NCERT Class 12 Physics Bhautiki-II: Chapter 1 — 1. वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
यह अध्याय 9, किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्रा, प्रकाश के किरण रूप का उपयोग करके प्रकाश की परिघटनाओं जैसे परावर्तन और अपवर्तन पर केंद्रित है। यह बताता है कि प्रकाश की तरंग दैर्ध्य दैनिक जीवन की वस्तुओं की तुलना में बहुत कम होती है, जिससे यह सीधी रेखाओं में गमन करता हुआ प्रतीत होता है, जिसे प्रकाश किरण कहा जाता है। अध्याय परावर्तन के नियमों पर चर्चा करता है, जिसमें आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है, और आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब सभी एक ही तल में होते हैं। यह गोलीय पृष्ठों के लिए परावर्तन का अध्ययन करने के लिए कार्तीय चिह्न परिपाटी का परिचय देता है। अंत में, यह मानव नेत्र सहित विभिन्न प्रकाशिक यंत्रों की संरचना और कार्यप्रणाली की पड़ताल करता है। यह अध्याय छात्रों को प्रकाशिकी के मूल सिद्धांतों को समझने और प्रकाशिक उपकरणों के निर्माण को समझने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Physics |
| Book | Bhautiki-II |
| Chapter | Chapter 1 — 1. वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 782 |
Learning outcomes
- प्रकाश के किरण रूप और उसके दैनिक जीवन में अनुप्रयोगों को समझना।
- परावर्तन के नियमों को समझना और उन्हें गोलीय पृष्ठों पर लागू करना।
- प्रकाशिक दूरियों को मापने के लिए कार्तीय चिह्न परिपाटी का उपयोग करना।
- प्रकाशिक यंत्रों की संरचना और कार्यप्रणाली का अध्ययन करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| प्रकाश | विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम का वह भाग जिसे मानव नेत्र संसूचित कर सकता है (लगभग 400 nm से 750 nm)। |
| प्रकाश किरण | प्रकाश के संचरण का वह पथ जिसे एक सीधी रेखा माना जा सकता है। |
| परावर्तन | प्रकाश का किसी सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौटना। |
| अपवर्तन | प्रकाश का एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने पर अपने पथ से विचलित होना। |
| गोलीय पृष्ठ | एक खोखले गोले का भाग जो परावर्तक या अपवर्तक सतह के रूप में कार्य करता है। |
| कार्तीय चिह्न परिपाटी | प्रकाशिक दूरियों और ऊँचाइयों को मापने के लिए एक नियम प्रणाली। |
| ध्रुव | गोलीय दर्पण का ज्यामितीय केंद्र। |
| प्रकाशिक केंद्र | लेंस का ज्यामितीय केंद्र। |
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Practice questions
- प्रकाश की चाल का निर्वात में मान्य मान क्या है? Answer: निर्वात में प्रकाश की चाल c = 2.99792458 × 10^8 m/s है।
- प्रकाश सरल रेखा में गमन करता है, इस धारणा का आधार क्या है? Answer: दैनिक जीवन की सामान्य वस्तुओं के आकार की तुलना में प्रकाश की तरंग दैर्ध्य बहुत कम होती है, जिससे यह सीधी रेखा में गमन करता हुआ प्रतीत होता है।
- परावर्तन के नियम क्या हैं? Answer: 1. आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है। 2. आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा परावर्तक पृष्ठ के आपतन बिंदु पर अभिलंब एक ही तल में होते हैं।
- गोलीय पृष्ठ के लिए अभिलंब कहाँ से गुजरता है? Answer: गोलीय पृष्ठ के लिए अभिलंब वक्रता त्रिज्या के अनुदिश, अर्थात आपतन बिंदु को वक्रता केंद्र से मिलाने वाली रेखा पर होता है।
- कार्तीय चिह्न परिपाटी के अनुसार, आपतित प्रकाश की दिशा में मापी गई दूरियाँ कैसी मानी जाती हैं? Answer: आपतित प्रकाश की दिशा में मापी गई दूरियाँ धनात्मक मानी जाती हैं।
Practice MCQs
Q1. प्रकाश की तरंग दैर्ध्य का परिसर क्या है जिसे मानव नेत्र संसूचित कर सकता है?
Explanation: मानव नेत्र विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के लगभग 400 nm से 750 nm के परिसर में संवेदनशीलता दिखाता है, जिसे दृश्य प्रकाश कहा जाता है।
Q2. निर्वात में प्रकाश की चाल का सन्निकट मान क्या है?
Explanation: निर्वात में प्रकाश की चाल का मान्य मान लगभग 3 × 10^8 m/s है, जो अनेक प्रयोजनों के लिए पर्याप्त है।
Q3. प्रकाश के सरल रेखा में गमन करने की धारणा किस कारण मान्य होती है?
Explanation: दैनिक जीवन की वस्तुओं के आकार की तुलना में प्रकाश की तरंग दैर्ध्य काफी कम होती है, जिससे यह सीधी रेखा में गमन करता हुआ प्रतीत होता है।
Q4. गोलीय दर्पण के लिए, आपतन बिंदु पर अभिलंब किससे होकर गुजरता है?
Explanation: गोलीय पृष्ठ के लिए अभिलंब आपतन बिंदु को वक्रता केंद्र से मिलाने वाली रेखा के अनुदिश होता है।
Q5. कार्तीय चिह्न परिपाटी के अनुसार, आपतित प्रकाश की दिशा के विपरीत मापी गई दूरियाँ कैसी होती हैं?
Explanation: कार्तीय चिह्न परिपाटी में, आपतित प्रकाश की दिशा के विपरीत मापी गई दूरियों को ऋणात्मक माना जाता है।
Q6. ऊपरीमुखी मापी गई ऊँचाइयों को कार्तीय चिह्न परिपाटी में क्या माना जाता है?
Explanation: मुख्य अक्ष के अभिलंबवत, उपरिमुखी मापी गई ऊँचाइयों को धनात्मक माना जाता है।
Frequently asked questions
प्रकाशिकी क्या है?
प्रकाशिकी भौतिकी की वह शाखा है जो प्रकाश के व्यवहार और गुणों का अध्ययन करती है, जिसमें प्रकाश का परावर्तन, अपवर्तन और प्रकाशिक यंत्रों द्वारा इसका उपयोग शामिल है।
प्रकाश किरण क्या होती है?
प्रकाश किरण प्रकाश के संचरण का एक आदर्शित पथ है जिसे एक सीधी रेखा माना जाता है, खासकर जब प्रकाश की तरंग दैर्ध्य वस्तुओं के आकार की तुलना में बहुत कम हो।
गोलीय दर्पण के लिए परावर्तन के नियम क्या हैं?
परावर्तन के नियम गोलीय दर्पणों पर भी लागू होते हैं: आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है, और आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में होते हैं।
प्रकाशिक दूरियाँ मापने के लिए किस चिह्न परिपाटी का उपयोग किया जाता है?
इस पुस्तक में कार्तीय चिह्न परिपाटी का उपयोग किया जाता है, जिसमें आपतित प्रकाश की दिशा में मापी गई दूरियाँ धनात्मक और विपरीत दिशा में मापी गई दूरियाँ ऋणात्मक होती हैं।
गोलीय दर्पण का ध्रुव क्या होता है?
गोलीय दर्पण का ध्रुव उसके ज्यामितीय केंद्र को कहते हैं।
प्रकाशिक केंद्र क्या है?
प्रकाशिक केंद्र लेंस का ज्यामितीय केंद्र होता है।
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Topics covered
NCERT Class 12 Physics — Bhautiki-II — Chapter 1 — 1. वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.