CBSE Class 12 Hindi Elective Board Question Paper 2013
This is the CBSE Class 12 Hindi Elective Previous Year Question Paper from 2013. The paper is divided into sections and includes comprehension passages (prose and poetry) along with grammar and language-based questions. Students are tested on their understanding of literary texts, vocabulary, and sentence construction. The question paper aims to assess the students' proficiency in Hindi Elective as per the CBSE curriculum. Solving this board question paper will help students familiarize themselves with the exam format, question types, and marking scheme, enabling them to prepare effectively for their final examinations and enhance their performance.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | 12 |
| Subject | Hindi Elective |
| Session | 2013 |
| Language | Hindi |
| Type | Previous Year Question Paper |
| Exam type | Board Exam |
Paper pattern
The exam is for 3 hours and carries a maximum of 100 marks. It includes comprehension of prose and poetry passages, grammar, and language application questions.
Topics covered
Paper topics
- Hindi Literature
- Comprehension
- Grammar
- Vocabulary
Important topics
- Munshi Premchand's life and work
- Poetry analysis
- Time management
- Diligence
- Perseverance
PDF preview
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Question paper text
Series : SKS/1
कोड नं. 29/1/1
Code No.
परीक्षार्थी कोड को उत्तर-पुस्तिका के मुख-पृष्ठ
पर अवश्य लिखें ।
रोल नं. Roll No. में उनेका आशान समाज ओर देश से था । इतन वह शावका होने का बावचाद वमह उन्हें पूर्व तक नहीं गरा था। इन्होंने अपना सारा जावन काउनाइया से जुलत हुए
कृपया जाँच कर लें कि इस प्रश्न-पत्र में मुद्रित पृष्ठ 7 हैं ।
प्रश्न-पत्र में दाहिने हाथ की ओर दिए गए कोड नम्बर को छात्र उत्तर-पुस्तिका के मुख-पृष्ठ पर लिखें ।
कृपया जाँच कर लें कि इस प्रश्न-पत्र में 15 प्रश्न हैं ।
प्रमुखंद की पात कालोन दिनचयां वहा धी ?
कृपया प्रश्न का उत्तर लिखना शुरू करने से पहले, प्रश्न का क्रमांक अवश्य लिखें ।
इस प्रश्न-पत्र को पढ़ने के लिए 15 मिनट का समय दिया गया है । प्रश्न-पत्र का वितरण पूर्वाहन में 10.15 बजे किया जायेगा । 10.15 बजे से 10.30 बजे तक छात्र केवल प्रश्न-पत्र को पढ़ेंगे और इस अवधि के दौरान वे उत्तर-पुस्तिका पर कोई उत्तर नहीं लिखेंगे ।
(TV)
THE PER PER PER (福)
हिन्दी (ऐच्छिक) HINDI (Elective)
प्रत्यंत्र अलग् क्यांजार
निर्धारित समय : 3 घंटे ]
। अधिकतम अंक : 100
पछ गए प्रश्ना के उत्तर लिखिए
Time allowed: 3 hours]
[Maximum marks: 100
चल चला, वह चला वह चला, वल चला।
प्रचंड सूर्य-ताप से, न तम जलों, न तम गलों।
हदय स तम निकाल दो अगर हो परनीहरम
नहीं है खेल मात्र ये. ये जिंदगी है जिंदगी
ने एसते हैं, ने प्रश्न हैं, ने हर्ष हैं ने खेद
खंड - ‘क’
- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
हिंदी या उर्दू साहित्य में थोड़ी-सी रुचि रखने वाला भी मुंशी प्रेमचंद को न जाने – ऐसा हो ही नहीं सकता, यह मेरा दृढ़ विश्वास है । सफलता के उच्च शिखरों को छूने के बावजूद प्रेमचंद बस प्रेमचंद थे । उनके स्वभाव में दिखावा या अहंकार ढूँढ़ने वालों को निराश ही होना पड़ेगा । प्रेमचंद का जीवन अनुशासित था । मुँह-अँधेरे उठ जाना उनकी आदत थी । करीब एक घंटे की सैर के बाद (जो प्राय: स्कूल परिसर में ही वे लगा लिया करते थे) वे अपने ज़रूरी काम सुबह-सबेरे ही निपटा लेते थे । अपने अधिकांश काम वे स्वयं करते । उनका मानना था कि जिस आदमी की हथेली पर काम करने के छाले-गट्टे न हों उसे भोजन का अधिकार कैसे मिल सकता है ? प्रेमचंद कर्मठता के प्रतीक थे । घर में झाड़-बुहारी कर देना, पत्नी बीमार हों तो चूल्हा जला देना, बच्चों को दूध पिलाकर तैयार कर देना, अपने कपड़े स्वयं धोना आदि काम करने में भला कैसी शर्म ! लिखने के लिए उन्हें प्रात:काल प्रिय
