NCERT Class 12 Physics Bhautiki-I: Chapter 8 — 8. वैद्युतचुंबकीय तरंगें
यह अध्याय, वैद्युतचुंबकीय तरंगों की अवधारणा का परिचय देता है, जिसकी शुरुआत विद्युत धारा द्वारा चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने और समय-परिवर्ती चुंबकीय क्षेत्र द्वारा विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करने के ज्ञात तथ्यों से होती है। मैक्सवेल ने प्रस्तावित किया कि समय-परिवर्ती विद्युत क्षेत्र भी चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है, जिसे उन्होंने 'विस्थापन धारा' कहा। उन्होंने मैक्सवेल समीकरणों का एक समुच्चय प्रस्तुत किया, जो विद्युत चुंबकत्व के सभी मूलभूत नियमों को एकीकृत करते हैं। इन समीकरणों से वैद्युतचुंबकीय तरंगों के अस्तित्व का पता चला, जो अंतरिक्ष में संचरित होती हैं और प्रकाश की गति से चलती हैं। अध्याय में विस्थापन धारा की आवश्यकता, वैद्युतचुंबकीय तरंगों के स्पेक्ट्रम (गामा किरणों से रेडियो तरंगों तक) और उनके तकनीकी अनुप्रयोगों पर चर्चा की गई है। यह अध्याय छात्रों को विद्युत चुंबकत्व और प्रकाश के एकीकरण को समझने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Physics |
| Book | Bhautiki-I |
| Chapter | Chapter 8 — 8. वैद्युतचुंबकीय तरंगें |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 5 minutes |
| Word count | 832 |
Learning outcomes
- Understand the concept of displacement current.
- Explain Maxwell's equations and their significance.
- Describe the nature and properties of electromagnetic waves.
- Recognize the electromagnetic spectrum and its various regions.
- Appreciate the unification of electricity, magnetism, and light.
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| विस्थापन धारा | समय के साथ परिवर्तित होता हुआ विद्युत क्षेत्र जो चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है। |
| मैक्सवेल समीकरण | विद्युत चुंबकत्व के मूलभूत नियमों को गणितीय रूप में व्यक्त करने वाले समीकरणों का समुच्चय। |
| वैद्युतचुंबकीय तरंगें | अंतरिक्ष में संचरित होने वाली समय के साथ बदलती हुई विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों की तरंगें। |
| संधारित्र | विद्युत आवेश को संग्रहित करने वाला उपकरण। |
| ऐम्पियर का परिपथीय नियम | चुंबकीय क्षेत्र की गणना के लिए एक नियम जो विद्युत धारा से संबंधित है। |
The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.
Read chapter online
This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.
PDF preview loads when you scroll to this section (saves data and speeds up the page). Uses full mobile width; tap the full-page icon beside the page controls for landscape reading when supported.
Practice questions
- मैक्सवेल ने किस अतिरिक्त धारा के अस्तित्व का सुझाव दिया? Answer: मैक्सवेल ने विस्थापन धारा के अस्तित्व का सुझाव दिया।
- मैक्सवेल समीकरण किन मूलभूत नियमों को एकीकृत करते हैं? Answer: मैक्सवेल समीकरण विद्युत और चुंबकत्व के मूलभूत नियमों को एकीकृत करते हैं।
- वैद्युतचुंबकीय तरंगों की चाल किसके बराबर होती है? Answer: वैद्युतचुंबकीय तरंगों की चाल प्रकाश की चाल के लगभग बराबर होती है।
Practice MCQs
Q1. किस वैज्ञानिक ने प्रस्तावित किया कि समय के साथ परिवर्तित होता हुआ विद्युत क्षेत्र चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है?
Explanation: जेम्स क्लर्क मैक्सवेल ने यह सिद्धांत प्रस्तुत किया था कि परिवर्तित विद्युत क्षेत्र चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न कर सकता है।
Q2. मैक्सवेल द्वारा प्रस्तावित अतिरिक्त धारा का नाम क्या था?
Explanation: मैक्सवेल ने इस अतिरिक्त धारा को 'विस्थापन धारा' नाम दिया था।
Q3. मैक्सवेल समीकरणों के अनुसार, वैद्युतचुंबकीय तरंगों की चाल किसके बराबर होती है?
Explanation: मैक्सवेल के समीकरणों से यह निष्कर्ष निकला कि वैद्युतचुंबकीय तरंगें प्रकाश की गति से चलती हैं।
Q4. प्रकाश को किस प्रकार की तरंग माना जाता है?
Explanation: मैक्सवेल के कार्य ने यह स्थापित किया कि प्रकाश स्वयं एक वैद्युतचुंबकीय तरंग है।
Q5. किस वैज्ञानिक ने प्रयोग द्वारा वैद्युतचुंबकीय तरंगों के अस्तित्व को प्रदर्शित किया?
Explanation: हेनरिक हर्ट्ज़ ने 1885 में प्रयोगों द्वारा वैद्युतचुंबकीय तरंगों के अस्तित्व को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया।
Frequently asked questions
विस्थापन धारा क्या है?
विस्थापन धारा वह धारा है जो समय के साथ परिवर्तित होते हुए विद्युत क्षेत्र के कारण उत्पन्न होती है और चुंबकीय क्षेत्र पैदा करती है।
मैक्सवेल समीकरणों का क्या महत्व है?
मैक्सवेल समीकरण विद्युत चुंबकत्व के सभी मूलभूत नियमों को एकीकृत करते हैं और वैद्युतचुंबकीय तरंगों जैसे महत्वपूर्ण निष्कर्षों की ओर ले जाते हैं।
क्या प्रकाश एक वैद्युतचुंबकीय तरंग है?
हाँ, मैक्सवेल के समीकरणों से यह निष्कर्ष निकला कि प्रकाश स्वयं एक वैद्युतचुंबकीय तरंग है।
वैद्युतचुंबकीय तरंगें कैसे उत्पन्न होती हैं?
त्वरित आवेशित कणों द्वारा या समय के साथ परिवर्तित होते विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों द्वारा वैद्युतचुंबकीय तरंगें उत्पन्न होती हैं।
वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम क्या है?
वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम विभिन्न तरंग दैर्ध्य या आवृत्तियों वाली सभी प्रकार की वैद्युतचुंबकीय विकिरणों का एक क्रम है, जैसे रेडियो तरंगें, माइक्रोवेव, अवरक्त, दृश्य प्रकाश, पराबैंगनी, एक्स-रे और गामा किरणें।
Important topics
Topics covered
NCERT Class 12 Physics — Bhautiki-I — Chapter 8 — 8. वैद्युतचुंबकीय तरंगें. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.