NCERT Class 12 Physics Bhautiki-I: Chapter 7 — 7. प्रत्यावर्ती धारा
यह अध्याय प्रत्यावर्ती धारा (AC) और प्रत्यावर्ती वोल्टेज की अवधारणा का परिचय देता है, जो दिष्ट धारा (DC) के विपरीत समय के साथ दिशा और परिमाण में बदलते हैं। अध्याय बताता है कि घरों और कार्यालयों में विद्युत आपूर्ति AC होती है क्योंकि ट्रांसफार्मर द्वारा वोल्टेज को आसानी से बदला जा सकता है, जिससे लंबी दूरी तक ऊर्जा का कुशल संचरण संभव होता है। इसमें एक शुद्ध प्रतिरोधक से जुड़े AC स्रोत का विश्लेषण किया गया है, जिसमें दिखाया गया है कि वोल्टेज और धारा एक ही कला में होते हैं और ओम के नियम का पालन करते हैं। अध्याय यह भी बताता है कि यद्यपि औसत धारा शून्य होती है, फिर भी ऊर्जा का क्षय होता है। यह प्रत्यावर्ती धारा परिपथों के महत्व और दैनिक जीवन में उनके अनुप्रयोगों पर प्रकाश डालता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Physics |
| Book | Bhautiki-I |
| Chapter | Chapter 7 — 7. प्रत्यावर्ती धारा |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 5 minutes |
| Word count | 837 |
Learning outcomes
- प्रत्यावर्ती धारा (AC) और प्रत्यावर्ती वोल्टेज की अवधारणा को समझना।
- दिष्ट धारा (DC) की तुलना में AC के लाभों को पहचानना, विशेष रूप से वोल्टेज रूपांतरण और ऊर्जा संचरण में।
- एक शुद्ध प्रतिरोधक में AC वोल्टेज और धारा के बीच संबंध का विश्लेषण करना।
- यह समझना कि AC परिपथों में औसत धारा शून्य होने पर भी ऊर्जा का क्षय होता है।
- प्रत्यावर्ती धारा परिपथों के दैनिक जीवन में अनुप्रयोगों को जानना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| प्रत्यावर्ती धरा | समय के साथ दिशा और परिमाण में बदलने वाली धारा (AC Current)। |
| दिष्टधरा | समय के साथ दिशा न बदलने वाली धारा (DC Current)। |
| ज्या पफलन | साइन फलन (Sine function), जो समय के साथ आवर्ती परिवर्तन को दर्शाता है। |
| वोल्टता | विद्युत विभव का अंतर (Voltage)। |
| आयाम | किसी दोलन या तरंग का अधिकतम विस्थापन या मान (Amplitude)। |
| कोणीय आवृत्ति | समय के साथ कोणीय विस्थापन के परिवर्तन की दर (Angular frequency)। |
| ओम का नियम | वोल्टेज, धारा और प्रतिरोध के बीच संबंध बताने वाला नियम (Ohm's Law)। |
| कला | दो आवर्ती राशियों के बीच की स्थिति या चरण (Phase)। |
| ऊर्जा क्षय | परिपथ में ऊर्जा का ऊष्मा के रूप में नष्ट होना (Energy dissipation)। |
| ट्रांसफार्मर | वोल्टेज को बढ़ाने या घटाने वाला उपकरण (Transformer)। |
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Practice questions
- प्रत्यावर्ती धारा (AC) और दिष्ट धारा (DC) में मुख्य अंतर क्या है? Answer: AC की दिशा और परिमाण समय के साथ बदलते हैं, जबकि DC की दिशा स्थिर रहती है।
- AC वोल्टेज को ट्रांसफार्मर द्वारा आसानी से क्यों बदला जा सकता है? Answer: ट्रांसफार्मर विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के सिद्धांत पर काम करते हैं, जो AC के साथ प्रभावी होता है।
- एक शुद्ध प्रतिरोधक में AC परिपथ में वोल्टेज और धारा के बीच क्या संबंध होता है? Answer: वोल्टेज और धारा एक ही कला में होते हैं, अर्थात वे एक साथ शून्य, अधिकतम और न्यूनतम मान प्राप्त करते हैं।
- क्या एक पूर्ण चक्र में प्रत्यावर्ती धारा का औसत मान शून्य होता है? यदि हाँ, तो क्या ऊर्जा का क्षय नहीं होता? Answer: हाँ, एक पूर्ण चक्र में औसत धारा शून्य होती है, लेकिन ऊर्जा का क्षय होता है क्योंकि तात्कालिक शक्ति शून्य नहीं होती।
Practice MCQs
Q1. घरों में मुख्य विद्युत प्रदाय किस प्रकार की धारा का स्रोत है?
