CBSE Class 12 Hindi Core Board Question Paper 2018
This is the CBSE Class 12 Hindi Core Board Question Paper from 2018. The paper is designed to be completed in 3 hours and carries a maximum of 100 marks. It contains a total of 14 compulsory questions. Students are advised to answer in their own words as much as possible. The paper includes sections like 'Khand K' which features comprehension questions based on provided passages (Gadyansh and Kavyansh). These questions test understanding, interpretation, and vocabulary. Solving this previous year's question paper is crucial for students to familiarize themselves with the exam structure, question types, and marking scheme, thereby enhancing their preparation and performance in the board examinations.
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | 12 |
| Subject | Hindi Core |
| Session | 2018 |
| Language | Hindi |
| Type | Previous Year Question Paper |
| Exam type | Board Exam |
Paper pattern
The question paper has 14 compulsory questions and is divided into sections. It is designed for a duration of 3 hours and a maximum of 100 marks.
Topics covered
Paper topics
- Hindi Language
- Indian Constitution
- Linguistic Development
- Cultural Identity
- Nationalism
- Bravery
- Revenge
- Tolerance
- Warfare
- Ethics
Important topics
- Hindi language development as per Article 351
- Impact of English language mentality
- Role of regional languages
- Qualities of a brave race
- The concept of revenge in valor
- Tolerance as a virtue vs. a curse for a defeated race
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Question paper text
CBSE प्रश्न पत्र 2018 कक्षा 12 हिन्दी (केन्द्रिक)
निर्धारित समय: 3 घण्टे
अधिकतम अंक : 100
सामान्य निर्देश:
- इस प्रश्न-पत्र में 14 प्रश्न हैं।
- सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
- विद्यार्थी यथासंभव अपने शब्दों में उत्तर लिखें।
खण्ड क
- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक 20 - 30 शब्दों में लिखिए : (15)
हिन्दी के बारे में या उसके विरोध के बारे में जब भी कोई हलचल होती है, तो राजनीति का मुखौटा ओढ़े रहने वाले भाषा व्यवसायी बेनकाब होने लगते हैं। उनकी बेचैनी समझ में नहीं आती। संविधान में स्पष्ट प्रावधानों के बाद भी यह अविश्वास का माहौल बनता क्यों है? यहाँ हम केवल एक ही प्रावधान को याद करें। संविधान के अनुच्छेद 351 में हिन्दी भाषा के विकास के लिए निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा गया है: 'संघ का यह कर्तव्य होगा कि वह हिन्दी भाषा का प्रसार बढ़ाए, उसका विकास करे, जिससे वह भारत की सामाजिक संस्कृति के सभी तत्त्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके और उसकी प्रकृति में हस्तक्षेप किए बिना हिन्दुस्तानी और आठवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट भारत की अन्य भाषाओं में प्रयुक्त रूप, शैली और पदों को आत्मसात् करते हुए और जहाँ आवश्यक या वांछनीय हो वहाँ उसके शब्द-भंडार के लिए मुख्यतः संस्कृत से और गौणतः अन्य भाषाओं से शब्द ग्रहण करते हुए उसकी समृद्धि सुनिश्चित करे।'
यही सब देखकर हिन्दी के विषय में अक्सर यह लगने लगता है जैसे संविधान के संकल्पों का निष्कर्ष कहीं खो गया है और हम निर्माताओं के आशय से कहीं दूर भटक गए हैं। सहज ही मन में ये प्रश्न उठते हैं कि हमने संविधान के सपने को साकार करने के लिए क्या किया? क्यों नहीं हमारे कार्यक्रम प्रभावी हुए? क्यों और कैसे अंग्रेज़ी भाषा की मानसिकता हम पर और हमारी युवा एवं किशोर पीढ़ी पर इतनी हावी हो चुकी है कि इसी मिट्टी से जन्मी हमारी अपनी भाषाओं की अस्मिता और भविष्य संकट में प्रतीत होता है। शिक्षा में, व्यापार और व्यवहार में, संसदीय, शासकीय एवं न्यायिक प्रक्रियाओं में हिन्दी और प्रादेशिक भाषाओं को वर्चस्व क्यों नहीं मिल पा रहा?
