NCERT Class 11 Chemistry Rasayan Vigyan bhag-I: Chapter 2 — परमाणु की संरचना
यह अध्याय, परमाणु की संरचना, रसायन विज्ञान के मूल सिद्धांतों में से एक, की पड़ताल करता है। यह इलेक्ट्राॅन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन जैसे अवपरमाण्विक कणों की खोज और उनके गुणों से शुरू होता है। अध्याय डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की व्याख्या करता है, जो द्रव्य के परमाणु दृष्टिकोण पर आधारित था, और फिर थॉमसन, रदरफोर्ड और बोहर के परमाणु मॉडल की चर्चा करता है। यह विद्युत चुम्बकीय विकिरण की प्रकृति, प्लांक के क्वांटम सिद्धांत, प्रकाश विद्युत प्रभाव और परमाणुओं के स्पेक्ट्रा के बारे में भी बताता है। डी-ब्रोगली संबंध, हाइजेनबर्ग अनिश्चितता सिद्धांत, क्वांटम संख्याएँ, पाउली का अपवर्जन सिद्धांत और हुंड का नियम जैसे महत्वपूर्ण अवधारणाओं को भी शामिल किया गया है। अंत में, यह विभिन्न तत्वों के लिए इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखने पर केंद्रित है। यह अध्याय छात्रों को परमाणु की जटिल संरचना को समझने और रसायन विज्ञान की आगे की पढ़ाई के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करने में मदद करता है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Chemistry |
| Book | Rasayan Vigyan bhag-I |
| Chapter | Chapter 2 — परमाणु की संरचना |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 5 minutes |
| Word count | 921 |
Learning outcomes
- इलेक्ट्राॅन, प्रोटॉन तथा न्यूट्राॅन की खोज एवं उनके अभिलक्षणों को समझना।
- थॉमसन, रदरफोर्ड एवं बोहर के परमाणु मॉडलों का अध्ययन करना।
- परमाणु के क्वांटम यांत्रिकीय मॉडल के महत्वपूर्ण लक्षणों को समझना।
- विद्युत्-चुंबकीय विकिरण की प्रकृति एवं प्लांक के क्वांटम सिद्धांत को समझना।
- प्रकाश विद्युत-प्रभाव तथा परमाणुओं के स्पेक्ट्रमों के लक्षणों का अध्ययन करना।
- परमाणुओं के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| परमाणु | द्रव्य का मूल संरचनात्मक भाग जिसे विभाजित नहीं किया जा सकता। |
| इलेक्ट्राॅन | ऋणावेशित अवपरमाण्विक कण। |
| प्रोटॉन | धनावेशित अवपरमाण्विक कण। |
| न्यूट्रॉन | उदासीन अवपरमाण्विक कण। |
| वैफथोड किरणें | ऋणात्मक इलेक्ट्रोड (कैथोड) से धनात्मक इलेक्ट्रोड (एनोड) की ओर जाने वाली कणों की धारा। |
| स्पुफरदीप्त | पदार्थ जो विकिरण के संपर्क में आने पर प्रकाश उत्सर्जित करते हैं। |
| निर्वातित नलिका | कम दाब वाली काँच की नली जिसमें इलेक्ट्रोड लगे होते हैं। |
| विद्युत्-र्विन | विद्युत धारा का प्रवाह। |
| क्वांटम सिद्धांत | ऊर्जा के असतत पैकेट (क्वांटा) के रूप में उत्सर्जन या अवशोषण का सिद्धांत। |
| प्रकाश विद्युत-प्रभाव | जब प्रकाश किसी धातु की सतह पर पड़ता है तो इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन। |
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Practice questions
- डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की मुख्य मान्यताएँ क्या थीं? Answer: डाल्टन के अनुसार, परमाणु द्रव्य का अविभाज्य मूल कण है और एक तत्व के सभी परमाणु समान होते हैं।
- कैथोड किरणों की दो प्रमुख विशेषताएँ बताइए। Answer: कैथोड किरणें ऋणावेशित कणों से बनी होती हैं और सीधी रेखा में गमन करती हैं।
- इलेक्ट्राॅन की खोज का श्रेय किस वैज्ञानिक को जाता है? Answer: इलेक्ट्राॅन की खोज का श्रेय जे.जे. थॉमसन को जाता है।
- परमाणु के तीन मुख्य अवपरमाण्विक कण कौन से हैं? Answer: परमाणु के तीन मुख्य अवपरमाण्विक कण इलेक्ट्राॅन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन हैं।
Practice MCQs
Q1. किस वैज्ञानिक ने सर्वप्रथम वैज्ञानिक आधार पर द्रव्य का परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया?
