NCERT Class 12 Physics Bhautiki-I: Chapter 6 — 6. वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
यह अध्याय, वैद्युतचुंबकीय प्रेरण, विद्युत और चुंबकत्व के बीच संबंध की पड़ताल करता है। यह बताता है कि कैसे गतिमान चुंबकीय क्षेत्र विद्युत धारा उत्पन्न कर सकते हैं, जिसे माइकल फैराडे और जोसेफ हेनरी ने खोजा था। अध्याय फैराडे और हेनरी के प्रयोगों का वर्णन करता है, जिसमें एक कुंडली और चुंबक के बीच सापेक्ष गति का उपयोग करके विद्युत धारा उत्पन्न करना शामिल है। यह दर्शाता है कि चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन से कुंडली में विद्युत धारा प्रेरित होती है। यह परिघटना आधुनिक जनरेटरों और ट्रांसफार्मरों के विकास के लिए मौलिक है, जो आज की सभ्यता के लिए महत्वपूर्ण हैं। अध्याय इस बात पर जोर देता है कि विद्युत चुंबकत्व केवल एक सैद्धांतिक अवधारणा नहीं है, बल्कि व्यावहारिक अनुप्रयोगों के लिए आवश्यक है, जो विद्युत प्रकाश, ट्रेनों और कंप्यूटर जैसी प्रौद्योगिकियों को सक्षम बनाता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Physics |
| Book | Bhautiki-I |
| Chapter | Chapter 6 — 6. वैद्युतचुंबकीय प्रेरण |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 5 minutes |
| Word count | 849 |
Learning outcomes
- वैद्युतचुंबकीय प्रेरण की अवधारणा को समझना।
- फैराडे और हेनरी के प्रयोगों का विश्लेषण करना।
- गतिमान चुंबकीय क्षेत्रों द्वारा विद्युत धारा उत्पन्न होने के सिद्धांत को समझना।
- वैद्युतचुंबकीय प्रेरण के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को पहचानना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| वैद्युतचुंबकीय प्रेरण | वह परिघटना जिसमें चुंबकीय क्षेत्रों द्वारा विद्युत धारा उत्पन्न होती है। |
| चुंबकीय क्षेत्र | चुंबक के चारों ओर का वह क्षेत्र जहाँ उसके चुंबकीय प्रभाव का अनुभव किया जा सकता है। |
| विद्युत धारा | आवेशों का प्रवाह। |
| कुंडली | तारों का एक वलय या सर्पिल आकार का समूह। |
| धारामापी | विद्युत धारा की उपस्थिति और दिशा का पता लगाने वाला उपकरण। |
| प्रेरित विद्युत धारा | परिवर्तनशील चुंबकीय क्षेत्र के कारण उत्पन्न होने वाली विद्युत धारा। |
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Practice questions
- वैद्युतचुंबकीय प्रेरण क्या है? Answer: वैद्युतचुंबकीय प्रेरण वह परिघटना है जिसमें परिवर्तनशील चुंबकीय क्षेत्र के कारण किसी चालक में विद्युत धारा उत्पन्न होती है।
- फैराडे और हेनरी ने वैद्युतचुंबकीय प्रेरण के संबंध में क्या खोजा? Answer: फैराडे और हेनरी ने प्रयोगों द्वारा दर्शाया कि परिवर्तनशील चुंबकीय क्षेत्र बंद कुंडलियों में विद्युत धारा उत्पन्न कर सकता है।
- धारामापी का क्या कार्य है? Answer: धारामापी विद्युत धारा की उपस्थिति और उसकी दिशा का पता लगाने के लिए उपयोग किया जाता है।
- क्या स्थिर चुंबक से विद्युत धारा उत्पन्न की जा सकती है? Answer: नहीं, स्थिर चुंबक से विद्युत धारा उत्पन्न नहीं की जा सकती। विद्युत धारा उत्पन्न करने के लिए चुंबक और कुंडली के बीच सापेक्ष गति या चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन आवश्यक है।
Practice MCQs
Q1. विद्युत तथा चुंबकत्व के बीच संबंध की खोज किसने की?
Explanation: उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारंभिक दशकों में ऑस्टेड, एम्पीयर तथा कुछ अन्य वैज्ञानिकों के प्रयोगों ने विद्युत तथा चुंबकत्व के बीच संबंध स्थापित किया, और फैराडे तथा हेनरी ने विशेष रूप से वैद्युतचुंबकीय प्रेरण की खोज की।
Q2. वैद्युतचुंबकीय प्रेरण की घटना में क्या उत्पन्न होता है?
Explanation: वैद्युतचुंबकीय प्रेरण वह परिघटना है जिसमें परिवर्तनशील चुंबकीय क्षेत्र के कारण बंद कुंडलियों में विद्युत धारा उत्पन्न होती है।
Q3. जब चुंबक को कुंडली की ओर धकेला जाता है, तो धारामापी में क्या होता है?
Explanation: जब चुंबक को कुंडली की ओर धकेला जाता है, तो कुंडली में विद्युत धारा उत्पन्न होती है, जिसे धारामापी विक्षेपित होकर दर्शाता है।
Q4. कुंडली में प्रेरित धारा कब तक बनी रहती है?
Explanation: प्रेरित धारा केवल तभी तक बनी रहती है जब तक चुंबक और कुंडली के बीच सापेक्ष गति होती है, जिससे चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन होता है।
Q5. आधुनिक जनरेटरों और ट्रांसफार्मरों के विकास का आधार क्या है?
Explanation: फैराडे और हेनरी के वैद्युतचुंबकीय प्रेरण के प्रयोगों ने आधुनिक जनरेटरों और ट्रांसफार्मरों के विकास को संभव बनाया।
Frequently asked questions
वैद्युतचुंबकीय प्रेरण का क्या अर्थ है?
वैद्युतचुंबकीय प्रेरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक परिवर्तनशील चुंबकीय क्षेत्र किसी चालक में विद्युत धारा उत्पन्न करता है।
किस वैज्ञानिक ने वैद्युतचुंबकीय प्रेरण की खोज की?
माइकल फैराडे (इंग्लैंड) और जोसेफ हेनरी (अमेरिका) ने लगभग 1830 में स्वतंत्र रूप से वैद्युतचुंबकीय प्रेरण की खोज की।
क्या स्थिर चुंबक से विद्युत धारा उत्पन्न की जा सकती है?
नहीं, स्थिर चुंबक से विद्युत धारा उत्पन्न नहीं की जा सकती। विद्युत धारा उत्पन्न करने के लिए चुंबक और चालक के बीच सापेक्ष गति या चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन आवश्यक है।
फैराडे के प्रयोग में धारामापी क्या दर्शाता है?
धारामापी कुंडली में उत्पन्न होने वाली विद्युत धारा की उपस्थिति और उसकी दिशा को दर्शाता है।
वैद्युतचुंबकीय प्रेरण का एक व्यावहारिक उपयोग क्या है?
वैद्युतचुंबकीय प्रेरण का एक प्रमुख व्यावहारिक उपयोग विद्युत जनरेटरों और ट्रांसफार्मरों का निर्माण है।
क्या चुंबक को स्थिर रखकर कुंडली को गतिमान करने से भी धारा उत्पन्न होती है?
हाँ, यदि चुंबक को स्थिर रखा जाए और कुंडली को उसकी ओर या उससे दूर गतिमान किया जाए, तो भी कुंडली में विद्युत धारा प्रेरित होती है।
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NCERT Class 12 Physics — Bhautiki-I — Chapter 6 — 6. वैद्युतचुंबकीय प्रेरण. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.