कक्षा 9 हिंदी स्पर्श: रामधारी सिंह दिनकर - गीत-अगीत NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 की हिंदी स्पर्श पुस्तक में संकलित रामधारी सिंह 'दिनकर' की प्रसिद्ध कविता 'गीत-अगीत' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह कविता प्रकृति के विभिन्न तत्वों जैसे नदी, गुलाब, शुक-शुकी और मानवीय भावनाओं जैसे प्रेम और संवेदना के माध्यम से 'गीत' (व्यक्त या गाया हुआ) और 'अगीत' (अव्यक्त या गाया जाने वाला) के बीच के सूक्ष्म संबंध को दर्शाती है। समाधानों में प्रत्येक प्रश्न का गहन विश्लेषण किया गया है, जिसमें प्रकृति के मानवीकरण, पशु-पक्षियों के माध्यम से प्रकृति की अभिव्यक्ति और मानवीय भावनाओं के गीत व अगीत रूप में प्रकट होने की व्याख्या शामिल है। ये समाधान छात्रों को कविता के केंद्रीय भाव को समझने, प्रकृति और मानव के अंतर्संबंध को पहचानने और परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं को याद रखने में मदद करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterKavya Khand - Ramdhari Singh Dinkar – Geet – Ageet

Chapter summary

कक्षा 9 की हिंदी स्पर्श पुस्तक के 'गीत-अगीत' कविता के NCERT समाधान छात्रों को रामधारी सिंह दिनकर की इस रचना के केंद्रीय भाव को समझने में सहायता करते हैं। समाधान कविता में वर्णित नदी के बहने, गुलाब की सोच, शुक-शुकी के प्रेम और प्रेमी-प्रेमिका के गीत के माध्यम से 'गीत' और 'अगीत' की अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं। यह छात्रों को प्रकृति के मानवीकरण और पशु-पक्षियों के माध्यम से प्रकृति की अभिव्यक्ति को समझने में मदद करता है।

Learning outcomes

  • कविता 'गीत-अगीत' के केंद्रीय भाव को समझना।
  • प्रकृति के मानवीकरण को पहचानना।
  • पशु-पक्षियों के माध्यम से प्रकृति की अभिव्यक्ति को समझना।
  • 'गीत' और 'अगीत' की अवधारणाओं को स्पष्ट करना।
  • कविता में व्यक्त मानवीय भावनाओं और प्रकृति के अंतर्संबंध का विश्लेषण करना।

Topics covered

Paper topics

  • गीत-अगीत कविता का भावार्थ
  • रामधारी सिंह दिनकर का परिचय
  • प्रकृति का मानवीकरण
  • नदी का चित्रण
  • गुलाब का चित्रण
  • शुक-शुकी का प्रेम
  • प्रेमी-प्रेमिका का गीत
  • गीत और अगीत की अवधारणा
  • पशु-पक्षियों के माध्यम से प्रकृति की अभिव्यक्ति
  • मानवीय भावनाओं की अभिव्यक्ति

Important topics

  • गीत-अगीत का केंद्रीय भाव
  • प्रकृति का मानवीकरण
  • गीत और अगीत की व्याख्या
  • कविता में व्यक्त प्रेम और संवेदना

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Questions and Solutions

प्रश्न 1 (क)

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (क). नदी का किनारों से कुछ कहते हुए बह जाने पर गुलाब क्या सोच रहा है ? इससे संबंधित पंक्तियों को लिखिए।
Solution:

जब नदी किनारों से कुछ कहते हुए बह जाती है, तब वहाँ खिला हुआ गुलाब यह सोचता है कि काश उसे भी ईश्वर ने आवाज़ दी होती, तो वह भी अपने मन में छिपे हुए पतझड़ जैसे दुखों और सपनों को दुनिया को गीतों के माध्यम से सुना पाता। इससे संबंधित पंक्तियाँ हैं: "द्विउ उत्तर कः देते स्वर यदि मुझे विधाता, अपने पतझर के सपनों का मैं भी जग को गीत सुनाता।"

