NCERT Class 11 Chemistry Rasayan Vigyan bhag-I: Chapter 6 — साम्यावस्था
यह अध्याय रासायनिक साम्यावस्था की अवधारणा का परिचय देता है, जो जैविक और पर्यावरणीय प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण है। यह भौतिक और रासायनिक दोनों प्रक्रियाओं में साम्यावस्था की गतिक प्रकृति, साम्यावस्था के नियम और अभिलक्षणों की व्याख्या करता है। अध्याय साम्य स्थिरांक व्यंजक, Kp और Kc के बीच संबंध, और अभिक्रिया की साम्यावस्था को प्रभावित करने वाले कारकों पर चर्चा करता है। यह आरेनियस, ब्रान्स्टेड-लोरी और लूइस सिद्धांतों के आधार पर अम्ल और क्षार की अवधारणाओं, आयनन स्थिरांकों, pH स्केल और बफर विलयनों को भी शामिल करता है। अंत में, यह विलेयता गुणनफल स्थिरांक की गणना पर प्रकाश डालता है। यह अध्याय छात्रों को रासायनिक प्रणालियों के व्यवहार को समझने और विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं के संतुलन को नियंत्रित करने में मदद करता है, जो CBSE पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | Chemistry |
| Book | Rasayan Vigyan bhag-I |
| Chapter | Chapter 6 — साम्यावस्था |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 7 minutes |
| Word count | 1237 |
Learning outcomes
- भौतिक एवं रासायनिक प्रक्रियाओं में साम्य की गतिक प्रकृति को पहचानना।
- साम्य के नियम और अभिलक्षणों को व्यक्त करना।
- साम्य स्थिरांक व्यंजक लिखना और Kp एवं Kc के मध्य संबंध स्थापित करना।
- अम्ल और क्षार की विभिन्न अवधारणाओं को समझना।
- pH स्केल और बफर विलयनों के उपयोग को समझना।
- विलेयता गुणनफल स्थिरांक की गणना करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| साम्यावस्था | वह स्थिति जब अग्र और पश्चगामी अभिक्रियाओं की दरें समान हो जाती हैं। |
| गतिक साम्य | साम्यावस्था की वह अवस्था जिसमें विरोधी प्रक्रियाएँ समान दर से होती रहती हैं। |
| साम्य स्थिरांक | साम्यावस्था पर अभिकारकों और उत्पादों की सांद्रता का अनुपात। |
| अम्ल | पदार्थ जो प्रोटॉन दान करते हैं (ब्रान्स्टेड-लोरी) या इलेक्ट्रॉन युग्म स्वीकार करते हैं (लूइस)। |
| क्षार | पदार्थ जो प्रोटॉन स्वीकार करते हैं (ब्रान्स्टेड-लोरी) या इलेक्ट्रॉन युग्म दान करते हैं (लूइस)। |
| pH | हाइड्रोजन आयन की सांद्रता का ऋणात्मक लघुगणक, जो अम्लता या क्षारीयता को मापता है। |
| बफर विलयन | वह विलयन जो अम्ल या क्षार मिलाने पर pH में परिवर्तन का प्रतिरोध करता है। |
| विलेयता गुणनफल | अल्प विलेय लवण के संतृप्त विलयन में आयनों की सांद्रता का गुणनफल। |
| वाष्प-दाब | किसी द्रव के वाष्प द्वारा संतृप्त विलयन पर लगाया गया दाब। |
| प्रावस्था रूपांतरण | पदार्थ का एक भौतिक अवस्था से दूसरी भौतिक अवस्था में बदलना। |
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Practice questions
- साम्यावस्था की गतिक प्रकृति से आप क्या समझते हैं? Answer: साम्यावस्था की गतिक प्रकृति का अर्थ है कि साम्यावस्था पर भी अग्र और पश्चगामी अभिक्रियाएँ समान दर से होती रहती हैं, जिससे मैक्रोस्कोपिक गुणों में कोई परिवर्तन नहीं होता।
- Kp और Kc में क्या संबंध है? Answer: Kp और Kc के बीच संबंध Δn के मान पर निर्भर करता है, जहाँ Δn गैसीय उत्पादों के मोलों की संख्या और गैसीय अभिकारकों के मोलों की संख्या का अंतर है। संबंध है: Kp = Kc(RT)^Δn।
- ब्रान्स्टेड-लोरी अम्ल और क्षार की परिभाषा दीजिए। Answer: ब्रान्स्टेड-लोरी अम्ल वह पदार्थ है जो प्रोटॉन (H+) दान कर सकता है, और ब्रान्स्टेड-लोरी क्षार वह पदार्थ है जो प्रोटॉन स्वीकार कर सकता है।
- pH स्केल क्या मापता है? Answer: pH स्केल किसी विलयन में हाइड्रोजन आयन (H+) की सांद्रता को मापता है, जिससे उसकी अम्लता या क्षारीयता का पता चलता है।
- बफर विलयन का एक उदाहरण दीजिए। Answer: एसिटिक एसिड और सोडियम एसीटेट का मिश्रण एक बफर विलयन का उदाहरण है।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सी प्रक्रिया साम्यावस्था स्थापित कर सकती है?