Explanation: जॉन डाल्टन ने 1808 में पहली बार वैज्ञानिक आधार पर द्रव्य का परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया था।
Q2. कैथोड किरणें किस प्रकार के कणों से बनी होती हैं?
Explanation: कैथोड किरणों का व्यवहार ऋणावेशित कणों के समान होता है, इसलिए वे ऋणावेशित कणों (इलेक्ट्राॅन) से बनी होती हैं।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा परमाणु का मूल घटक नहीं है?
Explanation: इलेक्ट्राॅन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन परमाणु के मुख्य अवपरमाण्विक कण हैं, जबकि फोटॉन प्रकाश का कण है।
Q4. कैथोड किरण नलिका में, कैथोड से एनोड की ओर जाने वाली किरणों को क्या कहते हैं?
Explanation: कैथोड किरण नलिका में, ऋणात्मक इलेक्ट्रोड (कैथोड) से धनात्मक इलेक्ट्रोड (एनोड) की ओर जाने वाली किरणों को कैथोड किरणें कहा जाता है।
Q5. परमाणु शब्द ग्रीक भाषा के किस शब्द से उत्पन्न हुआ है?
Explanation: 'परमाणु' (atom) शब्द ग्रीक भाषा के 'atomio' शब्द से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ है 'न काटे जाने वाला' या 'अविभाज्य'।
Frequently asked questions
परमाणु की संरचना का अध्ययन क्यों महत्वपूर्ण है?
परमाणु की संरचना का अध्ययन विभिन्न तत्वों के रासायनिक व्यवहार को समझने और रासायनिक अभिक्रियाओं की व्याख्या करने के लिए मौलिक है।
कैथोड किरणों की खोज ने परमाणु की समझ को कैसे बदला?
कैथोड किरणों की खोज ने यह स्थापित किया कि परमाणु अविभाज्य नहीं हैं, बल्कि छोटे कणों (इलेक्ट्राॅन) से बने होते हैं, जो डाल्टन के सिद्धांत के विपरीत था।
डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की क्या सीमाएँ थीं?
डाल्टन का सिद्धांत कई प्रयोगों के परिणामों, जैसे विद्युत आवेश की उत्पत्ति, की व्याख्या करने में विफल रहा।
इलेक्ट्राॅन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के आवेश क्या होते हैं?
इलेक्ट्राॅन पर ऋणात्मक आवेश (-1), प्रोटॉन पर धनात्मक आवेश (+1) और न्यूट्रॉन पर कोई आवेश नहीं (0) होता है।
क्वांटम सिद्धांत परमाणु संरचना को समझने में कैसे मदद करता है?
क्वांटम सिद्धांत बताता है कि ऊर्जा असतत पैकेटों में उत्सर्जित या अवशोषित होती है, जो इलेक्ट्रॉनों के ऊर्जा स्तरों और परमाणु स्पेक्ट्रा की व्याख्या के लिए महत्वपूर्ण है।
परमाणु मॉडल क्या होते हैं और वे क्यों विकसित किए गए?
परमाणु मॉडल परमाणु की संरचना को समझाने के लिए प्रस्तावित किए गए थे। थॉमसन, रदरफोर्ड और बोहर जैसे वैज्ञानिकों ने विभिन्न प्रायोगिक साक्ष्यों के आधार पर अपने मॉडल विकसित किए।
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NCERT Class 11 Chemistry — Rasayan Vigyan bhag-I — Chapter 2 — परमाणु की संरचना. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.