुभव बनाम अनुभूति
  • लेखन के लिए आंतरिक और बाह्य प्रेरणाएँ
  • हिरोशिमा का अनुभव और उसका प्रभाव
  • विज्ञान के दुरुपयोग के उदाहरण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

लेखक के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा अनुभूति उनके लेखन में कहीं अधिक मदद करती है, क्यों?
Solution: लेखक के अनुसार, प्रत्यक्ष अनुभव वह होता है जिसे हम अपनी आँखों से घटित होते हुए देखते हैं। इसके विपरीत, अनुभूति संवेदना और कल्पना के सहारे उस सत्य को आत्मसात कर लेती है, जो शायद सीधे तौर पर कृतिकार के साथ घटित न हुआ हो। लेखक का मानना है कि अनुभव की तुलना में अनुभूति उसके हृदय के सारे भावों को बाहर निकालने में अधिक सहायक होती है। जब तक हृदय में अनुभूति न जागे, लेखन संभव नहीं है, क्योंकि यही संवेदना जगाती है और लेखन के लिए प्रेरित करती है। लेखक अपनी आंतरिक विवशता के कारण लिखने के लिए प्रेरित होता है, और यह अनुभूति ही उसे लिखने के लिए प्रेरित करती है। इसलिए, लेखक लेखन के लिए अनुभूति को अधिक महत्व देता है।

प्रश्न 2

लेखक ने अपने आपको हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता कब और किस तरह महसूस किया?
Solution: लेखक ने हिरोशिमा के बम-विस्फोट के परिणामों के बारे में अख़बारों में पढ़ा था और अपनी जापान यात्रा के दौरान हिरोशिमा का दौरा भी किया था, जहाँ उसने पीड़ितों का इलाज कर रहे अस्पताल को देखा था। हालाँकि, वह स्वयं को विस्फोट का भोक्ता स्वीकार नहीं करना चाहता था। कुछ दिन बाद, जब उसने एक बड़े से पत्थर पर एक व्यक्ति की उजली छाया देखी, तो उसे अनुभूति हुई। संभवतः विस्फोट के समय कोई व्यक्ति उस स्थान पर खड़ा रहा होगा, और विकिरण ने उसे भाप बनाकर उड़ा दिया तथा पत्थर को झुलसा दिया। इस प्रत्यक्ष अनुभूति ने लेखक के हृदय को झकझोर दिया और उसे लगा जैसे समूची दुर्घटना उस पत्थर पर अंकित हो गई हो। इस प्रकार, लेखक ने हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता स्वयं को महसूस किया।

प्रश्न 3.1

'मैं क्यों लिखता हूँ?' के आधार पर बताइए कि लेखक को कौन-सी बातें लिखने के लिए प्रेरित करती हैं?
Solution: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के अनुसार, किसी भी लेखक को लिखने के लिए कई कारक प्रेरित करते हैं। इनमें आर्थिक विवशता (पैसे कमाने की आवश्यकता), आंतरिक विवशता (मन की व्याकुलता या संवेदना का जागृत होना), प्रसिद्धि पाने की इच्छा, और संपादक व प्रकाशक का आग्रह प्रमुख हैं। लेखक स्वयं अपनी आंतरिक विवशता और संवेदना को लेखन का मुख्य कारण मानता है।

प्रश्न 3.2

'मैं क्यों लिखता हूँ?' के आधार पर बताइए कि किसी रचनाकार के प्रेरणा स्रोत किसी दूसरे को कुछ भी रचने के लिए किस तरह उत्साहित कर सकते हैं?
Solution: किसी रचनाकार के प्रेरणा स्रोत, जैसे कि उसकी आंतरिक विवशता या बाहरी दबाव, दूसरों को भी रचना करने के लिए उत्साहित कर सकते हैं। जब पाठक या दर्शक किसी रचनाकार की कृति से प्रभावित होते हैं, तो वे स्वयं भी उस कला या विचार को व्यक्त करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि कोई रचनाकार किसी विशेष विषय पर लिखता है और वह विषय महत्वपूर्ण है, तो वह दूसरों को भी उस विषय पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रेरित कर सकता है। कभी-कभी संपादकों का आग्रह या सामाजिक आवश्यकता भी दूसरों को लिखने के लिए प्रेरित करती है।

