कक्षा 9 संचयन NCERT समाधान: पाठ 6 - दिये जल उठे

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यह पृष्ठ कक्षा 9 की संचयन पुस्तक के पाठ 6, 'दिये जल उठे' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ दांडी मार्च के दौरान वल्लभभाई पटेल की गिरफ्तारी और गांधीजी द्वारा मही नदी को पार करने की घटना पर केंद्रित है। समाधानों में पटेल की गिरफ्तारी के कारणों, जज को फैसला लिखने में लगे समय, गांधीजी के 'धर्मयात्रा' कथन के पीछे के उनके चारित्रिक गुणों, और कठिन परिस्थितियों का सामना सूझबूझ से कैसे किया जाए, जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectसंचयन
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. दिये जल उठे - मधुकर उपाध्याय

Chapter summary

कक्षा 9 की संचयन पुस्तक के पाठ 6 'दिये जल उठे' के ये NCERT समाधान दांडी मार्च के दौरान सत्याग्रह के महत्वपूर्ण क्षणों का वर्णन करते हैं। इनमें वल्लभभाई पटेल की गिरफ्तारी, उनके मुकदमे की प्रक्रिया, और गांधीजी के नेतृत्व में सत्याग्रहियों द्वारा मही नदी को पार करने के लिए अपनाई गई सूझबूझ का विस्तृत विश्लेषण शामिल है। समाधान पाठ के मुख्य पात्रों के विचारों और कार्यों को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को उस समय की कठिन परिस्थितियों और सत्याग्रह के मूल्यों को समझने में मदद मिलती है।

Learning outcomes

  • वल्लभभाई पटेल की गिरफ्तारी के कारणों को समझना।
  • जज द्वारा फैसला लिखने में लगे समय के पीछे के कारणों का विश्लेषण करना।
  • गांधीजी के 'धर्मयात्रा' कथन के माध्यम से उनके चारित्रिक गुणों को पहचानना।
  • कठिन परिस्थितियों में सूझबूझ और आपसी मेलजोल के महत्व को समझना।
  • मही नदी पार करने के दृश्य का वर्णन करना।
  • सत्याग्रह के दौरान अधिकारियों द्वारा उठाए गए एहतियाती कदमों को जानना।

Topics covered

Paper topics

  • वल्लभभाई पटेल की गिरफ्तारी
  • सत्याग्रह और दांडी मार्च
  • जज का फैसला और कानूनी प्रक्रिया
  • गांधीजी का नेतृत्व
  • त्याग और हिम्मत का महत्व
  • सूझबूझ से समस्याओं का समाधान
  • मही नदी पार करने का प्रसंग
  • धर्मयात्रा का अर्थ
  • ब्रिटिश शासन की नीतियां
  • सत्याग्रहियों का साहस

Important topics

  • वल्लभभाई पटेल की गिरफ्तारी का कारण और संदर्भ
  • गांधीजी के 'धर्मयात्रा' कथन से प्रकट चारित्रिक गुण
  • मही नदी पार करने के लिए अपनाई गई सूझबूझ और सामूहिक प्रयास
  • पाठ के माध्यम से कठिन परिस्थितियों का सामना करने की सीख
  • सत्याग्रह के दौरान नेताओं का त्याग और प्रेरणा

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

किस कारण से प्रेरित होकर स्थानीय कलेक्टर ने पटेल को गिरफ्तार करने का आदेश दिया?
Solution:

वल्लभभाई पटेल ७ मार्च को रास नामक स्थान पर दांडी-कूच की तैयारी के संबंध में पहुँचे थे। यद्यपि उन्हें वहाँ कोई भाषण नहीं देना था, लेकिन लोगों के आग्रह पर उन्होंने सत्याग्रह के लिए तैयार रहने हेतु कुछ शब्द कहे। उनके इस कार्य को तत्कालीन शासन द्वारा अपने विरुद्ध माना गया। इसी कारण से प्रेरित होकर स्थानीय कलेक्टर ने वल्लभभाई पटेल को गिरफ्तार करने का आदेश जारी किया।

प्रश्न 2

जज को पटेल की सज़ा के लिए आठ लाइन के फ़ैसले को लिखने में डेढ़ घंटा क्यों लगा?
Solution:

सरदार पटेल को गिरफ्तार करने के बाद बोरसद की अदालत में लाया गया। जज इस दुविधा में थे कि पटेल पर किस कानूनी धारा के तहत मुकदमा चलाया जाए और कितनी सजा सुनाई जाए, क्योंकि कोई स्पष्ट अपराध घटित नहीं हुआ था। इसके अतिरिक्त, सरदार पटेल ने स्वयं ही अपने कार्य को स्वीकार कर लिया था। इन परिस्थितियों के कारण, एक संक्षिप्त आठ पंक्तियों का फैसला लिखने में जज को लगभग डेढ़ घंटे का समय लगा।

प्रश्न 3

"मैं चलता हूँ। अब आपकी बारी है।" - यहाँ पटेल के कथन का आशय उद्धृत पाठ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
Solution:

वल्लभभाई पटेल का यह कथन, "मैं चलता हूँ। अब आपकी बारी है।", उनके इस विश्वास को दर्शाता है कि उनकी गिरफ्तारी से सत्याग्रह आंदोलन रुकेगा नहीं। उन्हें ज्ञात था कि सरकार उन्हें गिरफ्तार कर सकती है, लेकिन उनके स्थान पर अन्य सत्याग्रही नेतृत्व संभाल लेंगे और आंदोलन जारी रहेगा। यह कथन विशेष रूप से गांधीजी को संबोधित था, यह जताते हुए कि आंदोलन उनके नेतृत्व में आगे बढ़ेगा, भले ही पटेल को हटा दिया जाए।

प्रश्न 4

"इनसे आप लोग त्याग और हिम्मत सीखें" - गांधीजी ने यह किसके लिए और किस संदर्भ में कहा?
Solution:

गांधीजी ने यह कथन रास समुदाय के उन दरबार लोगों के लिए कहा था, जो रियासतदार होते हुए भी अपना सब कुछ त्याग कर सत्याग्रह में शामिल हो गए थे। जब गांधीजी रास पहुँचे तो उनका भव्य स्वागत हुआ, जिसमें दरबार समुदाय के लोग सबसे आगे थे। गोपालदास और रविशंकर महाराज जैसे दरबारों ने अपनी विलासितापूर्ण जीवनशैली छोड़कर दरिद्रों की बस्ती में रहना स्वीकार किया था। गांधीजी ने लोगों को उनके इस असाधारण त्याग और हिम्मत से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया, यह बताते हुए कि इसी प्रकार के साहस से अंग्रेजी शासन को उखाड़ा जा सकता है।

प्रश्न 5

पाठ द्वारा यह कैसे सिद्ध होता है कि - 'कैसी भी कठिन परिस्थिति हो उसका सामना तात्कालिक सूझबूझ और आपसी मेलजोल से किया जा सकता है।' अपने शब्दों में लिखिए।
Solution:

पाठ में मही नदी को पार करने का प्रसंग इस कथन को सिद्ध करता है। गांधीजी अपनी दांडी यात्रा के दौरान मही नदी के तट पर पहुँचे, जहाँ ब्रिटिश सरकार ने नमक के सभी भंडार हटा दिए थे। यात्रा में देरी होने के कारण, गांधीजी ने आधी रात में ज्वार के समय नदी पार करने का निर्णय लिया ताकि कीचड़ से बचा जा सके। अँधेरे में यह कार्य अत्यंत कठिन था। परंतु, वहाँ उपस्थित लोगों ने तात्कालिक सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत हजारों दीये जलाए। इस आपसी सहयोग और प्रकाश की व्यवस्था से न केवल गांधीजी बल्कि अन्य सत्याग्रहियों ने भी आसानी से नदी पार की। इस प्रकार, यह घटना दर्शाती है कि सूझबूझ और सामूहिक प्रयास से किसी भी विकट परिस्थिति पर विजय प्राप्त की जा सकती है।

प्रश्न 6

महिसागर नदी के दोनों किनारों पर कैसा दृश्य उपस्थित था? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।
Solution:

रात के लगभग १२ बजे, जब गांधीजी और सत्याग्रही महीसागर नदी पार करने वाले थे, उस समय नदी के दोनों किनारे एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे। अँधेरे को चीरते हुए हजारों लोग अपने हाथों में जलते हुए दीये लिए खड़े थे। वे गांधीजी और सत्याग्रहियों के आगमन की प्रतीक्षा कर रहे थे और उन्हें प्रकाश प्रदान कर रहे थे। चारों ओर "महात्मा गांधी की जय", "सरदार पटेल की जय" और "जवाहर लाल नेहरु की जय" जैसे नारों की गूँज सुनाई दे रही थी। इसी उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच गांधीजी की नाव ने नदी पार करने के लिए प्रस्थान किया।

प्रश्न 7

"यह धर्मयात्रा है। चलकर पूरी करूँगा।" गांधीजी के इस कथन द्वारा उनके किस चारित्रिक गुण का परिचय प्राप्त होता है?
Solution:

गांधीजी का यह कथन, "यह धर्मयात्रा है। चलकर पूरी करूँगा।", उनके अटूट साहस, दृढ़ निश्चय, और अपने कर्तव्य के प्रति गहरी निष्ठा को दर्शाता है। वे इस यात्रा को एक पवित्र कार्य मानते थे और इसे कष्ट सहकर भी पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध थे। उनका यह विचार कि नेतृत्व को स्वयं कष्ट उठाना चाहिए ताकि जनता प्रेरित हो सके, उनके आदर्शवादी और कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव को उजागर करता है। यह कथन उनके असाधारण इच्छाशक्ति और लक्ष्य प्राप्ति के प्रति समर्पण का भी परिचय देता है।

प्रश्न 8

गांधी को समझने वाले वरिष्ठ अधिकारी इस बात से सहमत नहीं थे कि गांधी कोई काम अचानक और चुपके से करेंगे। फिर भी उन्होंने किस डर से और क्या एहतियाती कदम उठाए?
Solution:

गांधीजी के सत्यवादी और अहिंसक स्वभाव से वरिष्ठ अधिकारी भली-भांति परिचित थे, इसलिए वे इस बात से सहमत नहीं थे कि गांधीजी कोई कार्य अचानक या गुप्त रूप से करेंगे। तथापि, ब्रिटिश शासकों के एक वर्ग में यह भय व्याप्त था कि गांधीजी और उनके सत्याग्रही मही नदी के तट पर अचानक पहुँचकर नमक कानून तोड़ सकते हैं। इस संभावित उल्लंघन को रोकने के लिए, उन्होंने एहतियाती कदम के तौर पर नदी के तट पर मौजूद सभी नमक के भंडारों को नष्ट कर दिया था।

प्रश्न 9

गांधीजी के पार उतरने पर भी लोग नदी तट पर क्यों खड़े रहे?
Solution:

गांधीजी के मही नदी पार कर लेने के बाद भी, नदी के तट पर दीये लेकर खड़े लोग इसलिए डटे रहे क्योंकि वे अन्य सत्याग्रहियों के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। गांधीजी की तरह ही, अन्य सत्याग्रहियों को भी नदी पार करवानी थी, और यह सुनिश्चित करने के लिए कि वे भी सुरक्षित रूप से पहुँच सकें, लोग प्रकाश की व्यवस्था बनाए रखते हुए वहीं खड़े रहे।

Common mistakes

  • पटेल की गिरफ्तारी के कारणों को सतही तौर पर समझना।
  • जज के फैसले में लगने वाले समय के महत्व को नजरअंदाज करना।
  • गांधीजी के कथनों के गहरे अर्थ को न समझ पाना।
  • कठिन परिस्थितियों के समाधान में सूझबूझ की भूमिका को कम आंकना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में दिए गए गांधीजी और पटेल के कथनों पर विशेष ध्यान दें।
  • मही नदी पार करने के दृश्य का मानसिक चित्रण करें और उसे अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।
  • पाठ में वर्णित त्याग, हिम्मत और सूझबूझ जैसे गुणों को पहचानें और उन्हें अपने जीवन से जोड़ने का प्रयास करें।
  • जज के फैसले में देरी के कारण को समझें, जो कानूनी प्रक्रिया की जटिलताओं को दर्शाता है।

Practice MCQs

Q1. वल्लभभाई पटेल को गिरफ्तार करने का आदेश किस कारण से दिया गया?

Q2. जज को पटेल की सज़ा के लिए फ़ैसले लिखने में डेढ़ घंटा क्यों लगा?

Q3. 'मैं चलता हूँ। अब आपकी बारी है।' - यह कथन पटेल ने किसे संबोधित करते हुए कहा?

Q4. गांधीजी ने 'इनसे आप लोग त्याग और हिम्मत सीखें' यह किसके लिए कहा?

Q5. मही नदी पार करने के लिए लोगों ने तात्कालिक सूझबूझ का परिचय कैसे दिया?

Q6. गांधीजी के किस कथन से उनके अटूट साहस और लगन का परिचय मिलता है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 संचयन पाठ 6 'दिये जल उठे' में मुख्य रूप से क्या बताया गया है?

इस पाठ में दांडी मार्च के दौरान वल्लभभाई पटेल की गिरफ्तारी और गांधीजी द्वारा मही नदी को पार करने की घटना का वर्णन है, जो सत्याग्रह के संघर्ष और नेतृत्व के गुणों को दर्शाता है।

पटेल की गिरफ्तारी का मुख्य कारण क्या था?

पटेल ने लोगों से सत्याग्रह के लिए तैयार होने का आग्रह किया था, जिसे तत्कालीन शासन ने अपने विरुद्ध माना और इसी कारण उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया।

गांधीजी ने मही नदी पार करने के लिए क्या अनूठा तरीका अपनाया?

देरी होने पर गांधीजी ने आधी रात में नदी पार करने का निर्णय लिया। अँधेरे में रास्ता देखने के लिए, लोगों ने सूझबूझ से हजारों दीये जलाए, जिससे नदी का किनारा जगमगा उठा।

गांधीजी के 'यह धर्मयात्रा है। चलकर पूरी करूँगा।' कथन से क्या पता चलता है?

इस कथन से गांधीजी के अटूट साहस, दृढ़ निश्चय और कर्तव्य के प्रति उनकी लगन का पता चलता है। वे स्वयं कष्ट सहकर भी अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते थे।

यह पाठ छात्रों को क्या सिखाता है?

यह पाठ सिखाता है कि किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना तात्कालिक सूझबूझ, आपसी मेलजोल और दृढ़ संकल्प से किया जा सकता है। यह नेतृत्व, त्याग और साहस के महत्व पर भी प्रकाश डालता है।

जज को पटेल का फैसला लिखने में इतना समय क्यों लगा?

जज को यह तय करने में कठिनाई हो रही थी कि पटेल ने किस अपराध के तहत सजा पाई है, क्योंकि उन्होंने कोई स्पष्ट अपराध नहीं किया था और गिरफ्तारी के बाद उन्होंने स्वयं अपराध स्वीकार कर लिया था।

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