NCERT Class 10 Science Vigyan: Chapter 3 — धातु एवं अधातु
यह अध्याय, धातु एवं अधातु, तत्वों के वर्गीकरण और उनके भौतिक गुणधर्मों पर केंद्रित है। इसमें धातुओं की धात्विक चमक, कठोरता, आघातवर्ध्यता (पतली चादरों में पीटने की क्षमता) और तन्यता (पतले तारों में खींचने की क्षमता) जैसे गुणों का वर्णन किया गया है। सोना और चाँदी जैसी धातुओं की अत्यधिक आघातवर्ध्यता और तन्यता का उल्लेख है, जिससे उन्हें विभिन्न आकारों में ढाला जा सकता है। अध्याय में खाना पकाने के बर्तनों में धातुओं के उपयोग के कारणों पर भी प्रकाश डाला गया है, जो उनके ऊष्मा चालकता जैसे गुणों से संबंधित है। यह अध्याय छात्रों को तत्वों के भौतिक गुणों को समझने और उनके दैनिक जीवन में अनुप्रयोगों को पहचानने में मदद करता है, जो सीबीएसई पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | Science |
| Book | Vigyan |
| Chapter | Chapter 3 — धातु एवं अधातु |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 3 minutes |
| Word count | 511 |
Learning outcomes
- धातुओं के भौतिक गुणधर्मों की पहचान करना।
- धात्विक चमक, कठोरता, आघातवर्ध्यता और तन्यता को परिभाषित करना।
- सोना और चाँदी जैसी धातुओं की विशेष गुणधर्मों को समझना।
- दैनिक जीवन में धातुओं के उपयोगों को उनके गुणधर्मों से जोड़ना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| धातु | एक प्रकार का तत्व जिसके भौतिक गुणधर्मों में धात्विक चमक, कठोरता, आघातवर्ध्यता और तन्यता शामिल हैं। |
| अधातु | एक प्रकार का तत्व जिसके गुणधर्म धातुओं से भिन्न होते हैं। |
| धात्विक चमक | शुद्ध रूप में धातुओं की सतह का चमकदार होना। |
| कठोरता | धातुओं का वह गुण जिसके कारण वे सामान्यतः कठोर होती हैं। |
| आघातवर्ध्यता | धातुओं को पीटकर पतली चादर बनाने की क्षमता। |
| तन्यता | धातुओं को पतले तार के रूप में खींचने की क्षमता। |
The complete chapter text is read in the official NCERT PDF viewer below (streamed from ncert.nic.in). This page provides NCERT Help study material — summary, vocabulary, practice questions, and FAQs — not a full reproduction of the textbook.
Read chapter online
This PDF is loaded from the official NCERT website (ncert.nic.in). Use the page buttons below to read — download is disabled on NCERT Help.
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Practice questions
- धातुओं के भौतिक गुणधर्मों के आधार पर उनका वर्गीकरण कैसे किया जाता है? Answer: धातुओं को उनकी धात्विक चमक, कठोरता, आघातवर्ध्यता और तन्यता जैसे भौतिक गुणधर्मों के आधार पर पहचाना और वर्गीकृत किया जाता है।
- धात्विक चमक से आप क्या समझते हैं? Answer: धात्विक चमक धातुओं का वह गुण है जिसके कारण उनकी सतह शुद्ध रूप में चमकदार होती है।
- आघातवर्ध्यता का क्या अर्थ है? Answer: आघातवर्ध्यता का अर्थ है धातुओं को पीटकर पतली चादरों में बदलने की क्षमता।
- कौन सी धातु सबसे अधिक तन्य मानी जाती है और क्यों? Answer: सोना सबसे अधिक तन्य धातु मानी जाती है, क्योंकि एक ग्राम सोने से 2 किलोमीटर लंबा तार बनाया जा सकता है।
Frequently asked questions
धातुओं को उनके भौतिक गुणधर्मों के आधार पर कैसे वर्गीकृत किया जाता है?
धातुओं को उनकी धात्विक चमक, कठोरता, आघातवर्ध्यता (पतली चादरों में पीटने की क्षमता) और तन्यता (पतले तारों में खींचने की क्षमता) जैसे गुणधर्मों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
धात्विक चमक क्या है?
धात्विक चमक धातुओं का वह गुण है जिसके कारण उनकी सतह शुद्ध रूप में चमकदार दिखाई देती है।
आघातवर्ध्यता का क्या अर्थ है?
आघातवर्ध्यता वह गुण है जिसके कारण धातुओं को पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है।
तन्यता से आप क्या समझते हैं?
तन्यता वह गुण है जिसके कारण धातुओं को खींचकर पतले तार बनाए जा सकते हैं।
कौन सी धातुएँ सबसे अधिक आघातवर्ध्य और तन्य होती हैं?
सोना और चाँदी सबसे अधिक आघातवर्ध्य और तन्य धातुएँ होती हैं।
खाना पकाने के बर्तनों के लिए धातुओं का उपयोग क्यों किया जाता है?
खाना पकाने के बर्तनों के लिए धातुओं का उपयोग उनकी ऊष्मा चालकता और आघातवर्ध्यता जैसे गुणों के कारण किया जाता है, जिससे वे गर्मी को अच्छी तरह से संचालित करती हैं और टिकाऊ होती हैं।
Related resources
Important topics
Topics covered
NCERT Class 10 Science — Vigyan — Chapter 3 — धातु एवं अधातु. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.