प्रश्न 4

कुछ रचनाकारों के लिए आत्मानुभूति/स्वयं के अनुभव के साथ-साथ बाह्य दबाव भी महत्वपूर्ण होता है। ये बाह्य दबाव कौन-कौन से हो सकते हैं?
Solution: रचनाकारों के लिए आत्मानुभूति और स्वयं के अनुभव लेखन के मुख्य स्रोत होते हैं, लेकिन इनके साथ-साथ बाह्य दबाव भी उन्हें लिखने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। ये बाह्य दबाव निम्नलिखित हो सकते हैं:
  1. आर्थिक लाभ की आकांक्षा: लेखन से आय अर्जित करने की इच्छा।
  2. सामाजिक परिस्थितियाँ: समाज की तत्कालीन आवश्यकता या किसी विशेष मुद्दे पर लिखने का दबाव।
  3. संपादकों का आग्रह: पत्र-पत्रिकाओं के संपादक द्वारा किसी विषय पर लिखने का अनुरोध या दबाव।
  4. विशिष्ट के पक्ष में प्रस्तुत करने का दबाव: किसी विशेष विचार, व्यक्ति या संस्था के पक्ष में लिखने का आग्रह।
ये कारक लेखक को उसकी आंतरिक प्रेरणा के अतिरिक्त भी लिखने के लिए प्रेरित करते हैं।

प्रश्न 5

क्या बाह्य दबाव केवल लेखन से जुड़े रचनाकारों को ही प्रभावित करते हैं या अन्य क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों को भी प्रभावित करते हैं, कैसे?
Solution: बाह्य दबाव केवल लेखन से जुड़े रचनाकारों को ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रों के कलाकारों को भी समान रूप से प्रभावित करते हैं। हर कलाकार अपनी अनुभूति या खुशी के लिए कला का प्रदर्शन करता है, लेकिन उसके क्षेत्र की अपनी विवशताएँ होती हैं जो उसे प्रभावित करती हैं। उदाहरण के लिए:
  • अभिनेता, मंच कलाकार या नर्तक: इन पर निर्देशक का दबाव रहता है कि वे जैसा कहें वैसा अभिनय या प्रदर्शन करें।
  • गायक-गायिकाएँ: इन पर आयोजकों और श्रोताओं की अपेक्षाओं का दबाव बना रहता है कि वे उनकी पसंद के गीत गाएँ।
  • मूर्तिकार और चित्रकार: इन पर बनवाने वाले ग्राहकों की इच्छाओं, पसंद और माँगों का दबाव रहता है कि वे वैसा ही निर्माण करें जैसा ग्राहक चाहता है।
इस प्रकार, बाह्य दबाव कला के विभिन्न क्षेत्रों में कलाकारों को प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 6

हिरोशिमा पर लिखी कविता लेखक के अंत: व बाह्य दोनों दबाव का परिणाम है, यह आप कैसे कह सकते हैं?
Solution: यह कहा जा सकता है कि हिरोशिमा पर लिखी कविता लेखक के आंतरिक और बाह्य दोनों दबावों का परिणाम है। लेखक जापान घूमने गया था और हिरोशिमा में उसने विस्फोट से पीड़ित लोगों को देखा, जिससे उसे थोड़ी पीड़ा हुई। यह एक प्रकार का बाह्य अनुभव था। हालाँकि, केवल इस अनुभव से उसका मन लिखने के लिए प्रेरित नहीं हो पा रहा था। असली प्रेरणा तब मिली जब उसने एक जले हुए पत्थर पर किसी व्यक्ति की उजली छाया देखी। इस दृश्य ने उसे हिरोशिमा में हुए विस्फोट से प्रभावित लोगों के दर्द की गहरी अनुभूति कराई। इस अनुभूति ने लेखक को लिखने के लिए आंतरिक रूप से प्रेरित किया। इस प्रकार, बाहरी अनुभव (पीड़ितों को देखना) और आंतरिक अनुभूति (छाया देखकर महसूस किया गया दर्द) के संयुक्त प्रभाव से कविता का जन्म हुआ, जो आंतरिक और बाह्य दोनों दबावों का परिणाम है।

प्रश्न 7

हिरोशिमा की घटना विज्ञान का भयानकतम दुरुपयोग है। आपकी दृष्टि में विज्ञान का दुरुपयोग कहाँ-कहाँ और किस तरह से हो रहा है?
Solution: हिरोशिमा की घटना वास्तव में विज्ञान के दुरुपयोग का एक ज्वलंत उदाहरण है, जहाँ वैज्ञानिक प्रगति का उपयोग विनाश के लिए किया गया। इसके अतिरिक्त, मनुष्य द्वारा विज्ञान का दुरुपयोग कई अन्य रूपों में भी किया जा रहा है:
  1. पर्यावरण प्रदूषण: विज्ञान ने यात्रा को सुगम बनाने के लिए हवाई जहाज़, गाड़ियाँ आदि का निर्माण किया, लेकिन इनके अत्यधिक उपयोग से हमने अपने वातावरण को गंभीर रूप से प्रदूषित कर दिया है।
  2. मानव अंगों का व्यापार: विज्ञान की प्रगति से अंग प्रत्यारोपण संभव हुआ है, लेकिन इसका दुरुपयोग करके मानव अंगों का अवैध व्यापार किया जा रहा है।
  3. भ्रूण हत्याएँ: विज्ञान की सहायता से लिंग-निर्धारण संभव हुआ है, जिसका दुरुपयोग करके भ्रूण हत्याएँ बढ़ रही हैं, जिससे लिंगानुपात बिगड़ रहा है।
  4. हथियारों का निर्माण: विज्ञान का उपयोग विनाशकारी हथियारों के निर्माण में किया जा रहा है, जो मानवता के लिए खतरा हैं।
ये कुछ ऐसे उदाहरण हैं जहाँ विज्ञान का दुरुपयोग मानवता के कल्याण के बजाय विनाश और अनैतिक कार्यों के लिए हो रहा है।

