NCERT Class 10 Science Vigyan: Chapter 4 — कार्बन एवं उसके यौगिक
यह अध्याय कार्बन और उसके यौगिकों पर केंद्रित है, जो हमारे दैनिक जीवन और सभी जीवित संरचनाओं के लिए मौलिक हैं। इसमें कार्बन की सर्वव्यापी प्रकृति, भूपर्पटी और वायुमंडल में इसकी अल्प उपस्थिति के बावजूद इसके महत्व पर प्रकाश डाला गया है। अध्याय कार्बन में बंधन की प्रकृति की पड़ताल करता है, विशेष रूप से सहसंयोजी बंधन पर ध्यान केंद्रित करता है। यह बताता है कि कार्बन आयनिक यौगिकों के विपरीत, अपने चार संयोजकता इलेक्ट्रॉनों को साझा करके स्थिर इलेक्ट्रॉनिक विन्यास कैसे प्राप्त करता है। आयनिक यौगिकों के विपरीत, कार्बन यौगिकों के कम गलनांक और क्वथनांक की व्याख्या की जाती है, जो आयनों की अनुपस्थिति और कमजोर अंतर-परमाणु बलों को दर्शाते हैं। यह अध्याय छात्रों को कार्बन के अद्वितीय गुणों और इसके द्वारा बनाए गए यौगिकों की विविधता को समझने में मदद करता है, जो सीबीएसई पाठ्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE / NCERT |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | Science |
| Book | Vigyan |
| Chapter | Chapter 4 — कार्बन एवं उसके यौगिक |
| Language | Hindi |
| PDF type | NCERT Textbook |
| Session | CBSE 2026 |
| Reading time | 4 minutes |
| Word count | 794 |
Learning outcomes
- कार्बन की सर्वव्यापी प्रकृति और महत्व को समझना।
- सहसंयोजी बंधन की अवधारणा को स्पष्ट करना।
- कार्बन के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और संयोजकता को समझना।
- कार्बन यौगिकों के भौतिक गुणधर्मों की व्याख्या करना।
- आयनिक यौगिकों और सहसंयोजी यौगिकों के बीच अंतर करना।
Vocabulary
| Word | Meaning |
|---|---|
| यौगिक | दो या दो से अधिक तत्वों का रासायनिक संयोजन। |
| सहसंयोजी आबंध | इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से बनने वाला रासायनिक बंधन। |
| संयोजकता | किसी तत्व के परमाणु की अन्य परमाणुओं के साथ संयोजन करने की क्षमता। |
| इलेक्ट्रॉनिक विन्यास | किसी परमाणु के विभिन्न ऊर्जा स्तरों में इलेक्ट्रॉनों का वितरण। |
| गलनांक | वह तापमान जिस पर कोई ठोस पिघलकर द्रव बन जाता है। |
| क्वथनांक | वह तापमान जिस पर कोई द्रव उबलकर गैस बन जाता है। |
| धनायन | धनात्मक आवेश वाला आयन। |
| ऋणायन | ऋणात्मक आवेश वाला आयन। |
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Practice questions
- कार्बन के सबसे बाहरी कोश में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं? Answer: कार्बन के सबसे बाहरी कोश में चार इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- सहसंयोजी आबंध से आप क्या समझते हैं? Answer: सहसंयोजी आबंध इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से बनता है।
- कार्बन यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक आयनिक यौगिकों की तुलना में कम क्यों होते हैं? Answer: कार्बन यौगिकों में आयन नहीं होते और उनके परमाणुओं के बीच कमजोर आकर्षण बल होते हैं।
- कार्बन C4- या C4+ आयन क्यों नहीं बनाता है? Answer: चार इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने या खोने के लिए अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो कार्बन के लिए संभव नहीं है।
Frequently asked questions
कार्बन हमारे लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
कार्बन सभी जीवित संरचनाओं का आधार है और इसके यौगिक भोजन, कपड़े, दवाएं आदि बनाने में उपयोग होते हैं।
कार्बन में किस प्रकार का बंधन पाया जाता है?
कार्बन में मुख्य रूप से सहसंयोजी आबंध पाया जाता है, जिसमें इलेक्ट्रॉन साझा किए जाते हैं।
कार्बन के परमाणु में कितने संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं?
कार्बन के परमाणु में 4 संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं।
क्या कार्बन आयन बना सकता है?
कार्बन आयन (C4- या C4+) नहीं बनाता क्योंकि इसके लिए अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
कार्बन यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक कम क्यों होते हैं?
क्योंकि इनमें आयनों की उत्पत्ति नहीं होती और परमाणुओं के बीच आकर्षण बल कमजोर होते हैं।
भूपर्पटी में कार्बन की कितनी मात्रा उपस्थित है?
भूपर्पटी में केवल 0.02% कार्बन खनिजों के रूप में उपस्थित है।
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NCERT Class 10 Science — Vigyan — Chapter 4 — कार्बन एवं उसके यौगिक. Verified by NCERT Help Editorial Team. Reviewed on 29 Jul 2026. Last updated 10 Aug 2026.