Explanation: साम्यावस्था केवल बंद पात्र में स्थापित हो सकती है जहाँ वाष्प और द्रव के बीच आदान-प्रदान सीमित हो।
Q2. साम्यावस्था पर, अग्र अभिक्रिया की दर:
Explanation: साम्यावस्था की परिभाषा के अनुसार, अग्र और पश्चगामी अभिक्रियाओं की दरें समान होती हैं।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा ब्रान्स्टेड-लोरी अम्ल है?
Explanation: HCl एक प्रोटॉन (H+) दान कर सकता है, इसलिए यह एक ब्रान्स्टेड-लोरी अम्ल है।
Q4. शुद्ध जल का pH मान कितना होता है?
Explanation: 25°C पर शुद्ध जल उदासीन होता है और इसका pH मान 7 होता है।
Q5. साम्यावस्था को प्रभावित करने वाला कारक कौन सा है?
Explanation: ताप, दाब और सांद्रता सभी ली चैटलियर के सिद्धांत के अनुसार साम्यावस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
Q6. एक बफर विलयन का मुख्य कार्य क्या है?
Explanation: बफर विलयन की विशेषता यह है कि यह थोड़ी मात्रा में अम्ल या क्षार मिलाने पर भी अपने pH को स्थिर रखता है।
Frequently asked questions
साम्यावस्था क्या है?
साम्यावस्था वह स्थिति है जब किसी बंद निकाय में अग्र और पश्चगामी अभिक्रियाओं की दरें बराबर हो जाती हैं, जिससे अभिकारकों और उत्पादों की सांद्रता स्थिर रहती है।
क्या साम्यावस्था एक स्थैतिक अवस्था है?
नहीं, साम्यावस्था एक गतिक अवस्था है। इसमें अग्र और पश्चगामी अभिक्रियाएँ समान दर से जारी रहती हैं।
साम्य स्थिरांक (Kc) का क्या महत्व है?
साम्य स्थिरांक अभिक्रिया की सीमा को दर्शाता है, यानी साम्यावस्था पर उत्पाद कितने बनेंगे।
अम्ल और क्षार में क्या अंतर है?
अम्ल प्रोटॉन दान करते हैं या इलेक्ट्रॉन युग्म स्वीकार करते हैं, जबकि क्षार प्रोटॉन स्वीकार करते हैं या इलेक्ट्रॉन युग्म दान करते हैं।
pH का मान 7 से कम होने पर विलयन कैसा होता है?
pH का मान 7 से कम होने पर विलयन अम्लीय होता है।
बफर विलयन का उपयोग क्यों किया जाता है?
बफर विलयन का उपयोग pH में अचानक होने वाले परिवर्तनों को रोकने के लिए किया जाता है, जो जैविक और रासायनिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण है।
विलेयता गुणनफल स्थिरांक क्या दर्शाता है?
यह अल्प विलेय आयनिक यौगिकों की विलेयता को दर्शाता है।
Important topics
Topics covered
NCERT Class 11 Chemistry — Rasayan Vigyan bhag-I — Chapter 6 — साम्यावस्था. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.