Common mistakes

  • प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति के बीच अंतर को स्पष्ट रूप से न समझ पाना।
  • लेखन के लिए केवल आंतरिक प्रेरणाओं को ही महत्वपूर्ण मानना।
  • विज्ञान के दुरुपयोग के उदाहरणों को केवल हिरोशिमा तक सीमित रखना।
  • बाह्य दबावों के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं को अनदेखा करना।

Revision tips

  • लेखक की 'अनुभूति' को 'प्रत्यक्ष अनुभव' से अलग करने वाले तर्कों को रेखांकित करें।
  • हिरोशिमा के अनुभव को लेखक ने कैसे 'भोक्ता' के रूप में महसूस किया, इसे विस्तार से समझें।
  • लेखन के लिए प्रेरित करने वाले सभी आंतरिक और बाह्य कारकों की सूची बनाएं।
  • विज्ञान के दुरुपयोग के उदाहरणों पर विचार-विमर्श करें और अपने विचार जोड़ें।

Practice MCQs

Q1. लेखक के अनुसार, लेखन के लिए प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा क्या अधिक महत्वपूर्ण है?

Q2. लेखक ने हिरोशिमा में स्वयं को विस्फोट का भोक्ता कब महसूस किया?

Q3. लेखक को लिखने के लिए कौन-सी आंतरिक विवशता प्रेरित करती है?

Q4. निम्नलिखित में से कौन-सा बाह्य दबाव लेखक को लिखने के लिए प्रेरित कर सकता है?

Q5. हिरोशिमा की घटना को लेखक ने किसका भयानकतम दुरुपयोग बताया है?

Frequently asked questions

कक्षा 10 कृतिका के अध्याय 5 का मुख्य विषय क्या है?

अध्याय 5, 'मैं क्यों लिखता हूँ', लेखक सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' की लेखन प्रेरणाओं, प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति के बीच के अंतर, और हिरोशिमा जैसे अनुभवों के प्रभाव पर केंद्रित है।

लेखक के अनुसार, लेखन के लिए अनुभूति प्रत्यक्ष अनुभव से अधिक महत्वपूर्ण क्यों है?

लेखक का मानना है कि अनुभूति संवेदना और कल्पना के माध्यम से सत्य को आत्मसात करती है और हृदय के भावों को बाहर निकालने में मदद करती है, जो लेखन के लिए आवश्यक है।

लेखक ने हिरोशिमा में स्वयं को विस्फोट का भोक्ता कैसे महसूस किया?

जापान यात्रा के दौरान हिरोशिमा में एक जले हुए पत्थर पर व्यक्ति की उजली छाया देखकर, जो विस्फोट के समय किसी व्यक्ति के भाप बनने का परिणाम था, लेखक ने स्वयं को विस्फोट का भोक्ता महसूस किया।

लेखन के लिए कौन-से बाह्य दबाव महत्वपूर्ण हो सकते हैं?

लेखन के लिए बाह्य दबावों में आर्थिक लाभ की आकांक्षा, सामाजिक परिस्थितियाँ, और संपादकों का आग्रह शामिल हो सकते हैं।

क्या विज्ञान का दुरुपयोग केवल युद्धों तक सीमित है?

नहीं, विज्ञान का दुरुपयोग कई रूपों में हो रहा है, जैसे पर्यावरण प्रदूषण, मानव अंगों का व्यापार, और भ्रूण हत्याएँ, जो हिरोशिमा की घटना से परे हैं।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान पाठ के महत्वपूर्ण बिंदुओं को स्पष्ट करते हैं, लेखक की प्रेरणाओं और विचारों को समझने में मदद करते हैं, और विज्ञान के दुरुपयोग जैसे विषयों पर गहन जानकारी प्रदान करते हैं, जो परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।

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