NCERT Class 12 Biology Jeev Vigyan: Chapter 10 — 1 कृषि में जैव प्रौद्योगिकी के उपयोग
यह अध्याय 10, 'जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग', जैव प्रौद्योगिकी के विभिन्न अनुप्रयोगों पर प्रकाश डालता है, विशेष रूप से कृषि और चिकित्सा के क्षेत्रों में। इसमें आनुवंशिक रूप से रूपांतरित सूक्ष्मजीवों, कवकों, पौधों और जानवरों का उपयोग करके जैव-औषधीय और जैविक उत्पादों के औद्योगिक उत्पादन की चर्चा की गई है। अध्याय कृषि में जैव प्रौद्योगिकी के उपयोग पर विस्तार से बताता है, जिसमें ऊतक संवर्धन (tissue culture) जैसी तकनीकों का वर्णन है, जो कम समय में बड़ी संख्या में आनुवंशिक रूप से समान पौधे (सोमाक्लोन) उत्पन्न करने में सक्षम बनाती है। यह विधि रोग-मुक्त पौधे तैयार करने और कायिक संकरण (somatic hybridization) द्वारा नए संकर पौधे बनाने में भी सहायक है। यह अध्याय छात्रों को जैव प्रौद्योगिकी की शक्ति और मानव जीवन को बेहतर बनाने में इसकी भूमिका को समझने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | Biology |
| Book | Jeev Vigyan |
| Chapter | Chapter 10 — 1 कृषि में जैव प्रौद्योगिकी के उपयोग |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 744 |
Learning outcomes
- जैव प्रौद्योगिकी के औद्योगिक अनुप्रयोगों को समझना।
- कृषि में जैव प्रौद्योगिकी के महत्व को जानना।
- ऊतक संवर्धन (tissue culture) की प्रक्रिया और महत्व को समझना।
- सोमाक्लोन और कायिक संकरण की अवधारणाओं को स्पष्ट करना।
- रोग-मुक्त पौधे उगाने में जैव प्रौद्योगिकी की भूमिका को पहचानना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| जैव प्रौद्योगिकी | जैविक प्रणालियों या जीवों का उपयोग करके उत्पाद या प्रौद्योगिकियां विकसित करना। |
| आनुवंशिक रूप से रूपांतरित | ऐसे जीव जिनके आनुवंशिक पदार्थ (DNA) में परिवर्तन किया गया हो। |
| ऊतक संवर्धन | प्रयोगशाला में पोषक माध्यम पर पौधों के ऊतकों या कोशिकाओं को उगाना। |
| सोमाक्लोन | ऊतक संवर्धन द्वारा उत्पन्न आनुवंशिक रूप से समान पौधे। |
| विभज्योतक | पौधों में सक्रिय रूप से विभाजित होने वाली कोशिकाएं (जैसे शीर्ष और कक्षीय)। |
| कायिक संकरण | दो विभिन्न पादप किस्मों के प्रोटोप्लास्ट को मिलाकर नया संकर पौधा बनाना। |
| प्रोटोप्लास्ट | कोशिका भित्ति के बिना कोशिका (जैसे पादप कोशिका से कोशिका भित्ति हटाने पर)। |
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Practice questions
- ऊतक संवर्धन क्या है? Answer: ऊतक संवर्धन प्रयोगशाला में पोषक माध्यम पर पौधों के ऊतकों या कोशिकाओं को उगाकर नए पौधे उत्पन्न करने की विधि है।
- सोमाक्लोन किसे कहते हैं? Answer: सोमाक्लोन ऊतक संवर्धन द्वारा उत्पन्न ऐसे पौधे होते हैं जो आनुवंशिक रूप से मूल पादप के समान होते हैं।
- रोग-मुक्त पौधे प्राप्त करने के लिए ऊतक संवर्धन का उपयोग कैसे किया जाता है? Answer: विषाणु से संक्रमित पादप के विभज्योतक (जो प्रायः विषाणु से अप्रभावित रहते हैं) को अलग कर विट्रो में उगाकर विषाणु मुक्त पौधे तैयार किए जाते हैं।
- कायिक संकरण का क्या अर्थ है? Answer: कायिक संकरण दो विभिन्न पादप किस्मों के प्रोटोप्लास्ट को युग्मित करके एक नया संकर पौधा बनाने की प्रक्रिया है।
Practice MCQs
Q1. ऊतक संवर्धन द्वारा उत्पन्न आनुवंशिक रूप से समान पौधों को क्या कहा जाता है?
