NCERT Class 11 Chemistry Rasayan Vigyan bhag-I: Chapter 5 — ऊष्मागतिकी
यह अध्याय, ऊष्मागतिकी (Thermodynamics), रासायनिक अभिक्रियाओं और ऊर्जा रूपांतरणों का अध्ययन प्रस्तुत करता है। यह निकाय (system) और परिवेश (surroundings) जैसी महत्वपूर्ण शब्दावली को परिभाषित करता है, और खुले, बंद तथा विलगित निकायों के बीच अंतर स्पष्ट करता है। अध्याय ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम, आंतरिक ऊर्जा, कार्य और ऊष्मा की अवधारणाओं की व्याख्या करता है, साथ ही अवस्था-फलन (state functions) जैसे U और H को भी समझाता है। यह एन्थैल्पी परिवर्तन (∆H) की गणना और हेस के नियम के अनुप्रयोग पर भी प्रकाश डालता है। इसके अतिरिक्त, यह स्वतःप्रवर्तित (spontaneous) और असं.स्वतःप्रवर्तित (non-spontaneous) प्रक्रमों, एन्ट्रापी (entropy) और मुक्त-ऊर्जा परिवर्तन (∆G) के बीच संबंध स्थापित करता है। यह अध्याय छात्रों को रासायनिक अभिक्रियाओं में ऊर्जा परिवर्तनों को समझने और उनकी दिशा तथा सीमा का निर्धारण करने में मदद करता है, जो CBSE रसायन विज्ञान पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Chemistry |
| Book | Rasayan Vigyan bhag-I |
| Chapter | Chapter 5 — ऊष्मागतिकी |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 5 minutes |
| Word count | 875 |
Learning outcomes
- निकाय एवं परिवेश पदों को समझना।
- खुला, बंद एवं विलगित निकाय में अंतर करना।
- आंतरिक ऊर्जा, कार्य एवं ऊष्मा को समझना।
- ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम को व्यक्त करना और उसका गणितीय रूप लिखना।
- रासायनिक निकायों में ऊर्जा-परिवर्तन की गणना करना।
- स्वतःप्रवर्तित एवं असं.स्वतःप्रवर्तित प्रक्रमों को परिभाषित करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| निकाय | वह भाग जिस पर प्रेक्षण किए जाते हैं। |
| परिवेश | निकाय को छोड़कर ब्रह्मांड का शेष भाग। |
| परिसीमा | वह दीवार जो निकाय एवं परिवेश को पृथक करती है। |
| खुला निकाय | जिसमें ऊर्जा एवं द्रव्य दोनों का विनिमय हो सकता है। |
| बंद निकाय | जिसमें केवल ऊर्जा का विनिमय हो सकता है, द्रव्य का नहीं। |
| विलगित निकाय | जिसमें द्रव्य एवं ऊर्जा दोनों का विनिमय संभव नहीं होता है। |
| आंतरिक ऊर्जा | निकाय के अंदर संग्रहीत कुल ऊर्जा। |
| कार्य | ऊर्जा का एक रूप जो बल द्वारा विस्थापन उत्पन्न करने में प्रयुक्त होता है। |
| ऊष्मा | तापमान के अंतर के कारण स्थानांतरित ऊर्जा। |
| अवस्था-फलन | वह गुण जिसका मान केवल निकाय की वर्तमान अवस्था पर निर्भर करता है। |
| एन्थैल्पी | स्थिर दाब पर निकाय की कुल ऊर्जा। |
| एन्ट्रापी | निकाय की अव्यवस्था या यादृच्छिकता का माप। |
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Practice questions
- ऊष्मागतिकी में निकाय और परिवेश को परिभाषित करें। Answer: निकाय वह भाग है जिस पर प्रेक्षण किए जाते हैं, और परिवेश निकाय को छोड़कर ब्रह्मांड का शेष भाग है।
- खुले, बंद और विलगित निकाय में क्या अंतर है? Answer: खुले निकाय में द्रव्य और ऊर्जा दोनों का विनिमय होता है, बंद निकाय में केवल ऊर्जा का, और विलगित निकाय में न द्रव्य का न ऊर्जा का विनिमय होता है।
- ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम क्या है? Answer: ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण का नियम है, जिसके अनुसार ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट, केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।
- अवस्था-फलन (state function) का एक उदाहरण दीजिए। Answer: आंतरिक ऊर्जा (U) और एन्थैल्पी (H) अवस्था-फलन के उदाहरण हैं।
- स्वतःप्रवर्तित प्रक्रम (spontaneous process) से आप क्या समझते हैं? Answer: स्वतःप्रवर्तित प्रक्रम वह प्रक्रम है जो बिना किसी बाहरी सहायता के स्वतः होता है।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा एक बंद निकाय का उदाहरण है?
