NCERT Class 12 Biology Jeev Vigyan: Chapter 9 — इकाई नौ जैव प्रौद्योगिकी
यह इकाई नौ, जैव प्रौद्योगिकी, आधुनिक जीव विज्ञान की एक महत्वपूर्ण शाखा पर केंद्रित है, जिसने 20वीं शताब्दी में स्वास्थ्य और खाद्य उत्पादन में क्रांति ला दी है। अध्याय 9, 'जैव प्रौद्योगिकी – सिद्धांत व प्रक्रम', इस क्षेत्र के मूलभूत सिद्धांतों और अनुप्रयोगों की पड़ताल करता है। इसमें हर्बर्ट बोयर के प्रतिबंध एंजाइमों पर किए गए शोध का वर्णन है, जिन्होंने डीएनए को विशिष्ट स्थानों पर काटना संभव बनाया। उनकी खोज ने स्टेनली कोहेन के प्लाज्मिड पर किए गए काम के साथ मिलकर, डीएनए को पुनर्व्यवस्थित करने और इसे जीवाणु कोशिकाओं में डालने की नींव रखी। यह सफल पुनर्संयोजन तकनीक आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी का आधार है, जो विशिष्ट प्रोटीन का उत्पादन करने वाले पौधों के विकास को सक्षम बनाती है। यह अध्याय छात्रों को जैव प्रौद्योगिकी की शक्ति और क्षमता को समझने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Biology |
| Book | Jeev Vigyan |
| Chapter | Chapter 9 — इकाई नौ जैव प्रौद्योगिकी |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 436 |
Learning outcomes
- जैव प्रौद्योगिकी के मूलभूत सिद्धांतों को समझना।
- प्रतिबंध एंजाइमों और प्लाज्मिड की भूमिका का विश्लेषण करना।
- पुनर्योगज डीएनए तकनीक की प्रक्रिया को समझना।
- जैव प्रौद्योगिकी के प्रारंभिक अनुप्रयोगों की पहचान करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| जैव प्रौद्योगिकी | जैविक प्रणालियों या जीवों का उपयोग करके उत्पाद या प्रौद्योगिकियां विकसित करना। |
| प्रतिबंध एंजाइम | डीएनए को विशिष्ट अनुक्रमों पर काटने वाले एंजाइम। |
| प्लाज्मिड | जीवाणु कोशिकाओं में पाए जाने वाले छोटे, गोलाकार डीएनए अणु जो मुख्य गुणसूत्र से स्वतंत्र रूप से प्रतिकृति करते हैं। |
| पुनर्योगज डीएनए | विभिन्न स्रोतों से डीएनए खंडों को मिलाकर बनाया गया डीएनए। |
| प्रतिकृति | डीएनए की एक प्रति बनाने की प्रक्रिया। |
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Practice questions
- प्रतिबंध एंजाइमों की क्या विशेषता है? Answer: वे डीएनए स्ट्रैंड्स को एक विशेष आकृति में काटते हैं।
- प्लाज्मिड क्या होते हैं? Answer: जीवाणु कोशिकाओं में पाए जाने वाले छोटे, गोलाकार डीएनए अणु।
- बोयर और कोहेन की खोज का क्या महत्व था? Answer: इसने वांछित विन्यास में डीएनए के खंडों को पुनर्व्यवस्थित करने और जीवाणुवीय कोशिकाओं में सन्निवेश करने का मार्ग प्रशस्त किया।
Practice MCQs
Q1. किस वैज्ञानिक ने प्रतिबंध एंजाइमों पर अध्ययन किया जिन्होंने डीएनए को विशिष्ट आकृति में काटा?
Explanation: हर्बर्ट बोयर ने प्रतिबंध एंजाइमों पर अध्ययन किया और पाया कि उनमें डीएनए स्ट्रैंड्स को एक विशेष आकृति में काटने की क्षमता होती है।
Q2. प्लाज्मिड क्या होते हैं?
Explanation: प्लाज्मिड जीवाणुवीय कोशिकाओं के कोशिकाद्रव्य में मुक्त रूप से तैरने वाले डीएनए के छोटे रिंगलेट होते हैं जो स्वतंत्र रूप से प्रतिकृत करते हैं।
Q3. बोयर और कोहेन की खोज ने किस तकनीक की नींव रखी?
Explanation: उनकी खोजों ने वांछित विन्यास में डीएनए के खंडों को पुनर्व्यवस्थित करने और जीवाणुवीय कोशिकाओं में सन्निवेश करने की क्षमता प्रदान की, जो पुनर्योगज डीएनए तकनीक का आधार है।
Q4. जैव प्रौद्योगिकी 20वीं शताब्दी में किस क्षेत्र की एक प्रशाखा है?
Explanation: जैव प्रौद्योगिकी को 20वीं शताब्दी में आधुनिक जीव विज्ञान की एक प्रशाखा के रूप में परिभाषित किया गया है जिसने हमारे जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं।
Frequently asked questions
जैव प्रौद्योगिकी क्या है?
जैव प्रौद्योगिकी आधुनिक जीव विज्ञान की एक प्रशाखा है जो उत्पादों या प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए जैविक प्रणालियों या जीवों का उपयोग करती है, जिसने स्वास्थ्य और खाद्य उत्पादन में सुधार किया है।
प्रतिबंध एंजाइमों का क्या कार्य है?
प्रतिबंध एंजाइम डीएनए स्ट्रैंड्स को एक विशेष आकृति में काटने की क्षमता रखते हैं, जो पुनर्योगज डीएनए तकनीक के लिए महत्वपूर्ण है।
प्लाज्मिड क्या होते हैं और उनका क्या महत्व है?
प्लाज्मिड जीवाणु कोशिकाओं में पाए जाने वाले छोटे, गोलाकार डीएनए अणु होते हैं जो स्वतंत्र रूप से प्रतिकृति करते हैं। वे डीएनए खंडों को एक कोशिका से दूसरी कोशिका में ले जाने के लिए वाहक के रूप में कार्य कर सकते हैं।
पुनर्योगज डीएनए तकनीक का मूल सिद्धांत क्या है?
यह तकनीक डीएनए के खंडों को वांछित विन्यास में पुनर्व्यवस्थित करने और उन्हें जीवाणु कोशिकाओं में सन्निवेश करने पर आधारित है, जिससे विशिष्ट प्रोटीन का उत्पादन संभव होता है।
हर्बर्ट बोयर और स्टेनली कोहेन का जैव प्रौद्योगिकी में क्या योगदान था?
हर्बर्ट बोयर ने प्रतिबंध एंजाइमों की खोज की, जबकि स्टेनली कोहेन ने प्लाज्मिड पर काम किया। इन दोनों की खोजों ने मिलकर पुनर्योगज डीएनए तकनीक की नींव रखी।
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NCERT Class 12 Biology — Jeev Vigyan — Chapter 9 — इकाई नौ जैव प्रौद्योगिकी. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.