- भाषा व्यवसायी से क्या अभिप्राय है? उनकी पोल कब खुलने लगती है? (2)
- संविधान में 'संघ' से आप क्या समझते हैं? हिन्दी भाषा को लेकर संघ का क्या कर्तव्य बताया गया है? (2)
- हिन्दी भाषा के विकास की आवश्यकता क्यों है? (2)
- भारत की अन्य भाषाओं से लेखक का क्या तात्पर्य है? यहाँ उनका उल्लेख क्यों हुआ है? (2)
- 'अंग्रेज़ी भाषा की मानसिकता' से क्या तात्पर्य है? उसका क्या परिणाम हो रहा है? (2)
- यह कैसे कह सकते हैं कि हमारी अपनी भाषा का भविष्य संकट में है? (2)
- हिन्दी और प्रादेशिक भाषाओं के वर्चस्व से आप क्या समझते हैं? यह कैसे संभव हो सकता है? (2)
- गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक दीजिए। (1)
उत्तर-
- - भाषा के मुद्दे से लाभ लेने वाले राजनैतिक सोच वाले लोग - हिंदी के विषय में या उसके विरोध में जब कोई हलचल होती है
- - भारत गणतंत्र/भारत सरकार, हिंदी भाषा का प्रसार बढ़ाए और उसका विकास करे
- - अंग्रेजी भाषा की मानसिकता से उबरने के लिए - अपनी भाषा की अस्मिता बचाने और भविष्य के संकट से उबरने के लिए (अन्य उपयुक्त बिन्दु भी स्वीकार्य)
- - हिंदी के अतिरिक्त अन्य वे भाषाएँ जो संविधान में उल्लिखित हैं - उनके रूप, शैली, शब्द भंडार आदि से हिंदी को सम्पन्न करना
- - अंग्रेजी भाषा और उसका प्रयोग करने वाले का अधिक महत्व - मानसिक गुलामी, हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं का भविष्य खतरे में पड़ना
- - शिक्षा, व्यापार, सरकारी कार्यालयों और व्यवहार में हिंदी को महत्व न मिलना - युवा पीढ़ी पर अंग्रेजी मानसिकता हावी
- - हिंदी और प्रादेशिक भाषाओं के प्रयोग से विभिन्न क्षेत्रों में उन्हें बढ़ावा मिलना - शिक्षा, व्यापार एवं दैनिक व्यवहार में अधिक से अधिक प्रयोग करके (अन्य भी स्वीकार्य)
- "हिंदी भाषा", (अन्य उपयुक्त शीर्षक भी स्वीकार्य)
- निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर प्रत्येक 20 - 30 शब्दों में लिखिए : <math>(1 \times 5 = 5)</math> सहता प्रहार कोई विवश, कदर्य जीव जिसकी नसों में नहीं पौरुष की धार है। करुणा, क्षमा हैं वीर जाति के कलंक घोर क्षमता क्षमा की शूरवीरों का शृंगार है। प्रतिशोध से हैं होती शौर्य की शिखाएँ दीप्त प्रतिशोध-हीनता नरों में महापाप है, छोड़ प्रीति-वैर पीते मूक अपमान वे ही जिनमें न शेष शूरता का विह्न-ताप है जेता के विभूषण सहिष्णुता-क्षमा हैं किंतु हारी हुई जाति की सहिष्णुता अभिशाप है। सेना साजहीन है परस्व हरने की वृत्ति लोभ की लड़ाई क्षात्र धर्म के विरुद्ध है
Frequently asked questions
What is this document?
This is the CBSE Class 12 Hindi Core Previous Year Board Question Paper from 2018, used for exam practice.
What is the duration and maximum marks for this paper?
The paper is designed for a duration of 3 hours and has a maximum of 100 marks.
How many questions are there in the paper?
There are a total of 14 compulsory questions in this paper.
How does solving this previous year paper help students?
Solving this previous year question paper helps students understand the board pattern, question types, and improve their marks in the Hindi Core exam.
What types of questions are included in the paper?
The paper includes comprehension questions based on passages (Gadyansh and Kavyansh), testing understanding and interpretation.
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
Question Papers PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.