NCERT Class 12 Mathematics Ganit-I: Chapter 5 — गणित

NCERT CBSE Class 12 Mathematics Ganit-I Chapter 5 Hindi PDF

यह अध्याय NCERT कक्षा 12 गणित गणत-I का 110वां अध्याय है, जो सांतत्य तथा अवकलनीयता की अवधारणाओं पर केंद्रित है। यह कक्षा 11 में सीखे गए अवकलन के ज्ञान को आगे बढ़ाता है और प्रतिलोम त्रिकोणमितीय, चरघातांकी और लघुगणकीय फलनों के अवकलन को प्रस्तुत करता है। अध्याय सहज ज्ञान युक्त उदाहरणों से सांतत्य की परिभाषा को स्पष्ट करता है, जिसमें एक बिंदु पर फलन के संतत होने के लिए बाईं सीमा, दाईं सीमा और फलन के मान का बराबर होना आवश्यक है। यह अवकल गणित की मूल प्रमेयों और अनुप्रयोगों को भी समझाता है, जो छात्रों को गणितीय विश्लेषण की गहरी समझ विकसित करने में मदद करता है।

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 12
SubjectMathematics
BookGanit-I
ChapterChapter 5 — गणित
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time4 minutes
Word count729

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
सांतत्यContinuity
अवकलनीयताDifferentiability
फलनFunction
अवकलनDifferentiation
सीमाLimit
चरघातांकी फलनExponential function
लघुगणकीय फलनLogarithmic function
प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनInverse trigonometric function

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Practice questions

  1. सांतत्य की सहज ज्ञान युक्त (naively) परिभाषा क्या है? Answer: सहज रूप से, एक फलन एक बिंदु पर संतत होता है यदि उस बिंदु के आस-पास फलन के आलेख को कागज की सतह से कलम उठाए बिना खींचा जा सके।
  2. किसी बिंदु c पर फलन f संतत कब कहलाता है? Answer: फलन f बिंदु c पर संतत कहलाता है यदि lim (x→c) f(x) = f(c) हो।
  3. सांतत्य के लिए किन तीन शर्तों का पूरा होना आवश्यक है? Answer: 1. फलन का मान f(c) परिभाषित हो। 2. सीमा lim (x→c) f(x) का अस्तित्व हो। 3. lim (x→c) f(x) = f(c) हो।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सांतत्य के लिए सत्य है?

Q2. यदि lim (x→c) f(x) ≠ f(c) हो, तो फलन f बिंदु c पर क्या कहलाता है?

Q3. आवृफति 5.1 में दर्शाए गए फलन में x = 0 पर बाईं और दाईं सीमाएँ क्रमशः क्या हैं?

Q4. अल्बर्ट आइंस्टीन का कथन 'विज्ञान कुछ भी नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की सोच का एक शोधन है' किस अध्याय के प्रारंभ में दिया गया है?

Frequently asked questions

NCERT कक्षा 12 गणित गणत-I का अध्याय 110 कौन सा है?

NCERT कक्षा 12 गणित गणत-I का अध्याय 110 'सांतत्य तथा अवकलनीयता' है।

सांतत्य का क्या अर्थ है?

सांतत्य का अर्थ है कि किसी फलन के ग्राफ को बिना पेन उठाए खींचा जा सकता है। गणितीय रूप से, एक बिंदु पर फलन संतत होता है यदि उस बिंदु पर फलन की सीमा, फलन के मान के बराबर हो।

असंतत फलन क्या होता है?

एक फलन असंतत कहलाता है यदि वह किसी बिंदु पर संतत न हो। इसका मतलब है कि उस बिंदु पर फलन की सीमा, फलन के मान के बराबर नहीं है, या इनमें से कोई एक परिभाषित नहीं है।

इस अध्याय में किन नए प्रकार के फलनों का उल्लेख है?

इस अध्याय में चरघातांकी (exponential) और लघुगणकीय (logarithmic) फलनों का उल्लेख है।

अवकल गणित का क्या उपयोग है?

अवकल गणित का उपयोग ज्यामितीय रूप से सुस्पष्ट स्थितियों को समझाने और अवकलन की सशक्त विधियों का ज्ञान प्राप्त करने में होता है।

क्या यह अध्याय कक्षा 11 के अवकलन का पुनरीक्षण है?

हाँ, यह अध्याय अनिवार्य रूप से कक्षा 11 में पढ़े गए फलनों के अवकलन का क्रमागत है।

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Important topics

सांतत्य की परिभाषा (lim (x→c) f(x) = f(c)) किसी बिंदु पर फलन के संतत होने की शर्तें असंतत फलन के उदाहरण और उनके कारण अवकलन का परिचय और महत्व चरघातांकी और लघुगणकीय फलनों का अवकलन

Topics covered

सांतत्य की संकल्पना सांतत्य की गणितीय परिभाषा बाईं और दाईं सीमाएँ फलन का मान असंतत फलन के उदाहरण अवकलन का परिचय प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन चरघातांकी फलन लघुगणकीय फलन अवकल गणित की मूल प्रमेय

NCERT Class 12 Mathematics — Ganit-I — Chapter 5 — गणित. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.