NCERT Class 11 Chemistry Rasayan Vigyan bhag-I: Chapter 3 — तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता

NCERT CBSE Class 11 Chemistry Rasayan Vigyan bhag-I Chapter 3 Hindi PDF

This chapter, 'Classification of Elements and Periodicity in Properties' (तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधार्मों में आव£तता), is crucial in Chemistry. It explains that chemical elements are not scattered but exhibit similarities in organized groups, forming the periodic table. The chapter details the historical development of the periodic table, starting from Döbereiner's Triads, de Chancourtois's classification, and Newlands's Law of Octaves. It highlights the significant contributions of Dmitri Mendeleev and Lothar Meyer in proposing that properties repeat at regular intervals when elements are arranged by increasing atomic weight. The chapter emphasizes the necessity of classifying elements to study their vast number and numerous compounds systematically, aiding both current understanding and future discoveries. It also introduces the concept of atomic number and electronic configuration as the basis for modern periodic classification and the IUPAC naming system for elements with atomic numbers over 100.

Quick info

BoardCBSE / NCERT
ClassClass 11
SubjectChemistry
BookRasayan Vigyan bhag-I
ChapterChapter 3 — तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता
LanguageHindi
PDF typeNCERT Textbook
SessionCBSE 2026
Reading time6 minutes
Word count1031

Learning outcomes

Vocabulary

WordMeaning
त्रिकTriad (a group of three elements with similar properties)
परमाणु-भारAtomic weight
अष्टक नियमLaw of Octaves
आवर्तीPeriodic
इलेक्ट्राॅनिक विन्यासElectronic configuration
परमाणु-संख्याAtomic number
आयनन एंथैल्पीIonization enthalpy
विद्युत् ट्टणात्मकताElectronegativity

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Practice questions

  1. डाॅबेराइनर के त्रिक नियम का एक उदाहरण दीजिए। Answer: लिथियम (Li), सोडियम (Na), और पोटेशियम (K) एक त्रिक बनाते हैं। Li का परमाणु-भार 7, Na का 23, और K का 39 है। (7+39)/2 = 23, जो Na के परमाणु-भार के लगभग बराबर है।
  2. न्यूलैंड के अष्टक नियम की सीमाएँ क्या थीं? Answer: न्यूलैंड का अष्टक नियम केवल कैल्शियम (Ca) तक के हल्के तत्वों के लिए ही लागू होता था। भारी तत्वों के लिए यह नियम लागू नहीं हुआ और बाद में इसमें कुछ और तत्वों को भी फिट करने के लिए समायोजन करना पड़ा।
  3. तत्त्वों के वर्गीकरण की आवश्यकता क्यों पड़ी? Answer: ज्ञात तत्वों की संख्या बढ़ने के साथ, उनके अनगिनत यौगिकों का अलग-अलग अध्ययन करना कठिन हो गया। वर्गीकरण ने अध्ययन को व्यवस्थित और आसान बनाया, जिससे तत्वों के रासायनिक तथ्यों को सुसंगत रूप से समझा जा सके।

Practice MCQs

Q1. सन 1829 में किस रसायनज्ञ ने तत्त्वों के त्रिकों का नियम प्रस्तुत किया?

Q2. न्यूलैंड के अष्टक नियम के अनुसार, प्रत्येक आठवें तत्व के गुणधर्म किसके समान होते हैं?

Q3. किस रसायनज्ञ को आधुनिक आवर्त सारणी के विकास का श्रेय दिया जाता है?

Q4. तत्त्वों का वर्गीकरण मुख्य रूप से किस पर आधारित है?

Q5. 100 से अधिक परमाणु-क्रमांक वाले तत्वों के नामकरण के लिए किस संस्था का उपयोग किया जाता है?

Frequently asked questions

तत्त्वों का वर्गीकरण क्यों महत्वपूर्ण है?

तत्त्वों का वर्गीकरण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें बड़ी संख्या में तत्वों और उनके यौगिकों के गुणों का व्यवस्थित अध्ययन करने में मदद करता है, जिससे रसायन विज्ञान को समझना आसान हो जाता है।

डाॅबेराइनर के त्रिक नियम का क्या सिद्धांत था?

डाॅबेराइनर के त्रिक नियम के अनुसार, समान रासायनिक गुणधर्म वाले तीन तत्वों को उनके परमाणु भार के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करने पर, बीच वाले तत्व का परमाणु भार अन्य दो के परमाणु भार के औसत के लगभग बराबर होता है।

न्यूलैंड के अष्टक नियम ने किस प्रकार तत्वों को व्यवस्थित किया?

न्यूलैंड ने तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु भार के क्रम में व्यवस्थित किया और पाया कि प्रत्येक आठवें तत्व के गुणधर्म पहले तत्व के समान होते हैं, जो संगीत के आठवें स्वर के समान है।

आधुनिक आवर्त सारणी का आधार क्या है?

आधुनिक आवर्त सारणी का आधार तत्वों की परमाणु संख्या और उनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास हैं, जो उनके भौतिक और रासायनिक गुणों में आवर्तीता को दर्शाते हैं।

मेंडलीव ने आवर्त सारणी के विकास में क्या योगदान दिया?

दिमित्री मेंडलीव ने तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु भार के क्रम में व्यवस्थित करके एक आवर्त सारणी प्रस्तावित की, जिसमें उन्होंने कुछ खाली स्थान छोड़े थे और भविष्य में खोजे जाने वाले तत्वों के गुणों की भविष्यवाणी भी की थी।

तत्त्वों को s, p, d, और f ब्लॉक में क्यों वर्गीकृत किया गया है?

तत्त्वों को उनके अंतिम इलेक्ट्रॉन के प्रवेश के आधार पर s, p, d, और f ब्लॉक में वर्गीकृत किया गया है, जो उनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और रासायनिक व्यवहार को समझने में मदद करता है।

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तत्त्वों का वर्गीकरण क्यों आवश्यक है? डाॅबेराइनर के त्रिक न्यूलैंड का अष्टक नियम मेंडलीव का योगदान और आवर्त सारणी आधुनिक आवर्त नियम परमाणु-संख्या और इलेक्ट्राॅनिक विन्यास का आधार s, p, d, f ब्लॉक भौतिक एवं रासायनिक गुणधार्मों में आवर्ती लक्षण

Topics covered

तत्त्वों का वर्गीकरण क्यों आवश्यक है? Z सारणी की उत्पत्ति डाॅबेराइनर के त्रिक चैनकोरटोइस का वर्गीकरण न्यूलैंड का अष्टक नियम मेंडलीव और लोथर मेयर का योगदान आधुनिक आवर्त नियम परमाणु-संख्या और इलेक्ट्राॅनिक विन्यास का आधार s, p, d, f ब्लॉक भौतिक एवं रासायनिक गुणधार्मों में आवर्ती लक्षण आयनन एंथैल्पी विद्युत् ट्टणात्मकता

NCERT Class 11 Chemistry — Rasayan Vigyan bhag-I — Chapter 3 — तत्त्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों में आवर्तिता. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.