NCERT Class 7 Science Jigyasa: Chapter 6 — किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था
यह अध्याय किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था पर केंद्रित है, जो वृद्धि और परिवर्तन की एक महत्वपूर्ण अवस्था है। यह मनुष्य की जीवन-यात्रा को शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था, वयस्क-अवस्था और वृद्धावस्था जैसी विभिन्न अवस्थाओं में विभाजित करता है। किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था, जो आमतौर पर 10 से 19 वर्ष की आयु के बीच होती है, द्रुत वृद्धि और विकास की अवधि है जहाँ शरीर वयस्क होने के लिए तैयार होता है। अध्याय बताता है कि मनुष्यों को जनन करने में सक्षम होने के लिए वृद्धि और परिपक्वता की आवश्यकता होती है। यह अध्याय किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था के दौरान होने वाले शारीरिक, संवेगात्मक और व्यवहारगत परिवर्तनों पर प्रकाश डालता है, और छात्रों को इस अवस्था का दायित्वपूर्ण निर्वहन करने के लिए तैयार करता है। इसमें आयु के साथ वृद्धि और क्रियाकलाप 6.1 के माध्यम से कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों में देखे जा सकने वाले परिवर्तनों पर चर्चा शामिल है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | Science |
| Book | Jigyasa |
| Chapter | Chapter 6 — किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 591 |
Learning outcomes
- किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था को वृद्धि और परिवर्तन की अवस्था के रूप में पहचानना।
- मनुष्य की जीवन-यात्रा की विभिन्न अवस्थाओं को समझना।
- किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था के दौरान होने वाले शारीरिक परिवर्तनों को जानना।
- जनन क्षमता प्राप्त करने के लिए वृद्धि और परिपक्वता के महत्व को समझना।
- किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था के दौरान होने वाले परिवर्तनों पर चर्चा करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| अंकुरण | बीज से पौधे का निकलना |
| नवोद्भिद | नया उगा हुआ पौधा |
| परिपक्व | पूरी तरह से विकसित |
| शैशवावस्था | जन्म से लेकर कुछ वर्ष तक की अवस्था |
| बाल्यावस्था | शैशवावस्था के बाद की अवस्था |
| किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था | 10 से 19 वर्ष की आयु की अवस्था |
| वयस्क-अवस्था | परिपक्व अवस्था |
| वृद्धावस्था | बुढ़ापे की अवस्था |
| यौवनारंभ | किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था की शुरुआत |
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Practice questions
- मनुष्य की जीवन-यात्रा को किन अवस्थाओं में विभाजित किया जा सकता है? Answer: मनुष्य की जीवन-यात्रा को शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था, वयस्क-अवस्था और वृद्धावस्था में विभाजित किया जा सकता है।
- किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था की आयु सीमा क्या है? Answer: किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था की आयु सीमा सामान्यतः 10 से 19 वर्ष मानी जाती है।
- जनन करने में सक्षम होने के लिए किस अवस्था का होना आवश्यक है? Answer: जनन करने में सक्षम होने के लिए परिपक्व अवस्था का होना आवश्यक है।
- किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था को द्रुत वृद्धि और विकास की अवधि क्यों कहा जाता है? Answer: क्योंकि इस अवधि में शरीर में तेजी से शारीरिक परिवर्तन होते हैं और वयस्क होने के लिए तैयारी होती है।
Frequently asked questions
किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था क्या है?
किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था मनुष्य के जीवन की वह अवस्था है जो बाल्यावस्था के बाद और वयस्क-अवस्था से पहले आती है, आमतौर पर 10 से 19 वर्ष की आयु के बीच। यह द्रुत वृद्धि और विकास की अवधि है।
मनुष्य की जीवन-यात्रा की मुख्य अवस्थाएँ कौन सी हैं?
मनुष्य की जीवन-यात्रा को शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था, वयस्क-अवस्था और वृद्धावस्था में विभाजित किया जा सकता है।
किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था में क्या परिवर्तन होते हैं?
किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था में शरीर वयस्क होने के लिए तैयार होने लगता है, जिसमें शारीरिक, संवेगात्मक और व्यवहारगत परिवर्तन शामिल होते हैं।
क्या नवजात शिशु तुरंत जनन कर सकते हैं?
नहीं, नवजात शिशु तुरंत जनन नहीं कर सकते। जनन करने में सक्षम होने के लिए उन्हें वृद्धि कर परिपक्व अवस्था तक पहुँचना आवश्यक होता है।
क्रियाकलाप 6.1 का उद्देश्य क्या है?
क्रियाकलाप 6.1 का उद्देश्य कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों में देखे जा सकने वाले विभिन्न परिवर्तनों (जैसे लंबाई, बल, व्यवहार) पर चर्चा करना है।
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NCERT Class 7 Science — Jigyasa — Chapter 6 — किशोरावस्था — वृद्धि एवं परिवर्तन की अवस्था. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.