NCERT Class 12 Physics Bhautiki-II: Chapter 2 — 2. स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
यह अध्याय 10, तरंग-प्रकाशिकी, प्रकाश के तरंग सिद्धांत पर केंद्रित है। यह डेकार्टेस के कणिका मॉडल से शुरू होता है, जिसे न्यूटन ने विकसित किया था। हाइगेंस ने 1678 में तरंग सिद्धांत प्रस्तुत किया, जो परावर्तन और अपवर्तन की घटनाओं की व्याख्या करता है। फौकॉल्ट के प्रयोग ने पुष्टि की कि जल में प्रकाश की चाल वायु से कम होती है, जो तरंग मॉडल के अनुरूप है। थॉमस यंग के व्यतिकरण प्रयोग (1801) ने प्रकाश की तरंग प्रकृति को निश्चित रूप से स्थापित किया। मैक्सवेल ने अपने विद्युत चुम्बकीय सिद्धांत से प्रकाश के विद्युत चुम्बकीय तरंग होने की भविष्यवाणी की, जिसकी प्रायोगिक पुष्टि हर्ट्ज़, बोस और मार्कोनी ने की। अध्याय में हाइगेंस के सिद्धांत, व्यतिकरण, विवर्तन और ध्रुवण जैसी घटनाओं पर चर्चा की गई है, जो प्रकाश की तरंग प्रकृति को दर्शाती हैं। यह छात्रों को प्रकाशिकी की तरंग प्रकृति और संबंधित घटनाओं को समझने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Physics |
| Book | Bhautiki-II |
| Chapter | Chapter 2 — 2. स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 5 minutes |
| Word count | 804 |
Learning outcomes
- प्रकाश के तरंग सिद्धांत को समझना।
- हाइगेंस के सिद्धांत का उपयोग करके परावर्तन और अपवर्तन की व्याख्या करना।
- व्यतिकरण और विवर्तन की घटनाओं को समझना।
- प्रकाश के ध्रुवण की घटना को समझना।
- प्रकाश की विद्युत चुम्बकीय तरंग प्रकृति को जानना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| कणिका माॅडल | प्रकाश का एक सिद्धांत जो प्रकाश को कणों से बना मानता है। |
| तरंग सि(ांत | प्रकाश का एक सिद्धांत जो प्रकाश को तरंगों के रूप में मानता है। |
| स्नेल का नियम | अपवर्तन की घटना से संबंधित नियम जो आपतन कोण और अपवर्तन कोण के साइन के अनुपात को माध्यमों के अपवर्तनांक से जोड़ता है। |
| व्यतिकरण | जब दो या दो से अधिक प्रकाश तरंगें अध्यारोपित होती हैं तो तीव्रता के पुनर्वितरण की घटना। |
| विवर्तन | प्रकाश का बाधाओं के किनारों पर मुड़ना और फैलना। |
| ध्रुवण | प्रकाश तरंगों के कंपन को एक विशेष दिशा में सीमित करने की प्रक्रिया। |
| विद्युतचुंबकीय तरंग | एक तरंग जिसमें विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र दोलन करते हैं और एक दूसरे के लंबवत होते हैं। |
| तरंगदैर्ध्य | तरंग के दो क्रमागत श्रृंगों या गर्तों के बीच की दूरी। |
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Practice questions
- न्यूटन के कणिका सिद्धांत और हाइगेंस के तरंग सिद्धांत में मुख्य अंतर क्या है? Answer: कणिका सिद्धांत प्रकाश को कण मानता है, जबकि तरंग सिद्धांत प्रकाश को तरंग मानता है। कणिका सिद्धांत के अनुसार, सघन माध्यम में प्रकाश की चाल अधिक होती है, जबकि तरंग सिद्धांत के अनुसार कम होती है।
- थॉमस यंग के व्यतिकरण प्रयोग का क्या महत्व था? Answer: इस प्रयोग ने निश्चित रूप से प्रमाणित किया कि प्रकाश की प्रकृति तरंगवत होती है।
- मैक्सवेल ने प्रकाश के बारे में क्या महत्वपूर्ण भविष्यवाणी की? Answer: मैक्सवेल ने भविष्यवाणी की कि प्रकाश विद्युत चुम्बकीय तरंग है।
- ज्यामितीय प्रकाशिकी में तरंगदैर्ध्य को नगण्य क्यों माना जाता है? Answer: क्योंकि दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्ध्य कणों और लेंसों के आकार की तुलना में बहुत छोटी होती है।
Practice MCQs
Q1. सन 1637 में प्रकाश के कणिका मॉडल को किसने प्रस्तुत किया?
Explanation: डेकार्टेस ने सन 1637 में प्रकाश के कणिका मॉडल को प्रस्तुत किया था।
Q2. प्रकाश के तरंग सिद्धांत को किसने प्रस्तुत किया?
Explanation: डच भौतिकविद क्रिस्टिआन हाइगेंस ने सन 1678 में प्रकाश के तरंग सिद्धांत को प्रस्तुत किया था।
Q3. किस प्रयोग द्वारा यह दर्शाया गया कि जल में प्रकाश की चाल वायु में प्रकाश की चाल से कम है?
Explanation: सन 1850 में फौकॉल्ट द्वारा किए गए प्रयोग द्वारा दर्शाया गया कि जल में प्रकाश की चाल वायु में प्रकाश की चाल से कम है।
Q4. प्रकाश की तरंग प्रकृति को निश्चित रूप से किसने प्रमाणित किया?
Explanation: सन 1801 में थॉमस यंग ने अपने व्यतिकरण संबंधी प्रसिद्ध प्रयोग द्वारा यह निश्चित रूप से प्रमाणित कर दिया कि प्रकाश की प्रवृत्ति तरंगवत है।
Q5. मैक्सवेल के अनुसार प्रकाश क्या है?
Explanation: मैक्सवेल ने अपने विद्युत चुम्बकीय सिद्धांत के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि प्रकाश अवश्य ही विद्युत चुम्बकीय तरंग है।
Frequently asked questions
प्रकाशिकी की वह शाखा जिसमें तरंगदैर्ध्य की परिमितता को नगण्य मानते हैं, क्या कहलाती है?
ज्यामितीय प्रकाशिकी कहलाती है।
प्रकाश के तरंग सिद्धांत की पुष्टि किस प्रयोग से हुई?
प्रकाश के तरंग सिद्धांत की पुष्टि थॉमस यंग के व्यतिकरण प्रयोग (1801) से हुई।
मैक्सवेल ने प्रकाश के किस सिद्धांत की भविष्यवाणी की?
मैक्सवेल ने प्रकाश के विद्युत चुम्बकीय तरंग सिद्धांत की भविष्यवाणी की।
प्रकाश तरंगें किस प्रकार की तरंगें हैं?
प्रकाश तरंगें अनुप्रस्थ विद्युत चुम्बकीय तरंगें हैं।
लगभग 0.6µm तरंगदैर्ध्य किस रंग के प्रकाश की होती है?
लगभग 0.6µm तरंगदैर्ध्य पीले प्रकाश की होती है।
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NCERT Class 12 Physics — Bhautiki-II — Chapter 2 — 2. स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.