NCERT Class 4 The World Around Us Hamara Adhbhut Sansar: Chapter 4 — प्रकृति की गोद में
यह अध्याय 'प्रकृति की गोद में' कक्षा 4 के विद्यार्थियों को जंगल और गाँव के परिवेश से परिचित कराता है। कहानी रीना और अमित की यात्रा से शुरू होती है, जो अपने गाँव जा रहे हैं, जो जंगल के पास स्थित है। यह गाँव सौर ऊर्जा से पूरी तरह प्रकाशित होने वाला पहला गाँव बनने जा रहा है। गाँव पहुँचने पर, बच्चे पलाश के पेड़ों को चमकीले नारंगी-लाल फूलों से लदे हुए देखते हैं। पिताजी बताते हैं कि पलाश को 'अग्निपुष्प' या 'जंगल की ज्वाला' भी कहा जाता है क्योंकि इसके फूल पूरे जंगल को दूर से नारंगी-लाल रंग देते हैं। अध्याय में विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के रंग-बिरंगे फूलों के नाम लिखने और अपनी पसंद के फूल का चित्र बनाने के लिए एक गतिविधि भी शामिल है। शिक्षक सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन और उसके उपयोग पर चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित किए जाते हैं। यह अध्याय प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिक ऊर्जा स्रोतों के एकीकरण को दर्शाता है, जो विद्यार्थियों को पर्यावरण और प्रौद्योगिकी के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 4 |
| Subject | The World Around Us |
| Book | Hamara Adhbhut Sansar |
| Chapter | Chapter 4 — प्रकृति की गोद में |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 2 minutes |
| Word count | 232 |
Learning outcomes
- विद्यार्थी जंगल और गाँव के परिवेश का वर्णन कर सकेंगे।
- विद्यार्थी पलाश के फूल की पहचान कर सकेंगे और उसे 'जंगल की ज्वाला' क्यों कहते हैं, यह बता सकेंगे।
- विद्यार्थी अपने आसपास पाए जाने वाले विभिन्न फूलों के नाम और स्थानीय नाम जान सकेंगे।
- विद्यार्थी सौर ऊर्जा के महत्व और उपयोग को समझ सकेंगे।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| जंगल | वन, पेड़ों और पौधों से ढका हुआ क्षेत्र |
| यात्रा | एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना |
| गाँव | ग्रामीण बस्ती |
| सौर ऊर्जा | सूर्य से प्राप्त होने वाली ऊर्जा |
| प्रकाशित | रोशनी से युक्त |
| उत्सव | त्योहार या समारोह |
| आतुर | उत्सुक या बेचैन |
| पलाश | एक फूल वाला पेड़ जिसके फूल चमकीले लाल-नारंगी होते हैं |
| अग्निपुष्प | आग का फूल (पलाश का एक नाम) |
| ज्वाला | लपट या आग |
The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.
Read chapter online
This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Practice questions
- रीना और अमित कहाँ जा रहे थे? Answer: रीना और अमित अपने गाँव जा रहे थे।
- गाँव क्यों खास था? Answer: गाँव पूरी तरह से सौर ऊर्जा से प्रकाशित होने वाला गाँव बनने जा रहा था।
- बच्चों ने किस पेड़ पर चमकीले फूल देखे? Answer: बच्चों ने पलाश के पेड़ पर चमकीले फूल देखे।
- पलाश के पेड़ को और किन नामों से जाना जाता है? Answer: पलाश के पेड़ को 'अग्निपुष्प' या 'जंगल की ज्वाला' भी कहा जाता है।
Frequently asked questions
यह अध्याय किस बारे में है?
यह अध्याय कक्षा 4 के लिए 'प्रकृति की गोद में' शीर्षक से है, जो जंगल, गाँव और पलाश के फूलों की सुंदरता के साथ-साथ सौर ऊर्जा के उपयोग पर केंद्रित है।
पलाश के पेड़ को 'जंगल की ज्वाला' क्यों कहते हैं?
पलाश के पेड़ पर जब फूल खिलते हैं तो वे चमकीले नारंगी-लाल होते हैं, जिससे पूरा जंगल दूर से आग की लपटों जैसा दिखाई देता है, इसलिए इसे 'जंगल की ज्वाला' या 'अग्निपुष्प' कहते हैं।
गाँव की क्या विशेषता थी?
गाँव की विशेषता यह थी कि वह पूरी तरह से सौर ऊर्जा से प्रकाशित होने वाला गाँव बनने जा रहा था।
इस अध्याय में कौन सी गतिविधि शामिल है?
इस अध्याय में विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में पाए जाने वाले पाँच रंग-बिरंगे फूलों के नाम लिखने और अपनी पसंद के फूल का चित्र बनाने की गतिविधि शामिल है।
शिक्षक इस अध्याय से क्या चर्चा कर सकते हैं?
शिक्षक विद्यार्थियों के साथ सौर पैनलों का उपयोग करके सौर विद्युत उत्पन्न करने और उससे पंखे, बल्ब जैसे उपकरण चलाने के तरीके पर चर्चा कर सकते हैं।
Related resources
Important topics
Topics covered
NCERT Class 4 The World Around Us — Hamara Adhbhut Sansar — Chapter 4 — प्रकृति की गोद में. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.