Explanation: ऊतक संवर्धन से उत्पन्न आनुवंशिक रूप से मूल पादप के समान पौधों को सोमाक्लोन कहा जाता है।
Q2. विषाणु से संक्रमित पादप से विषाणु-मुक्त पौधे प्राप्त करने के लिए किस भाग का उपयोग किया जाता है?
Explanation: पादप के विभज्योतक (शीर्ष और कक्षीय) प्रायः विषाणु से अप्रभावित रहते हैं, इसलिए इनका उपयोग विषाणु-मुक्त पौधे उगाने में होता है।
Q3. दो विभिन्न पादप किस्मों के प्रोटोप्लास्ट को मिलाकर नया पौधा बनाने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
Explanation: दो विभिन्न पादप किस्मों के प्रोटोप्लास्ट को मिलाकर नया पौधा बनाने की प्रक्रिया कायिक संकरण कहलाती है।
Q4. टमाटर और आलू के प्रोटोप्लास्ट के संकरण से बने काल्पनिक पौधे का उदाहरण क्या दिया गया है?
Explanation: अध्याय में टमाटर और आलू के प्रोटोप्लास्ट के संकरण से बने काल्पनिक पौधे को 'पोमेटो' का उदाहरण दिया गया है।
Q5. खाद्य उत्पादन में वृद्धि के लिए तीन संभावनाओं में से कौन सी एक नहीं है?
Explanation: अध्याय में खाद्य उत्पादन वृद्धि के लिए कृषि रसायन आधारित, जैविक कृषि और आनुवंशिक रूप से निर्मित फसल आधारित कृषि का उल्लेख है, पशुपालन आधारित कृषि का नहीं।
Frequently asked questions
जैव प्रौद्योगिकी का उपयोग किन-किन क्षेत्रों में हो रहा है?
जैव प्रौद्योगिकी का उपयोग चिकित्सा शास्त्र, निदान, कृषि (आनुवंशिक रूप से रूपांतरित फसलें), संसाधित खाद्य, जैव सुधार, अपशिष्ट प्रतिपादन और ऊर्जा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में हो रहा है।
ऊतक संवर्धन विधि से क्या लाभ है?
ऊतक संवर्धन विधि से अत्यंत अल्प अवधि में हजारों की संख्या में आनुवंशिक रूप से मूल पादप के समान (सोमाक्लोन) पौधे उत्पन्न किए जा सकते हैं।
क्या ऊतक संवर्धन से रोग-मुक्त पौधे प्राप्त किए जा सकते हैं?
हाँ, यदि पादप विषाणु से संक्रमित हो, तब भी उसके विभज्योतक (मेरेस्टेम) विषाणु से अप्रभावित रहते हैं। इन विभज्योतकों को विट्रो में उगाकर विषाणु मुक्त पौधे तैयार किए जा सकते हैं।
कायिक संकरण क्या है?
कायिक संकरण वह प्रक्रिया है जिसमें पादपों की दो विभिन्न किस्मों से अलग किए गए प्रोटोप्लास्ट को युग्मित करके एक नया संकर पौधा उत्पन्न किया जाता है।
हरित क्रांति के बावजूद खाद्य आपूर्ति में क्या समस्या है?
हरित क्रांति से खाद्य आपूर्ति में वृद्धि हुई है, लेकिन बढ़ती जनसंख्या का पेट भर पाना अभी भी संभव नहीं है, खासकर विकासशील देशों में जहाँ कृषि रसायन महंगे हैं।
सोमाक्लोन का क्या अर्थ है?
सोमाक्लोन ऊतक संवर्धन द्वारा उत्पन्न ऐसे पौधे होते हैं जो आनुवंशिक रूप से उस मूल पादप के समान होते हैं जहाँ से वे प्राप्त किए गए हैं।
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NCERT Class 12 Biology — Jeev Vigyan — Chapter 10 — 1 कृषि में जैव प्रौद्योगिकी के उपयोग. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.