Explanation: बंद निकाय में द्रव्य का विनिमय संभव नहीं होता, केवल ऊर्जा का विनिमय होता है। सीलबंद फ्लास्क में पानी उबलने पर भाप बाहर नहीं निकल सकती, लेकिन ऊष्मा बाहर निकल सकती है।
Q2. ऊष्मागतिकी के अनुसार, ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट, यह किस नियम को दर्शाता है?
Explanation: ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण का नियम है, जो बताता है कि ऊर्जा को न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा एक अवस्था-फलन (state function) है?
Explanation: आंतरिक ऊर्जा एक अवस्था-फलन है क्योंकि इसका मान केवल निकाय की वर्तमान अवस्था पर निर्भर करता है, न कि उस पथ पर जिससे वह अवस्था प्राप्त हुई है।
Q4. एक विलगित निकाय (isolated system) में क्या संभव है?
Explanation: विलगित निकाय में निकाय और परिवेश के मध्य द्रव्य और ऊर्जा दोनों का विनिमय संभव नहीं होता है।
Q5. एन्थैल्पी (H) को कैसे परिभाषित किया जाता है?
Explanation: एन्थैल्पी (H) को आंतरिक ऊर्जा (U) और दाब (P) तथा आयतन (V) के गुणनफल के योग के रूप में परिभाषित किया जाता है: H = U + PV।
Frequently asked questions
ऊष्मागतिकी क्या है?
ऊष्मागतिकी ऊर्जा के विभिन्न रूपों और उनके रूपांतरणों का अध्ययन है, विशेष रूप से ऊष्मा और कार्य के संदर्भ में।
निकाय और परिवेश में क्या अंतर है?
ऊष्मागतिकी में, निकाय वह क्षेत्र है जिसका अध्ययन किया जा रहा है, और परिवेश निकाय के बाहर का सब कुछ है।
ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम का क्या महत्व है?
यह नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत को बताता है, जो रासायनिक और भौतिक प्रक्रियाओं में ऊर्जा के व्यवहार को समझने के लिए मौलिक है।
अवस्था-फलन (state function) क्या होते हैं?
अवस्था-फलन वे गुण होते हैं जिनका मान केवल निकाय की वर्तमान अवस्था पर निर्भर करता है, न कि उस पथ पर जिससे वह अवस्था प्राप्त हुई है।
एन्थैल्पी परिवर्तन (∆H) क्या दर्शाता है?
एन्थैल्पी परिवर्तन स्थिर दाब पर होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं में ऊष्मा परिवर्तन को दर्शाता है।
एन्ट्रापी (Entropy) क्या है?
एन्ट्रापी निकाय की अव्यवस्था या यादृच्छिकता का माप है।
मुक्त-ऊर्जा परिवर्तन (∆G) स्वतःप्रवर्तितता के बारे में क्या बताता है?
मुक्त-ऊर्जा परिवर्तन का ऋणात्मक मान (∆G < 0) एक स्वतःप्रवर्तित प्रक्रम को इंगित करता है।
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NCERT Class 11 Chemistry — Rasayan Vigyan bhag-I — Chapter 5 — ऊष्मागतिकी. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.