प्रश्न 1 (ख)

(ख). जब शुक गाता है, तो शुकी के हृदय पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
Solution:

जब नर तोता (शुक) डाल पर बैठकर मधुर स्वर में गाता है, तो घोंसले में बैठी मादा तोती (शुकी) अंडे सेते हुए भी उसके गायन को सुनकर अत्यंत प्रसन्न होती है। शुक के गाने का सीधा और सुखद प्रभाव शुकी के हृदय पर पड़ता है, जिससे वह आनंदित महसूस करती है।

प्रश्न 1 (ग)

(ग). प्रेमी जब गीत गाता है, तब प्रेमिका की क्या इच्छा होती है ?
Solution:

जब प्रेमी साँझ ढलने पर प्रेम भरे गीत (आल्हा) गाता है, तो दूर अपने घर में बैठी प्रेमिका को उसका स्वर अपनी ओर खींच लेता है। वह पेड़ की छाया में छिपकर गीत सुनती है और उसकी तीव्र इच्छा होती है कि काश वह भी अपने प्रिय के गीत की एक कड़ी बन जाती, ताकि वह उसके संगीत का हिस्सा बन सके।

प्रश्न 1 (घ)

(घ). प्रथम छंद में वर्णित प्रकृति–चित्रण को लिखिए।
Solution:

प्रथम छंद में कवि ने प्रकृति का सुंदर मानवीकरण किया है। नदी को एक सजीव पात्र के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो किनारों से बातें करती हुई बह रही है। नदी के किनारे खिले गुलाब को भी मानवीय भावनाओं से युक्त दिखाया गया है। गुलाब यह सोचता है कि यदि उसे बोलने की शक्ति या स्वर मिलते, तो वह भी अपने मन के भावों और सपनों को गीतों के माध्यम से व्यक्त करता। यह चित्रण प्रकृति के विभिन्न तत्वों में मानवीय संवेदनाओं की उपस्थिति को दर्शाता है।

प्रश्न 1 (ड)

(ड). प्रकृति के साथ पशु-पक्षियों के संबंध की व्याख्या कीजिए।
Solution:

कवि के अनुसार, पशु-पक्षी प्रकृति के अभिन्न अंग हैं और उनके माध्यम से प्रकृति स्वयं अपनी भावनाओं को व्यक्त करती है। जब पक्षी गाते हैं या चहचहाते हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रकृति स्वयं गीत गा रही हो या गुनगुना रही हो। उनके माध्यम से प्रकृति अपने संदेश मनुष्यों तक पहुँचाने का प्रयास करती है, जिससे प्रकृति और जीव-जंतुओं के बीच एक गहरा और स्वाभाविक संबंध स्थापित होता है।

प्रश्न 1 (च)

(च). मनुष्य को प्रकृति किस रूप में आंदोलित करती है ? अपने शब्दों में लिखिए।
Solution:

मनुष्य प्रकृति के हर रूप से गहराई से प्रभावित होता है और आंदोलित होता है। चाहे वह नदी का निरंतर बहना हो, झरने का गिरना हो, पक्षियों का मधुर कलरव हो, या फिर प्रकृति का हरा-भरा मनमोहक दृश्य हो, ये सभी मनुष्य के मन को स्पर्श करते हैं। प्रकृति अपने विभिन्न रूपों और क्रियाओं के माध्यम से मनुष्य को निरंतर प्रेरित करती है और हर बार एक नया संदेश देती है, जो उसे सोचने और महसूस करने के लिए प्रेरित करता है।

प्रश्न 1 (छ)

(छ) सभी कुछ गीत है, अगीत कुछ नहीं होता। कुछ अगीत भी होता है क्या ? स्पष्ट कीजिए।
Solution:

यह कथन कि 'सब कुछ गीत है, अगीत कुछ नहीं होता' एक विशेष दृष्टिकोण को दर्शाता है। हालाँकि, कविता 'गीत-अगीत' में 'अगीत' की अवधारणा को भी स्पष्ट किया गया है। गीत वह है जिसे व्यक्त किया जा चुका है, जो मुखर हो गया है या जिसे गाया जा चुका है। इसके विपरीत, अगीत वह है जिसे अभी व्यक्त किया जाना है, जो अव्यक्त है या मन में छिपा हुआ है। प्रकृति की या मनुष्य की वे भावनाएँ जो अभी मूर्त रूप नहीं ले पाई हैं, जो केवल अनुभव की जा रही हैं, वे अगीत कहलाती हैं। जब ये भावनाएँ व्यक्त हो जाती हैं, तब वे गीत का रूप ले लेती हैं।

प्रश्न 1 (ञ)

(ञ). 'गीत–अगीत' के केंद्रीय भाव को लिखिए।
Solution:

'गीत–अगीत' कविता का केंद्रीय भाव यह है कि प्रकृति में घटित होने वाली प्रत्येक घटना और मनुष्य के मन में उठने वाली प्रत्येक भावना किसी न किसी रूप में एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। ये भावनाएँ और घटनाएँ कभी तो स्पष्ट रूप से व्यक्त होकर 'गीत' बन जाती हैं, और कभी अव्यक्त रहकर 'अगीत' के रूप में अनुभव की जाती हैं। कवि यह बताना चाहते हैं कि व्यक्त और अव्यक्त, मुखर और मौन, सभी का अपना महत्व है और ये दोनों अवस्थाएँ एक-दूसरे को प्रभावित करती हैं।

Common mistakes

  • 'गीत' और 'अगीत' के बीच के अंतर को समझने में भ्रम।
  • प्रकृति के मानवीकरण के उदाहरणों को पहचानने में कठिनाई।
  • कविता के प्रतीकात्मक अर्थों की व्याख्या में चूक।

Revision tips

  • कविता की पंक्तियों को बार-बार पढ़ें और उनके अर्थ को समझें।
  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में दिए गए स्पष्टीकरण पर ध्यान दें।
  • प्रकृति के मानवीकरण और 'गीत-अगीत' के भाव को उदाहरणों सहित याद करें।
  • कविता के केंद्रीय भाव को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. कविता में नदी का किनारों से कुछ कहते हुए बह जाना क्या दर्शाता है?

Q2. जब शुक गाता है, तब घोंसले में बैठी शुकी क्या करती है?

Q3. प्रेमिका की क्या इच्छा होती है जब प्रेमी गीत गाता है?

Q4. प्रथम छंद में कवि ने गुलाब के बारे में क्या कल्पना की है?

Q5. 'गीत' और 'अगीत' का क्या अर्थ है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के 'गीत-अगीत' कविता के कवि कौन हैं?

कक्षा 9 हिंदी स्पर्श के 'गीत-अगीत' कविता के कवि रामधारी सिंह 'दिनकर' हैं।

'गीत-अगीत' कविता में किन प्राकृतिक तत्वों का वर्णन है?

कविता में नदी, किनारों, गुलाब, शुक (तोता) और शुकी (तोती) जैसे प्राकृतिक तत्वों का वर्णन है।

कविता में 'गीत' और 'अगीत' से क्या तात्पर्य है?

गीत वह है जो व्यक्त हो चुका है या गाया जा चुका है, जबकि अगीत वह है जो अव्यक्त है या जिसे गाया जाना है। यह व्यक्त और अव्यक्त भावनाओं का प्रतीक है।

यह NCERT समाधान छात्रों की किस प्रकार सहायता करते हैं?

ये समाधान छात्रों को कविता के कठिन भावों को समझने, परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं को याद रखने और अपने उत्तरों को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

क्या कविता में प्रकृति को सजीव रूप में दर्शाया गया है?

हाँ, कविता में प्रकृति का मानवीकरण किया गया है, जैसे नदी का किनारों से बात करना और गुलाब का अपनी इच्छा व्यक्त करना।

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