[P.T.O. 1 29/1/1
था, पर दिन में भी जब अवसर मिले उन्हें मेज़ पर देखा जा सकता था । वे वक्त के बड़े पाबंद थे । वे समय पर स्कूल पहुँचकर बच्चों के सामने अपना आदर्श रखना चाहते थे । समय की बरबादी को वे सबसे बड़ा गुनाह मानते थे । उनका विचार था कि वक्त की पाबंदी न करने वाला इंसान तरक्की नहीं कर सकता और ऐसे इंसानों की कौम भी पिछड़ी रह जाती है । ‘कौम’ से उनका आशय समाज और देश से था । इतने बड़े लेखक होने के बावजूद घमंड उन्हें छू तक नहीं गया था । उन्होंने अपना सारा जीवन कठिनाइयों से जूझते हुए बिताया ।
(क) प्रेमचंद कौन थे ? लेखक का प्रेमचंद के बारे में क्या दृढ़ विश्वास है ? 2
(ख) आशय स्पष्ट कीजिए – प्रेमचंद बस प्रेमचंद थे । हा अवन इति प्राप्तानी आवर्षक प्राप्त किला हा 2
- (ग) प्रेमचंद की प्रात:कालीन दिनचर्या क्या थी ? ा कृपया जाब छह ल छह इस प्रश्न-गत्र म 15 प्रश्न है
(घ) प्रेमचंद के मत में भोजन का अधिकार किसे नहीं है ? क्यों ? 2
- कैसे कह सकते हैं कि प्रेमचंद कर्मटता के प्रतीक थे ?
(च) समयपालन के बारे में प्रेमचंद की मान्यताओं पर टिप्पणी कीजिए । 2
(छ) उक्त गद्यांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक दीजिए ।
- (ज) वाक्य प्रयोग कीजिए – मुँह-अँधेरे
(朝) संयुक्त वाक्य में बदलिए – उन्होंने अपना सारा जीवन कठिनाइयों से जूझते हुए बिताया । (अ) प्रत्यय अलग कीजिए – पाबंदी, कर्मठता
निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : चले चलो, बढ़े चलो, बढ़े चलो, चले चलो ! प्रचंड सूर्य-ताप से, न तुम जलो, न तुम गलो ! हृदय से तुम निकाल दो अगर हो पस्तिहम्मती, न रक्त है, न स्वेद है, न हर्ष है, न खेद है, नहीं है खेल मात्र ये, ये जिंदगी है जिंदगी । ये जिंदगी अभेद है, यही तो एक भेद है । हिंद कि कि कि कि कि कि कि कि कि कि कि
समझ के सब चले चलो, कदम-कदम बढ़े चलो ! पहाड़ से चली नदी, रुकी नहीं कहीं जरा, वर्ष कि विशेष कि विशेष कि विशेष कि विशेष कि विशेष कि विशेष कि विशेष कि विशेष कि गई जिधर, उधर किया जमीन को हरा-भरा । हाल हिं। हाल है है कि उन हाल हो है है है है चली समान रूप से, जमीन का न ख्याल कर, बाबीह क्लाइ । कि कि हामने कि प्रकार का कि कि मगन रही निनाद में, जमीन पर, पहाड़ पर । 👙 🦮 🖫 😭 कि कि कि कि कि कि कि कि कि उसी तरह चले चलो, उसी तरह बढ़े चलो ! कि किस अपने अब विकार है कि कि अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अपने अखंड दीप-से जलो, सदा बहार-से खिलो ! कि किए कार्क की कि किए किए कि किए किए किए किए किए 29/1/1 2 134160
Frequently asked questions
What is this document?
This is the CBSE Class 12 Hindi Elective Previous Year Board Question Paper from 2013, designed for exam practice.
What is the duration and maximum marks for this paper?
The exam is scheduled for 3 hours and the maximum marks are 100.
What types of questions are included in this paper?
The paper includes comprehension of prose and poetry, grammar questions, and language application tasks.
How does solving previous year papers help?
Solving previous year question papers helps students understand the board pattern, identify important topics, and improve their scores.
What is the benefit of practicing with this 2013 Hindi Elective paper?
Practicing with this 2013 paper allows students to gauge their preparation level for the CBSE Class 12 Hindi Elective board exam and refine their answering strategies.
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