Explanation: घरों में विद्युत प्रदाय प्रत्यावर्ती धरा (AC) का स्रोत होता है जो समय के साथ ज्यावक्रीय रूप से बदलता है।
Q2. AC वोल्टेज को आसानी से बदलने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
Explanation: ट्रांसफार्मर प्रत्यावर्ती वोल्टेज को कुशलतापूर्वक बढ़ाने या घटाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
Q3. एक शुद्ध प्रतिरोधक में AC परिपथ में, वोल्टेज और धारा के बीच कला संबंध क्या है?
Explanation: एक शुद्ध प्रतिरोधक में, वोल्टेज और धारा दोनों एक ही कला में होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे एक साथ अपने अधिकतम, न्यूनतम और शून्य मानों तक पहुँचते हैं।
Q4. AC स्रोत द्वारा प्रदान की गई ज्यावक्रीय वोल्टता का समीकरण क्या है?
Explanation: अध्याय के अनुसार, AC स्रोत द्वारा उत्पन्न ज्यावक्रीय विभवांतर को v = vm sin(ωt) द्वारा व्यक्त किया जाता है।
Q5. एक शुद्ध प्रतिरोधक में AC परिपथ में धारा का आयाम (im) किसके बराबर होता है?
Explanation: ओम के नियम के अनुसार, धारा का आयाम (im) वोल्टेज के आयाम (vm) को प्रतिरोध (R) से विभाजित करने पर प्राप्त होता है।
Frequently asked questions
प्रत्यावर्ती धारा (AC) क्या है?
प्रत्यावर्ती धारा वह विद्युत धारा है जिसकी दिशा और परिमाण समय के साथ नियमित रूप से बदलते रहते हैं, अक्सर एक ज्यावक्रीय फलन के रूप में।
AC को DC पर क्यों प्राथमिकता दी जाती है?
AC वोल्टेज को ट्रांसफार्मर द्वारा आसानी से बदला जा सकता है, जिससे लंबी दूरी तक ऊर्जा का कुशल और सस्ता संचरण संभव होता है।
एक शुद्ध प्रतिरोधक में AC परिपथ में वोल्टेज और धारा के बीच क्या संबंध है?
एक शुद्ध प्रतिरोधक में, AC वोल्टेज और धारा हमेशा एक ही कला में होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे एक साथ अपने चरम और शून्य मानों तक पहुँचते हैं।
क्या AC परिपथ में औसत धारा शून्य होने का मतलब है कि कोई शक्ति का क्षय नहीं होता?
नहीं, भले ही एक पूर्ण चक्र में औसत धारा शून्य हो, तात्कालिक शक्ति शून्य नहीं होती, इसलिए ऊर्जा का क्षय (ऊष्मा के रूप में) होता है।
AC वोल्टेज का समीकरण v = vm sin(ωt) क्या दर्शाता है?
यह समीकरण दर्शाता है कि वोल्टेज (v) समय (t) के साथ ज्यावक्रीय रूप से बदलता है, जहाँ vm अधिकतम वोल्टेज (आयाम) और ω कोणीय आवृत्ति है।
निकोला टेस्ला का प्रत्यावर्ती धारा में क्या योगदान था?
निकोला टेस्ला ने व्यावहारिक AC मशीनों के लिए आधार प्रदान किया, जिसमें प्रेरण मोटर और AC शक्ति प्रणाली शामिल हैं, जिससे विद्युत शक्ति के युग का मार्ग प्रशस्त हुआ।
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NCERT Class 12 Physics — Bhautiki-I — Chapter 7 — 7. प्रत्यावर्ती धारा. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.