NCERT Class 11 Chemistry Rasayan Vigyan bhag-I: Chapter 4 — रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना

NCERT CBSE Class 11 Chemistry Rasayan Vigyan bhag-I Chapter 4 Hindi PDF

This chapter, 'Chemical Bonding and Molecular Structure' from NCERT Class 11 Chemistry (Rasayan Vigyan bhag-I), explores the fundamental concepts of how atoms combine to form molecules. It introduces the Kossel-Lewis concept of chemical bonding, explaining the octet rule and its limitations. The chapter details the formation of chemical bonds through electron transfer (ionic bonding) and electron sharing (covalent bonding), using Lewis symbols to represent valence electrons. It also touches upon various theories like VSEPR, Valence Bond Theory, and Molecular Orbital Theory that explain molecular geometry and bonding. Understanding these principles is crucial for explaining the properties and behavior of chemical compounds, aiding students in their CBSE Chemistry studies.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectChemistry
BookRasayan Vigyan bhag-I
ChapterChapter 4 — रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time6 minutes
Word count1080

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
रासायनिक आबंधानChemical bonding
आण्विक संरचनाMolecular structure
अष्टक नियमOctet rule
संयोजकताValency
इलेक्ट्राॅनElectron
उत्कृष्ट गैसNoble gas
स्थायित्वStability
धनायनCation
ऋणायनAnion
स्थिर वैद्युतरElectrostatic
सहभाजनSharing
लूइस प्रतीकLewis symbol

The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.

Read chapter online

This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Practice questions

  1. रासायनिक आबंधान से आप क्या समझते हैं? Answer: विभिन्न रासायनिक स्पीशीश में उनके घटक परमाणुओं, आयनों इत्यादि को संलग्न रखने वाले बल को रासायनिक आबंधान कहते हैं।
  2. अष्टक नियम क्या है? Answer: अष्टक नियम के अनुसार, परमाणु रासायनिक आबंध द्वारा संयुक्त होकर अपने बाह्यतम कोश में आठ इलेक्ट्राॅन (अष्टक) प्राप्त करके स्थायी विन्यास प्राप्त करते हैं।
  3. लूइस प्रतीक क्या दर्शाता है? Answer: लूइस प्रतीक किसी परमाणु के संयोजकता इलेक्ट्राॅनों की संख्या को दर्शाता है।
  4. NaCl के निर्माण में किस प्रकार का आबंध बनता है? Answer: NaCl के निर्माण में आयनिक आबंध बनता है, जो सोडियम धनायन (Na+) और क्लोराइड ऋणायन (Cl-) के बीच स्थिर वैद्युतर आकर्षण द्वारा बनता है।

Practice MCQs

Q1. उत्कृष्ट गैसों के अलावा, सामान्य स्थितियों में कोई अन्य तत्त्व स्वतंत्रा परमाणु के रूप में क्यों विद्यमान नहीं होता है?

Q2. काॅसेल-लूइस अवधारणा के अनुसार, रासायनिक आबंध का मुख्य कारण क्या है?

Q3. सोडियम (Na) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ne] 3s¹ है। NaCl के निर्माण में यह किस प्रकार आयन बनाता है?

Q4. लूइस प्रतीक में बिंदुओं की संख्या क्या दर्शाती है?

Q5. हीलियम (He) उत्कृष्ट गैस होते हुए भी अष्टक नियम का अपवाद क्यों है?

Frequently asked questions

रासायनिक आबंध क्यों बनते हैं?

परमाणु रासायनिक आबंध द्वारा संयुक्त होकर अधिक स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (अष्टक नियम) प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

काॅसेल-लूइस सिद्धांत क्या है?

यह सिद्धांत बताता है कि परमाणु रासायनिक आबंध द्वारा अपने बाह्यतम कोश में आठ इलेक्ट्रॉन (अष्टक) प्राप्त करके स्थायित्व प्राप्त करते हैं, जो उत्कृष्ट गैसों के समान होता है।

लूइस प्रतीक का क्या उपयोग है?

लूइस प्रतीक किसी परमाणु के संयोजकता इलेक्ट्राॅनों को दर्शाने का एक सरल तरीका है, जो रासायनिक आबंधों को समझने में मदद करता है।

अष्टक नियम की मुख्य सीमाएँ क्या हैं?

अष्टक नियम कुछ अणुओं जैसे BF₃, PCl₅, SF₆ आदि की व्याख्या नहीं कर पाता है और यह उन अणुओं के लिए भी लागू नहीं होता जिनमें विषम संख्या में इलेक्ट्रॉन होते हैं।

आयनिक आबंध और सहसंयोजी आबंध में क्या अंतर है?

आयनिक आबंध इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण स्थानांतरण से बनता है, जबकि सहसंयोजी आबंध इलेक्ट्रॉनों के साझा करने से बनता है।

हाइड्रोजन आबंध क्या है?

हाइड्रोजन आबंध एक विशेष प्रकार का द्विध्रुव-द्विध्रुव आकर्षण है जो तब होता है जब हाइड्रोजन परमाणु एक अत्यधिक विद्युत्-ऋणात्मक परमाणु (जैसे F, O, या N) से जुड़ा होता है।

Related resources

Important topics

रासायनिक आबंधान की काॅसेल-लूइस अवधारणा लूइस प्रतीक और उनका महत्व अष्टक नियम तथा इसकी सीमाएँ आयनिक आबंध का निर्माण (उदा. NaCl, CaF₂) सहसंयोजी आबंध का निर्माण (इलेक्ट्राॅन सहभाजन) वी. एस. ई. पी. आर. सि(ांत द्वारा आण्विक ज्यामिति की प्रागुक्ति संयोजकता आबंध सि(ांत हाइड्रोजन आबंध की संकल्पना

Topics covered

रासायनिक आबंधान की काॅसेल-लूइस अवधारणा लूइस प्रतीक संयोजकता इलेक्ट्राॅन अष्टक नियम स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास आयनिक आबंध सहसंयोजी आबंध वी. एस. ई. पी. आर. सि(ांत संयोजकता आबंध सि(ांत आण्विक कक्षक सि(ांत हाइड्रोजन आबंध

NCERT Class 11 Chemistry — Rasayan Vigyan bhag-I — Chapter 4 — रासायनिक आबंधन तथा आण्विक संरचना. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.