NCERT Class 12 Mathematics Ganit-I: Chapter 6 — गणित
यह अध्याय 6, 'अवकलज के अनुप्रयोग', अवकलज की अवधारणा का उपयोग करके विभिन्न गणितीय और वैज्ञानिक समस्याओं को हल करने पर केंद्रित है। इसमें राशियों के परिवर्तन की दर ज्ञात करना, स्पर्शरेखा और अभिलंब के समीकरण निकालना, फलन के उच्चतम और निम्नतम मान ज्ञात करना, फलन के वर्धमान और ह्रासमान अंतराल का निर्धारण करना और राशियों के सन्निकट मान प्राप्त करना शामिल है। अध्याय में संयुक्त फलनों, प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों, अस्पष्ट फलनों, चरघातांकीय और लघुघातांकीय फलनों के अवकलज ज्ञात करने की विधियों का भी पुनरीक्षण किया गया है। यह छात्रों को इंजीनियरिंग, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों में अवकलज के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Mathematics |
| Book | Ganit-I |
| Chapter | Chapter 6 — गणित |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 636 |
Learning outcomes
- राशियों के परिवर्तन की दर ज्ञात करना सीखें।
- स्पर्शरेखा और अभिलंब के समीकरण ज्ञात करें।
- फलन के उच्चतम और निम्नतम मान ज्ञात करें।
- फलन के वर्धमान और ह्रासमान अंतराल का निर्धारण करें।
- राशियों के सन्निकट मान प्राप्त करना सीखें।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| अवकलज | Derivative |
| अनुप्रयोग | Application |
| संयुक्त फलन | Composite function |
| प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन | Inverse trigonometric function |
| चरघातांकीय फलन | Exponential function |
| लघुघातांकीय फलन | Logarithmic function |
| परिवर्तन की दर | Rate of change |
| स्पर्शरेखा | Tangent |
| अभिलंब | Normal |
| उच्चतम मान | Maximum value |
| निम्नतम मान | Minimum value |
| सन्निकट मान | Approximate value |
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Practice questions
- एक वृत्त के क्षेत्रफल के परिवर्तन की दर उसकी त्रिज्या के सापेक्ष ज्ञात कीजिए जब त्रिज्या 5 cm है। Answer: 10π cm²/cm
- एक घन का आयतन 9 cm³/s की दर से बढ़ रहा है। यदि कोर की लंबाई 10 cm है, तो पृष्ठ का क्षेत्रफल किस दर से बढ़ रहा है? Answer: 3.6 cm²/s
Practice MCQs
Q1. अवकलज का उपयोग राशियों के परिवर्तन की दर ज्ञात करने में किया जाता है। यदि y = f(x), तो x के सापेक्ष y के परिवर्तन की दर क्या है?
Explanation: अवकलज dy/dx, x के सापेक्ष y के परिवर्तन की दर को दर्शाता है।
Q2. यदि एक राशि y, समय t के सापेक्ष परिवर्तित हो रही है, तो dy/dt क्या दर्शाता है?
Explanation: dy/dt, समय t के सापेक्ष राशि y के परिवर्तन की दर को दर्शाता है।
Q3. एक वृत्त के क्षेत्रफल A = πr² का त्रिज्या r के सापेक्ष अवकलज क्या है?
Explanation: A = πr² का r के सापेक्ष अवकलन करने पर dA/dr = 2πr प्राप्त होता है।
Q4. श्रृंखला नियम (Chain Rule) का उपयोग कब किया जाता है?
Explanation: श्रृंखला नियम का उपयोग तब किया जाता है जब x और y दोनों एक तीसरे चर t के सापेक्ष परिवर्तित हो रहे हों, जैसे dy/dx = (dy/dt) / (dx/dt)।
Q5. घन के आयतन V = x³ का कोर की लंबाई x के सापेक्ष अवकलज क्या है?
Explanation: V = x³ का x के सापेक्ष अवकलन करने पर dV/dx = 3x² प्राप्त होता है।
Frequently asked questions
अवकलज के अनुप्रयोग अध्याय में मुख्य रूप से क्या सिखाया जाता है?
इस अध्याय में अवकलज का उपयोग राशियों के परिवर्तन की दर ज्ञात करने, स्पर्शरेखा और अभिलंब के समीकरण निकालने, फलन के उच्चतम और निम्नतम मान ज्ञात करने, वर्धमान और ह्रासमान अंतरालों का निर्धारण करने और सन्निकट मान प्राप्त करने में सिखाया जाता है।
क्या अवकलज का उपयोग वास्तविक जीवन की समस्याओं में होता है?
हाँ, अवकलज का उपयोग इंजीनियरिंग, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अर्थशास्त्र जैसे कई क्षेत्रों में राशियों के परिवर्तन की दर का विश्लेषण करने और अनुकूलन (optimization) समस्याओं को हल करने के लिए किया जाता है।
श्रृंखला नियम (Chain Rule) क्या है और इसका उपयोग कब होता है?
श्रृंखला नियम तब लागू होता है जब दो राशियाँ एक तीसरे चर के सापेक्ष परिवर्तित हो रही हों। यह हमें एक राशि के परिवर्तन की दर को दूसरे चर के सापेक्ष ज्ञात करने में मदद करता है, जैसे dy/dx = (dy/dt) / (dx/dt)।
किसी फलन के उच्चतम और निम्नतम मान ज्ञात करने में अवकलज कैसे सहायक होता है?
अवकलज का उपयोग करके फलन के क्रांतिक बिंदु (critical points) ज्ञात किए जाते हैं, जहाँ फलन का मान अधिकतम या न्यूनतम हो सकता है। प्रथम और द्वितीय अवकलज परीक्षण इन मानों को निर्धारित करने में मदद करते हैं।
सन्निकटन मान (Approximation) ज्ञात करने में अवकलज की क्या भूमिका है?
अवकलज का उपयोग करके, हम किसी फलन के मान को किसी ज्ञात बिंदु के पास सन्निकट रूप से ज्ञात कर सकते हैं, जो जटिल गणनाओं को सरल बनाने में उपयोगी होता है।
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NCERT Class 12 Mathematics — Ganit-I — Chapter 6 — गणित. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.